कक्षा 8 हमारे अतीत-III: अध्याय 1 - कैसे, कब और कहाँ NCERT समाधान
यह पृष्ठ कक्षा 8 के सामाजिक विज्ञान के लिए 'हमारे अतीत-III' पुस्तक के पहले अध्याय, 'कैसे, कब और कहाँ' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रदान करता है। यह अध्याय इतिहास को समझने के लिए कालखंडों के महत्व, विभिन्न ऐतिहासिक अवधियों के वर्गीकरण के तरीकों और ब्रिटिश शासन के दौरान सर्वेक्षणों और अभिलेखों की भूमिका पर प्रकाश डालता है। इसमें जेम्स मिल जैसे इतिहासकारों के विचारों और भारतीय इतिहास को प्राचीन, मध्यकालीन और आधुनिक जैसे खंडों में विभाजित करने की पश्चिमी अवधारणाओं पर भी चर्चा की गई है। ये समाधान छात्रों को इतिहास की घटनाओं को कालानुक्रमिक रूप से व्यवस्थित करने, ऐतिहासिक स्रोतों का विश्लेषण करने और औपनिवेशीकरण की प्रक्रिया को समझने में मदद करते हैं। परीक्षा की तैयारी के लिए यह एक महत्वपूर्ण संसाधन है, जो मुख्य अवधारणाओं को स्पष्ट करता है।
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 8 |
| Subject | हमारे अतीत -III |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | 1. कैसे कब और कहाँ |
Chapter summary
कक्षा 8 के 'हमारे अतीत-III' पुस्तक का अध्याय 1, 'कैसे, कब और कहाँ', इतिहास को कालानुक्रमिक रूप से समझने की नींव रखता है। यह अध्याय बताता है कि इतिहास को विभिन्न कालखंडों में क्यों विभाजित किया जाता है, और जेम्स मिल जैसे इतिहासकारों द्वारा प्रस्तावित वर्गीकरणों की चर्चा करता है। यह ब्रिटिश शासन के दौरान सर्वेक्षणों, नक्शों के निर्माण और सरकारी अभिलेखों के महत्व पर भी प्रकाश डालता है। समाधान छात्रों को इन अवधारणाओं को स्पष्ट करने और ऐतिहासिक घटनाओं के विश्लेषण के लिए आवश्यक कौशल विकसित करने में सहायता करते हैं।
Learning outcomes
- इतिहास को कालखंडों में विभाजित करने के कारणों को समझना।
- जेम्स मिल के इतिहास वर्गीकरण की समस्याओं का विश्लेषण करना।
- ब्रिटिश शासन के दौरान सर्वेक्षणों और अभिलेखों के महत्व को पहचानना।
- औपनिवेशीकरण की प्रक्रिया को समझना।
- ऐतिहासिक स्रोतों के रूप में सरकारी दस्तावेजों की भूमिका का मूल्यांकन करना।
Topics covered
Paper topics
- इतिहास को कालखंडों में बाँटना
- जेम्स मिल का इतिहास वर्गीकरण
- भारतीय इतिहास के कालखंड (हिंदू, मुस्लिम, ब्रिटिश)
- इतिहास लेखन में समस्याएँ
- ब्रिटिश शासन और औपनिवेशीकरण
- सरकारी अभिलेखों का महत्व
- सर्वेक्षणों की भूमिका (भू-राजस्व, जनगणना, वानस्पतिक, आदि)
- इतिहास के स्रोत
- समय का महत्व
- इतिहास में बदलाव
Important topics
- इतिहास को कालखंडों में विभाजित करने का महत्व और तरीके
- जेम्स मिल के इतिहास वर्गीकरण की आलोचना
- ब्रिटिश शासन के दौरान सर्वेक्षणों और अभिलेखों का महत्व
- औपनिवेशीकरण की प्रक्रिया
- ऐतिहासिक स्रोतों का विश्लेषण
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Questions and Solutions
प्रश्न 1
(क) जेम्स मिल ने भारतीय इतिहास को हिंदू, मुसलिम, ईसाई, तीन काल खंडों में बाँट दिया था।
