कक्षा 6 इतिहास: पाठ 12 - इमारतें, चित्र तथा किताबें NCERT समाधान

NCERT Solutions PDF Class 6 PDF

यह पृष्ठ कक्षा 6 के लिए 'हमारे अतीत' (इतिहास) की पाठ्यपुस्तक के पाठ 12, 'इमारतें, चित्र तथा किताबें' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रदान करता है। इसमें मंदिरों और स्तूपों के निर्माण की प्रक्रिया, कालिदास की प्रकृति प्रेम, रामायण और महाभारत के विभिन्न रूपांतरों, प्राचीन पांडुलिपियों के निर्माण और कागज के आविष्कार जैसे महत्वपूर्ण विषयों को शामिल किया गया है। समाधानों को स्पष्ट और समझने योग्य तरीके से प्रस्तुत किया गया है, जिससे छात्रों को इन ऐतिहासिक अवधारणाओं को गहराई से समझने में मदद मिलेगी। यह सामग्री परीक्षा की तैयारी और विषय की बेहतर समझ के लिए एक उत्कृष्ट संसाधन है।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 6
Subjectहमारे अतीत
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter12. इमारतें: चित्र तथा किताबें

Chapter summary

कक्षा 6 के इतिहास के पाठ 12 'इमारतें, चित्र तथा किताबें' के NCERT समाधानों में प्राचीन भारत की वास्तुकला, साहित्य और लेखन सामग्री पर ध्यान केंद्रित किया गया है। इसमें स्तूपों और मंदिरों के निर्माण चरणों, कालिदास जैसे कवियों के योगदान, महाकाव्यों के क्षेत्रीय रूपांतरों और कागज के आविष्कार की प्रक्रिया व इतिहास को समझाया गया है। ये समाधान छात्रों को प्राचीन काल की कला, संस्कृति और ज्ञान के प्रसार को समझने में सहायता करते हैं।

Learning outcomes

  • मंदिरों और स्तूपों के निर्माण की प्रक्रिया को समझना।
  • कालिदास की रचनाओं और प्रकृति प्रेम के संबंध को पहचानना।
  • महाभारत और रामायण के विभिन्न क्षेत्रीय रूपांतरों के महत्व को जानना।
  • प्राचीन पांडुलिपियों के निर्माण की विधियों का अध्ययन करना।
  • कागज के आविष्कार के इतिहास और प्रक्रिया को समझना।

Topics covered

Paper topics

  • मंदिरों और स्तूपों का निर्माण
  • कालिदास और प्रकृति प्रेम
  • महाभारत और रामायण के रूपांतर
  • प्राचीन पांडुलिपियाँ
  • भोजपत्र और ताड़पत्र
  • कागज का आविष्कार
  • काई लून
  • चीनी कागज बनाने की विधि
  • तमिल महाकाव्य
  • आर्यभट्ट और गणित
  • पुराणों की कहानियाँ
  • वाल्मीकि और संस्कृत रामायण

Important topics

  • मंदिरों और स्तूपों का निर्माण
  • कागज का आविष्कार और विधि
  • प्राचीन पांडुलिपियों का निर्माण
  • महाभारत और रामायण के रूपांतर
  • तमिल महाकाव्य

PDF preview

Read page by page below. PDF is streamed from the official NCERT website — no download button on this page.

Loading document …
Page of
Loading page …

Questions and Solutions

प्रश्न 1

अध्याय 9 के पृष्ठ 91 पर दिए गए चित्र की तरह तुम भी मंदिरों तथा स्तूपों के निर्माण के दौरान आने वाले विभिन्न चरणों का चित्र बनाओ। (एन०सी०ई०आर०टी० पाठ्यपुस्तक, पेज-126)
Solution: यह एक रचनात्मक प्रश्न है जिसमें छात्रों को मंदिरों और स्तूपों के निर्माण की प्रक्रिया को चित्रों के माध्यम से दर्शाना है। निर्माण प्रक्रिया में निम्नलिखित चरण शामिल हो सकते हैं:
  1. योजना बनाना और नक्शा तैयार करना।
  2. सामग्री जुटाना (पत्थर, ईंटें, लकड़ी आदि)।
  3. नींव खोदना और मजबूत करना।
  4. दीवारें और स्तंभ खड़े करना।
  5. छत और गुंबद का निर्माण।
  6. सजावट और नक्काशी का कार्य।
  7. गर्भगृह, मण्डप और प्रदक्षिणापथ जैसे विशिष्ट भागों का निर्माण।
  8. स्तूपों के मामले में, टीले का निर्माण और उसके ऊपर रेलिंग व छत्र लगाना।
छात्र इन चरणों को दर्शाते हुए चित्र बना सकते हैं।

