कक्षा 6 पृथ्वी: हमारा आवास अध्याय 3: पृथ्वी की गतियां - NCERT समाधान

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यह पृष्ठ कक्षा 6 के छात्रों के लिए 'पृथ्वी: हमारा आवास' पुस्तक के अध्याय 3, 'पृथ्वी की गतियां' पर केंद्रित NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। इसमें पृथ्वी के अक्षीय झुकाव, घूर्णन और परिक्रमण की अवधारणाओं को स्पष्ट किया गया है, जो दिन-रात और ऋतुओं के परिवर्तन के लिए जिम्मेदार हैं। समाधानों में लीप वर्ष, अयनांत (संक्रांति) और विषुव (विषुव) जैसी महत्वपूर्ण शब्दावली की विस्तृत व्याख्या शामिल है। छात्रों को यह समझने में मदद करने के लिए कि पृथ्वी का झुकाव ध्रुवों पर लंबे दिन और रात का कारण कैसे बनता है, विस्तृत स्पष्टीकरण प्रदान किए गए हैं। यह संसाधन छात्रों को पृथ्वी की गतियों से संबंधित विभिन्न प्रश्नों को हल करने और परीक्षा की तैयारी के लिए एक मजबूत आधार बनाने में सहायता करता है।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 6
Subjectपृथ्वी: हमारा आवास
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter3. पृथ्वी की गतियां

Chapter summary

कक्षा 6 के लिए 'पृथ्वी की गतियां' अध्याय के ये NCERT समाधान पृथ्वी की दो मुख्य गतियों - घूर्णन और परिक्रमण - पर केंद्रित हैं। ये समाधान छात्रों को पृथ्वी के अक्षीय झुकाव, दिन और रात के निर्माण, लीप वर्ष की अवधारणा, और ऋतुओं के परिवर्तन के कारणों को समझने में मदद करते हैं। इसमें उत्तर और दक्षिण अयनांत (संक्रांति) और विषुव (विषुव) की विस्तृत व्याख्या भी शामिल है, जो पृथ्वी की सूर्य के चारों ओर की गति और उसके झुकाव के कारण होती हैं।

Learning outcomes

  • पृथ्वी के अक्षीय झुकाव को समझना।
  • घूर्णन और परिक्रमण के बीच अंतर स्पष्ट करना।
  • दिन और रात के निर्माण की प्रक्रिया को समझना।
  • लीप वर्ष की अवधारणा को परिभाषित करना।
  • अयनांत (संक्रांति) और विषुव (विषुव) की व्याख्या करना।
  • ऋतुओं में परिवर्तन के कारणों को समझना।

Topics covered

Paper topics

  • पृथ्वी की गतियां
  • घूर्णन
  • परिक्रमण
  • अक्षीय झुकाव
  • दिन और रात
  • लीप वर्ष
  • अयनांत (संक्रांति)
  • विषुव (विषुव)
  • ऋतुओं का परिवर्तन
  • उत्तरी गोलार्ध
  • दक्षिणी गोलार्ध
  • कर्क रेखा और मकर रेखा

Important topics

  • घूर्णन और परिक्रमण
  • अयनांत (संक्रांति)
  • विषुव (विषुव)
  • ऋतुओं में परिवर्तन का कारण
  • लीप वर्ष

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Questions and Solutions

प्रश्न 1 (i)

पृथ्वी के अक्ष का झुकाव कोण क्या है?
Solution: पृथ्वी का अक्ष, वह काल्पनिक रेखा है जिसके चारों ओर पृथ्वी अपनी धुरी पर घूमती है। सूर्य की परिक्रमा करते समय, यह अक्ष अपनी कक्षा के तल के सापेक्ष झुका हुआ रहता है। यह झुकाव कोण 66 \frac{1}{2}^{\circ} (साढ़े उनसठ डिग्री) है। इसी झुकाव के कारण पृथ्वी पर ऋतु परिवर्तन होता है।

प्रश्न 1 (ii)

घूर्णन एवं परिक्रमण को परिभाषित करें।
Solution:

पृथ्वी की दो मुख्य गतियां होती हैं:

  1. घूर्णन (Rotation): जब पृथ्वी अपनी धुरी पर घूमती है, तो इस गति को घूर्णन कहते हैं। पृथ्वी अपना एक घूर्णन लगभग 24 घंटे में पूरा करती है। इसी घूर्णन के कारण दिन और रात होते हैं।
  2. परिक्रमण (Revolution): जब पृथ्वी सूर्य के चारों ओर एक निश्चित, स्थिर कक्षा या पथ में गति करती है, तो इस गति को परिक्रमण कहते हैं। पृथ्वी को सूर्य का एक पूरा चक्कर लगाने में लगभग 365.25 दिन लगते हैं। इसी परिक्रमण और पृथ्वी के अक्षीय झुकाव के कारण ऋतुओं में परिवर्तन होता है।

