CBSE Class 3 आस-पास: आओ बनाएँ बर्तन - NCERT Solutions

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This chapter, 'आओ बनाएँ बर्तन' (Let's Make Pots), from CBSE Class 3's आस-पास textbook, delves into the fascinating world of pottery. Through a story about a crow needing a pot, students explore the necessity of earthen vessels for storing water and other essentials. The solutions explain the various people and materials involved in making a kulhad (earthen cup), from the miner and the clay to the potter and the kiln. It highlights the transformation of raw clay into durable pots through baking. The chapter also touches upon the historical use of natural materials like leaves as alternatives before the invention of pottery. These NCERT Solutions provide clear, step-by-step answers to all questions, aiding students in understanding the entire process and the importance of these traditional crafts, making exam revision effective and engaging.

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 3
Subjectआस-पास
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter15. आओ बनाएँ बर्तन

Chapter summary

Chapter 15, 'आओ बनाएँ बर्तन', focuses on the creation and utility of earthen pots. The NCERT Solutions cover the crow's need for a kulhad, the collaborative effort in pottery making, the materials and tools used by potters (like clay and a potter's wheel), and the process of firing pots to make them waterproof. It also discusses historical alternatives and the impact of losing all modern utensils. These solutions simplify the concepts for Class 3 students, making the learning process interactive.

Learning outcomes

  • Understand why earthen pots (kulhads) are useful.
  • Identify the different people and materials involved in making pottery.
  • Explain the basic process of making an earthen pot.
  • Recognize the importance of firing clay to make it durable.
  • Discuss historical alternatives to pottery.
  • Appreciate the role of utensils in daily life.

Topics covered

Paper topics

  • मिट्टी के बर्तन (Earthen Pots)
  • कुल्हड़ बनाना (Making Kulhad)
  • कुम्हार का काम (Potter's Work)
  • मिट्टी के गुण (Properties of Clay)
  • बर्तन बनाने की प्रक्रिया (Process of Making Utensils)
  • आग में पकाना (Firing in Kiln)
  • पानी का भंडारण (Water Storage)
  • ऐतिहासिक बर्तन (Historical Utensils)
  • प्राकृतिक सामग्री का उपयोग (Use of Natural Materials)

Important topics

  • कुल्हड़ बनाने की प्रक्रिया
  • मिट्टी को आग में पकाने का महत्व
  • कुम्हार और उसके औजार
  • बर्तनों की आवश्यकता और उपयोग
  • ऐतिहासिक बर्तन विकल्प

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Questions and Solutions

प्रश्न 1

कौए को कुल्हड़ की जरूरत क्यों पड़ी?
Solution: कौए को प्यास लगी थी और वह अपनी चोंच धोना चाहता था। इसके लिए उसे पानी की आवश्यकता थी, और पानी रखने के लिए उसे एक कुल्हड़ की जरूरत पड़ी। इस प्रकार, कौए को पानी भरने और अपनी चोंच धोने के लिए कुल्हड़ की आवश्यकता थी।

प्रश्न 2

एक कुल्हड़ बनाने में किन-किन लोगों ने कौए की मदद की?
Solution: कुल्हड़ बनाने की प्रक्रिया में कई लोगों और चीजों ने कौए की मदद की। इसमें शामिल थे: लोहार (जिन्होंने औजार बनाए होंगे), खदान (जहाँ से मिट्टी निकाली जाती है), मिट्टी (मुख्य कच्चा माल), और कुम्हार (जो बर्तन बनाता है)। इन सभी के सहयोग से कुल्हड़ का निर्माण संभव हुआ।

प्रश्न 3

कुल्हड़ बनाने के लिए कुम्हार को किस-किस सामान की जरूरत पड़ी?
Solution: कुल्हड़ बनाने के लिए कुम्हार को मुख्य रूप से दो चीजों की आवश्यकता पड़ी: पहली, चिकनी मिट्टी, जो बर्तन का मुख्य ढाँचा बनाती है; और दूसरी, चाक, जो एक पहिये जैसा उपकरण है जिस पर मिट्टी को घुमाकर बर्तन का आकार दिया जाता है।