प्रश्न 2

क्या तुम्हें लगता है कि कालिदास को प्रकृतिप्रेमी कहा जा सकता है? (एन॰सी॰ई॰आर॰टी॰ पाठ्यपुस्तक, पेज-128)
Solution: हाँ, कालिदास को निश्चित रूप से प्रकृतिप्रेमी कहा जा सकता है। उनकी रचनाओं, जैसे 'अभिज्ञानशाकुन्तलम्', में प्रकृति का अत्यंत सुंदर और सजीव वर्णन मिलता है। उन्होंने पेड़-पौधों, पशु-पक्षियों, नदियों और ऋतुओं का मानवीकरण करते हुए उनका काव्यात्मक चित्रण किया है। उनके नाटकों और कविताओं में प्रकृति केवल पृष्ठभूमि नहीं है, बल्कि पात्रों की भावनाओं और घटनाओं से गहराई से जुड़ी हुई है। यह प्रकृति के प्रति उनके गहरे प्रेम और अवलोकन को दर्शाता है।

प्रश्न 3

इस उपमहाद्वीप के विभिन्न भागों में महाभारत और रामायण के भिन्न-भिन्न रूपांतर लोकप्रिय हैं। इनके आधार पर नाटक, गीत और नृत्य परंपराएँ भी उभरीं। पता करो तुम्हारे राज्य में कौन-सा रूपांतर प्रचलित है। (एन०सी॰ई॰आर॰टी॰ पाठ्यपुस्तक, पेज-129)
Solution: यह प्रश्न छात्रों को अपने स्थानीय परिवेश से जुड़ने और सांस्कृतिक विविधता को समझने के लिए प्रोत्साहित करता है। महाभारत और रामायण के कई क्षेत्रीय रूपांतर हैं, जैसे कि बंगाल में 'कृत्तिवास रामायण', असम में 'शंकरदेव का रामायण', दक्षिण भारत में 'कंब रामायण' आदि। इसी प्रकार, महाभारत के भी विभिन्न क्षेत्रीय संस्करण और लोक कथाएँ प्रचलित हैं। छात्रों को अपने राज्य में प्रचलित किसी विशेष रूपांतर, उससे संबंधित लोकगीतों, नाटकों या नृत्य शैलियों के बारे में पता लगाना चाहिए और कक्षा में साझा करना चाहिए।

प्रश्न 4

क्या तुम बता सकते हो कि इसमें कहानी का कौन-सा हिस्सा दिखाया गया है? यह हिस्सा क्यों चुना गया होगा? (एन॰सी॰ई॰आर॰टी॰ पाठ्यपुस्तक, पेज-130)
Solution: चित्र में संभवतः राजा को अपनी प्रजा के साथ आमों का आनंद लेते हुए या प्रजा की भलाई के लिए कार्य करते हुए दिखाया गया है। इस हिस्से को इसलिए चुना गया होगा ताकि यह संदेश दिया जा सके कि राजा अपनी प्रजा के प्रति उत्तरदायी था और उनके सुख-दुख में सहभागी था। यह दर्शाता है कि एक अच्छे शासक का कर्तव्य अपनी प्रजा का ध्यान रखना और उनके साथ मिलकर शासन करना है। यह चित्र राजा और प्रजा के बीच सौहार्दपूर्ण संबंध को भी उजागर करता है।

प्रश्न 5

रोम के निवासी शून्य का प्रयोग किए बगैर गिनती करते थे। उसके बारे में और भी जानकारी हासिल करने की कोशिश करो। (एन॰सी॰ई॰आर॰टी॰ पाठ्यपुस्तक, पेज-131)
Solution: रोम के निवासी गिनती के लिए रोमन अंकों (I, V, X, L, C, D, M) का प्रयोग करते थे, जो कि एक योगात्मक (additive) और व्यवकलनात्मक (subtractive) प्रणाली थी। इस प्रणाली में शून्य (0) का प्रयोग नहीं होता था। उदाहरण के लिए, 1 को 'I', 5 को 'V', 10 को 'X', 50 को 'L', 100 को 'C', 500 को 'D', और 1000 को 'M' से दर्शाया जाता था। संख्याओं को इन प्रतीकों के संयोजन से बनाया जाता था, जैसे 4 को 'IV' (5-1) और 9 को 'IX' (10-1) लिखा जाता था। शून्य के अभाव के कारण इस प्रणाली में बड़ी संख्याओं को लिखना और गणना करना जटिल हो जाता था, जो भारतीय अंक प्रणाली की तुलना में कम विकसित थी।