प्रश्न 1 (iii)

लीप वर्ष क्या है?
Solution: एक सामान्य वर्ष में 365 दिन होते हैं। हालाँकि, पृथ्वी को सूर्य का एक चक्कर पूरा करने में वास्तव में लगभग 365.25 दिन लगते हैं। इस अतिरिक्त एक-चौथाई दिन (लगभग 6 घंटे) को समायोजित करने के लिए, हर चार साल में एक अतिरिक्त दिन जोड़ा जाता है। यह अतिरिक्त दिन फरवरी महीने में जोड़ा जाता है, जिससे फरवरी में 28 दिनों के स्थान पर 29 दिन हो जाते हैं। इस प्रकार, लीप वर्ष में कुल 366 दिन होते हैं। लीप वर्ष प्रत्येक चार वर्ष के बाद आता है।

प्रश्न 1 (iv)

उत्तर एवं दक्षिण अयनांतों में अंतर बताइए।
Solution: उत्तर और दक्षिण अयनांत (संक्रांति) पृथ्वी की सूर्य के चारों ओर परिक्रमा के दौरान विशेष स्थितियाँ हैं, जो वर्ष के सबसे लंबे और सबसे छोटे दिनों से संबंधित हैं:
  1. उत्तर अयनांत (Summer Solstice in Northern Hemisphere): यह लगभग 21 जून को होता है। इस दिन, उत्तरी गोलार्ध सूर्य की ओर सबसे अधिक झुका होता है। परिणामस्वरूप, उत्तरी गोलार्ध में सबसे लंबा दिन और सबसे छोटी रात होती है। इसके विपरीत, दक्षिणी गोलार्ध सूर्य से दूर झुका होता है, इसलिए वहाँ सबसे छोटा दिन और सबसे लंबी रात होती है।
  2. दक्षिण अयनांत (Winter Solstice in Northern Hemisphere / Summer Solstice in Southern Hemisphere): यह लगभग 22 दिसंबर को होता है। इस दिन, दक्षिणी गोलार्ध सूर्य की ओर सबसे अधिक झुका होता है। परिणामस्वरूप, दक्षिणी गोलार्ध में सबसे लंबा दिन और सबसे छोटी रात होती है। इसके विपरीत, उत्तरी गोलार्ध सूर्य से दूर झुका होता है, इसलिए वहाँ सबसे छोटा दिन और सबसे लंबी रात होती है।

प्रश्न 1 (v)

विषुव क्या है?
Solution: विषुव (Equinox) वर्ष में दो ऐसे दिन होते हैं जब सूर्य की किरणें सीधे विषुवत् वृत्त (Equator) पर पड़ती हैं। ये दिन लगभग 21 मार्च (वसंत विषुव) और 23 सितंबर (शरद विषुव) को होते हैं। इन दिनों, पृथ्वी का कोई भी ध्रुव सूर्य की ओर झुका हुआ नहीं होता है। इसके परिणामस्वरूप, पूरी पृथ्वी पर दिन और रात की अवधि लगभग बराबर होती है, यानी दोनों 12-12 घंटे के होते हैं।

प्रश्न 1 (vi)

दक्षिणी गोलार्ध में उत्तरी गोलार्ध की अपेक्षा उत्तर एवं दक्षिण का अयनांत अलग-अलग समय में होता है, क्यों?
Solution: उत्तर और दक्षिण अयनांत अलग-अलग समय पर इसलिए होते हैं क्योंकि पृथ्वी अपने अक्ष पर झुकी हुई है और सूर्य के चारों ओर परिक्रमा करती है।

जब उत्तरी गोलार्ध सूर्य की ओर झुका होता है (लगभग 21 जून के आसपास), तो सूर्य की सीधी किरणें कर्क रेखा पर पड़ती हैं। इस स्थिति में, उत्तरी गोलार्ध में ग्रीष्म ऋतु होती है और दिन सबसे लंबा होता है (उत्तर अयनांत)। उसी समय, दक्षिणी गोलार्ध सूर्य से दूर झुका होता है, जिससे वहाँ शीत ऋतु होती है और दिन सबसे छोटा होता है।

इसके विपरीत, जब दक्षिणी गोलार्ध सूर्य की ओर झुका होता है (लगभग 22 दिसंबर के आसपास), तो सूर्य की सीधी किरणें मकर रेखा पर पड़ती हैं। इस स्थिति में, दक्षिणी गोलार्ध में ग्रीष्म ऋतु होती है और दिन सबसे लंबा होता है (दक्षिण अयनांत)। उसी समय, उत्तरी गोलार्ध सूर्य से दूर झुका होता है, जिससे वहाँ शीत ऋतु होती है और दिन सबसे छोटा होता है।

