कक्षा 7 हिंदी NCERT समाधान: शाम एक किशान
यह पृष्ठ कक्षा 7 हिंदी की पुस्तक 'शाम एक किशान' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रदान करता है। इसमें कविता के केंद्रीय भाव, रूपक, और विभिन्न पात्रों के शाम के समय की गतिविधियों को समझने में मदद करने वाले प्रश्नोत्तर शामिल हैं। समाधान छात्रों को कविता में प्रयुक्त उपमाओं को पहचानने, शाम के बदलते दृश्यों का वर्णन करने और विभिन्न पक्षियों की आवाजों को समझने में सहायता करते हैं। यह छात्रों को सुबह के बारे में कविता लिखने के लिए प्रेरित करने के साथ-साथ परीक्षा की तैयारी के लिए एक महत्वपूर्ण संसाधन के रूप में कार्य करता है।
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 7 |
| Subject | हिंदी |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | 8 शाम एक किशान |
Chapter summary
कक्षा 7 हिंदी की पुस्तक 'शाम एक किशान' के लिए यह NCERT समाधान छात्रों को कविता के गहन अर्थ को समझने में मदद करते हैं। इसमें कविता में शाम के दृश्य को एक किसान के रूपक में प्रस्तुत करने वाली उपमाओं की पहचान, शाम के समय होने वाले प्राकृतिक परिवर्तनों का अवलोकन, और पक्षियों की आवाजों के आधार पर उनकी कल्पना को व्यक्त करने जैसे अभ्यास शामिल हैं। समाधान छात्रों को सुबह के बारे में कविता लिखने के लिए प्रेरित करते हैं और परीक्षा की तैयारी में सहायक हैं।
Learning outcomes
- कविता में प्रयुक्त रूपक और उपमाओं को पहचानना।
- शाम के प्राकृतिक दृश्यों में होने वाले परिवर्तनों का वर्णन करना।
- विभिन्न पक्षियों की आवाजों को समझना और उनसे जुड़ी कल्पना को व्यक्त करना।
- सुबह के बारे में कल्पनात्मक कविता लिखने का अभ्यास करना।
- कविता के केंद्रीय भाव को समझना और अपने शब्दों में व्यक्त करना।
Topics covered
Paper topics
- शाम एक किशान कविता का सारांश
- कविता में प्रयुक्त रूपक और उपमाएं
- शाम के प्राकृतिक दृश्य का वर्णन
- पक्षी और उनकी आवाजें
- किसान और शाम की गतिविधियाँ
- सुबह के बारे में कल्पना
- सर्वेश्वर दयाल सक्सेना की कविता
- सुमित्रानंदन पंत की कविता से तुलना
Important topics
- कविता में शाम को किसान के रूप में चित्रित करने वाले रूपक और उपमाओं की पहचान।
- शाम के समय आकाश, सूरज, नदी, और अंधकार में होने वाले परिवर्तनों का विश्लेषण।
- विभिन्न पक्षियों की आवाजों को मानवीय संवाद के रूप में प्रस्तुत करने की कल्पना।
- सुबह के बारे में कल्पनात्मक कविता लिखने का अभ्यास।
- कविता के केंद्रीय भाव और कवि के उद्देश्य को समझना।
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Questions and Solutions
प्रश्न 1
इस कविता में शाम के दृश्य को किसान के रूप में दिखाया गया है-यह एक रूपक है। इसे बनाने के लिए पाँच एकरूपताओं की जोड़ी बनाई गई है। उन्हें उपमा कहते हैं। पहली एकरूपता आकाश और साफ़े में दिखाते हुए कविता में 'आकाश का साफ़ा' वाक्यांश आया है। इसी तरह तीसरी एकरूपता नदी और चादर में दिखाई गई है, मानो नदी चादर-सी हो। अब आप दूसरी, चौथी और पाँचवी एकरूपताओं को खोजकर लिखिए।
कविता में शाम के दृश्य को किसान के रूप में चित्रित करने के लिए कई उपमाओं का प्रयोग किया गया है। पहली उपमा 'आकाश का साफ़ा' है। इसी प्रकार, अन्य उपमाएँ निम्नलिखित हैं:
- दूसरी एकरूपता: सूरज की चिलम। यहाँ डूबते हुए सूरज की लालिमा को किसान द्वारा पी जाने वाली चिलम के रूप में दर्शाया गया है।
- चौथी एकरूपता: पलाश के जैंगल की अँगीठी। खिले हुए पलाश के लाल फूलों को शाम की ठंडक में जलाने के लिए अंगीठी के समान माना गया है।
- पाँचवीं एकरूपता: अंधकार भेड़ों के गल्ले-सा। जैसे भेड़ों का झुंड धीरे-धीरे फैलता है, वैसे ही शाम ढलने के साथ अंधकार चारों ओर फैल जाता है।
प्रश्न 2
शाम का दृश्य अपने घर की छत या खिड़की से देखकर बताइए:
- (क) शाम कब से शुरू हुई?
