कक्षा 3 आस-पास: बूँद-बूँद से NCERT समाधान
यह पृष्ठ कक्षा 3 के लिए आस-पास (पर्यावरण अध्ययन) की पाठ्यपुस्तक के अध्याय 20, 'बूँद-बूँद से' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। यह अध्याय पानी के महत्व, विभिन्न स्रोतों से पानी प्राप्त करने की चुनौतियों और पानी को बचाने के तरीकों पर केंद्रित है। समाधानों में माधो के गाँव में पानी की उपलब्धता, टाँके जैसे जल संरक्षण विधियों की व्याख्या, और पानी की बचत के लिए व्यावहारिक सुझाव शामिल हैं। इसमें पानी की बूंदों, चम्मचों, कटोरियों और मगों की गिनती जैसे मजेदार प्रयोग भी शामिल हैं, जो बच्चों को पानी की मात्रा का अनुमान लगाने में मदद करते हैं। ये समाधान छात्रों को पानी के संरक्षण के महत्व को समझने और दैनिक जीवन में इसे लागू करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं, जो परीक्षा की तैयारी के लिए महत्वपूर्ण हैं।
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 3 |
| Subject | आस-पास |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | 20. बूँद-बूँद से |
Chapter summary
कक्षा 3 के आस-पास के लिए 'बूँद-बूँद से' अध्याय के NCERT समाधान पानी के संरक्षण और कुशल उपयोग पर केंद्रित हैं। यह अध्याय विभिन्न समुदायों द्वारा सामना की जाने वाली पानी की कमी की समस्याओं, जल भंडारण की पारंपरिक विधियों जैसे 'टाँके' की व्याख्या, और पानी के प्रत्येक बूंद के महत्व को उजागर करता है। समाधान छात्रों को पानी की मात्रा का अनुमान लगाने के लिए सरल प्रयोगों के माध्यम से मात्रात्मक कौशल विकसित करने में मदद करते हैं और पानी बचाने के लिए व्यावहारिक सुझाव प्रदान करते हैं।
Learning outcomes
- पानी के विभिन्न स्रोतों और पानी प्राप्त करने की चुनौतियों को समझना।
- जल संरक्षण की पारंपरिक विधियों जैसे टाँके के बारे में जानना।
- पानी की मात्रा का अनुमान लगाने के लिए सरल प्रयोगों को समझना।
- पानी बचाने के महत्व को पहचानना और दैनिक जीवन में इसके तरीकों को लागू करना।
- पानी के पुन: उपयोग के विभिन्न तरीकों की पहचान करना।
Topics covered
Paper topics
- पानी के स्रोत
- पानी की कमी
- जल संरक्षण
- टाँके (Rainwater Harvesting)
- पानी की मात्रा का अनुमान
- पानी का पुन: उपयोग
- पानी बचाने के उपाय
- पर्यावरण अध्ययन
- कक्षा 3
- आस-पास
- NCERT समाधान
- जल चक्र
Important topics
- जल संरक्षण के महत्व
- पानी के विभिन्न स्रोत और उनकी उपलब्धता
- पानी बचाने के व्यावहारिक तरीके
- पानी का पुन: उपयोग
- टाँके (Rainwater Harvesting) की अवधारणा
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Questions and Solutions
प्रश्न 1
प्रश्न 2
प्रश्न 3
प्रश्न 4
प्रश्न 5
प्रश्न 6
प्रश्न 7
प्रश्न 8
प्रश्न 9
प्रश्न 10
- नल को उपयोग के बाद हमेशा कसकर बंद करना चाहिए ताकि पानी टपके नहीं।
- ब्रश करते समय, दाँत साफ करते समय या नहाते समय नल को बेवजह खुला नहीं छोड़ना चाहिए।
- नहाने के लिए बाल्टी और मग का इस्तेमाल करना चाहिए, न कि फव्वारे (शावर) का, क्योंकि इससे कम पानी लगता है।
- कपड़े धोने के बाद बचे हुए पानी को फेंकने के बजाय बगीचे के पौधों में डालना चाहिए।
- यदि कहीं पानी का पाइप टूट गया है और पानी बह रहा है, तो उसकी तुरंत मरम्मत करवानी चाहिए।
- बर्तन धोते समय या अन्य कामों में भी पानी की बर्बादी को रोकना चाहिए।
प्रश्न 11
प्रश्न 12
- सब्जियाँ या फल धोने के बाद बचे हुए पानी को पौधों में डाला जा सकता है।
