कक्षा 6 हिंदी दूर्वा पाठ 27: व्यर्थ की शंका - NCERT समाधान

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यह पृष्ठ कक्षा 6 की हिंदी पुस्तक 'दूर्वा भाग 1' के पाठ 27, 'व्यर्थ की शंका' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। इस पाठ में एक दंपत्ति और उनके पालतू नेवले की कहानी है, जहाँ पत्नी की व्यर्थ की शंका के कारण एक दुखद घटना घटती है। समाधानों में पाठ के मुख्य प्रश्नों के उत्तर दिए गए हैं, जो छात्रों को कहानी के पात्रों के विचारों, भावनाओं और कार्यों को समझने में मदद करते हैं। यह विशेष रूप से इस बात पर प्रकाश डालता है कि कैसे बिना सोचे-समझे की गई कार्रवाई के गंभीर परिणाम हो सकते हैं। ये समाधान छात्रों को कहानी के नैतिक मूल्यों को आत्मसात करने और परीक्षा की तैयारी में सहायता करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 6
Subjectहिंदी
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
ChapterDoorva Part – 1 - पाठ 27: ब्यर्थ की शंका

Chapter summary

कक्षा 6 की हिंदी पुस्तक 'दूर्वा भाग 1' के पाठ 27 'व्यर्थ की शंका' के NCERT समाधान छात्रों को एक महत्वपूर्ण कहानी के माध्यम से संवाद और विश्वास के महत्व को समझने में मदद करते हैं। समाधानों में दिए गए प्रश्न-उत्तर छात्रों को पात्रों के दृष्टिकोण, विशेष रूप से पत्नी की व्यर्थ की शंका और उसके परिणामों को समझने में सहायता करते हैं। यह पाठ सिखाता है कि कैसे गलतफहमी और जल्दबाजी में लिए गए निर्णय दुखद हो सकते हैं। ये समाधान छात्रों को कहानी के सार को पकड़ने और परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण बिंदुओं को याद रखने में मदद करते हैं।

Learning outcomes

  • पाठ 'व्यर्थ की शंका' के मुख्य पात्रों के संवादों को पहचानना।
  • पत्नी की व्यर्थ की शंका के कारणों और परिणामों का विश्लेषण करना।
  • नेवले के कार्यों और उसके प्रति पत्नी की प्रतिक्रिया के बीच संबंध को समझना।
  • कहानी से प्राप्त नैतिक शिक्षा को अपने शब्दों में व्यक्त करना।
  • बिना सोचे-समझे कार्य करने के खतरों को समझना।

Topics covered

Paper topics

  • व्यर्थ की शंका
  • पात्रों के संवाद
  • नेवले की वफादारी
  • शंका के परिणाम
  • सोच-समझकर निर्णय लेना
  • कहानी का नैतिक
  • दूर्वा भाग 1
  • कक्षा 6 हिंदी

Important topics

  • पत्नी की व्यर्थ की शंका और उसके परिणाम
  • नेवले का वफादार कार्य
  • कहानी का मुख्य नैतिक संदेश
  • पात्रों के संवादों की पहचान

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Questions and Solutions

प्रश्न 1:

**नीचे दिए गए कथन किसके हैं? कथनों को सही व्यक्ति से मिलाइए:**
  1. तू तो मेरा राजा बेटा है।
  2. सुनो..., मैं पानी लेने जा रही हूँ।
  3. अपनी बहन का ध्यान रखना।
  4. माँ मुझ पर बहुत प्रसन्न होगी।
  5. हाय! हाय! यह मैंने क्या कर डाला।
  6. कोई भी काम सोच-समझकर ही करना चाहिए ।
Solution:

यह प्रश्न पाठ में आए विभिन्न संवादों को पात्रों से मिलाने के लिए है। यहाँ सही मिलान दिया गया है:

  1. 1. तू तो मेरा राजा बेटा है। - यह कथन नेवले का है, जब वह बच्ची को बचाने के बाद अपनी वफादारी जताता है।
  2. 2. सुनो..., मैं पानी लेने जा रही हूँ। - यह कथन स्त्री (पत्नी) का है, जब वह पानी लेने जाती है और नेवले को बच्ची के पास छोड़ जाती है।
  3. 3. अपनी बहन का ध्यान रखना। - यह कथन स्त्री (पत्नी) का है, जब वह अपने पति से बच्ची की देखभाल करने के लिए कहती है।
  4. 4. माँ मुझ पर बहुत प्रसन्न होगी। - यह कथन नेवले का है, जब वह बच्ची को साँप से बचाकर लाता है और सोचता है कि माँ खुश होगी।
  5. 5. हाय! हाय! यह मैंने क्या कर डाला। - यह कथन स्त्री (पत्नी) का है, जब उसे अपनी गलती का एहसास होता है कि उसने नेवले को बेवजह मार डाला।
  6. 6. कोई भी काम सोच-समझकर ही करना चाहिए । - यह कथन पति का है, जो अपनी पत्नी को समझाता है कि उसने जल्दबाजी में गलती की।

प्रश्न 2:

**निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए:**
  1. स्त्री के मन में नेवले के बारे में क्या संदेह था?
  2. पति ने पत्नी को नेवले के बारे में क्या समझाया?
  3. जब साँप बच्ची के पालने की ओर आता दिखा तो नेवले ने क्या किया?
  4. स्त्री फूट-फूटकर क्यों रोने लगी?
  5. दंपति, नेवले को जीवन भर क्यों नहीं भूल पाए?
Solution:
  1. स्त्री के मन में नेवले के बारे में क्या संदेह था? स्त्री के मन में यह गहरा संदेह था कि पालतू नेवला उसकी नवजात बेटी से ईर्ष्या करता है और उसे नुकसान पहुँचा सकता है। उसने नेवले को बच्ची के पास अकेले देखकर गलत अनुमान लगा लिया।
  2. पति ने पत्नी को नेवले के बारे में क्या समझाया? पति ने अपनी पत्नी को समझाया कि नेवला और उनकी बेटी दोनों ही उनके बच्चे हैं और नेवला बच्ची की रक्षा के लिए ही वहाँ था। उसने पत्नी को यह भी समझाया कि नेवला बच्ची से जलता नहीं है, बल्कि वह उसका रक्षक है।
  3. जब साँप बच्ची के पालने की ओर आता दिखा तो नेवले ने क्या किया? जब नेवले ने देखा कि एक काला साँप बच्ची के पालने की ओर बढ़ रहा है, तो उसने बिना किसी हिचकिचाहट के उस पर हमला कर दिया। उसने अपनी जान की परवाह न करते हुए साँप से लड़ाई की और उसे टुकड़ों-टुकड़ों में काटकर मार डाला।
  4. स्त्री फूट-फूटकर क्यों रोने लगी? स्त्री फूट-फूटकर इसलिए रोने लगी क्योंकि उसे अपनी गलती का एहसास हुआ। उसने बिना सच्चाई जाने, केवल अपने संदेह के आधार पर, नेवले पर लाठी से प्रहार करके उसे मार डाला था, जबकि नेवला ही उसकी बेटी का रक्षक था।
  5. दंपति, नेवले को जीवन भर क्यों नहीं भूल पाए? दंपति नेवले को जीवन भर इसलिए नहीं भूल पाए क्योंकि नेवले ने अपनी वफादारी और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय देते हुए अपनी जान की बाजी लगाकर उनकी बेटी को एक खतरनाक साँप से बचाया था। नेवले के इस बलिदान और उसके प्रति किए गए अन्याय को वे कभी नहीं भूल सके।

Common mistakes

  • पात्रों के संवादों को गलत व्यक्ति को आवंटित करना।
  • पत्नी की शंका को उचित ठहराने का प्रयास करना।
  • नेवले के वफादार कार्य को गलत समझना।
  • कहानी के नैतिक संदेश को अनदेखा करना।

Revision tips

  • प्रत्येक संवाद को ध्यान से पढ़ें और सोचें कि यह किस पात्र ने कहा होगा।
  • पत्नी के मन में उत्पन्न शंका के क्रम को समझें।
  • नेवले द्वारा किए गए बचाव कार्य और उसके बाद हुई घटना के बीच के संबंध पर विचार करें।
  • कहानी से मिलने वाली मुख्य सीख को याद रखें: जल्दबाजी में निर्णय न लें।

Practice MCQs

Q1. पत्नी ने नेवले के बारे में क्या संदेह व्यक्त किया?

Q2. जब साँप बच्ची के पालने की ओर बढ़ा, तो नेवले ने क्या किया?

Q3. स्त्री फूट-फूटकर क्यों रोने लगी?

Q4. कहानी का मुख्य संदेश क्या है?

Frequently asked questions

यह समाधान किस कक्षा और विषय के लिए है?

यह समाधान कक्षा 6 के हिंदी विषय के लिए है, जो दूर्वा भाग 1 की पुस्तक के पाठ 27 'व्यर्थ की शंका' पर आधारित है।

पाठ 'व्यर्थ की शंका' में मुख्य पात्र कौन हैं?

पाठ में एक दंपत्ति (पति-पत्नी) और उनका पालतू नेवला मुख्य पात्र हैं। कहानी में एक बच्ची भी है।

पत्नी को नेवले पर क्या संदेह हुआ?

पत्नी को संदेह हुआ कि नेवला उसकी नवजात बेटी से ईर्ष्या करता है और उसे नुकसान पहुँचा सकता है।

कहानी से हमें क्या सीख मिलती है?

कहानी से हमें यह सीख मिलती है कि किसी भी स्थिति में व्यर्थ की शंका नहीं करनी चाहिए और कोई भी कदम उठाने से पहले अच्छी तरह सोच-समझ लेना चाहिए।

क्या ये समाधान परीक्षा की तैयारी में मदद करेंगे?

हाँ, ये समाधान पाठ के महत्वपूर्ण प्रश्नों और उनके उत्तरों को स्पष्ट करते हैं, जिससे छात्रों को परीक्षा की तैयारी में सहायता मिलती है।

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