- (ख) तब से लेकर सूरज डूबने में कितना समय लगा?
- (ग) इस बीच आसमान में क्या-क्या परिवर्तन आए?
अपने घर की छत या खिड़की से शाम का दृश्य देखने पर निम्नलिखित अवलोकन प्राप्त होते हैं:
- (क) गर्मी के दिनों में, शाम लगभग साढ़े छः या पौने सात बजे के आसपास शुरू होती हुई प्रतीत होती है, जब दिन की गर्मी कम होने लगती है।
- (ख) इस समय से लेकर सूरज के पूरी तरह डूब जाने तक लगभग आधे घंटे का समय लगता है।
- (ग) इस अवधि के दौरान आसमान में कई महत्वपूर्ण परिवर्तन देखे जा सकते हैं:
- धूप का प्रभाव कम होने लगता है, जिससे आसमान का पीलापन घटता है और उसकी जगह धीरे-धीरे लालिमा छाने लगती है।
- पूरब दिशा की ओर प्रकाश धीमा पड़ने लगता है और क्षितिज से अंधकार की चादर फैलती हुई दिखाई देने लगती है।
- पक्षी अपने घोंसलों की ओर लौटने लगते हैं और उनका कलरव शाम होने का संकेत देता है।
- जैसे-जैसे सूरज पश्चिम में डूबता है, चमकीला शुक्र तारा दिखाई देने लगता है।
- पश्चिम दिशा में सूर्यास्त के बाद भी कुछ देर तक लालिमा बनी रहती है।
प्रश्न 3
मोर के बोलने पर किव को लगा जैसे किसी ने कहा हो-'सुनते हो'। नीचे दिए गए पक्षियों की बोली सुनकर उन्हें भी एक या दो शब्दों में बाँधिए: कबूतर, कौआ, मैना, तोता, चील, हंस।
पक्षियों की बोली को सुनकर उनके द्वारा कहे जा सकने वाले एक या दो शब्द इस प्रकार हो सकते हैं:
- कबूतर – खत लाया हूँ (जैसे कबूतर संदेश लाता है)
- कौआ – पाहुन आएँगे (कौए के आने को मेहमानों के आगमन का सूचक माना जाता है)
- मैना – गाना सुन लो (मैना की चहचहाहट मधुर लगती है)
- तोता – कोई आया (तोते की बोली अक्सर किसी के आने का संकेत देती है)
- चील – ऊपर देखो (चील की उड़ान ऊँची होती है, जिससे ऊपर देखने का आभास होता है)
- हंस – मोती चुन लो (हंस को मोती चुगने के लिए जाना जाता है)
प्रश्न 1
इस कविता को चित्रित करने के लिए किन-किन रंगों को प्रयोग करना होगा?
