कक्षा 8 इतिहास: उपनिवेशवाद और शहर - NCERT समाधान

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यह पृष्ठ कक्षा 8 के लिए 'हमारे अतीत - III' पुस्तक के अध्याय 6, 'उपनिवेशवाद और शहर: एक शाही राजधानी की कहानी' पर केंद्रित NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। यह खंड औपनिवेशिक काल के दौरान भारतीय शहरों, विशेष रूप से दिल्ली के विकास और परिवर्तन की पड़ताल करता है। इसमें औद्योगीकरण के प्रभाव, शहरी नियोजन में बदलाव, ब्रिटिश शासन के तहत वास्तुकला में परिवर्तन और सामाजिक संरचनाओं पर इसके असर जैसे विषयों को शामिल किया गया है। समाधान छात्रों को औपनिवेशिक नीतियों के कारण शहरों के विकास और पतन को समझने में मदद करते हैं, साथ ही नई दिल्ली और पुरानी दिल्ली के बीच के अंतर को भी स्पष्ट करते हैं। ये विस्तृत उत्तर छात्रों को परीक्षा की तैयारी में सहायता करेंगे और उन्हें ऐतिहासिक शहरी विकास की गहरी समझ प्रदान करेंगे।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 8
Subjectहमारे अतीत -III
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter6. उपनिवेशवाद और शहर एक शाही राजधानी की कहानी

Chapter summary

कक्षा 8 के इतिहास के अध्याय 6 के ये NCERT समाधान 'उपनिवेशवाद और शहर: एक शाही राजधानी की कहानी' पर केंद्रित हैं। यह समाधान औपनिवेशिक भारत में शहरी विकास, विशेष रूप से दिल्ली के परिवर्तन की पड़ताल करते हैं। इसमें औद्योगीकरण के प्रभाव, शहरी नियोजन, वास्तुकला में बदलाव और सामाजिक-आर्थिक परिवर्तनों जैसे विषयों को शामिल किया गया है। छात्र नई दिल्ली और पुरानी दिल्ली के बीच के अंतर, औपनिवेशिक नीतियों के प्रभाव और शहरीकरण की प्रक्रिया को समझेंगे। ये समाधान छात्रों को परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण अवधारणाओं को स्पष्ट करने में मदद करते हैं।

Learning outcomes

  • औपनिवेशिक काल में शहरों के विकास को समझना।
  • नई दिल्ली और पुरानी दिल्ली की नगर योजना के बीच अंतर का विश्लेषण करना।
  • औपनिवेशिक नीतियों के शहरी परिदृश्य पर पड़ने वाले प्रभावों की पहचान करना।
  • शहरीकरण और विशहरीकरण जैसी अवधारणाओं को परिभाषित करना।
  • औपनिवेशिक वास्तुकला और शहरी नियोजन के महत्व को समझना।

Topics covered

Paper topics

  • औपनिवेशिक शहर
  • नई दिल्ली का निर्माण
  • शाहजहाँनाबाद
  • शहरी नियोजन
  • वास्तुकला में बदलाव
  • औपनिवेशिक शासन का प्रभाव
  • विशहरीकरण
  • सामाजिक परिवर्तन
  • औपनिवेशिक भारत में शहर
  • दिल्ली का इतिहास

Important topics

  • नई दिल्ली और शाहजहाँनाबाद की नगर योजना में अंतर
  • औपनिवेशिक नीतियों का शहरी विकास पर प्रभाव
  • विशहरीकरण की अवधारणा
  • औपनिवेशिक शहरों में सामाजिक और वास्तुकला संबंधी परिवर्तन
  • दिल्ली का सांकेतिक महत्व

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Questions and Solutions

प्रश्न 1

सही या गलत बताएँ:
  • (क) पश्चिमी विश्व में आधुनिक शहर औद्योगीकरण के साथ विकसित हुए।
  • (ख) सूरत और मछलीपट्नम का उन्नीसवीं शताब्दी में विकास हुआ।
  • (ग) बीसवीं शताब्दी में भारत की ज्यादातर आबादी शहरों में रहती थी।
  • (घ) 1857 के बाद जामा मसजिद में पाँच साल तक नमाज़ नहीं हुई।
  • (ङ) नयी दिल्ली के मुकाबले पुरानी दिल्ली की साफ-सफाई पर ज्यादा पैसा खर्च किया गया।
Solution:

(क) सही। पश्चिमी देशों में औद्योगिक क्रांति के कारण बड़े पैमाने पर कारखाने स्थापित हुए, जिससे ग्रामीण आबादी शहरों की ओर पलायन कर गई और आधुनिक शहरों का विकास हुआ।

(ख) गलत। सूरत और मछलीपट्नम जैसे कई पुराने शहर उन्नीसवीं शताब्दी तक अपना महत्व खो चुके थे, जबकि कलकत्ता, बंबई और मद्रास जैसे नए शहर विकसित हो रहे थे।

(ग) गलत। बीसवीं शताब्दी की शुरुआत में भी भारत की अधिकांश आबादी गाँवों में ही निवास करती थी, शहरों में रहने वालों का प्रतिशत बहुत कम था।

(घ) सही। 1857 के विद्रोह के बाद, अंग्रेजों ने दिल्ली में बड़े पैमाने पर तोड़फोड़ की और लाल किले के आसपास के क्षेत्र को खाली करा लिया, जिसके कारण जामा मसजिद में भी कुछ समय के लिए नमाज़ बाधित हुई।

(ङ) गलत। नयी दिल्ली का निर्माण एक सुनियोजित तरीके से किया गया था जिसमें बेहतर जलापूर्ति, सीवेज निपटान और साफ-सफाई जैसी आधुनिक सुविधाओं पर जोर दिया गया था, जबकि पुरानी दिल्ली की व्यवस्थाएँ अपेक्षाकृत कम विकसित थीं।

प्रश्न 2

रिक्त स्थान भरें:
  • (क) सफलतापूर्वक गुंबद का इस्तेमाल करने वाली पहली इमारत ......थी।
  • (ख) नयी दिल्ली और शाहजहाँनाबाद की रूपरेखा तय करने वाले दो वास्तुकार ......थे।
  • (ग) अंग्रेज़ भीड़ भरे स्थानों को ...... मानते थे।
  • (घ) ..... के नाम से 1888 में एक विस्तार योजना तैयार की गई।
Solution:

(क) सफलतापूर्वक गुंबद का इस्तेमाल करने वाली पहली इमारत जामा मसजिद थी।

(ख) नयी दिल्ली और शाहजहाँनाबाद की रूपरेखा तय करने वाले दो वास्तुकार एडवर्ड लुटयंस और हर्बर्ट बेकर थे।

(ग) अंग्रेज़ भीड़ भरे स्थानों को बीमारियों का स्रोत मानते थे। वे मानते थे कि भीड़भाड़ और गंदगी से बीमारियाँ फैलती हैं, इसलिए वे शहरों को साफ-सुथरा और व्यवस्थित रखना चाहते थे।

(घ) लाहौर गेट सुधार योजना के नाम से 1888 में एक विस्तार योजना तैयार की गई थी, जो दिल्ली के पुराने शहर के विकास से संबंधित थी।

प्रश्न 3

नयी दिल्ली और शाहजहाँनाबाद की नगर योजना में तीन फ़र्क हूँढ़ें।
Solution:

नयी दिल्ली और शाहजहाँनाबाद की नगर योजना में निम्नलिखित तीन मुख्य अंतर थे:

  1. घेराबंदी और खुलापन: शाहजहाँनाबाद एक दीवारों से घिरा हुआ शहर था, जो सुरक्षा प्रदान करता था। इसके विपरीत, नयी दिल्ली को एक खुले शहर के रूप में डिजाइन किया गया था, जिसमें कोई बड़ी दीवारें नहीं थीं।
  2. गलियों और आवास की संरचना: शाहजहाँनाबाद में संकरी, घुमावदार गलियाँ और घनी आबादी वाले मोहल्ले थे। वहीं, नयी दिल्ली में सीधी, चौड़ी सड़कें, बड़े चौराहे और व्यवस्थित रूप से बने बंगले और सरकारी इमारतें थीं।
  3. बुनियादी सुविधाएँ: नयी दिल्ली की योजना बनाते समय जलापूर्ति, सीवेज निपटान और स्वच्छता जैसी आधुनिक बुनियादी सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया गया था। शाहजहाँनाबाद में इन सुविधाओं की व्यवस्था अपेक्षाकृत कम विकसित और अव्यवस्थित थी।

