कक्षा 7 हिंदी NCERT समाधान: पाठ 16 - भोर और बरखा

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यह पृष्ठ सीबीएसई कक्षा 7 हिंदी की पाठ्यपुस्तक के पाठ 16 'भोर और बरखा' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। इसमें माता यशोदा द्वारा श्रीकृष्ण को जगाने के प्रयास, ब्रज की भोर का मनमोहक वर्णन, मीरा को सावन का प्रिय लगना और सावन की विशेषताओं जैसे विषयों को शामिल किया गया है। समाधानों में भाषा की बात के अंतर्गत पुनरुक्ति शब्दों के प्रयोग और उनके अर्थों को भी समझाया गया है। ये समाधान छात्रों को पाठ की गहरी समझ विकसित करने और परीक्षा की तैयारी को मजबूत करने में मदद करेंगे।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 7
Subjectहिंदी
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter16. भोर और बरखा

Chapter summary

कक्षा 7 हिंदी के पाठ 16 'भोर और बरखा' के ये NCERT समाधान छात्रों को कविता के भावार्थ को समझने में सहायता करते हैं। इसमें श्रीकृष्ण को जगाने के प्रसंग, ब्रज की सुबह के सुंदर चित्रण, सावन के महीने के महत्व और मीराबाई के दृष्टिकोण को स्पष्ट किया गया है। साथ ही, भाषा के अभ्यास के रूप में पुनरुक्ति शब्दों के प्रयोग और उनके अर्थों के अंतर को भी समझाया गया है।

Learning outcomes

  • माता यशोदा द्वारा श्रीकृष्ण को जगाने के प्रयासों को समझना।
  • ब्रज की भोर के मनमोहक दृश्य का वर्णन करना।
  • मीराबाई को सावन का महीना प्रिय लगने के कारणों को स्पष्ट करना।
  • सावन के महीने की विशेषताओं को सूचीबद्ध करना।
  • पुनरुक्ति शब्दों (विशेषण और संज्ञा) के प्रयोग और अर्थ में अंतर को समझना।

Topics covered

Paper topics

  • भोर का वर्णन
  • श्रीकृष्ण को जगाना
  • ग्वाल-बालों का कार्य
  • सावन का महत्व
  • वर्षा ऋतु
  • मीराबाई का दृष्टिकोण
  • प्रकृति का वर्णन
  • पुनरुक्ति शब्द
  • विशेषण
  • संज्ञा
  • भक्तिकाल
  • भाषा की बात

Important topics

  • ब्रज की भोर का वर्णन
  • सावन की विशेषताएँ और मीराबाई का दृष्टिकोण
  • पुनरुक्ति शब्दों का प्रयोग और अर्थ
  • श्रीकृष्ण को जगाने का प्रसंग

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Questions and Solutions

प्रश्न 1

'बंसीवारे ललना', 'मोरे प्यारे', 'लाल जी' कहते हुए यशोदा किसे जगाने का प्रयास करती हैं और वे कौन-कौन सी बातें कहती हैं?
Solution: माता यशोदा अपने पुत्र श्रीकृष्ण को संबोधित करते हुए 'बंसीवारे ललना', 'मोरे प्यारे', और 'लाल जी' जैसे स्नेह भरे उपनामों का प्रयोग करके उन्हें जगाने का प्रयास कर रही हैं। वे श्रीकृष्ण से कहती हैं कि अब भोर हो चुकी है, सभी के दरवाज़े खुल गए हैं, गोपियाँ दही बिलोते हुए अपनी चूड़ियों की खनखनाहट से वातावरण को मधुर बना रही हैं। देवगण और मानव तुम्हारे दर्शन के लिए मंगलगान कर रहे हैं, और ग्वाल-बाल माखन-रोटी लेकर गाय चराने जाने के लिए तुम्हारा इंतज़ार कर रहे हैं।

प्रश्न 2

नीचे दी गई पंक्ति का आशय अपने शब्दों में लिखिए - 'माखन-रोटी हाथ मँह लीनी, गउवन के रखवारे।'
Solution: इस पंक्ति का अर्थ है कि ग्वाल-बालों ने अपने हाथों में माखन और रोटी ले ली है, और वे गायों की रक्षा करने वाले के रूप में, यानी श्रीकृष्ण के साथ गाय चराने जाने के लिए तैयार खड़े हैं। यह पंक्ति उनकी यात्रा की तैयारी और श्रीकृष्ण पर उनकी निर्भरता को दर्शाती है।