इस कविता 'शाम एक किशान' को चित्रित करने के लिए विभिन्न रंगों का प्रयोग किया जा सकता है जो शाम के दृश्य को जीवंत कर सकें। इनमें प्रमुख रंग हैं:
- आसमानी और नीला: शाम के आकाश के लिए।
- भूरा: धरती और खेतों के लिए।
- सफेद: बादलों या धुंध के लिए।
- लाल और नारंगी: डूबते सूरज की लालिमा और पलाश के फूलों के लिए।
- हरा: पेड़-पौधों और नदी के किनारों के लिए।
- काला: बढ़ते अंधकार को दर्शाने के लिए।
प्रश्न 2
शाम के समय ये क्या करते हैं? पता लगाइए और लिखिए: पक्षी, खिलाड़ी, फलवाले, माँ, पेड़-पौधे, पिताजी, किसान, बच्चे।
शाम के समय विभिन्न लोग और प्रकृति के तत्व अलग-अलग कार्य करते हैं:
- पक्षी: अपने घोंसलों की ओर लौटते हैं और दिन भर की थकान मिटाते हैं।
- खिलाड़ी: खेल समाप्त करके विश्राम करते हैं और घर की ओर लौटते हैं।
- फलवाले: अपने बचे हुए फलों को जल्दी बेचकर घर जाने की तैयारी करते हैं।
- माँ: अक्सर शाम के समय मंदिर में दिया जलाने जाती है या घर के अन्य कार्यों में व्यस्त हो जाती है।
- पेड़-पौधे: शांत खड़े रहते हैं, मानो दिन भर की धूप से विश्राम कर रहे हों। उनकी पत्तियाँ भी थोड़ी सिकुड़ जाती हैं।
- पिताजी: दफ्तर से घर लौटते हैं और परिवार के साथ समय बिताते हैं।
- किसान: खेतों से काम खत्म करके अपने घर लौटते हैं।
- बच्चे: अक्सर खेलने में मग्न रहते हैं, लेकिन शाम ढलने पर वे भी घर लौटने लगते हैं।
प्रश्न 3
हिन्दी के एक प्रसिद्ध कवि सुमित्रानंदन पंत ने संध्या का वर्णन इस प्रकार किया है: संध्या का झुटपुट- बाँसों का झुरमुट- है चहक रही चिड़ियाँ टी-वी-टी-टुट्-टुट्। ऊपर दी गई कविता और सर्वेश्वर दयाल जी की कविता में आपको क्या मुख्य अंतर लगा? लिखिए।
सुमित्रानंदन पंत जी की कविता और सर्वेश्वर दयाल सक्सेना जी की कविता 'शाम एक किशान' के बीच मुख्य अंतर यह है कि पंत जी ने संध्या के समय बाँसों के झुरमुट में चहचहाती चिड़ियों की क्रियाओं पर ध्यान केंद्रित किया है, जो एक विशेष क्षण का चित्रण है। इसके विपरीत, सर्वेश्वर दयाल सक्सेना जी ने अपनी कविता में एक विस्तृत प्राकृतिक परिदृश्य का चित्रण किया है, जिसमें शाम को एक किसान के रूपक के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है। सक्सेना जी की कविता में शाम के बदलते रंगों, सूरज के डूबने और अंधकार के फैलने जैसी व्यापक घटनाओं का वर्णन है, जबकि पंत जी की कविता अधिक केंद्रित और विशिष्ट ध्वनि पर आधारित है।
प्रश्न 1
शाम के बदले यदि आपको एक कविता सुबह के बारे में लिखनी हो तो किन-किन चीज़ों की मदद लेकर अपनी कल्पना को व्यक्त करेंगे? नीचे दी गई कविता की पंक्तियों के आधार पर सोचिए: पेड़ों के झुनझुने बजने लगे; लुढ़कती आ रही है सूरज की लाल गेंद। उठ मेरी बेटी, सुबह हो गई। -सर्वेश्वरदयाल सक्सेना
यदि मुझे सुबह के बारे में एक कविता लिखनी हो, तो मैं सर्वेश्वरदयाल सक्सेना जी की पंक्तियों से प्रेरणा लेकर अपनी कल्पना को निम्नलिखित चीज़ों की मदद से व्यक्त करूँगा:
- सूर्योदय का दृश्य: पूर्व दिशा में सूर्य की पहली किरणें, जो धीरे-धीरे फैलकर अंधकार को दूर करती हैं।
- रंगों का प्रयोग: सुबह के आकाश में छाने वाली सुनहरी, गुलाबी और नारंगी आभा का वर्णन।
- प्रकृति का जागरण: पेड़ों पर नई पत्तियों का आना, फूलों का खिलना, और ओस की बूँदों का चमकना।
- पक्षियों का कलरव: सुबह की पहली चहचहाहट, जो एक नए दिन की शुरुआत का संकेत देती है।
- मानवीय गतिविधियाँ: लोगों का जागना, दैनिक कार्यों की शुरुआत, और बच्चों का खेलना।
- नई आशाएँ और उमंगें: सुबह को एक नई शुरुआत, नई ऊर्जा और नई संभावनाओं के प्रतीक के रूप में प्रस्तुत करना।
उदाहरण के लिए, मैं कुछ ऐसी पंक्तियाँ लिख सकता हूँ:
दूर पूर्व में सिंदूरी चादर फैली,
किरणें आईं, रात की नींद मैली।
पेड़ों पर झुनझुने बजने लगे,
सूरज की लाल गेंद लुढ़कती आई।
जागो बेटी, भोर हुई है,
नई उमंगों की डोर बुनी है।
Common mistakes
- रूपक और उपमा के बीच अंतर समझने में कठिनाई।
- शाम के समय होने वाले परिवर्तनों को क्रमबद्ध तरीके से न बता पाना।
- पक्षियों की आवाजों को केवल ध्वनि के रूप में देखना, न कि संवाद के रूप में।
- सुबह के बारे में लिखते समय कल्पनाशीलता का अभाव।
Revision tips
- कविता को बार-बार पढ़ें और उसके मुख्य रूपक को समझने का प्रयास करें।
- प्रत्येक प्रश्न के उत्तर को अपने शब्दों में लिखने का अभ्यास करें।
- शाम के समय अपने आसपास के वातावरण का अवलोकन करें और कविता से तुलना करें।
- सुबह के बारे में कविता लिखने का अभ्यास करें, अपनी कल्पना का प्रयोग करें।
Practice MCQs
Q1. कविता में शाम के दृश्य को किसके रूप में चित्रित किया गया है?