प्रश्न 4

मद्रास जैसे शहरों के 'गोरे" इलाकों में कौन लोग रहते थे?
Solution:

मद्रास जैसे औपनिवेशिक शहरों के 'गोरे' (European) इलाकों में मुख्य रूप से अंग्रेज अधिकारी, सैनिक, व्यापारी और अन्य यूरोपीय नागरिक अपने परिवारों के साथ रहते थे। इन इलाकों को बेहतर सुविधाओं और सुरक्षा के साथ डिजाइन किया गया था।

प्रश्न 5

विशहरीकरण का क्या मतलब है?
Solution:

विशहरीकरण (De-urbanisation) का अर्थ है वह प्रक्रिया जिसमें किसी देश या क्षेत्र के कुछ प्रमुख शहर अपनी वृद्धि की गति खो देते हैं या पिछड़ने लगते हैं, जबकि उसी समय कुछ अन्य शहर बहुत तेज़ी से विकसित होते हैं। यह शहरीकरण के विपरीत है, जहाँ शहरों का समग्र विकास होता है।

प्रश्न 6

अंग्रेजों ने दिल्ली में ही विशाल दरबार क्यों लगाया जबकि दिल्ली राजधानी नहीं थी?
Solution:

अंग्रेजों ने दिल्ली में विशाल दरबार (जैसे 1911 का दरबार) कई कारणों से लगाया, भले ही उस समय कलकत्ता राजधानी थी:

  1. सांकेतिक महत्व: दिल्ली मुगलों की ऐतिहासिक राजधानी थी और इसका एक गहरा प्रतीकात्मक महत्व था। दरबार लगाकर, अंग्रेज मुगल सम्राट की विरासत पर अपना नियंत्रण जताना चाहते थे और यह दिखाना चाहते थे कि वे अब भारत के शासक हैं।
  2. मुगल बादशाह के महत्व को कम करना: दरबार का आयोजन करके, अंग्रेज मुगल बादशाह की शक्ति और प्रभाव को कम करना चाहते थे, उन्हें एक पेंशनभोगी शासक के रूप में प्रस्तुत करना चाहते थे।
  3. राजधानी का स्थानांतरण: 1911 में दिल्ली में आयोजित दरबार के दौरान ही अंग्रेजों ने कलकत्ता से दिल्ली को भारत की नई राजधानी बनाने की घोषणा की। दिल्ली को राजधानी बनाने का निर्णय इसके ऐतिहासिक महत्व और भौगोलिक स्थिति के कारण लिया गया था।

प्रश्न 7

पुरानी दिल्ली शहर ब्रिटिश शासन के तहत किस तरह बदलता गया?
Solution:

ब्रिटिश शासन के तहत पुरानी दिल्ली शहर में कई महत्वपूर्ण बदलाव हुए, जिनमें से कुछ विनाशकारी भी थे:

  1. क्षेत्रों का विध्वंस: 1857 के विद्रोह के बाद, अंग्रेजों ने लाल किले के आसपास के घनी आबादी वाले क्षेत्रों को खाली करा लिया। यहाँ की इमारतों, मस्जिदों और बाज़ारों को तोड़ दिया गया ताकि किले की सुरक्षा बढ़ाई जा सके और विद्रोहियों को छिपने की जगह न मिले।
  2. शहरी पुनर्गठन: शहर के एक बड़े हिस्से को विध्वंस के बाद खाली करा लिया गया और वहाँ बाग, मैदान या बैरक जैसी संरचनाएँ बनाई गईं। इससे शहर का मूल ढाँचा और घनत्व काफी बदल गया।
  3. नई योजनाएँ: बाद में, जैसे-जैसे शहर की आबादी बढ़ी, अंग्रेजों ने कुछ सुधार योजनाएँ भी शुरू कीं, जैसे 'लाहौर गेट सुधार योजना', लेकिन ये बदलाव शहर के ऐतिहासिक चरित्र और निवासियों के जीवन पर गहरा प्रभाव डालते रहे।