प्रश्न 4

क्या तुम्हारे घर में मिट्टी के बर्तन हैं? कौन-कौन से?
Solution: हाँ, मेरे घर में मिट्टी के बर्तन हैं। आमतौर पर घरों में मिट्टी के गमले पाए जाते हैं, जिनमें पौधे लगाए जाते हैं। कुछ घरों में पानी रखने के लिए मटके या सुराही भी मिट्टी की होती है।

प्रश्न 5

अगर तुम्हें कोई चिकनी मिट्टी दे, तो क्या तुम कोई बर्तन बना पाओगे?
Solution: चिकनी मिट्टी मिलने पर भी, मैं शायद कोई बर्तन नहीं बना पाऊँगा। बर्तन बनाने के लिए केवल मिट्टी ही काफी नहीं है, बल्कि उसे सही आकार देने के लिए चाक जैसी कला और अनुभव की भी आवश्यकता होती है। बिना प्रशिक्षण के मिट्टी से सुंदर और उपयोगी बर्तन बनाना बहुत मुश्किल है।

प्रश्न 1

अगर इन बर्तनों में पानी डालकर रात भर रखो, तो क्या होगा?
Solution: यदि इन मिट्टी के बर्तनों (जिन्हें आग में नहीं पकाया गया है) में पानी डालकर रात भर रखा जाए, तो मिट्टी पानी को सोख लेगी। इससे बर्तन नरम हो जाएँगे, अपना आकार खो देंगे और अंततः गलकर टूट जाएँगे।

प्रश्न 2

हम अपने घर या स्कूल में मटके में पानी रखते हैं। वह मटका पानी से गल क्यों नहीं जाता?
Solution: हम जो मटके या कुल्हड़ इस्तेमाल करते हैं, वे पानी से इसलिए नहीं गलते क्योंकि कुम्हार उन्हें बनाने के बाद आग में बहुत अच्छी तरह पकाता है। आग में पकने की प्रक्रिया से मिट्टी के कण आपस में मजबूती से जुड़ जाते हैं, जिससे बर्तन कठोर और पानी प्रतिरोधी बन जाता है।

प्रश्न 3

क्या तुमने कभी ईट या बर्तनों को भट्टी में पकाते देखा है?
Solution: मैंने स्वयं ईंटों या बर्तनों को भट्टी में पकते हुए नहीं देखा है। हालाँकि, मुझे पता है कि ईंटें और मिट्टी के बर्तन बनाने के लिए उन्हें भट्टी में पकाया जाता है ताकि वे मजबूत और टिकाऊ बन सकें।

प्रश्न 4

अगर हम सबके पास केवल मिट्टी के बर्तन होते और सारे टूट या गल जाते, तब हम क्या करते?
Solution: यदि हमारे पास केवल मिट्टी के बर्तन होते और वे टूट या गल जाते, तो हमें फिर से नए बर्तन बनाने या खरीदने पड़ते। यह एक निरंतर प्रक्रिया होती, क्योंकि मिट्टी के बर्तन उतने मजबूत नहीं होते जितने धातु या अन्य सामग्री के बर्तन होते हैं। हमें पानी और भोजन के लिए हमेशा नए बर्तनों की व्यवस्था करनी पड़ती।

प्रश्न 5

यदि हमारे पास मिट्टी के बर्तन हों और वे सभी टूट जाएँ अथवा खराब हो जाएँ तो हम क्या करेंगे?
Solution: यदि हमारे पास मिट्टी के बर्तन हों और वे टूट जाएँ या खराब हो जाएँ, तो हम सबसे पहले यह सुनिश्चित करेंगे कि हमारे पास खाने-पीने और अन्य कामों के लिए पर्याप्त बर्तन हों। इसके लिए हम या तो नए मिट्टी के बर्तन खरीदेंगे या फिर से उनका निर्माण करवाएंगे, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि कौन सा विकल्प अधिक सुविधाजनक और आवश्यक है।

प्रश्न 6

बहुत साल पहले जब बर्तन नहीं थे, तब लोग क्या करते थे?
Solution: बहुत साल पहले, जब बर्तन बनाने की कला विकसित नहीं हुई थी, तब लोग खाने-पीने और सामान रखने के लिए प्राकृतिक चीजों का इस्तेमाल करते थे। वे पत्तों को जोड़कर दोने (कटोरी जैसे पात्र) बनाते थे और केले के बड़े पत्तों का उपयोग थाली या चटाई की तरह करते थे।