Explanation: कविता में शाम के दृश्य को एक किसान के रूप में चित्रित किया गया है, जो एक रूपक है।
Q2. कविता में 'आकाश का साफ़ा' किस एकरूपता को दर्शाता है?
Explanation: कविता में पहली एकरूपता आकाश और साफ़ा के बीच दिखाई गई है, जिसे 'आकाश का साफ़ा' वाक्यांश से व्यक्त किया गया है।
Q3. पलाश के फूलों को किसका प्रतीक माना गया है?
Explanation: पलाश के फूलों को जंगल की अंगीठी के रूप में चित्रित किया गया है, जो शाम की लालिमा को दर्शाता है।
Q4. अंधकार को किस रूप में दर्शाया गया है?
Explanation: कविता में अंधकार को भेड़ों के गल्ले के समान बताया गया है, जो धीरे-धीरे फैल जाता है।
Q5. मोर के बोलने पर कवि को कैसा लगा?
Explanation: मोर के बोलने की आवाज़ सुनकर कवि को ऐसा लगा जैसे किसी ने 'सुनते हो' कहकर पुकारा हो।
Frequently asked questions
कक्षा 7 हिंदी के 'शाम एक किशान' पाठ में मुख्य रूपक क्या है?
इस पाठ में मुख्य रूपक शाम के प्राकृतिक दृश्य को एक किसान के रूप में चित्रित करना है। आकाश को साफ़ा, सूरज को चिलम, पलाश के फूलों को अंगीठी, नदी को चादर और अंधकार को भेड़ों के गल्ले के रूप में दिखाया गया है।
कविता में किन-किन उपमाओं का प्रयोग किया गया है?
कविता में आकाश-साफ़ा, सूरज-चिलम, पलाश के फूल-अंगीठी, नदी-चादर, और अंधकार-भेड़ों का गल्ला जैसी उपमाओं का प्रयोग किया गया है।
यह NCERT समाधान छात्रों की परीक्षा की तैयारी में कैसे मदद करते हैं?
ये समाधान प्रत्येक प्रश्न के विस्तृत और स्पष्ट उत्तर प्रदान करते हैं, जिससे छात्रों को कविता के भावार्थ और विभिन्न अवधारणाओं को समझने में मदद मिलती है। यह उन्हें परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रश्नों के उत्तर देने के लिए तैयार करता है।
क्या 'शाम एक किशान' कविता में पक्षियों की आवाजों का कोई विशेष महत्व है?
हाँ, कविता में पक्षियों की आवाजों को एक संवाद के रूप में प्रस्तुत किया गया है। जैसे मोर के बोलने पर लगता है जैसे किसी ने 'सुनते हो' कहा हो। यह कल्पनाशीलता को दर्शाता है।
सुबह के बारे में कविता लिखने के लिए क्या सुझाव दिए गए हैं?
सुबह के बारे में कविता लिखने के लिए सूर्योदय, किरणों, नए दिन के आगमन, और अंधकार के दूर होने जैसी कल्पनाओं का प्रयोग करने का सुझाव दिया गया है।
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