Common mistakes

  • औपनिवेशिक काल में शहरी विकास की गति को गलत समझना।
  • नई दिल्ली और पुरानी दिल्ली की योजना में सूक्ष्म अंतरों को अनदेखा करना।
  • विशहरीकरण की अवधारणा को गलत समझना।
  • औपनिवेशिक शहरों के सामाजिक और सांस्कृतिक परिवर्तनों को कम आंकना।

Revision tips

  • सभी सही/गलत कथनों और रिक्त स्थानों को ध्यान से पढ़ें और उनके पीछे के कारणों को समझें।
  • नई दिल्ली और शाहजहाँनाबाद की नगर योजनाओं के बीच के तीन मुख्य अंतरों को याद करें।
  • विशहरीकरण और औपनिवेशिक शहरों में हुए बदलावों से संबंधित प्रश्नों के उत्तरों को विस्तार से समझें।
  • अंग्रेजों द्वारा दिल्ली में दरबार लगाने के कारणों पर विशेष ध्यान दें।

Practice MCQs

Q1. पश्चिमी विश्व में आधुनिक शहरों का विकास मुख्य रूप से किसके साथ हुआ?

Q2. 1888 में दिल्ली के लिए कौन सी विस्तार योजना तैयार की गई थी?

Q3. नयी दिल्ली और शाहजहाँनाबाद की नगर योजना में मुख्य अंतर क्या था?

Q4. अंग्रेज़ मद्रास जैसे शहरों के 'गोरे' इलाकों में किसे रखते थे?

Q5. विशहरीकरण का क्या अर्थ है?

Frequently asked questions

कक्षा 8 के इतिहास के अध्याय 6 में किन मुख्य विषयों को शामिल किया गया है?

अध्याय 6 'उपनिवेशवाद और शहर: एक शाही राजधानी की कहानी' औपनिवेशिक काल के दौरान भारतीय शहरों के विकास, विशेष रूप से दिल्ली के परिवर्तन, शहरी नियोजन, वास्तुकला में बदलाव और औपनिवेशिक नीतियों के प्रभावों पर केंद्रित है।

नई दिल्ली और शाहजहाँनाबाद की नगर योजना में क्या मुख्य अंतर थे?

शाहजहाँनाबाद एक दीवारों से घिरा शहर था जिसमें संकरी गलियाँ और भीड़-भाड़ वाले मोहल्ले थे, जबकि नयी दिल्ली एक खुली योजना वाला शहर था जिसमें सीधी-चौड़ी गलियाँ, बंगले और बेहतर जलापूर्ति व स्वच्छता व्यवस्था थी।

विशहरीकरण का क्या अर्थ है और यह अध्याय में क्यों महत्वपूर्ण है?

विशहरीकरण का अर्थ है कुछ शहरों का तीव्र विकास और कुछ का पिछड़ जाना। यह अवधारणा दर्शाती है कि औपनिवेशिक काल में सभी शहर समान रूप से विकसित नहीं हुए, बल्कि कुछ ने दूसरों की कीमत पर तरक्की की।

ये NCERT समाधान छात्रों की परीक्षा की तैयारी में कैसे मदद करेंगे?

ये समाधान प्रत्येक प्रश्न के उत्तर को विस्तृत और स्पष्ट तरीके से प्रस्तुत करते हैं, जिससे छात्रों को अवधारणाओं को गहराई से समझने और परीक्षा में पूछे जाने वाले विभिन्न प्रकार के प्रश्नों का उत्तर देने में मदद मिलती है।

क्या इन समाधानों में केवल तथ्यात्मक जानकारी है या विश्लेषण भी शामिल है?

समाधान तथ्यात्मक जानकारी के साथ-साथ विश्लेषण भी प्रदान करते हैं, जैसे कि औपनिवेशिक नीतियों के पीछे के कारणों और उनके प्रभावों की व्याख्या करना, जिससे छात्रों की समझ और गहरी होती है।

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