इस प्रकार, पृथ्वी के झुकाव और सूर्य के चारों ओर इसकी परिक्रमा के कारण, दोनों गोलार्धों में अयनांत की स्थितियाँ अलग-अलग समय पर आती हैं और उनके अनुभव भी विपरीत होते हैं।

प्रश्न 1 (vii)

ध्रुवों पर लगभग 6 महीने का दिन एवं 6 महीने की रात होती है, क्यों?
Solution: ध्रुवों पर लगभग 6 महीने दिन और 6 महीने रात होने का कारण पृथ्वी का अपने अक्ष पर झुका होना और सूर्य के चारों ओर परिक्रमा करना है।

जब उत्तरी गोलार्ध सूर्य की ओर झुका होता है (लगभग 21 जून के आसपास), तो उत्तरी ध्रुव लगातार सूर्य के प्रकाश में रहता है। पृथ्वी के अपनी धुरी पर घूमने के बावजूद, उत्तरी ध्रुव का पूरा क्षेत्र लगभग 6 महीने तक सूर्य के सामने रहता है, जिससे वहाँ लगातार 6 महीने का दिन होता है। इसी समय, दक्षिणी ध्रुव सूर्य से दूर होता है और लगभग 6 महीने तक सूर्य के प्रकाश से वंचित रहता है, जिससे वहाँ 6 महीने की रात होती है।

इसके विपरीत, जब दक्षिणी गोलार्ध सूर्य की ओर झुका होता है (लगभग 22 दिसंबर के आसपास), तो दक्षिणी ध्रुव लगातार सूर्य के प्रकाश में रहता है, जिससे वहाँ 6 महीने का दिन होता है। इस दौरान, उत्तरी ध्रुव सूर्य से दूर होता है और वहाँ 6 महीने की रात होती है।

इस प्रकार, पृथ्वी के अक्षीय झुकाव के कारण, ध्रुवों पर वर्ष में एक बार लगभग 6 महीने की लगातार दिन की अवधि और एक बार लगभग 6 महीने की लगातार रात की अवधि का अनुभव होता है।

प्रश्न 2

सही उत्तर चिह्नित (√) कीजिए।
  1. पृथ्वी की सूर्य के चारों ओर की गति को कहा जाता है
    • (क) घूर्णन
    • (ख) परिक्रमण
    • (ग) झुकाव
  2. सूर्य की सीधी किरणें विषुवत् वृत्त पर किस दिन पड़ती हैं? (क) 21 मार्च (ख) 21 जून । (ग) 22 दिसंबर
  3. गर्मी में क्रिसमस का पर्व कहाँ मनाया जाता है?
    • (क) जापान
    • (ख) भारत
    • (ग) ऑस्ट्रेलिया
  4. ऋतुओं में परिवर्तन पृथ्वी की किस गति के कारण होता है?
    • (क) घूर्णन
    • (ख) परिक्रमण
    • (ग) गुरुत्वाकर्षण
Solution:
  1. (ख) परिक्रमण - पृथ्वी सूर्य के चारों ओर जिस गति से घूमती है उसे परिक्रमण कहते हैं।
  2. (क) 21 मार्च - 21 मार्च और 23 सितंबर को सूर्य की किरणें विषुवत् वृत्त पर सीधी पड़ती हैं, जिससे दिन और रात बराबर होते हैं।
  3. (ग) ऑस्ट्रेलिया - ऑस्ट्रेलिया दक्षिणी गोलार्ध में स्थित है। जब उत्तरी गोलार्ध में सर्दी होती है (दिसंबर में), तब दक्षिणी गोलार्ध में गर्मी होती है, इसलिए क्रिसमस गर्मी में मनाया जाता है।
  4. (ख) परिक्रमण - ऋतुओं में परिवर्तन मुख्य रूप से पृथ्वी की परिक्रमण गति और उसके अक्षीय झुकाव के कारण होता है।

प्रश्न 3

खाली स्थान भरें।
  1. एक लीप वर्ष में दिनों की संख्या .....होती है।
  2. पृथ्वी की प्रतिदिन की गति को ..... कहते हैं।
  3. पृथ्वी सूर्य के चारों ओर ...... कक्षा में घूमती है।
  4. 21 जून को सूर्य की किरणें ......रेखा पर सीधी पड़ती हैं।
  5. .....ऋतु में दिन छोटे होते हैं।
Solution:
  1. एक लीप वर्ष में दिनों की संख्या 366 होती है।
  2. पृथ्वी की प्रतिदिन की गति को घूर्णन कहते हैं।
  3. पृथ्वी सूर्य के चारों ओर दीर्घवृत्ताकार (elliptical) कक्षा में घूमती है।
  4. 21 जून को सूर्य की किरणें कर्क रेखा पर सीधी पड़ती हैं।
  5. शीत ऋतु में दिन छोटे होते हैं।

