कक्षा 12 गणित NCERT समाधान: अध्याय 1 - संबंध एवं फलन

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यह पृष्ठ कक्षा 12 गणित के अध्याय 1, 'संबंध एवं फलन' के लिए NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। इसमें प्रश्नावली 1.1 के सभी प्रश्नों के विस्तृत हल शामिल हैं, जो छात्रों को संबंधों के प्रकारों को समझने में मदद करते हैं। समाधानों में प्रत्येक संबंध की स्वतुल्यता, समरूपता और संक्रामकता का विश्लेषण किया गया है। प्रत्येक प्रश्न के लिए, एक स्पष्टीकरण प्रदान किया गया है कि संबंध इन गुणों को क्यों संतुष्ट करता है या क्यों नहीं। यह सामग्री छात्रों को विभिन्न प्रकार के संबंधों की अवधारणाओं को गहराई से समझने और परीक्षा की तैयारी के लिए एक मूल्यवान संसाधन के रूप में काम करती है।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 12
Subjectगणित
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter1. संबंध एवं फलन

Chapter summary

कक्षा 12 गणित के अध्याय 1 'संबंध एवं फलन' के लिए NCERT समाधानों का यह संग्रह प्रश्नावली 1.1 पर केंद्रित है। यह छात्रों को संबंधों की स्वतुल्य, सममित और संक्रामक प्रकृति का विश्लेषण करने के तरीके सिखाता है। प्रत्येक प्रश्न के लिए चरण-दर-चरण समाधान प्रदान किए गए हैं, जिसमें यह दर्शाया गया है कि किसी दिए गए समुच्चय पर परिभाषित संबंध इन महत्वपूर्ण गुणों को कैसे प्रदर्शित करता है या नहीं करता है। यह छात्रों को संबंध की परिभाषाओं को लागू करने और विभिन्न उदाहरणों के माध्यम से उनकी समझ को मजबूत करने में सहायता करता है।

Learning outcomes

  • दिए गए समुच्चय पर परिभाषित संबंधों की स्वतुल्यता की जाँच करना।
  • दिए गए समुच्चय पर परिभाषित संबंधों की समरूपता की जाँच करना।
  • दिए गए समुच्चय पर परिभाषित संबंधों की संक्रामकता की जाँच करना।
  • संबंधों के स्वतुल्य, सममित और संक्रामक होने की शर्तों को समझना।
  • विभिन्न प्रकार के संबंधों के उदाहरणों का विश्लेषण करना।

Topics covered

Paper topics

  • संबंध की परिभाषा
  • स्वतुल्य संबंध
  • सममित संबंध
  • संक्रामक संबंध
  • संबंधों के प्रकार
  • समुच्चय
  • पूर्णांक
  • प्राकृत संख्याएँ
  • संबंधों का विश्लेषण
  • संबंधों का वर्गीकरण

Important topics

  • स्वतुल्य संबंध की जाँच
  • सममित संबंध की जाँच
  • संक्रामक संबंध की जाँच
  • संबंधों के प्रकारों का अनुप्रयोग
  • दिए गए समुच्चय पर संबंध का निर्धारण

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Questions and Solutions

प्रश्न 1

निर्धारित कीजिए कि निम्नलिखित संबंधों में से प्रत्येक स्वतुल्य, सममित तथा संक्रामक हैं:

(i) समुच्चय A = \{1, 2, 3, ..., 13, 14\} में संबंध R, इस प्रकार परिभाषित है कि R = \{(x, y): 3x - y = 0\}

(ii) प्राकृत संख्याओं के समुच्चय N में R = \{(x, y): y = x + 5 \text{ तथा } x < 4\} द्वारा परिभाषित संबंध R.

(iii) समुच्चय A = \{1, 2, 3, 4, 5, 6\} में R = \{(x, y): y भाज्य है x से \} द्वारा परिभाषित संबंध R है।

(iv) समस्त पूर्णांकों के समुच्चय Z में R = \{(x, y): x - y \text{ एक पूर्णांक है}\} द्वारा परिभाषित संबंध R.

