CBSE Class 8 Sanskrit Ruchira Chapter 15: NCERT Solutions

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This comprehensive set of NCERT Solutions for CBSE Class 8 Sanskrit Ruchira, Chapter 15, focuses on understanding and applying Sanskrit grammar and vocabulary through various exercises. The chapter delves into completing shlokas, matching verse fragments, identifying true and false statements, and analyzing grammatical aspects like gender, case, and number of words. It also includes a passage-based comprehension exercise requiring the application of appropriate grammatical forms and a section on word analysis, including identifying adjectives, synonyms, and performing sandhi (word joining) and viched (word splitting). These solutions are designed to help students grasp the nuances of the Sanskrit language as presented in the chapter, reinforcing their learning and preparing them for examinations by providing clear, step-by-step explanations and correct answers.

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 8
SubjectSanskrit Ruchira
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
ChapterChapter 15

Chapter summary

Chapter 15 of the CBSE Class 8 Sanskrit Ruchira textbook focuses on reinforcing language skills through practical exercises. The NCERT Solutions cover tasks such as filling in blanks in shlokas, matching verse segments, verifying statements, and identifying the gender, case, and number of given Sanskrit words. Additionally, students practice sentence construction using correct grammatical forms and analyze word components like adjectives, synonyms, and sandhi. This chapter aims to solidify the student's understanding of Sanskrit grammar and vocabulary through application.

Learning outcomes

  • Understand and complete Sanskrit shlokas by filling in missing words.
  • Match fragmented shlokas to form complete verses.
  • Identify the correctness of statements based on the chapter's content.
  • Determine the gender, case, and number of Sanskrit words.
  • Apply appropriate grammatical cases to fill in blanks in sentences.
  • Analyze Sanskrit words to identify adjectives, synonyms, and perform sandhi/viched.

Topics covered

Paper topics

  • Shloka completion
  • Shloka matching
  • True/False statements
  • Grammatical analysis (Gender, Case, Number)
  • Vocabulary building
  • Sentence construction
  • Passage comprehension
  • Sandhi and Viched
  • Adjective identification
  • Synonym identification

Important topics

  • Shloka completion and understanding
  • Grammatical analysis of words (Lingam, Vibhakti, Vachanam)
  • Applying correct Vibhakti in sentences
  • Sandhi and Viched
  • Passage-based questions

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Questions and Solutions

प्रश्न 1: श्लोकांशेषु रिक्तस्थानानि पूरयत—(श्लोकांशों में रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए—)

(क) सीमन्तिनीषु का ..... राजा .... गुणोत्तम:। (ख) कं सञ्जघान ..... का .... गङ्गा? (ग) के ..... कं ..... न बाधते शीतम्।। (घ) वृक्षाग्रवासी न च ..... न च शूलपाणि:।
Solution: श्लोकांशों को पूरा करने के लिए दिए गए रिक्त स्थानों में उचित शब्दों को भरना है। यह अभ्यास छात्रों की श्लोक की समझ और शब्दावली को परखता है।
  1. (क) सीमन्तिनीषु का शान्ता राजा कोऽभूत् गुणोत्तम:।
  2. (ख) कं सञ्जघान कृष्ण: का शीतलवाहिनी गङ्गा?
  3. (ग) के दारपोषणरताः कं बलवन्तं न बाधते शीतम्।
  4. (घ) वृक्षाग्रवासी न च पक्षिराजः न च शूलपाणि:।
यह अभ्यास छात्रों को श्लोकों के पूर्ण रूप को याद रखने में मदद करता है।

प्रश्न 2: श्लोकांशान् योजयत-(श्लोकांशों का मिलान कीजिए-)