प्रश्न 6

कागज का आविष्कार कब किसने और कहाँ किया था? (एन॰सी॰ई॰आर॰टी॰ पाठ्यपुस्तक, पेज-131)
Solution: कागज का आविष्कार आज से लगभग 1900 साल पहले चीन में 'काई लून' नामक व्यक्ति ने किया था। यह एक महत्वपूर्ण आविष्कार था जिसने ज्ञान और सूचना के प्रसार में क्रांति ला दी।

प्रश्न 7

काई लून ने कागज किस विधि से तैयार किया था? (एन॰सी॰ई॰आर॰टी॰ पाठ्यपुस्तक, पेज-131)
Solution: काई लून ने कागज बनाने के लिए पौधों के रेशों, पुराने कपड़ों, रस्सियों और पेड़ की छालों को इकट्ठा किया। इन सामग्रियों को पानी में भिगोकर अच्छी तरह पीटा गया, जिससे एक लुगदी (pulp) तैयार हुई। इस लुगदी को फिर एक महीन जाली पर फैलाकर दबाया गया ताकि अतिरिक्त पानी निकल जाए। इसके बाद इसे सुखाकर कागज की शीटें तैयार की गईं। आज भी हाथ से कागज बनाने की प्रक्रिया में इसी मूल विधि का पालन किया जाता है।

प्रश्न 8

प्राचीन भारत की पाण्डुलिपियाँ किस चीज पर तैयार की जाती थीं? (संकेत : अध्याय 1) (एन॰सी॰ई॰आर॰टी॰ पाठ्यपुस्तक, पेज-131)
Solution: प्राचीन भारत में पांडुलिपियाँ मुख्य रूप से ताड़ के पत्तों (ताड़पत्र) पर लिखी जाती थीं। इसके अतिरिक्त, हिमालय क्षेत्र में पाए जाने वाले 'भूर्ज' नामक पेड़ की छाल से भी विशेष प्रकार के भोजपत्र तैयार किए जाते थे, जिन पर पांडुलिपियाँ लिखी जाती थीं। इन सामग्रियों को तैयार करने और उन पर लिखने की एक विशेष विधि होती थी।

प्रश्न 9

कल्पना करो। तुम एक मंदिर के मण्डप में बैठे हो। अपने चारों तरफ़ के दृश्य का वर्णन करो। (एन॰सी॰ई॰आर॰टी॰ पाठ्यपुस्तक, पेज-131)
Solution: यह एक कल्पनात्मक प्रश्न है जिसका उत्तर छात्र अपनी समझ के अनुसार दे सकते हैं। एक मंदिर के मण्डप में बैठकर छात्र निम्नलिखित दृश्यों का वर्णन कर सकते हैं:
  • वातावरण: मंदिर की शांति, घंटियों की आवाज़, मंत्रोच्चार, धूप या अगरबत्ती की सुगंध।
  • आस-पास का दृश्य: मण्डप के खंभे जिन पर नक्काशी हो सकती है, दीवारों पर बने चित्र या मूर्तियाँ, गर्भगृह की ओर जाने का रास्ता, अन्य भक्तगण जो प्रार्थना कर रहे हैं या ध्यान में लीन हैं।
  • प्रकाश: दीपक या मोमबत्तियों की मंद रोशनी, या दिन के समय खिड़कियों से आती हुई प्राकृतिक रोशनी।
  • भावनाएँ: शांति, श्रद्धा, भक्ति और सुकून का अनुभव।
छात्र इन बिंदुओं को मिलाकर अपने शब्दों में एक विस्तृत वर्णन तैयार कर सकते हैं।

प्रश्न 10

निम्नलिखित का सुमेल करो।

स्तूप देवी-देवताओं की मूर्ति स्थापित करने की जगह

शिखर टीला

मण्डप स्तूप के चारों तरफ वृत्ताकार पथ 🕠

गर्भगृह मंदिर में लोगों के इकट्रा होने की जगह

प्रदक्षिणापथ गर्भगृह के ऊपर लंबाई में निर्माण

Solution: यहाँ दिए गए शब्दों और उनके अर्थों का सही सुमेलन इस प्रकार है:
  • स्तूप - टीला
  • शिखर - गर्भगृह के ऊपर लंबाई में निर्माण
  • मण्डप - मंदिर में लोगों के इकट्टा होने की जगह
  • गर्भगृह - देवी-देवताओं की मूर्ति स्थापित करने की जगह
  • प्रदक्षिणापथ - स्तूप के चारों तरफ वृत्ताकार पथ