- कपड़े धोने के बाद निकले पानी का उपयोग फर्श (पोंछा) साफ करने के लिए किया जा सकता है।
- हाथ-मुँह धोने के बाद बचे पानी का उपयोग शौचालय फ्लश करने के लिए किया जा सकता है।
प्रश्न 13
पहला उपयोग (सबसे साफ पानी):
- फल-सब्जी धोना
- हाथ-मुँह धोना
- कपड़े धोना (धोने के बाद का पानी)
दूसरा उपयोग (थोड़ा गंदा पानी):
- पोंछा लगाना (कपड़े धोने के पानी से)
- शौचालय में डालना (हाथ-मुँह धोने या फल-सब्जी धोने के पानी से)
तीसरा उपयोग (कम साफ पानी):
- पौधों में डालना (सब्जी धोने या हाथ-मुँह धोने के पानी से)
Common mistakes
- पानी के महत्व को कम आंकना।
- पानी बर्बाद करने वाले कार्यों को जारी रखना।
- जल संरक्षण के सरल उपायों को अनदेखा करना।
- पानी के पुन: उपयोग की संभावनाओं को न समझना।
Revision tips
- पानी के विभिन्न स्रोतों और उनसे जुड़ी समस्याओं पर ध्यान केंद्रित करें।
- पानी बचाने के लिए दिए गए सभी सुझावों को याद करें।
- पानी की मात्रा के अनुमान वाले प्रयोगों को समझें।
- पानी के पुन: उपयोग के तरीकों पर चर्चा करें।
Practice MCQs
Q1. माधो के गाँव के लोग पीने का पानी मुख्य रूप से कहाँ से लाते थे?
Explanation: पाठ के अनुसार, माधो के गाँव के लोग पीने का पानी एक दूर स्थित तालाब से लाते थे।
Q2. टाँके का पानी पीने के काम क्यों आता है?
Explanation: टाँके में पानी को छानकर इकट्ठा किया जाता है, जिससे वह पीने के लिए साफ और सुरक्षित रहता है।
Q3. पानी की बचत के लिए क्या करना चाहिए?
Explanation: पानी की बचत के लिए सबसे महत्वपूर्ण है कि नल को उपयोग के बाद कसकर बंद किया जाए ताकि पानी बर्बाद न हो।
Q4. सब्जी धोने के बाद बचे पानी का उपयोग किस काम में किया जा सकता है?
Explanation: सब्जी धोने के बाद बचे पानी को पौधों में डालना एक अच्छा तरीका है जिससे पानी का पुन: उपयोग होता है।
Q5. एक चम्मच में लगभग कितनी बूँदें होती हैं, जैसा कि प्रयोग में दिखाया गया है?
Explanation: पाठ में दिए गए प्रयोग के अनुसार, एक चम्मच में लगभग पाँच बूँदें आती हैं।
Frequently asked questions
यह NCERT समाधान किस कक्षा और विषय के लिए है?
यह NCERT समाधान कक्षा 3 के आस-पास (पर्यावरण अध्ययन) विषय के लिए है।
इस अध्याय 'बूँद-बूँद से' में मुख्य रूप से क्या सिखाया गया है?
इस अध्याय में पानी के महत्व, पानी की कमी की समस्याओं, पानी को बचाने के तरीकों और पानी के पुन: उपयोग के बारे में सिखाया गया है।
क्या इन समाधानों में पानी की मात्रा मापने के बारे में कुछ है?
हाँ, इन समाधानों में एक चम्मच, कटोरी और मग में पानी की मात्रा का अनुमान लगाने के लिए सरल प्रयोग शामिल हैं।
पानी बचाने के कुछ तरीके क्या हैं?
पानी बचाने के तरीकों में नल को कसकर बंद करना, नहाने के लिए बाल्टी का उपयोग करना, और बर्तन या सब्जियां धोने के बाद बचे पानी का पौधों में उपयोग करना शामिल है।
टाँके क्या होता है और यह क्यों महत्वपूर्ण है?
टाँका वर्षा जल को इकट्ठा करने का एक पारंपरिक तरीका है। यह पानी को साफ रखता है और पीने या अन्य उपयोगों के लिए उपलब्ध कराता है, खासकर उन क्षेत्रों में जहाँ पानी की कमी है।
ये समाधान परीक्षा की तैयारी में कैसे मदद करेंगे?
ये समाधान अध्याय की अवधारणाओं को स्पष्ट करते हैं, पानी के संरक्षण के महत्व पर जोर देते हैं, और व्यावहारिक सुझाव प्रदान करते हैं, जो परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रश्नों के उत्तर देने में सहायक होते हैं।
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