(क) किं कुर्यात् कातरो युद्धे अत्रैवोक्तं न बुध्यते। विद्वद्भिः का सदा वन्द्या तक्रं शक्रस्य दुर्लभम्। कं सञ्जघान कृष्ण: मृगात् सिंह: पलायते। कथं विष्णुपदं प्रोक्तं काशीतलवाहिनी गङ्गा।
Solution: इस प्रश्न में श्लोकों के अधूरे वाक्यों को उनके सही हिस्सों से मिलाना है। यह अभ्यास वाक्यों की संरचना और अर्थ को समझने में सहायक है। सही मिलान इस प्रकार है:
  1. किं कुर्यात् कातरो युद्धे मृगात् सिंह: पलायते
  2. विद्वद्भिः का सदा वन्द्या अत्रैवोक्तं न बुध्यते
  3. कं सञ्जघान कृष्ण: का शीतलवाहिनी गङ्गा
  4. कथं विष्णुपदं प्रोक्तं तक्रं शक्रस्य दुर्लभम्
यह मिलान छात्रों को श्लोकों के प्रवाह और अर्थ को समझने में मदद करता है।

प्रश्न 3: उपयुक्तकथनानां समक्षम् 'आम्' अनुपयुक्तकथनानां समक्षं 'न' इति लिखत—(उपयुक्त कथनों के सामने 'आम्' और अनुपयुक्त कथनों के सामने 'न' लिखिए-)

यथा - सिंह: करिणां कुलं हन्ति। (क) कातरो युद्धे युद्ध्यते। (ख) कस्तूरी मृगात् जायते। (ग) मृगात् सिंह: पलायते। (घ) कंस: जघान कृष्णम्। (ङ) तक्रं शक्रस्य दुर्लभम्। (च) जयन्तः कृष्णस्य पुत्रः।
Solution: इस प्रश्न में दिए गए कथनों की सत्यता का मूल्यांकन करना है और सही के लिए 'आम्' (हाँ) तथा गलत के लिए 'न' (नहीं) लिखना है। यह अभ्यास पाठ की सामग्री पर आधारित समझ का परीक्षण करता है।
  1. (क) कातरो युद्धे युद्ध्यते। - (कायर युद्ध से भागता है, लड़ता नहीं है।)
  2. (ख) कस्तूरी मृगात् जायते। - आम् (कस्तूरी हिरण से प्राप्त होती है।)
  3. (ग) मृगात् सिंह: पलायते। - (सिंह हिरण से नहीं, बल्कि हिरण सिंह से भागता है।)
  4. (घ) कंस: जघान कृष्णम्। - आम् (कृष्ण ने कंस को मारा था।)
  5. (ङ) तक्रं शक्रस्य दुर्लभम्। – आम् (मट्ठा इंद्र के लिए भी दुर्लभ है।)
  6. (च) जयन्तः कृष्णस्य पुत्रः। – (जयंत कृष्ण का पुत्र नहीं है, जैसा कि पाठ में वर्णित है।)
यह अभ्यास छात्रों को पाठ में दी गई जानकारी को सटीक रूप से याद रखने में मदद करता है।

प्रश्न 4: अधोलिखितानां पदानां लिङ्गं, विभिवतं वचनञ्च लिखत-(निम्नलिखित पदों के लिङ्गं, विभक्ति और वचन लिखए-)

पदानि लिङ्गम् विभक्तिः वचनम् यथा– करिणाम् पुॅल्लिङ्गम् षष्ठी बहुवचनम् कस्तूरी ............. ...... ............ युद्धे ............. .............. ............ सीमन्तिनीषु ............. ............. बलवन्तम् शूलपाणि: . . . . . . . . . . . . . . . . शक्रस्य ...... ...... ............
Solution: इस प्रश्न में दिए गए संस्कृत पदों का लिंग (Gender), विभक्ति (Case) और वचन (Number) बताना है। यह व्याकरण का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है जो शब्दों के सही प्रयोग को समझने में मदद करता है।
  1. कस्तूरी - स्त्रीलिङ्गम्, प्रथमा, एकवचनम्
  2. युद्धे - पुंलिङ्गम्, सप्तमी, एकवचनम्
  3. सीमन्तिनीषु - स्त्रीलिङ्गम्, सप्तमी, बहुवचनम्
  4. बलवन्तम् - पुंलिङ्गम्, द्वितीया, एकवचनम्
  5. शूलपाणि: - पुंलिङ्गम्, प्रथमा, एकवचनम्
  6. शक्रस्य - पुंलिङ्गम्, षष्ठी, एकवचनम्
यह अभ्यास छात्रों को संस्कृत व्याकरण की मूल बातें समझने में सहायता करता है।