(ख) सरकारी दस्तावेजों से हमें ये समझने में मदद मिलती है कि आम लोग क्या सोचते हैं।
(ग) अंग्रेजों को लगता था कि सही तरह शासन चलाने के लिए सर्वेक्षण महत्वपूर्ण होते हैं।
(क) गलत। जेम्स मिल ने भारतीय इतिहास को हिंदू, मुस्लिम और ब्रिटिश, इन तीन कालखंडों में बाँटा था, न कि ईसाई।
(ख) गलत। सरकारी दस्तावेजों से मुख्य रूप से प्रशासकों और शासकों के विचार, नीतियाँ और निर्णय पता चलते हैं, न कि आम लोगों की सोच या भावनाएँ। आम लोगों के विचारों को जानने के लिए अन्य स्रोतों की आवश्यकता होती है।
(ग) सही। अंग्रेजों का मानना था कि किसी देश पर प्रभावी ढंग से शासन करने के लिए उसे अच्छी तरह से जानना आवश्यक है, जिसके लिए वे विस्तृत सर्वेक्षणों को महत्वपूर्ण मानते थे।
प्रश्न 2
जेम्स मिल ने भारतीय इतिहास को तीन कालखंडों में विभाजित किया था: (i) हिन्दू, (ii) मुसलमान, और (iii) ब्रिटिश। इस वर्गीकरण में कई समस्याएँ हैं:
- सांस्कृतिक पूर्वाग्रह: मिल का मानना था कि सभी एशियाई समाज सभ्यता के मामले में यूरोप से पीछे हैं। उन्होंने भारतीय इतिहास को केवल हिन्दू और मुस्लिम शासकों के आधार पर बाँटा, जो कि एक सरलीकरण है और भारतीय समाज की विविधता को नजरअंदाज करता है।
- धार्मिक आधार पर विभाजन: इतिहास को केवल धार्मिक आधार पर बाँटना उचित नहीं है, क्योंकि किसी भी समाज में केवल एक ही धर्म के लोग नहीं रहते और न ही सभी के कार्य केवल धर्म से प्रेरित होते हैं।
- ब्रिटिश शासन को प्रगतिशील मानना: मिल ने ब्रिटिश शासन को भारत के लिए प्रगति और ज्ञान लाने वाला माना। उनका मानना था कि अंग्रेजों की मदद के बिना भारत प्रगति नहीं कर सकता। यह दृष्टिकोण औपनिवेशिक मानसिकता को दर्शाता है और भारतीय समाज के योगदान को कम आंकता है।
- अन्य महत्वपूर्ण कालों की उपेक्षा: इस विभाजन में मौर्य, गुप्त, मुगल जैसे महत्वपूर्ण भारतीय साम्राज्यों और उनके योगदान को अलग से महत्व नहीं दिया गया है, बल्कि उन्हें हिन्दू या मुस्लिम काल के अंतर्गत सामान्यीकृत कर दिया गया है।
इस प्रकार, जेम्स मिल का वर्गीकरण भारतीय इतिहास की जटिलता और विविधता को समझने में सहायक नहीं है, बल्कि यह एक संकीर्ण और पक्षपाती दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है।
Common mistakes
- इतिहास को कालखंडों में बाँटने के महत्व को कम आंकना।
- जेम्स मिल के वर्गीकरण को बिना आलोचना के स्वीकार करना।
- सरकारी अभिलेखों को आम लोगों के विचारों के स्रोत के रूप में गलत समझना।
- सर्वेक्षणों के उद्देश्य को केवल नक्शा बनाने तक सीमित समझना।
Revision tips
- इतिहास को कालखंडों में बाँटने के विभिन्न तरीकों पर ध्यान दें।
- जेम्स मिल के विचारों और उनकी आलोचनाओं को समझें।
- सरकारी अभिलेखों और सर्वेक्षणों के महत्व को रेखांकित करें।
- अध्याय में उल्लिखित प्रमुख तिथियों और व्यक्तियों को याद करें।
Practice MCQs
Q1. जेम्स मिल ने भारतीय इतिहास को मुख्य रूप से कितने कालखंडों में विभाजित किया था?