प्रश्न 3

पढ़े हुए पद के आधार पर ब्रज की भोर का वर्णन कीजिए।
Solution: ब्रज में भोर होते ही चारों ओर चहल-पहल शुरू हो जाती है। सभी घरों के किवाड़ खुल जाते हैं। गोपियाँ दही बिलोने लगती हैं, और उनके कंगन की खनक से मधुर ध्वनि उत्पन्न होती है। ग्वाल-बाल गायों को चराने के लिए तैयार हो जाते हैं। मंदिरों में मंगलगान होने लगते हैं, जो भोर के आगमन का संकेत देते हैं। यह दृश्य अत्यंत मनमोहक होता है।

प्रश्न 4

मीरा को सावन मनभावन क्यों लगने लगा?
Solution: मीरा को सावन का महीना इसलिए मनभावन लगने लगा क्योंकि सावन के महीने में होने वाली वर्षा की बूँदें उन्हें श्रीकृष्ण के आने का आभास कराती हैं। वर्षा के साथ प्रकृति भी अत्यंत सुहावनी हो जाती है, जिससे उनका मन आनंदित होता है और उन्हें श्रीकृष्ण की स्मृति सताने लगती है।

प्रश्न 5

पाठ के आधार पर सावन की विशेषताएँ लिखिए।
Solution: पाठ के अनुसार, सावन का महीना बहुत मनोहारी होता है। इस महीने में मन को भाने वाली वर्षा होती है। बादल चारों दिशाओं में उमड़-घुमड़ कर आते हैं, बिजली चमकती है, और वर्षा की झड़ी लग जाती है। वर्षा की नन्हीं-नन्हीं बूँदें गिरती हैं और शीतल, सुहावनी पवन चलती है। सावन का महीना मीरा को श्रीकृष्ण के आने का एहसास कराता है।

प्रश्न 6

मीरा भक्तिकाल की प्रसिद्द कवियत्री थीं। इस काल के दूसरे कवियों के नामों की सूची बनाइए तथा उनकी एक-एक रचना का नाम लिखिए।
Solution: भक्तिकाल के कुछ अन्य प्रसिद्ध कवि और उनकी एक-एक रचना इस प्रकार हैं:
  1. सूरदास - सूर सारावली
  2. रसखान - प्रेम-वाटिका
  3. तुलसीदास - विनय-पत्रिका
ये सभी कवि भक्तिकाल की समृद्ध काव्य परंपरा का हिस्सा हैं।

प्रश्न 7

सावन वर्षा ऋतु का महीना है, वर्षा ऋतु से संबंधित दो अन्य महीनों के नाम लिखिए।
Solution: सावन वर्षा ऋतु का एक प्रमुख महीना है। वर्षा ऋतु से संबंधित दो अन्य महीने हैं:
  1. आषाढ़
  2. भादो (भाद्रपद)
ये महीने भी वर्षा ऋतु के दौरान आते हैं और प्रकृति में परिवर्तन लाते हैं।

प्रश्न 8

कृष्ण को 'गउवन के रखवारे' कहा गया है। जिसका अर्थ है गौओं का पालन करनेवाला। इसके लिए एक शब्द दें।
Solution: 'गउवन के रखवारे' का अर्थ है गायों का पालन करने वाला। इस अर्थ के लिए एक शब्द है: **गोपाल**।

प्रश्न 9

नीचे दो पंक्तियाँ दी गई हैं। इनमें से पहली पंक्ति में रेखांकित शब्द दो बार आए हैं, और दूसरी पंक्ति में भी दो बार। इन्हें पुनरुक्ति (पुन:उक्ति) कहते हैं। पहली पंक्ति में रेखांकित शब्द विशेषण हैं और दूसरी पंक्ति में संज्ञा। इस प्रकार के दो-दो उदाहरण खोजकर वाक्य में प्रयोग कीजिए और देखिए कि विशेषण तथा संज्ञा की पुनरुक्ति के अर्थ में क्या अंतर हैं?