प्रश्न 5: कोष्ठकान्तर्गतानां पदानामुपयुक्तविभक्तिप्रयोगेन अनुच्छेदं पूरयत—(कोष्ठक पदों में उपयुक्त विभक्ति का प्रयोग करके अनुच्छेद पूरा कीजिए-)

एक: काक: """(आकाश) उड्डयमान: आसीत्। तृषार्त स: """(जल) अन्वेषणं करोति। तदा सः """(घट) अल्पं ""(जल) पश्यित। सः ""(उपल) आनीय ' .....(घट) पातयित। जलं .....(घट) उपरि आगच्छित। ....(काक) सानन्दं जलं पीत्वा तृप्यति।
Solution: इस अनुच्छेद को पूरा करने के लिए कोष्ठक में दिए गए शब्दों को उनके सही विभक्ति रूप में प्रयोग करना है। यह अभ्यास वाक्य निर्माण में विभक्ति के महत्व को दर्शाता है। पूरा अनुच्छेद इस प्रकार है: एक: काक: आकाशे उड्डयमान: आसीत्। तृषार्त स: जलस्य अन्वेषणं करोति। तदा सः घटे अल्पं जलम् पश्यित। सः उपलानि आनीय ' घटे पातयित। जलं घटे उपरि आगच्छित। काक: सानन्दं जलं पीत्वा तृप्यति। यह अभ्यास छात्रों को संदर्भ के अनुसार सही विभक्ति का चयन करने में सक्षम बनाता है।

आतोरक्तः अभ्यास: पद्यांशं पठत प्रश्नान् च उतरत-(पद्यांश पढ़िए और प्रश्नों के उत्तर दीजिए-)

पद्यांश: सीमन्तिनीषु का शान्ता? राजा कोऽभूत् गुणोत्तमः? विद्वद्भि: का सदा वन्द्या? अत्रैवोक्तं न बुध्यते। प्रश्न 1: एकपदेन उत्तरत। (i) गुणोत्तमः राजा कः अभवत्? (ii) सीमन्तिनीषु का शान्ता? प्रश्न 2: पूर्णवाक्येन उत्तरत। (i) विद्वद्भिः का सदा वन्द्या? प्रश्न 3: भाषिककार्यम् (i) 'राजा कोऽभूत् गुणोत्तमः' इति श्लोकांशे किम् विशेषणपदम्? (राजा, गुणोत्तम:, अभूत्) प्रश्न 4: पर्यायपदं लिखत- (i) नारीषु = ? (ii) पूजनीया/वन्दनीया = ? प्रश्न 5: सन्धि: विच्छेद: वा क्रियताम्- (i) गुण + उत्तम: = ? (ii) अत्रैवोक्तम् = ? + + ?
Solution: यह अभ्यास दिए गए पद्यांश पर आधारित है और इसमें विभिन्न प्रकार के प्रश्न शामिल हैं, जैसे एक पद में उत्तर देना, पूर्ण वाक्य में उत्तर देना, विशेषण पद पहचानना, पर्यायवाची शब्द लिखना और संधि विच्छेद करना।
  1. एकपदेन उत्तरत: (i) गुणोत्तमः राजा कोऽभूत् अभवत्। (यहाँ 'कोऽभूत्' राजा का गुण है, जो प्रश्न में पूछा गया है।) (ii) सीमन्तिनीषु शान्ता। (शांत स्त्री सीमन्तिनी है।)
  2. पूर्णवाक्येन उत्तरत: (i) विद्वद्भिः विद्वद्भिः का सदा वन्द्या। (विद्वानों द्वारा हमेशा पूजनीय कौन है?)
  3. भाषिककार्यम् (i) 'राजा कोऽभूत् गुणोत्तमः' इति श्लोकांशे विशेषणपदम्: गुणोत्तमः। (यह 'राजा' की विशेषता बता रहा है।)
  4. पर्यायपदं लिखत: (i) नारीषु = सीमन्तिनीषु (नारियों में) (ii) पूजनीया/वन्दनीया = वन्द्या (पूजनीय)
  5. सन्धि: विच्छेद: वा क्रियताम्: (i) गुण + उत्तम: = गुणोत्तम: (गुण संधि) (ii) अत्रैवोक्तम् = अत्र + एव + उक्तम् (यत्र संधि)
यह अभ्यास छात्रों को पद्यांश की गहरी समझ विकसित करने और व्याकरणिक नियमों को लागू करने में मदद करता है।

