कक्षा 8 संस्कृत रुचिरा: अध्याय 12 "कः रक्षति कः रक्षितः" NCERT समाधान
यह पृष्ठ कक्षा 8 के संस्कृत रुचिरा पाठ्यपुस्तक के अध्याय 12, "कः रक्षति कः रक्षितः" (कौन बचाता है, कौन रक्षित है) के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। यह अध्याय पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डालता है, विशेष रूप से प्लास्टिक प्रदूषण के हानिकारक प्रभावों और टिकाऊ प्रथाओं को अपनाने की आवश्यकता पर जोर देता है। समाधान छात्रों को संस्कृत शब्दावली, व्याकरणिक संरचनाओं और पाठ के मुख्य संदेशों को समझने में मदद करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं। इसमें उच्चारण अभ्यास, विभक्ति और वचन पहचान, एक-शब्द उत्तर, विस्तृत प्रश्नोत्तर और क्रिया रूपों का विश्लेषण शामिल है। ये समाधान छात्रों को अध्याय की अवधारणाओं को गहराई से समझने और परीक्षा की तैयारी में सहायता करने के लिए एक व्यापक मार्गदर्शिका प्रदान करते हैं।
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 8 |
| Subject | Sanskrit Ruchira |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | Chapter 12 |
Chapter summary
अध्याय 12 "कः रक्षति कः रक्षितः" पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर केंद्रित है, जिसमें प्लास्टिक के उपयोग से होने वाले नुकसान पर विशेष ध्यान दिया गया है। समाधान छात्रों को संस्कृत में संख्याओं, विभक्तियों, वचनों और क्रियाओं की पहचान करने में मदद करते हैं। इसमें पाठ के मुख्य विचारों को समझने के लिए प्रश्नोत्तर और शब्दावली अभ्यास शामिल हैं, जो छात्रों को पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।
Learning outcomes
- पर्यावरण संरक्षण के महत्व को समझना।
- प्लास्टिक प्रदूषण के हानिकारक प्रभावों की पहचान करना।
- संस्कृत में संख्याओं और उनके उच्चारण का अभ्यास करना।
- संज्ञाओं की विभक्ति और वचन का विश्लेषण करना।
- क्रियाओं के लकार, पुरुष और वचन को पहचानना।
- पाठ के आधार पर प्रश्नों के उत्तर देना।
Topics covered
Paper topics
- पर्यावरण संरक्षण
- प्लास्टिक प्रदूषण
- संस्कृत संख्याएँ
- विभक्ति और वचन
- क्रिया के रूप (लकार, पुरुष, वचन)
- शब्द उच्चारण
- पाठ बोध
Important topics
- प्लास्टिक प्रदूषण के प्रभाव
- विभक्ति और वचन की पहचान
- क्रिया रूपों का विश्लेषण
- पर्यावरण संरक्षण का महत्व
- संस्कृत संख्याओं का ज्ञान
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Questions and Solutions
प्रश्न 1: उच्चारणं कुरुत-(उच्चारण कीजिए-)
यह प्रश्न संस्कृत में संख्याओं के सही उच्चारण का अभ्यास करने के लिए है। छात्र शिक्षक या साथियों की सहायता से इन संख्याओं का शुद्ध उच्चारण करने का प्रयास करेंगे।
- पञ्चाशत् (50), षष्टि (60), सप्तति (70), अशीति (80), नवति (90)
- त्रिपञ्चाशत् (53), द्वाषष्टि (62), चतुस्सप्तति (74), द्वयशीति (82), त्रिनवति (93)
- पञ्चपञ्चाशत् (55), चतुष्षष्टि (64), पञ्चसप्तति (75), चतुरशीति (84), पञ्चनवति (95)
- सप्तपञ्चाशत् (57), पञ्चषष्टि (65), सप्तसप्तति (77), पञ्चाशीति (85), षण्णवति (96)
- अष्टापञ्चाशत् (58), नवर्षेष्टि (यह संभवतः 'अष्टनवति' 98 या 'नवसप्तति' 79 होना चाहिए, त्रुटि हो सकती है), अष्टासप्तति (78), नवाशीति (89), शतम् (100)