Common mistakes

  • घूर्णन और परिक्रमण के बीच भ्रमित होना।
  • अयनांत और विषुव की तारीखों और प्रभावों को गलत याद रखना।
  • पृथ्वी के झुकाव के प्रभाव को पूरी तरह से न समझना।

Revision tips

  • पृथ्वी के घूर्णन और परिक्रमण को दर्शाने के लिए एक ग्लोब या गेंद का उपयोग करें।
  • अयनांत और विषुव की तारीखों और उनके प्रभावों को याद करने के लिए एक तालिका बनाएं।
  • ऋतुओं में परिवर्तन के कारणों को समझने के लिए पृथ्वी के झुकाव पर ध्यान केंद्रित करें।
  • अभ्यास प्रश्नों को हल करके अपनी समझ का परीक्षण करें।

Practice MCQs

Q1. पृथ्वी अपनी धुरी पर एक बार घूमने में लगभग कितना समय लेती है?

Q2. सूर्य के चारों ओर पृथ्वी की गति को क्या कहा जाता है?

Q3. 21 जून को सूर्य की किरणें किस रेखा पर सीधी पड़ती हैं?

Q4. लीप वर्ष में फरवरी माह में कितने दिन होते हैं?

Q5. किस गोलार्ध में गर्मी के दौरान क्रिसमस का पर्व मनाया जाता है?

Frequently asked questions

कक्षा 6 के लिए 'पृथ्वी की गतियां' अध्याय में मुख्य रूप से किन अवधारणाओं को शामिल किया गया है?

इस अध्याय में पृथ्वी की दो मुख्य गतियां - घूर्णन (अपनी धुरी पर घूमना) और परिक्रमण (सूर्य के चारों ओर घूमना) - को शामिल किया गया है। इसके अतिरिक्त, अक्षीय झुकाव, दिन-रात का बनना, लीप वर्ष, अयनांत (संक्रांति) और विषुव (विषुव) जैसी महत्वपूर्ण अवधारणाओं को भी समझाया गया है।

पृथ्वी का अक्षीय झुकाव क्या है और इसका क्या महत्व है?

पृथ्वी का अक्षीय झुकाव लगभग 66.5 डिग्री है, जो उसकी कक्षा के तल से मापा जाता है। यह झुकाव ऋतुओं के परिवर्तन का मुख्य कारण है, क्योंकि इसके कारण वर्ष के विभिन्न समयों में पृथ्वी के विभिन्न हिस्से सूर्य की ओर अधिक या कम झुके होते हैं।

घूर्णन और परिक्रमण में क्या अंतर है?

घूर्णन पृथ्वी की अपनी धुरी पर घूमने की गति है, जो लगभग 24 घंटे में एक चक्कर पूरा करती है और दिन-रात का कारण बनती है। परिक्रमण सूर्य के चारों ओर पृथ्वी की कक्षा में गति है, जो लगभग 365.25 दिनों में एक चक्कर पूरा करती है और ऋतुओं के परिवर्तन का कारण बनती है।

लीप वर्ष क्यों मनाया जाता है और इसमें कितने दिन होते हैं?

पृथ्वी को सूर्य का एक चक्कर पूरा करने में लगभग 365.25 दिन लगते हैं। इस अतिरिक्त 0.25 दिन (लगभग 6 घंटे) को समायोजित करने के लिए, हर चार साल में एक अतिरिक्त दिन जोड़ा जाता है, जिससे फरवरी में 28 के बजाय 29 दिन होते हैं। इस वर्ष को लीप वर्ष कहा जाता है और इसमें कुल 366 दिन होते हैं।

अयनांत (संक्रांति) और विषुव (विषुव) क्या हैं?

अयनांत (संक्रांति) वे दिन होते हैं जब सूर्य की किरणें कर्क रेखा (21 जून) या मकर रेखा (22 दिसंबर) पर सीधी पड़ती हैं, जिससे वर्ष के सबसे लंबे और सबसे छोटे दिन होते हैं। विषुव (विषुव) वे दिन होते हैं (21 मार्च और 23 सितंबर) जब सूर्य की किरणें विषुवत् वृत्त पर सीधी पड़ती हैं, और पूरी पृथ्वी पर दिन और रात की लंबाई बराबर होती है।

ये NCERT समाधान छात्रों की परीक्षा की तैयारी में कैसे मदद कर सकते हैं?

ये समाधान प्रत्येक प्रश्न का विस्तृत और स्पष्ट उत्तर प्रदान करते हैं, जिससे छात्रों को अवधारणाओं को गहराई से समझने में मदद मिलती है। अभ्यास प्रश्नों के हल और महत्वपूर्ण शब्दावली की व्याख्या परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रश्नों के प्रकारों को समझने और सही उत्तर देने की क्षमता विकसित करने में सहायक होते हैं।

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