'नन्हीं-नन्हीं' बूँदन मेहा बरसे

'घर-घर' खुले किंवारे

जैसे - मीठी-मीठी बातें, फूल-फूल महके।

Solution: पुनरुक्ति (शब्दों का दोहराव) विशेषण और संज्ञा दोनों के साथ प्रयोग किया जा सकता है, जिससे अर्थ में सूक्ष्म अंतर आता है। **विशेषण पुनरुक्ति के उदाहरण:**
  1. पिताजी बाज़ार से ताजे-ताजे फल लाए। (यहाँ 'ताजे-ताजे' विशेषण है, जो फलों की ताजगी पर जोर दे रहा है, यानी बहुत ताज़े फल।)
  2. आज रोहन ने मीठे-मीठे बेर खिलाएँ। (यहाँ 'मीठे-मीठे' विशेषण है, जो बेरों की मिठास की अधिकता को दर्शाता है।)
**संज्ञा पुनरुक्ति के उदाहरण:**
  1. सभी छात्र कक्षा में उपस्थित थे। (यहाँ 'सभी छात्र' का अर्थ है हर एक छात्र, हर छात्र।)
  2. घर-घर में दीये जलाए गए। (यहाँ 'घर-घर' संज्ञा है, जिसका अर्थ है प्रत्येक घर में।)
**विशेषण और संज्ञा की पुनरुक्ति के अर्थ में अंतर:** विशेषण की पुनरुक्ति किसी गुण या विशेषता की अधिकता या गहनता को दर्शाती है (जैसे 'बहुत ताज़े', 'अत्यधिक मीठे')। वहीं, संज्ञा की पुनरुक्ति किसी वस्तु या स्थान के फैलाव, व्यापकता या प्रत्येक इकाई को दर्शाती है (जैसे 'हर घर', 'प्रत्येक छात्र')।

Common mistakes

  • पुनरुक्ति शब्दों के विशेषण और संज्ञा के रूप में अर्थ के अंतर को समझने में भ्रम होना।
  • कविता के भावार्थ को पूरी तरह न समझ पाना।
  • ब्रज की भोर के वर्णन में मुख्य बिंदुओं को छोड़ देना।

Revision tips

  • प्रत्येक प्रश्न के उत्तर को ध्यान से पढ़ें और मुख्य बिंदुओं को नोट करें।
  • कविता के केंद्रीय भाव को समझने के लिए 'भोर' और 'बरखा' के वर्णन पर विशेष ध्यान दें।
  • भाषा की बात वाले प्रश्नों का अभ्यास करें, विशेषकर पुनरुक्ति शब्दों के प्रयोग पर।
  • मीराबाई के दृष्टिकोण को समझने का प्रयास करें कि उन्हें सावन क्यों प्रिय है।

Practice MCQs

Q1. यशोदा माता श्रीकृष्ण को किन उपनामों से पुकारकर जगाने का प्रयास करती हैं?

Q2. ब्रज की भोर का वर्णन करते हुए यशोदा माता क्या बताती हैं?

Q3. मीरा को सावन का महीना क्यों मनभावन लगता है?

Q4. सावन के महीने की क्या विशेषताएँ बताई गई हैं?

Q5. 'गउवन के रखवारे' के लिए एक शब्द क्या है?

Frequently asked questions

कक्षा 7 हिंदी के पाठ 16 'भोर और बरखा' में मुख्य रूप से क्या समझाया गया है?

इस पाठ में ब्रज की भोर के मनमोहक दृश्य, माता यशोदा द्वारा श्रीकृष्ण को जगाने के प्रयास, सावन के महीने की सुंदरता और मीराबाई के दृष्टिकोण को समझाया गया है। साथ ही, भाषा के अभ्यास के रूप में पुनरुक्ति शब्दों के प्रयोग पर भी प्रकाश डाला गया है।

माता यशोदा श्रीकृष्ण को जगाने के लिए क्या-क्या कहती हैं?

यशोदा माता श्रीकृष्ण को 'बंसीवारे ललना', 'मोरे प्यारे', 'लाल जी' कहकर जगाती हैं और बताती हैं कि भोर हो गई है, सबके द्वार खुल गए हैं, गोपियाँ माखन बिलो रही हैं, और ग्वाल-बाल गाय चराने जाने के लिए तैयार हैं।

मीराबाई को सावन का महीना क्यों पसंद है?

मीराबाई को सावन का महीना इसलिए पसंद है क्योंकि वर्षा की बूँदें उन्हें श्रीकृष्ण के आने का एहसास कराती हैं और इस समय प्रकृति भी बहुत सुहावनी लगती है।

पाठ में 'पुनरुक्ति' शब्द का क्या अर्थ है?

पुनरुक्ति का अर्थ है किसी शब्द का दो बार प्रयोग करना। पाठ में विशेषण (जैसे 'नन्हीं-नन्हीं') और संज्ञा (जैसे 'घर-घर') दोनों की पुनरुक्ति के उदाहरण दिए गए हैं और उनके अर्थ में अंतर समझाया गया है।

ये NCERT समाधान परीक्षा की तैयारी में कैसे मदद करेंगे?

ये समाधान पाठ के प्रत्येक प्रश्न का विस्तृत और सरल उत्तर प्रदान करते हैं, जिससे छात्रों को विषय की गहरी समझ विकसित करने और परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रश्नों के उत्तर देने में आत्मविश्वास प्राप्त करने में मदद मिलती है।

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