छात्रों को इन संख्याओं को बार-बार बोलकर अभ्यास करना चाहिए।
प्रश्न 2: अधोलिखितेषु पदेषु प्रयुक्तां विभक्तिं वचनं च लिखत-(निम्नलिखित पदों में प्रयुक्त विभक्ति और वचन लिखए-)
यहाँ दिए गए पदों में प्रयुक्त विभक्ति और वचन का विश्लेषण किया गया है:
| पद | विभक्तिः | वचनम् |
| वस्तूनि | प्रथमा/द्वितीया | बहुवचनम् |
| प्लास्टिकेन | तृतीया | एकवचनम् |
| विकीर्णानि | प्रथमा/द्वितीया | बहुवचनम् |
| मसियष्ट्या | तृतीया | एकवचनम् |
| स्यूतकेषु | सप्तमी | बहुवचनम् |
| काष्ठपीठे | सप्तमी | एकवचनम् |
| पृथिव्याम् | सप्तमी | एकवचनम् |
स्पष्टीकरण:
- 'वस्तूनि' और 'विकीर्णानि' प्रथमा या द्वितीया विभक्ति के बहुवचन में हो सकते हैं, जो वाक्य के संदर्भ पर निर्भर करता है।
- 'प्लास्टिकेन' और 'मसियष्ट्या' (स्याही की कलम से) तृतीया विभक्ति एकवचन में हैं, जो साधन या करण को दर्शाते हैं।
- 'स्यूतकेषु' (थैलियों में), 'काष्ठपीठे' (लकड़ी की मेज पर), और 'पृथिव्याम्' (पृथ्वी पर) सप्तमी विभक्ति एकवचन या बहुवचन में हैं, जो स्थान या अधिकरण को दर्शाते हैं। यहाँ दिए गए उत्तरों के अनुसार ये सप्तमी एकवचन या बहुवचन हैं।
प्रश्न 3: एकपदेन उत्तरत-(एक पद में उत्तर दीजिए-)
यहाँ दिए गए प्रश्नों के एक-शब्द में उत्तर प्रस्तुत हैं:
- (क) इन सभी वस्तुओं का निर्माण मुख्य रूप से प्लास्टिकेन (प्लास्टिक से) होता है।
- (ख) बगीचे के द्वार पर प्लास्टिकस्यूतकानि (प्लास्टिक के थैले) फेंके गए थे।
- (ग) प्लास्टिकम् (प्लास्टिक) एक ऐसा पदार्थ है जो मिट्टी में कभी भी नष्ट नहीं होता है।
- (घ) हमारा प्रयास पर्यावरणस्य (पर्यावरण के) संरक्षण में अपेक्षित है।
प्रश्न 4: प्रश्नानाम् उत्तराणि लिखत-(प्रश्नों के उत्तर लिखिए-)
यहाँ दिए गए प्रश्नों के विस्तृत उत्तर प्रस्तुत हैं:
- (क) चेनम्मा के पास कंघा (कङ्कतम्), कुंडल (कुण्डलनम्), केशबंध (केशबन्धः), घड़ी की पट्टी (घटिपट्टिका), और कंगन (कङकणम्) जैसे प्लास्टिक से बने वस्तुएँ थीं।
- (ख) पहले के समय में, वस्तुएँ मुख्य रूप से कपास (कार्पासेन), चमड़ा (चर्मणा), लोहा (लौहेन), लाख (लाक्षया), और मिट्टी (मृत्तिकया) जैसे पदार्थों से बनाई जाती थीं।
- (ग) प्लास्टिक से बने थैले (स्यूतानि), पानी की बोतलें (जलकूप्यः), खिलौने (क्रीडनकानि), कंघे (कंकतानि), कंगन (कङ्कणानि), और केशबंध आदि जैसी वस्तुएँ पर्यावरण को दूषित करती हैं।
- (घ) प्लास्टिक के मिट्टी में न घुलने (लयः + अभावः) के कारण हमारे पर्यावरण को बहुत बड़ी क्षति पहुँचती है, क्योंकि यह लंबे समय तक बना रहता है और प्रदूषण फैलाता है।
प्रश्न 5: अधोलिखितानां पदानां लकारं, पुरुषं वचनञ्च लिखत-(निम्नलिखित पदों के लकार, पुरुष और वचन लिखिए-)
यहाँ दिए गए क्रिया पदों का धातु, लकार, पुरुष और वचन के अनुसार विश्लेषण किया गया है:
| पद | धातुः | लकारः | पुरुषः | वचनम् |
| कुर्मः | कृ | लट् लकारः | उत्तमपुरुषः | बहुवचनम् |
| क्रीणाति | क्री | लट् लकारः | प्रथमपुरुषः | एकवचनम् |
| पश्य | दृश् | लोट् लकारः | मध्यमपुरुषः | एकवचनम् |
| आगच्छ | आ + गम् | लोट् लकारः | मध्यमपुरुषः | एकवचनम् |
| प्रचलिष्यति | प्र + चल् | लृट् लकारः | प्रथमपुरुषः | एकवचनम् |
स्पष्टीकरण:
- लट् लकारः वर्तमान काल को दर्शाता है।
- लोट् लकारः आज्ञा, प्रार्थना या आशीर्वाद को दर्शाता है।
- लृट् लकारः भविष्य काल को दर्शाता है।
