कक्षा 6 इतिहास: क्या बताती हैं हमें किताबें और कब्रें - NCERT समाधान

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यह पृष्ठ कक्षा 6 के इतिहास विषय के अध्याय 5, 'क्या बताती हैं हमें किताबें और कब्रें' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। यह अध्याय प्राचीन भारत और विश्व की महत्वपूर्ण सभ्यताओं और प्रथाओं पर प्रकाश डालता है। छात्र महापाषाण काल की निर्माण प्रक्रियाओं, हड़प्पा सभ्यता में लोहे के उपयोग की अनुपस्थिति, और सरदार की कब्रों के महत्व को समझेंगे। समाधान चीन में भविष्यवाणी करने वाली हड्डियों और ऋग्वेद के राजाओं के बीच अंतर पर भी चर्चा करते हैं। इसके अतिरिक्त, यह अध्याय इनामगाँव में 3000 साल पहले की दफ़नाने की प्रथाओं और अंतिम संस्कारों के दौरान भोजन की तैयारी की कल्पना करने का अवसर प्रदान करता है। ये समाधान छात्रों को परीक्षा की तैयारी के लिए महत्वपूर्ण अवधारणाओं को स्पष्ट करने में मदद करेंगे।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 6
Subjectहमारे अतीत
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter5. क्या बताती हैं हमें किताबें और कब्रें

Chapter summary

कक्षा 6 के इतिहास के अध्याय 5, 'क्या बताती हैं हमें किताबें और कब्रें' के लिए NCERT समाधान, प्राचीन काल की पुरातात्विक और साहित्यिक साक्ष्यों की पड़ताल करते हैं। इसमें महापाषाणों के निर्माण से जुड़े श्रम, हड़प्पा सभ्यता में लोहे के प्रयोग की सीमा, और कब्रों से प्राप्त सामाजिक-आर्थिक जानकारी का विश्लेषण शामिल है। समाधान चीन की प्राचीन लेखन कला और भविष्यवाणी की प्रथाओं के साथ-साथ ऋग्वेद के राजाओं की तुलना भी करते हैं। यह छात्रों को प्राचीन जीवन शैली, अनुष्ठानों और सामाजिक संरचनाओं की गहरी समझ प्रदान करता है।

Learning outcomes

  • महापाषाणों के निर्माण में शामिल विभिन्न कार्यों को क्रमबद्ध करना।
  • हड़प्पा सभ्यता में लोहे के उपयोग की जानकारी का विश्लेषण करना।
  • सरदार की कब्रों और सामान्य कब्रों के बीच अंतर को समझना।
  • प्राचीन चीन की भविष्यवाणी करने वाली हड्डियों की प्रथा को समझना।
  • ऋग्वेद के राजाओं और चीन के प्राचीन राजाओं के बीच अंतर की पहचान करना।
  • इनामगाँव में 3000 साल पहले की दफ़नाने की प्रथाओं का वर्णन करना।

Topics covered

Paper topics

  • महापाषाण निर्माण
  • हड़प्पा सभ्यता
  • लोहे का प्रयोग
  • सरदार की कब्रें
  • प्राचीन चीन की लेखन कला
  • भविष्यवाणी करने वाली हड्डियाँ
  • ऋग्वेद के राजा
  • इनामगाँव की दफ़नाने की प्रथाएँ
  • प्राचीन अनुष्ठान
  • पुरातत्वीय साक्ष्य

Important topics

  • महापाषाण निर्माण के कार्य
  • हड़प्पा में लोहे का प्रयोग
  • सरदार की कब्रों की विशेषताएँ
  • चीन की भविष्यवाणी करने वाली हड्डियाँ
  • ऋग्वेद के राजाओं और चीन के राजाओं में अंतर