(v) किसी विशेष समय पर किसी नगर के निवासियों के समुच्चय में निम्नलिखित संबंध R:

(a) R = \{(x, y): x \text{ तथा } y \text{ एक ही स्थान पर कार्य करते हैं}\}

(b) R = \{(x, y): x \text{ तथा } y \text{ एक ही मोहल्ले में रहते हैं}\}

(c) R = \{(x, y): x, y \text{ से ठीक } - \text{ ठीक } 7 \text{ सेमी लंबा है}\}

(d) R = \{(x, y): x, y \text{ के समान ऊँचाई का है}\}

(e) R = \{(x, y): x, y \text{ का पति है}\}

Solution:

(i) दिया गया समुच्चय A = \{1, 2, 3, ..., 13, 14\} और संबंध R = \{(x, y): 3x - y = 0\} है।

संबंध को y = 3x के रूप में लिखा जा सकता है।

इस समुच्चय के लिए संबंध R के अवयव हैं: R = \{(1, 3), (2, 6), (3, 9), (4, 12)\}।

स्वतुल्य: संबंध स्वतुल्य नहीं है क्योंकि समुच्चय A के सभी अवयवों के लिए (x, x) \in R नहीं है। उदाहरण के लिए, (1, 1)

otin R क्योंकि 3(1) - 1 = 2

eq 0।

सममित: संबंध सममित नहीं है क्योंकि (1, 3) \in R है, लेकिन (3, 1)

otin R है, क्योंकि 3(3) - 1 = 8

eq 0।

संक्रामक: संबंध संक्रामक नहीं है क्योंकि (1, 3) \in R और (3, 9) \in R है, लेकिन (1, 9)

otin R है, क्योंकि 3(1) - 9 = -6

eq 0।

अतः, R न तो स्वतुल्य है, न सममित है, और न ही संक्रामक है।

(ii) दिया गया समुच्चय प्राकृत संख्याओं का समुच्चय N है और संबंध R = \{(x, y): y = x + 5 \text{ तथा } x < 4\} है।

यहाँ, x के मान 1, 2, 3 हो सकते हैं।

यदि x = 1, तो y = 1 + 5 = 6। युग्म (1, 6)।

यदि x = 2, तो y = 2 + 5 = 7। युग्म (2, 7)।

यदि x = 3, तो y = 3 + 5 = 8। युग्म (3, 8)।

अतः, R = \{(1, 6), (2, 7), (3, 8)\}।

स्वतुल्य: संबंध स्वतुल्य नहीं है क्योंकि (1, 1)

otin R (और इसी तरह अन्य अवयवों के लिए भी)।

सममित: संबंध सममित नहीं है क्योंकि (1, 6) \in R है, लेकिन (6, 1)

otin R है (क्योंकि x=6, जो x < 4 शर्त को पूरा नहीं करता है)।

संक्रामक: संबंध संक्रामक नहीं है क्योंकि (1, 6) \in R और (6, y) \in R के लिए कोई युग्म नहीं है (क्योंकि x < 4)। यदि हम (x, y) \in R और (y, z) \in R लेते हैं, तो y = x + 5 और z = y + 5 = (x + 5) + 5 = x + 10। चूँकि x < 4, तो y = x + 5 < 9। यदि y का मान 4 से कम है, तो (y, z) \in R संभव नहीं है। यदि y का मान 4 से अधिक है, तो (x, y) \in R संभव नहीं है। इसलिए, संक्रामकता की शर्त पूरी नहीं होती है।

अतः, R न तो स्वतुल्य है, न सममित है, और न ही संक्रामक है।

(iii) दिया गया समुच्चय A = \{1, 2, 3, 4, 5, 6\} और संबंध R = \{(x, y): y भाज्य है x से \} है।

स्वतुल्य: संबंध स्वतुल्य है क्योंकि समुच्चय A का प्रत्येक अवयव स्वयं से भाज्य होता है। उदाहरण के लिए, (1, 1) \in R, (2, 2) \in R, ..., (6, 6) \in R।

सममित: संबंध सममित नहीं है। उदाहरण के लिए, (2, 4) \in R क्योंकि 4, 2 से भाज्य है। लेकिन (4, 2)

otin R क्योंकि 2, 4 से भाज्य नहीं है।

संक्रामक: संबंध संक्रामक है। माना (x, y) \in R और (y, z) \in R। इसका अर्थ है कि y, x से भाज्य है और z, y से भाज्य है। यदि y, x का गुणज है और z, y का गुणज है, तो z, x का भी गुणज होगा। अर्थात्, z, x से भाज्य है। इसलिए, (x, z) \in R।

अतः, R स्वतुल्य और संक्रामक है, लेकिन सममित नहीं है।

(iv) दिया गया समुच्चय समस्त पूर्णांकों का समुच्चय Z है और संबंध R = \{(x, y): x - y \text{ एक पूर्णांक है}\} है।

स्वतुल्य: संबंध स्वतुल्य है। किसी भी पूर्णांक x \in Z के लिए, x - x = 0 होता है, जो एक पूर्णांक है। अतः, (x, x) \in R।

सममित: संबंध सममित है। माना (x, y) \in R, जहाँ x, y \in Z। इसका अर्थ है कि x - y एक पूर्णांक है। तब y - x = -(x - y) भी एक पूर्णांक होगा। अतः, (y, x) \in R।