प्रश्न 11

खाली जगहों को भरो :
  • (क) ..... एक बड़े गणतिज्ञ थे।
  • (ख) . ..... में देवी-देवताओं की कहानियाँ मिलती हैं।
  • (ग) ..... को संस्कृत रामायण का लेखक माना जाता है।
  • (घ) ...... दो तमिल महाकाव्य हैं।
Solution: खाली जगहों को भरने पर वाक्य इस प्रकार होंगे:
  • (क) आर्यभट्ट एक बड़े गणतिज्ञ थे।
  • (ख) पुराणों में देवी-देवताओं की कहानियाँ मिलती हैं।
  • (ग) वाल्मीकी को संस्कृत रामायण का लेखक माना जाता है।
  • (घ) सिलप्पदिकारम्, मणिमेखलई दो तमिल महाकाव्य हैं।

Common mistakes

  • स्तूप और मंदिर के विभिन्न भागों के कार्यों को आपस में मिला देना।
  • पांडुलिपियों के निर्माण में प्रयुक्त सामग्री को गलत बताना।
  • कागज के आविष्कार के स्थान और समय को लेकर भ्रमित होना।

Revision tips

  • पाठ में दिए गए चित्रों को ध्यान से देखें और उनसे संबंधित प्रश्नों के उत्तर समझने का प्रयास करें।
  • विभिन्न इमारतों (मंदिर, स्तूप) और उनके भागों (गर्भगृह, शिखर, प्रदक्षिणापथ) के अर्थ को स्पष्ट करें।
  • कागज के आविष्कार से संबंधित तिथियों और स्थानों को याद करें।
  • महाकाव्यों के क्षेत्रीय रूपांतरों के बारे में अपने राज्य या आसपास के क्षेत्र की जानकारी प्राप्त करें।

Practice MCQs

Q1. स्तूप का क्या अर्थ होता है?

Q2. कालिदास को किस प्रकार का कवि माना जाता है?

Q3. कागज का आविष्कार किस देश में हुआ था?

Q4. प्राचीन भारत में पांडुलिपियाँ मुख्य रूप से किस पर लिखी जाती थीं?

Q5. तमिल महाकाव्य 'सिलप्पदिकारम्' का संबंध किससे है?

Frequently asked questions

कक्षा 6 के इतिहास के पाठ 12 में किन मुख्य विषयों को शामिल किया गया है?

पाठ 12 'इमारतें, चित्र तथा किताबें' में प्राचीन भारत की वास्तुकला (मंदिर, स्तूप), साहित्य (कालिदास, रामायण, महाभारत), और लेखन सामग्री (पांडुलिपियाँ, कागज का आविष्कार) जैसे विषयों को शामिल किया गया है।

कागज का आविष्कार किसने और कब किया था?

पाठ के अनुसार, कागज का आविष्कार करीब 1900 साल पहले काई लून नामक व्यक्ति ने चीन में किया था।

प्राचीन भारत में लिखने के लिए किन सामग्रियों का उपयोग किया जाता था?

प्राचीन भारत में लिखने के लिए मुख्य रूप से ताड़पत्रों और हिमालय क्षेत्र में उगने वाले भूर्ज नामक पेड़ की छाल से तैयार भोजपत्र का उपयोग किया जाता था।

क्या रामायण और महाभारत के केवल एक ही संस्करण हैं?

नहीं, पाठ बताता है कि इस उपमहाद्वीप के विभिन्न भागों में महाभारत और रामायण के भिन्न-भिन्न रूपांतर लोकप्रिय हैं, जिनके आधार पर नाटक, गीत और नृत्य परंपराएँ भी विकसित हुई हैं।

ये NCERT समाधान छात्रों की परीक्षा की तैयारी में कैसे मदद करते हैं?

ये समाधान पाठ के प्रत्येक प्रश्न का विस्तृत और स्पष्ट उत्तर प्रदान करते हैं, जिससे छात्रों को अवधारणाओं को समझने, महत्वपूर्ण तथ्यों को याद रखने और परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रश्नों के प्रकारों से परिचित होने में मदद मिलती है।

क्या पाठ में किसी गणितज्ञ का उल्लेख है?

हाँ, पाठ में आर्यभट्ट का उल्लेख एक बड़े गणितज्ञ के रूप में किया गया है।

Content reviewed by the NCERT Help team. Editorial Team and update policy

NCERT Solutions PDF PDF on NCERT Help. URL unchanged for search indexing.