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Questions and Solutions

प्रश्न 1

महापाषाणों के निर्माण के लिए लोगों को कई तरह के काम करने पड़ते थे। हमने जो कार्यों की सूची बनाई है उन्हें क्रमबद्ध करो। गड्ढे खोदना, शिलाखंडों को ढोकर लाना, बड़े पत्थरों को तराशना और मरे हुए को दफ़नाना।
Solution: महापाषाणों के निर्माण की प्रक्रिया में कई चरण शामिल होते थे, जिन्हें एक तार्किक क्रम में इस प्रकार व्यवस्थित किया जा सकता है:
  1. गड्ढे खोदना: सबसे पहले, पत्थरों को स्थापित करने या शवों को दफनाने के लिए जमीन में बड़े गड्ढे खोदे जाते थे।
  2. मरे हुए को दफ़नाना: गड्ढे तैयार होने के बाद, मृतकों को उनके साथ उनकी पसंदीदा वस्तुएँ रखकर दफनाया जाता था।
  3. शिलाखंडों को ढोकर लाना: फिर, बड़े पत्थरों (शिलाखंडों) को निर्माण स्थल तक पहुँचाया जाता था, जो एक श्रमसाध्य कार्य होता था।
  4. बड़े पत्थरों को तराशना: आवश्यकतानुसार, इन शिलाखंडों को आकार देने या सजाने के लिए तराशा जाता था।
यह क्रम दर्शाता है कि कैसे एक बड़े स्मारक के निर्माण के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जाता था।

प्रश्न 2

क्या हड़प्पा के शहरों में लोहे का प्रयोग होता था?
Solution: नहीं, हड़प्पा के शहरों में लोहे का प्रयोग नहीं होता था। हड़प्पा सभ्यता के लोग मुख्य रूप से तांबे और कांसे जैसी धातुओं का उपयोग करके औजार, हथियार और बर्तन बनाते थे। लोहे का प्रयोग हड़प्पा काल के बाद शुरू हुआ।

प्रश्न 3

तुम्हारे अनुसार क्या यह शव किसी सरदार का था? अपने जवाब का कारण बताओ।
Solution: हाँ, यह संभवतः किसी सरदार का शव था। इसके कई कारण हैं:
  • घर का आकार और स्थान: यह घर अन्य सामान्य घरों की तुलना में बड़ा था और बस्ती के बीचों-बीच स्थित था, जो किसी महत्वपूर्ण व्यक्ति के निवास का संकेत देता है।
  • दफ़नाने का तरीका: शव को दफ़नाने के लिए चार पैरों वाले एक बड़े मिट्टी के संदूक का प्रयोग किया गया था, जो सामान्य दफ़नाने की प्रथा से अलग और अधिक विशिष्ट है।
  • साथ में दफ़नाई गई वस्तुएँ: सरदार के साथ उसकी मनपसंद चीजें, कीमती वस्तुएँ और प्रयोग की जाने वाली अन्य वस्तुएँ भी दफनाई गई होंगी, जो उसकी सामाजिक स्थिति को दर्शाती हैं।
ये सभी विशेषताएँ मिलकर संकेत देती हैं कि यह शव किसी ऐसे व्यक्ति का था जो समाज में उच्च स्थान रखता था, जैसे कि कोई सरदार।

प्रश्न 4

तुम्हारे अनुसार शरीर के बारे में उन्होंने इतनी विस्तृत जानकारी कैसे इकट्ठा की होगी?
Solution: शरीर के बारे में इतनी विस्तृत जानकारी संभवतः प्राचीन काल में चिकित्सा के क्षेत्र में किए गए अध्ययनों से प्राप्त हुई होगी। जैसा कि पाठ में संकेत दिया गया है, शायद वैद्य (चिकित्सक) चरक जैसे विद्वानों ने किसी व्यक्ति के मृत शरीर की चीड़-फाड़ (विच्छेदन) करके शरीर की संरचना, अंगों और उनके कार्यों का गहन अध्ययन किया होगा। इस प्रकार के अध्ययन से ही शरीर विज्ञान (anatomy) का ज्ञान विकसित होता है, जिससे शरीर के विभिन्न भागों और उनके कार्यों के बारे में विस्तृत जानकारी मिलती है।