संक्रामक: संबंध संक्रामक है। माना (x, y) \in R और (y, z) \in R, जहाँ x, y, z \in Z। इसका अर्थ है कि x - y एक पूर्णांक है और y - z एक पूर्णांक है। इन दोनों पूर्णांकों का योग (x - y) + (y - z) = x - z भी एक पूर्णांक होगा। अतः, (x, z) \in R।

अतः, R स्वतुल्य, सममित और संक्रामक है। (v) (a) संबंध R = \{(x, y): x \text{ तथा } y \text{ एक ही स्थान पर कार्य करते हैं}\}

स्वतुल्य: यह स्वतुल्य है क्योंकि प्रत्येक व्यक्ति x उसी स्थान पर कार्य करता है जहाँ वह स्वयं कार्य करता है, अर्थात (x, x) \in R।

सममित: यह सममित है क्योंकि यदि व्यक्ति x और y एक ही स्थान पर कार्य करते हैं, तो y और x भी एक ही स्थान पर कार्य करते हैं, अर्थात यदि (x, y) \in R तो (y, x) \in R।

संक्रामक: यह संक्रामक है क्योंकि यदि x और y एक ही स्थान पर कार्य करते हैं, और y और z एक ही स्थान पर कार्य करते हैं, तो x और z भी एक ही स्थान पर कार्य करते हैं, अर्थात यदि (x, y) \in R और (y, z) \in R तो (x, z) \in R।

अतः, R स्वतुल्य, सममित और संक्रामक है।

(b) संबंध R = \{(x, y): x \text{ तथा } y \text{ एक ही मोहल्ले में रहते हैं}\}

स्वतुल्य: यह स्वतुल्य है क्योंकि प्रत्येक व्यक्ति x उसी मोहल्ले में रहता है जहाँ वह स्वयं रहता है, अर्थात (x, x) \in R।

सममित: यह सममित है क्योंकि यदि व्यक्ति x और y एक ही मोहल्ले में रहते हैं, तो y और x भी एक ही मोहल्ले में रहते हैं, अर्थात यदि (x, y) \in R तो (y, x) \in R।

संक्रामक: यह संक्रामक है क्योंकि यदि x और y एक ही मोहल्ले में रहते हैं, और y और z एक ही मोहल्ले में रहते हैं, तो x और z भी एक ही मोहल्ले में रहते हैं, अर्थात यदि (x, y) \in R और (y, z) \in R तो (x, z) \in R।

अतः, R स्वतुल्य, सममित और संक्रामक है।

(c) संबंध R = \{(x, y): x, y \text{ से ठीक } - \text{ ठीक } 7 \text{ सेमी लंबा है}\}

स्वतुल्य: यह स्वतुल्य नहीं है क्योंकि कोई भी व्यक्ति स्वयं से ठीक 7 सेमी लंबा नहीं हो सकता है, अर्थात (x, x)

otin R।

सममित: यह सममित नहीं है। यदि x, y से 7 सेमी लंबा है ((x, y) \in R), तो y, x से 7 सेमी छोटा होगा, न कि लंबा। अतः (y, x)

otin R।

संक्रामक: यह संक्रामक नहीं है। यदि x, y से 7 सेमी लंबा है ((x, y) \in R) और y, z से 7 सेमी लंबा है ((y, z) \in R), तो x, z से 7 + 7 = 14 सेमी लंबा होगा। अतः (x, z)

otin R।

अतः, R न तो स्वतुल्य है, न सममित है, और न ही संक्रामक है।

(d) संबंध R = \{(x, y): x, y \text{ के समान ऊँचाई का है}\}

स्वतुल्य: यह स्वतुल्य है क्योंकि प्रत्येक व्यक्ति x की ऊँचाई स्वयं x के समान होती है, अर्थात (x, x) \in R।

सममित: यह सममित है क्योंकि यदि x की ऊँचाई y के समान है, तो y की ऊँचाई भी x के समान होगी, अर्थात यदि (x, y) \in R तो (y, x) \in R।

संक्रामक: यह संक्रामक है क्योंकि यदि x की ऊँचाई y के समान है, और y की ऊँचाई z के समान है, तो x की ऊँचाई भी z के समान होगी, अर्थात यदि (x, y) \in R और (y, z) \in R तो (x, z) \in R।

