कक्षा 6 हिंदी वसंत भाग 1 - पाठ 2: बचपन NCERT समाधान

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यह पृष्ठ कक्षा 6 की हिंदी पुस्तक 'वसंत भाग 1' के दूसरे पाठ 'बचपन' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। यह पाठ कृष्णा सोबती द्वारा लिखित है और लेखिका के अपने बचपन के अनुभवों को दर्शाता है। समाधानों में लेखिका के बचपन की दिनचर्या, जैसे इतवार की सुबह मोज़े धोना और जूते पॉलिश करना, का वर्णन किया गया है। यह पाठ उस समय के और आज के समय के बीच के अंतर को भी उजागर करता है, जैसे ग्रामोफोन का रेडियो-टेलीविजन में बदलना और कुल्फी का आइसक्रीम बनना। पाठ में चश्मा लगाने के कारण और उस पर मिले उपहास का भी ज़िक्र है। लेखिका द्वारा बचपन में खाई जाने वाली विभिन्न मिठाइयों और फलों का भी वर्णन है। ये समाधान छात्रों को पाठ की गहरी समझ विकसित करने और परीक्षा की तैयारी में मदद करेंगे।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 6
Subjectहिंदी
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
ChapterVasant Part – 1 - Ch 2: बचपन

Chapter summary

कक्षा 6 के हिंदी पाठ 'बचपन' के ये NCERT समाधान लेखिका कृष्णा सोबती के बचपन के संस्मरणों पर केंद्रित हैं। समाधानों में लेखिका की बचपन की दिनचर्या, जैसे इतवार की सुबह मोज़े धोना और जूते पॉलिश करना, का विस्तृत विवरण है। यह पाठ तत्कालीन और वर्तमान समय के बीच के सांस्कृतिक और खान-पान के बदलावों को भी दर्शाता है। चश्मा लगाने के अनुभव और बचपन के पसंदीदा फलों और मिठाइयों का वर्णन भी शामिल है। ये समाधान छात्रों को पाठ के मुख्य बिंदुओं को समझने में सहायता करते हैं।

Learning outcomes

  • लेखिका के बचपन की दिनचर्या को समझना।
  • बचपन और वर्तमान समय के बीच के बदलावों की पहचान करना।
  • चश्मा लगाने के अनुभव और उससे जुड़ी बातों को जानना।
  • लेखिका के बचपन के पसंदीदा खान-पान के बारे में जानकारी प्राप्त करना।
  • पाठ के माध्यम से भाषा और संस्कृति में आए परिवर्तनों को समझना।

Topics covered

Paper topics

  • लेखिका का बचपन
  • बचपन की दिनचर्या
  • समय के साथ बदलाव
  • खान-पान में परिवर्तन
  • कुल्फी से आइसक्रीम
  • कचौड़ी-समोसा से पैटीज
  • शरबत से कोक-पेप्सी
  • चश्मा लगाने का अनुभव
  • चचेरे भाई का चिढ़ाना
  • बचपन के पसंदीदा फल
  • बचपन की मिठाइयाँ
  • कृष्णा सोबती

Important topics

  • बचपन और वर्तमान समय के बीच तुलना
  • खान-पान और रहन-सहन में आए बदलाव
  • लेखिका के बचपन की विशेष घटनाएँ (जैसे चश्मा लगाना)
  • बचपन के पसंदीदा खाद्य पदार्थ
  • समय के साथ सांस्कृतिक परिवर्तन

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Questions and Solutions

प्रश्न 1:

लेखिका बचपन में इतवार की सुबह क्या-क्या काम करती थीं?
Solution: लेखिका अपने बचपन की यादें साझा करते हुए बताती हैं कि इतवार की सुबह उनके लिए खास होती थी क्योंकि उस दिन उन्हें कुछ विशेष काम करने पड़ते थे। उन्हें अपने मोज़े स्वयं धोने पड़ते थे, क्योंकि यह काम नौकर या नौकरानी से करवाने की सख्त मनाही थी। मोज़े धोने के बाद, वे बच्चे अपने-अपने जूते भी पॉलिश करके चमकाते थे। जब वे जूतों को कपड़े या ब्रश से रगड़ते थे, तो पॉलिश की चमक उभर आती थी, जो उन्हें संतोष देती थी।

प्रश्न 2:

'तुम्हें बताउँगी कि हमारे समय और तुम्हारे समय में कितनी दूरी हो चुकी है।' इस बात के लिए लेखिका क्या-क्या उदाहरण देती हैं?
Solution: लेखिका यह दर्शाने के लिए कि उनके बचपन और आज के समय में कितना अंतर आ गया है, कई उदाहरण देती हैं। वह बताती हैं कि उन दिनों कुछ ही घरों में ग्रामोफोन हुआ करते थे, जबकि रेडियो और टेलीविजन जैसी चीजें नहीं थीं। खान-पान के मामले में भी बड़ा बदलाव आया है। बचपन में खाई जाने वाली कुल्फी अब आइसक्रीम के रूप में मिलती है। कचौड़ी-समोसे और पैटीज का चलन बढ़ गया है। पहले जो शहतूत, फाल्से और खसखस का शरबत पिया जाता था, उसकी जगह अब कोक और पेप्सी जैसी कोल्ड ड्रिंक्स ने ले ली है। हालांकि, उस समय कोक-पेप्सी नहीं थी, पर विमटो नामक कोल्ड ड्रिंक का चलन अवश्य था।

प्रश्न 3:

पाठ से पता करके लिखो कि लेखिका को चश्मा क्यों लगाना पड़ा? चश्मा लगाने पर उनके चचेरे भाई उन्हें क्या कहकर चिढ़ाते थे?
Solution: लेखिका को चश्मा इसलिए लगाना पड़ा क्योंकि वह दिन की तेज रोशनी के बजाय रात में टेबल लैंप के सामने बैठकर काम करती थीं। इस आदत के कारण उनकी आँखों पर जोर पड़ा और उनकी रोशनी कमजोर हो गई, जिसके फलस्वरूप उन्हें चश्मा पहनना पड़ा। जब लेखिका ने पहली बार चश्मा लगाया, तो उनके चचेरे भाई ने उन्हें छेड़ते हुए एक तुकबंदी वाली पंक्ति कहकर चिढ़ाया: "आँखों पर चश्मा लगाया ताकि सूझे दूर की, पर नहीं लड़की को मालूम सूरत बनी लंगूर की!" यह उस समय के बच्चों के बीच एक-दूसरे को चिढ़ाने का एक आम तरीका था।

प्रश्न 4:

लेखिका अपने बचपन में कौन-कौन-सी चीजें मजे ले-लेकर खाती थीं? उनमें से प्रमुख फलों के नाम लिखो।
Solution: लेखिका को अपने बचपन में कई चीजें बहुत पसंद थीं और वह उन्हें बड़े चाव से खाती थीं। उन्हें कन्फेक्शनरी काउंटर से हफ्ते में एक बार चॉकलेट खरीदने की छूट थी। वह इन चॉकलेट्स को तुरंत नहीं खाती थीं, बल्कि घर लाकर साइडबोर्ड पर रख देती थीं और रात के खाने के बाद बिस्तर में लेटकर मजे से खाती थीं। इसके अलावा, लेखिका को काफल (जो खट्टे-मीठे होते थे, कुछ लाल और कुछ गुलाबी रंग के होते थे), रसभरी, कसमल और चेस्टनट जैसी चीजें भी बहुत पसंद थीं। चेस्टनट को वह आग पर भूनकर खाते थे और फिर छिलका उतारकर खाते थे। चने जोर गरम और अनारदाने का चूर्ण भी उन्हें बहुत भाता था। इन सबमें प्रमुख फल काफल थे।

Common mistakes

  • बचपन की दिनचर्या के विवरणों को याद रखने में कठिनाई।
  • समय के साथ हुए बदलावों को ठीक से न समझ पाना।
  • पाठ में उल्लिखित फलों और मिठाइयों के नामों को पहचानने में भूल।
  • चश्मा लगाने के कारण और प्रतिक्रिया को गलत समझना।

Revision tips

  • पाठ को ध्यान से पढ़ें और लेखिका के बचपन के अनुभवों को नोट करें।
  • बचपन और आज के समय के बीच के अंतरों की एक सूची बनाएँ।
  • चश्मा लगाने से संबंधित प्रश्न के उत्तर को अच्छी तरह समझें।
  • लेखिका द्वारा पसंद किए गए फलों और मिठाइयों के नामों को याद करें।
  • पाठ के मुख्य पात्रों और उनके संवादों पर ध्यान दें।

Practice MCQs

Q1. लेखिका बचपन में इतवार की सुबह कौन सा काम करती थीं?

Q2. लेखिका के अनुसार, बचपन की कुल्फी अब किस रूप में बदल गई है?

Q3. लेखिका को चश्मा क्यों लगाना पड़ा?

Q4. चश्मा लगाने पर लेखिका के चचेरे भाई ने उन्हें क्या कहकर चिढ़ाया?

Q5. लेखिका को कन्फेक्शनरी काउंटर से हफ्ते में कितनी बार चॉकलेट खरीदने की छूट थी?

Frequently asked questions

कक्षा 6 के हिंदी पाठ 'बचपन' में लेखिका कौन हैं?

कक्षा 6 की हिंदी पुस्तक 'वसंत भाग 1' के पाठ 2 'बचपन' की लेखिका कृष्णा सोबती हैं।

लेखिका के बचपन में इतवार की सुबह क्या खास होता था?

लेखिका के बचपन में इतवार की सुबह उन्हें अपने मोज़े खुद धोने पड़ते थे और जूते पॉलिश करने पड़ते थे, क्योंकि ये काम नौकरों से करवाने की मनाही थी।

पाठ 'बचपन' में समय के साथ किन चीज़ों के बदलने का उल्लेख है?

पाठ में बताया गया है कि कुल्फी आइसक्रीम बन गई है, कचौड़ी-समोसा पैटीज में बदल गया है, और शहतूत-फाल्से का शरबत कोक-पेप्सी में। ग्रामोफोन की जगह रेडियो और टेलीविजन आ गए हैं।

लेखिका को चश्मा क्यों लगाना पड़ा?

लेखिका को दिन की रोशनी के बजाय रात में टेबल लैंप के सामने काम करने के कारण चश्मा लगाना पड़ा।

लेखिका अपने बचपन में कौन से फल और मिठाइयाँ मजे लेकर खाती थीं?

लेखिका काफल, रसभरी, कसमल, चेस्टनट जैसे फलों का आनंद लेती थीं और हफ्ते में एक बार मिलने वाली चॉकलेट को रात के खाने के बाद मजे से खाती थीं।

यह NCERT समाधान कक्षा 6 के छात्रों के लिए कैसे उपयोगी हैं?

ये समाधान छात्रों को पाठ 'बचपन' के सभी प्रश्नों के उत्तर समझने, लेखिका के अनुभवों को जानने और परीक्षा की तैयारी में मदद करते हैं।

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