प्रश्न 5

एटलस में चीन को देखो। लगभग 3500 साल पहले हम यहाँ की लेखन कला के सबसे पुराने उदाहरण पाते हैं। यह जानवरों की हड्डियों पर लिखा गया था। इन्हें भविष्यवाणी करने वाली हड्डियाँ कहा जाता है, क्योंकि यह मान्यता थी कि ये भविष्य बताती हैं। राजा लोग लिपिकारों से इन हड्डियों पर सवाल लिखवाते थे-क्या वे युद्ध जीतेंगे? क्या फसलें अच्छी होंगी? क्या उन्हें पुत्र होंगे? फिर इन हड्डियों को आग में डाल दिया जाता था, जहाँ इनमें गर्मी से चटककर दरारें पड़ जाती थीं। भविष्यवक्ता इन दरारों को बड़े ध्यान से देखकर भविष्यवाणी करने की कोशिश करते थे। ये राजा शहरों में महल बनाकर रहते थे। उन्होंने बेशुमार दौलत इकट्ठी कर ली थी जिनमें बड़े-बड़े नक्काशी किए हुए काँसे के बर्तन शामिल थे, लेकिन वे लोहे का इस्तेमाल करना नहीं जानते थे। ऋग्वेद के राजा और इन राजाओं के बीच कोई एक फ़र्क बताइए।
Solution: ऋग्वेद के राजा और चीन के प्राचीन राजाओं के बीच एक मुख्य फ़र्क उनकी जीवन शैली और निवास स्थान से संबंधित है। ऋग्वेद के राजा बड़ी राजधानियों या महलों में नहीं रहते थे, बल्कि वे संभवतः छोटे समुदायों या बस्तियों में रहते थे। इसके विपरीत, चीन के लगभग 3500 साल पहले के राजा शहरों में भव्य महल बनाकर रहते थे और उन्होंने काफी दौलत जमा कर ली थी, जिसमें नक्काशीदार कांसे के बर्तन भी शामिल थे।

प्रश्न 6 (कल्पना करो)

कल्पना करो कि तुम 3000 वर्ष पहले के इनामगाँव में रहती हो। पिछली रात सरदार की मृत्यु हो गई। आज, तुम्हारे माता-पिता दफ़न की तैयारी कर रहे हैं। यह बताते हुए सारे दृश्य का वर्णन करो कि अंतिम संस्कार के लिए कैसे भोजन तैयार किया जा रहा है। तुम्हें क्या लगता है, खाने में क्या दिया जाएगा?
Solution: आज का दिन बहुत भारी है। कल रात हमारे सरदार का देहांत हो गया। हमारे घर के आँगन में, जहाँ वे हमेशा बैठते थे, उनके लिए एक बड़ा गड्ढा खोदा जा रहा है। यह गड्ढा हमारे घर के बीचों-बीच है, क्योंकि सरदार का घर बस्ती के केंद्र में है। मेरे माता-पिता और गाँव के कुछ बड़े-बुजुर्ग मिलकर तैयारी कर रहे हैं। सरदार के शव को एक बड़े, चार पैरों वाले मिट्टी के संदूक में रखा जाएगा। यह संदूक खास तौर पर उनके लिए बनाया गया है। इस संदूक को गड्ढे में उतारा जाएगा और फिर ऊपर से मिट्टी से ढक दिया जाएगा। अंतिम संस्कार के साथ-साथ, हम सरदार का पसंदीदा भोजन भी तैयार कर रहे हैं। मुझे लगता है कि आज माँ उनके लिए उनकी पसंदीदा दाल, गेहूँ की रोटी और शायद कुछ भुनी हुई सब्जियाँ बनाएंगी। वे शायद कुछ फल भी रखेंगे। यह सब इसलिए किया जा रहा है ताकि सरदार को परलोक में भी भोजन मिलता रहे। इसके अलावा, उनकी कुछ कीमती वस्तुएँ और जो चीजें उन्हें बहुत प्रिय थीं, वे भी उनके साथ दफनाई जाएँगी, ताकि वे वहाँ भी उनका उपयोग कर सकें। पूरा गाँव आज उदास है, लेकिन हम सरदार को सम्मानपूर्वक विदा करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं।

प्रश्न 7 (आओ याद करें)

निम्नलिखित को सुमेलित करो:

सूक्त रथ यज्ञ दास महापाषाण

सजाए गए पत्थर

अनुष्ठान

युद्ध में प्रयोग किया जाता था

अच्छी तरह से बोला गया

गुलाम

Solution: निम्नलिखित का सही सुमेलन इस प्रकार है:
  • सूक्त - अच्छी तरह से बोला गया
  • रथ - युद्ध में प्रयोग किया जाता था
  • यज्ञ - अनुष्ठान
  • दास - गुलाम
  • महापाषाण - सजाए गए पत्थर
यह सुमेलन ऋग्वेदिक काल से संबंधित विभिन्न शब्दों और उनके अर्थों को स्पष्ट करता है।

प्रश्न 8

वाक्यों को पूरा करो:

(क) ..... के लिए दासों का इस्तेमाल किया जाता था।

(ख) ..... में महापाषाण पाए जाते हैं।

(ग) जमीन पर गोले में लगाए गए पत्थर या चट्टान ...... का काम करते थे।

Solution: वाक्यों को पूरा करने पर वे इस प्रकार होंगे:

(क) काम-काज के लिए दासों का इस्तेमाल किया जाता था। (ऋग्वेद में दासों का उल्लेख मिलता है, जिन्हें अक्सर काम करने के लिए इस्तेमाल किया जाता था।)

(ख) दक्षिण भारत में महापाषाण पाए जाते हैं। (महापाषाणों के निर्माण की प्रथा विशेष रूप से दक्षिण भारत में प्रचलित थी।)

(ग) जमीन पर गोले में लगाए गए पत्थर या चट्टान महापाषाणों का काम करते थे। (ये पत्थर या चट्टानें मृतकों के स्थान को चिन्हित करने के लिए उपयोग की जाती थीं।)

Common mistakes

  • महापाषाण निर्माण के कार्यों को गलत क्रम में रखना।
  • हड़प्पा सभ्यता में लोहे के उपयोग के बारे में गलत धारणा रखना।
  • प्राचीन राजाओं की जीवन शैली और संसाधनों के बारे में भ्रमित होना।

Revision tips

  • महापाषाण निर्माण के चरणों को याद करने के लिए एक फ्लोचार्ट बनाएं।
  • हड़प्पा और चीन के राजाओं के बीच मुख्य अंतरों की एक तालिका बनाएं।
  • इनामगाँव की दफ़नाने की प्रथाओं को चित्रित करने का प्रयास करें।

Practice MCQs

Q1. महापाषाणों के निर्माण के लिए लोगों को सबसे पहले कौन सा कार्य करना पड़ता था?

Q2. क्या हड़प्पा के शहरों में लोहे का प्रयोग होता था?

Q3. चीन में भविष्यवाणी करने वाली हड्डियों पर क्या लिखा जाता था?

Q4. ऋग्वेद के राजाओं की तुलना में चीन के प्राचीन राजाओं के बारे में क्या सत्य है?

Q5. इनामगाँव में सरदार को किस प्रकार के संदूक में दफनाया गया था?

Frequently asked questions

कक्षा 6 के इतिहास के अध्याय 5 का मुख्य विषय क्या है?

अध्याय 5, 'क्या बताती हैं हमें किताबें और कब्रें', प्राचीन काल की पुरातात्विक और साहित्यिक साक्ष्यों के माध्यम से इतिहास को समझने पर केंद्रित है। यह महापाषाण काल, हड़प्पा सभ्यता, चीन की प्राचीन लेखन कला और ऋग्वेद के समय के बारे में जानकारी देता है।

महापाषाण क्या हैं और उनके निर्माण में क्या शामिल था?

महापाषाण बड़े पत्थर होते थे जिन्हें प्राचीन काल में लोगों को दफ़नाने के स्थानों को चिन्हित करने के लिए इस्तेमाल किया जाता था। इनके निर्माण में गड्ढे खोदना, पत्थरों को ढोकर लाना, उन्हें तराशना और मरे हुए को दफ़नाना जैसे कार्य शामिल थे।

क्या हड़प्पा सभ्यता में लोहे का उपयोग होता था?

नहीं, हड़प्पा सभ्यता के शहरों में लोहे का प्रयोग नहीं होता था। वे मुख्य रूप से तांबे और कांसे जैसी धातुओं का उपयोग करते थे।

चीन में 'भविष्यवाणी करने वाली हड्डियाँ' क्या थीं?

ये जानवरों की हड्डियाँ थीं जिन पर राजा भविष्य से संबंधित प्रश्न लिखवाते थे। इन हड्डियों को आग में डालकर उनमें पड़ी दरारों से भविष्य का अनुमान लगाया जाता था।

ऋग्वेद के राजा और चीन के प्राचीन राजाओं में क्या मुख्य अंतर था?

ऋग्वेद के राजा बड़े राजधानियों या महलों में नहीं रहते थे, जबकि चीन के राजा शहरों में महल बनाकर रहते थे और उनके पास काफी दौलत होती थी।

ये NCERT समाधान कक्षा 6 के छात्रों की परीक्षा की तैयारी में कैसे मदद करेंगे?

ये समाधान प्रत्येक प्रश्न के उत्तर को विस्तृत और स्पष्ट तरीके से समझाते हैं, जिससे छात्रों को अवधारणाओं को बेहतर ढंग से समझने और याद रखने में मदद मिलती है। यह परीक्षा में पूछे जाने वाले संभावित प्रश्नों के प्रकारों से भी परिचित कराता है।

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