प्रश्न 7

लोगों ने वर्तन क्यों बनाए होंगे?
Solution: लोगों ने बर्तन इसलिए बनाए होंगे क्योंकि उन्हें पानी, दूध और अन्य खाद्य पदार्थों को सुरक्षित रूप से रखने की आवश्यकता महसूस हुई। बर्तन भोजन पकाने, परोसने और संग्रहीत करने के लिए अधिक सुविधाजनक और स्वच्छ साधन प्रदान करते हैं, जो प्राकृतिक सामग्री के उपयोग से संभव नहीं था।

प्रश्न 8

मान लो, एक दिन दुनिया से सारे वर्तन गायब हो जाएँ, तो तुम्हारे घर में क्या होगा?
Solution: यदि एक दिन दुनिया से सारे बर्तन गायब हो जाएँ, तो हमारे घर में बहुत बड़ी समस्या खड़ी हो जाएगी। खाना पकाने के लिए कोई बर्तन नहीं होगा, जिससे हमें कच्चा भोजन या फल खाकर काम चलाना पड़ सकता है। पानी पीने के लिए भी हमें सीधे नल से पीना होगा या किसी अन्य जुगाड़ का सहारा लेना पड़ेगा। यह स्थिति बहुत असुविधाजनक और मुश्किल भरी होगी।

Common mistakes

  • Not understanding the purpose of firing clay.
  • Confusing the roles of different people in pottery making.
  • Underestimating the need for specific tools like a potter's wheel.
  • Not considering historical alternatives to modern utensils.

Revision tips

  • Visualize the process of a crow getting a kulhad made.
  • List all the people and materials mentioned in making a pot.
  • Think about why baked clay doesn't dissolve in water.
  • Imagine life without any utensils and discuss the challenges.

Practice MCQs

Q1. कौए को पानी भरने के लिए किसकी जरूरत पड़ी?

Q2. कुल्हड़ बनाने में कुम्हार की मदद कौन करता है?

Q3. मिट्टी के बर्तन पानी में रखने पर क्या होता है?

Q4. मटके को पानी से गलने से बचाने के लिए कुम्हार क्या करता है?

Q5. बहुत साल पहले जब बर्तन नहीं थे, तब लोग खाने-पीने के लिए किसका इस्तेमाल करते थे?

Frequently asked questions

कक्षा 3 के लिए आस-पास के अध्याय 15 'आओ बनाएँ बर्तन' में मुख्य रूप से क्या सिखाया गया है?

यह अध्याय सिखाता है कि मिट्टी के बर्तन कैसे बनाए जाते हैं, इसमें किन लोगों और किन चीजों की मदद लगती है, और मिट्टी के बर्तनों का क्या महत्व है। यह आग में पकाकर बर्तनों को मजबूत बनाने की प्रक्रिया पर भी प्रकाश डालता है।

कुल्हड़ बनाने के लिए किन-किन चीजों की आवश्यकता होती है?

कुल्हड़ बनाने के लिए मुख्य रूप से चिकनी मिट्टी की आवश्यकता होती है। इसके अलावा, कुम्हार को चाक और भट्टी की भी जरूरत पड़ती है। लोहार जैसे कारीगर भी औजार बनाने में अप्रत्यक्ष रूप से मदद करते हैं।

मिट्टी के बर्तन पानी में रखने पर क्यों नहीं गलते?

मिट्टी के बर्तनों को कुम्हार आग में पकाकर मजबूत बनाता है। इस प्रक्रिया से मिट्टी के कण आपस में जुड़ जाते हैं और पानी में घुलने या गलने की क्षमता कम हो जाती है।

क्या आज भी मिट्टी के बर्तन इस्तेमाल होते हैं?

हाँ, आज भी कई जगहों पर मिट्टी के बर्तन, जैसे कुल्हड़, मटके और गमले, इस्तेमाल किए जाते हैं। ये पर्यावरण के अनुकूल होते हैं और पानी को ठंडा रखने में मदद करते हैं।

बर्तन बनाने की प्रक्रिया में कौए की कहानी क्यों बताई गई है?

कौए की कहानी के माध्यम से बच्चों को यह समझने में मदद मिलती है कि किसी भी चीज को बनाने के लिए कई लोगों और चीजों की आवश्यकता होती है, और यह एक क्रमबद्ध प्रक्रिया है।

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