अतः, R स्वतुल्य, सममित और संक्रामक है।

(e) संबंध R = \{(x, y): x, y \text{ का पति है}\}

स्वतुल्य: यह स्वतुल्य नहीं है क्योंकि कोई भी व्यक्ति स्वयं का पति नहीं हो सकता है, अर्थात (x, x)

otin R।

सममित: यह सममित नहीं है। यदि x, y का पति है ((x, y) \in R), तो y, x की पत्नी होगी, पति नहीं। अतः (y, x)

otin R।

संक्रामक: यह संक्रामक नहीं है। यदि x, y का पति है ((x, y) \in R) और y, z का पति है ((y, z) \in R), तो यह संभव नहीं है क्योंकि y एक पुरुष होना चाहिए (क्योंकि वह x की पत्नी है) और y एक पुरुष होना चाहिए (क्योंकि वह z का पति है)। यदि y पुरुष है, तो x उसकी पत्नी होगी, पति नहीं। यह स्थिति विरोधाभासी है। यदि हम मान लें कि x पुरुष है और y महिला है, और y पुरुष है और z महिला है, तो यह संभव नहीं है कि y एक ही समय में पुरुष और महिला दोनों हो। इसलिए, संक्रामकता की शर्त पूरी नहीं होती है।

अतः, R न तो स्वतुल्य है, न सममित है, और न ही संक्रामक है।

Common mistakes

  • स्वतुल्य, सममित और संक्रामक होने की परिभाषाओं को गलत समझना।
  • संबंध के सभी अवयवों के लिए गुणों की जाँच करने में विफलता।
  • गणितीय तर्क में त्रुटियाँ, विशेष रूप से संक्रामकता के लिए।
  • समुच्चय के सभी अवयवों पर विचार करने के बजाय केवल कुछ उदाहरणों के आधार पर निष्कर्ष निकालना।

Revision tips

  • प्रत्येक प्रकार के संबंध (स्वतुल्य, सममित, संक्रामक) की परिभाषा को स्पष्ट रूप से समझें।
  • प्रत्येक प्रश्न के हल में दिए गए उदाहरणों पर ध्यान दें कि वे गुणों को कैसे संतुष्ट करते हैं या नहीं करते हैं।
  • संक्रामकता की जाँच करते समय, सामान्य स्थिति (x, y) ∈ R और (y, z) ∈ R के लिए (x, z) ∈ R को सिद्ध करने का प्रयास करें।
  • उन मामलों पर विशेष ध्यान दें जहाँ संबंध इन गुणों को संतुष्ट नहीं करता है, और इसके लिए प्रति-उदाहरण (counter-example) को समझें।

Practice MCQs

Q1. समुच्चय A = {1, 2, 3} में संबंध R = {(1, 1), (2, 2), (3, 3)} स्वतुल्य है या नहीं?

Q2. समुच्चय A = {1, 2, 3} में संबंध R = {(1, 2), (2, 1)} सममित है या नहीं?

Q3. समुच्चय A = {1, 2, 3} में संबंध R = {(1, 2), (2, 3)} संक्रामक है या नहीं?

Q4. पूर्णांकों के समुच्चय Z में संबंध R = {(x, y): x - y एक पूर्णांक है} के बारे में क्या सत्य है?

Frequently asked questions

कक्षा 12 गणित में संबंध एवं फलन का अध्याय 1 क्या है?

अध्याय 1, 'संबंध एवं फलन', गणितीय संबंधों और फलनों की मूल अवधारणाओं का परिचय देता है। यह विशेष रूप से संबंधों के प्रकारों पर केंद्रित है: स्वतुल्य, सममित और संक्रामक।

स्वतुल्य संबंध क्या होता है?

एक संबंध R समुच्चय A पर स्वतुल्य कहलाता है यदि A के प्रत्येक अवयव 'a' के लिए, (a, a) ∈ R हो।

सममित संबंध की क्या शर्त है?

एक संबंध R समुच्चय A पर सममित कहलाता है यदि (a, b) ∈ R के लिए, (b, a) ∈ R हो।

संक्रामक संबंध को कैसे परिभाषित किया जाता है?

एक संबंध R समुच्चय A पर संक्रामक कहलाता है यदि (a, b) ∈ R और (b, c) ∈ R के लिए, (a, c) ∈ R हो।

क्या ये NCERT समाधान परीक्षा की तैयारी के लिए उपयोगी हैं?

हाँ, ये समाधान प्रश्नावली 1.1 के प्रत्येक प्रश्न के विस्तृत हल प्रदान करते हैं, जिससे छात्रों को अवधारणाओं को समझने और परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रश्नों के प्रकारों का अभ्यास करने में मदद मिलती है।

प्रश्नावली 1.1 में किस प्रकार के संबंधों का विश्लेषण किया गया है?

प्रश्नावली 1.1 में विभिन्न समुच्चयों पर परिभाषित संबंधों की स्वतुल्यता, समरूपता और संक्रामकता का विश्लेषण किया गया है, जिसमें संख्यात्मक समुच्चय, पूर्णांकों के समुच्चय और वास्तविक जीवन के परिदृश्य शामिल हैं।

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