Explanation: जेम्स मिल, एक स्कॉटिश अर्थशास्त्री और राजनीतिक दार्शनिक, ने अपनी पुस्तक 'ए हिस्ट्री ऑफ ब्रिटिश इंडिया' में भारतीय इतिहास को तीन मुख्य कालखंडों - हिंदू, मुस्लिम और ब्रिटिश - में विभाजित किया था।
Q2. अंग्रेजों को भारत पर शासन करने के लिए कौन सी गतिविधि महत्वपूर्ण लगती थी?
Explanation: अंग्रेजों का मानना था कि किसी देश पर प्रभावी ढंग से शासन करने के लिए उसे अच्छी तरह से जानना आवश्यक है, जिसके लिए वे विस्तृत सर्वेक्षण और सरकारी अभिलेखों को सहेज कर रखने पर जोर देते थे।
Q3. सरकारी दस्तावेजों से इतिहासकारों को मुख्य रूप से क्या जानने में मदद मिलती है?
Explanation: सरकारी दस्तावेज मुख्य रूप से उन लोगों के विचारों और निर्णयों को दर्शाते हैं जो शासन चलाते थे, जैसे कि नीति-निर्माता और प्रशासक, न कि आम लोगों की भावनाओं को।
Q4. इतिहास को अलग-अलग कालखंडों में बाँटने का मुख्य उद्देश्य क्या है?
Explanation: इतिहास को कालखंडों में बाँटने का उद्देश्य किसी विशेष अवधि की विशिष्टताओं, उसके केंद्रीय तत्वों और समय के साथ आए बदलावों के महत्व को समझने में मदद करना है।
Frequently asked questions
कक्षा 8 के 'हमारे अतीत-III' के अध्याय 1 का मुख्य विषय क्या है?
अध्याय 1, 'कैसे, कब और कहाँ', इतिहास को कालानुक्रमिक रूप से समझने, इतिहास को विभिन्न कालखंडों में विभाजित करने के तरीकों और ब्रिटिश शासन के दौरान सर्वेक्षणों और अभिलेखों के महत्व पर केंद्रित है।
जेम्स मिल ने भारतीय इतिहास को किन तीन कालखंडों में बाँटा था?
जेम्स मिल ने भारतीय इतिहास को हिंदू, मुस्लिम और ब्रिटिश - इन तीन कालखंडों में विभाजित किया था।
सरकारी दस्तावेजों से हमें क्या जानकारी मिलती है?
सरकारी दस्तावेजों से हमें मुख्य रूप से अंग्रेजों की नीतियों, उनके निर्णयों और शासन चलाने के तरीकों के बारे में जानकारी मिलती है, न कि आम लोगों की सोच के बारे में।
ब्रिटिश शासन के दौरान सर्वेक्षण क्यों महत्वपूर्ण थे?
ब्रिटिश शासन के दौरान सर्वेक्षण इसलिए महत्वपूर्ण थे क्योंकि वे अंग्रेजों को देश की भूमि, संसाधनों, लोगों और अर्थव्यवस्था को समझने में मदद करते थे, ताकि वे प्रभावी ढंग से शासन कर सकें और राजस्व वसूल सकें।
इतिहास को कालखंडों में बाँटने की क्या आवश्यकता है?
इतिहास को कालखंडों में बाँटने से हमें किसी विशेष दौर की ख़ासियतों, उसके केंद्रीय तत्वों और समय के साथ आए बदलावों के महत्व को बेहतर ढंग से समझने में मदद मिलती है।
क्या ये समाधान परीक्षा की तैयारी में मदद करेंगे?
हाँ, ये समाधान अध्याय की मुख्य अवधारणाओं को स्पष्ट करते हैं, महत्वपूर्ण प्रश्नों के उत्तर प्रदान करते हैं और छात्रों को परीक्षा के लिए बेहतर तैयारी करने में सहायता करते हैं।
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