- प्रथमपुरुषः अन्य पुरुष (वह, वे)।
- मध्यमपुरुषः तुम (तुम, तुम दोनों, तुम सब)।
- उत्तमपुरुषः मैं (मैं, हम दोनों, हम सब)।
प्रश्न 6: मञ्जूषात: अङ्कानां कृते पदानि चिनुत-(मञ्जूषा में से अङ्कों के लिए पद चुनिए-)
यहाँ दिए गए अंकों का संस्कृत पदों से मिलान किया गया है:
- 67 - सप्तषष्टिः
- 86 - षडशीतिः
- 98 - अष्टानवतिः
- 97 - सप्तनवतिः
- 54 - चतुःपञ्चाशत्
- 72 - द्वासप्ततिः
- 94 - चतुर्नवतिः (या चतुर्णवतिः)
- 75 - पञ्चसप्ततिः
यह अभ्यास संस्कृत में संख्याओं को पहचानने और लिखने की क्षमता को मजबूत करता है।
Common mistakes
- संख्याओं के संस्कृत उच्चारण में त्रुटियाँ।
- विभक्तियों और वचनों की गलत पहचान।
- क्रिया रूपों के लकार, पुरुष और वचन को गलत बताना।
- पाठ के अर्थ को पूरी तरह से न समझना।
Revision tips
- सभी संख्याओं के संस्कृत उच्चारण का अभ्यास करें।
- प्रत्येक शब्द के लिए विभक्ति और वचन को ध्यान से पहचानें।
- क्रिया रूपों का विश्लेषण करते समय धातु, लकार, पुरुष और वचन पर ध्यान दें।
- पाठ के मुख्य संदेश - पर्यावरण संरक्षण - को याद रखें।
- अभ्यास प्रश्नों के उत्तरों को अपनी भाषा में समझाने का प्रयास करें।
Practice MCQs
Q1. अध्याय के अनुसार, प्लास्टिक से बनी कौन सी वस्तुएँ पर्यावरण को प्रदूषित करती हैं?
Explanation: समाधानों में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि प्लास्टिक से बने थैले, जल की बोतलें, खिलौने, कंघे, केशबंध आदि पर्यावरण को प्रदूषित करते हैं।
Q2. मृत्तिका में प्लास्टिक के न घुलने का क्या परिणाम होता है?
Explanation: समाधान बताता है कि प्लास्टिक के मिट्टी में न घुलने के कारण पर्यावरण को बहुत बड़ी क्षति होती है।
Q3. 'मसियष्टी' पद में कौन सी विभक्ति और वचन प्रयुक्त हुआ है?
Explanation: समाधान के अनुसार, 'मसियष्टी' में तृतीया विभक्ति और एकवचन है।
Q4. कौन सा शब्द '75' के लिए संस्कृत में प्रयोग किया गया है?
Explanation: प्रश्न 6 के समाधान में 75 के लिए 'पञ्चसप्ततिः' शब्द दिया गया है।
Q5. 'आगच्छ' क्रिया पद में कौन सा लकार, पुरुष और वचन है?
Explanation: समाधान के अनुसार, 'आगच्छ' क्रिया में लोट् लकार, मध्यम पुरुष और एकवचन है।
Frequently asked questions
यह NCERT समाधान किस कक्षा और विषय के लिए है?
यह समाधान कक्षा 8 के संस्कृत रुचिरा विषय के लिए है।
अध्याय 12 का मुख्य विषय क्या है?
अध्याय 12 का मुख्य विषय 'कः रक्षति कः रक्षितः' (कौन बचाता है, कौन रक्षित है) है, जो पर्यावरण संरक्षण और प्लास्टिक के हानिकारक प्रभावों पर केंद्रित है।
इन समाधानों से छात्रों को क्या सीखने में मदद मिलेगी?
छात्रों को संस्कृत में संख्याओं के उच्चारण, विभक्तियों, वचनों, क्रिया रूपों की पहचान करने और पाठ के मुख्य संदेश को समझने में मदद मिलेगी।
क्या इन समाधानों में व्याकरणिक अभ्यास शामिल हैं?
हाँ, इन समाधानों में विभक्ति, वचन और क्रिया रूपों (लकार, पुरुष, वचन) के विश्लेषण जैसे व्याकरणिक अभ्यास शामिल हैं।
यह समाधान परीक्षा की तैयारी में कैसे सहायक है?
यह समाधान अध्याय की अवधारणाओं को स्पष्ट करते हैं, व्याकरणिक नियमों को समझने में मदद करते हैं, और अभ्यास प्रश्न प्रदान करते हैं, जो परीक्षा की तैयारी के लिए महत्वपूर्ण हैं।
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