Common mistakes

  • Incorrectly filling in blanks in shlokas due to lack of vocabulary or grammatical understanding.
  • Errors in matching shloka fragments, leading to incomplete or nonsensical verses.
  • Misidentifying the gender, case, or number of Sanskrit words.
  • Using the wrong grammatical case when filling in blanks in sentences.
  • Difficulty in performing sandhi (word joining) or viched (word splitting) correctly.

Revision tips

  • Practice completing the shlokas from memory after reviewing the solutions.
  • Pay close attention to the grammatical analysis of words (gender, case, number) as it's crucial for sentence formation.
  • Re-read the passage and ensure you understand the context before attempting to fill in the blanks.
  • Review the rules for sandhi and viched, and practice them with the examples provided.
  • Try to create your own sentences using the vocabulary and grammatical structures learned in this chapter.

Practice MCQs

Q1. श्लोक के अनुसार, कायर युद्ध में क्या करता है?

Q2. कस्तूरी कहाँ से प्राप्त होती है?

Q3. कृष्ण ने किसे मारा?

Q4. निम्नलिखित में से कौन सा पद 'स्त्रीलिङ्गम्' का है?

Q5. अल्प जल वाले घड़े में कौवे ने क्या डाला?

Frequently asked questions

यह NCERT समाधान किस कक्षा और विषय के लिए हैं?

यह NCERT समाधान कक्षा 8 के संस्कृत रुचिरा (Sanskrit Ruchira) विषय के लिए हैं।

अध्याय 15 में मुख्य रूप से किन अभ्यासों पर ध्यान केंद्रित किया गया है?

अध्याय 15 मुख्य रूप से श्लोकों को पूरा करने, श्लोकों का मिलान करने, कथनों की सत्यता जांचने, पदों के लिंग, विभक्ति और वचन बताने, और अनुच्छेद में उपयुक्त विभक्ति का प्रयोग करने जैसे अभ्यासों पर केंद्रित है।

क्या इन समाधानों में व्याकरण संबंधी जानकारी शामिल है?

हाँ, इन समाधानों में पदों के लिंग, विभक्ति और वचन की पहचान करने जैसे व्याकरणिक पहलुओं को शामिल किया गया है, जो छात्रों के लिए महत्वपूर्ण हैं।

प्रश्न 5 में दिए गए अनुच्छेद को पूरा करने के लिए क्या आवश्यक है?

प्रश्न 5 में दिए गए अनुच्छेद को पूरा करने के लिए कोष्ठक में दिए गए शब्दों के उपयुक्त विभक्ति रूप का ज्ञान आवश्यक है, ताकि वाक्य व्याकरणिक रूप से सही बन सकें।

इन समाधानों का उपयोग परीक्षा की तैयारी के लिए कैसे किया जा सकता है?

ये समाधान प्रत्येक प्रश्न के विस्तृत उत्तर और स्पष्टीकरण प्रदान करते हैं, जिससे छात्र अभ्यास कर सकते हैं, अपनी गलतियों को समझ सकते हैं और परीक्षा के लिए अपनी तैयारी को मजबूत कर सकते हैं।

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