कक्षा 12 संस्कृत एनसीईआरटी समाधान: पाठ 1 उत्तिष्ठत जाग्रत

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यह पृष्ठ सीबीएसई कक्षा 12 संस्कृत कोर के लिए एनसीईआरटी समाधान प्रस्तुत करता है, विशेष रूप से पाठ 1 'उत्तिष्ठत जाग्रत' पर केंद्रित है। इसमें पाठ के विभिन्न श्लोकों और वाक्यों के मिलान, विपरीतार्थक शब्दों के मिलान और क्रिया रूपों को भरने जैसे अभ्यासों के विस्तृत समाधान शामिल हैं। ये समाधान छात्रों को पाठ की गहरी समझ विकसित करने, महत्वपूर्ण संस्कृत शब्दावली सीखने और व्याकरण के नियमों को लागू करने में मदद करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं। प्रत्येक उत्तर को स्पष्टता और सटीकता के लिए सावधानीपूर्वक लिखा गया है, जिससे यह परीक्षा की तैयारी और स्व-अध्ययन के लिए एक अमूल्य संसाधन बन गया है। इन समाधानों का उपयोग करके, छात्र पाठ की सामग्री को प्रभावी ढंग से समझ सकते हैं और अपनी परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 12
Subjectसंस्कृत
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter1. उत्तिष्ठत जाग्रत

Chapter summary

यह एनसीईआरटी समाधान कक्षा 12 संस्कृत कोर के पाठ 1 'उत्तिष्ठत जाग्रत' के लिए हैं। इसमें पाठ में दिए गए विभिन्न अभ्यासों को हल किया गया है, जिनमें पंक्तियों का मिलान, विपरीतार्थक शब्दों का मिलान और क्रिया रूपों से रिक्त स्थानों की पूर्ति शामिल है। ये समाधान छात्रों को पाठ के अर्थ को समझने, संस्कृत शब्दावली को मजबूत करने और व्याकरणिक संरचनाओं का अभ्यास करने में सहायता करते हैं। यह पाठ परीक्षा की तैयारी के लिए एक महत्वपूर्ण संसाधन है।

Learning outcomes

  • पाठ 'उत्तिष्ठत जाग्रत' से संबंधित पंक्तियों का सही मिलान करना सीखें।
  • दिए गए संस्कृत शब्दों के विपरीतार्थक शब्दों को पहचानना और उनका मिलान करना सीखें।
  • क्रिया रूपों का उपयोग करके संस्कृत वाक्यों में रिक्त स्थानों को भरना समझें।
  • पाठ में प्रयुक्त महत्वपूर्ण संस्कृत शब्दावली और उनके अर्थों को समझें।
  • संस्कृत व्याकरण के अनुप्रयोग का अभ्यास करें।

Topics covered

Paper topics

  • पाठ 1: उत्तिष्ठत जाग्रत
  • वाक्य मिलान
  • विपरीतार्थक शब्द
  • क्रिया रूप
  • संस्कृत व्याकरण
  • पाठ्यपुस्तक अभ्यास
  • कक्षा 12 संस्कृत कोर
  • एनसीईआरटी समाधान

Important topics

  • उत्तिष्ठत जाग्रत का संदेश
  • सत्य और अहिंसा का महत्व
  • वाक्य और शब्द मिलान का अभ्यास
  • क्रिया रूपों का सही प्रयोग
  • संस्कृत शब्दावली विकास

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Questions and Solutions

प्रश्न 1

अत्र व्दे खण्डे विविधाः पंक्तयः सन्ति। निम्नपंक्तीनाम् मेलनं कुरु

'क' स्तम्भः 'ख' स्तम्भः

  1. अद्भिः गात्राणि शुध्यन्ति
  2. सत्यमेव जयति नानृतम्
  3. उत्तिष्ठत जाग्रत
  4. तृणानि भूमिरुदकं
  5. सर्वभूतेषु चात्मानम्
  6. अहिंसया च भूतात्मा
  7. क्षुरस्य धारा
  8. दुर्गं पथस्तत्
Solution:

दिए गए 'क' स्तम्भ की पंक्तियों का 'ख' स्तम्भ की पंक्तियों से सही मिलान इस प्रकार है:

'क' स्तम्भः 'ख' स्तम्भः

  1. अद्भिः गात्राणि शुध्यन्ति (यह वाक्य जल से शरीर की शुद्धि बताता है, जिसका अर्थ है कि जल से शरीर शुद्ध होते हैं।)
  2. सत्यमेव जयति नानृतम् (यह बताता है कि सत्य की ही जीत होती है, असत्य की नहीं।)
  3. उत्तिष्ठत जाग्रत (यह उठने और जागने का आह्वान है, जो कर्मठता का प्रतीक है।)
  4. तृणानि भूमिरुदकं (यह बताता है कि पृथ्वी पर घास, जल आदि सभी जीवधारी हैं।)
  5. सर्वभूतेषु चात्मानम् (यह सभी प्राणियों में आत्मा की एकता को दर्शाता है।)
  6. अहिंसया च भूतात्मा (यह बताता है कि अहिंसा से आत्मा शुद्ध होती है।)
  7. क्षुरस्य धारा (यह एक तीक्ष्ण धार के समान कठिन मार्ग को दर्शाता है।)
  8. दुर्गं पथस्तत् (यह उस कठिन मार्ग का वर्णन करता है जिसे पार करना मुश्किल है।)

सही मिलान:

  1. अद्भिः गात्राणि शुध्यन्ति
  2. सत्यमेव जयति नानृतम् (क) सत्येन पन्था विततो देवयानः।
  3. उत्तिष्ठत जाग्रत
  4. तृणानि भूमिरुदकं (ख) वाक् चतुर्थी च सूनृता।
  5. सर्वभूतेषु चात्मानम्
  6. अहिंसया च भूतात्मा
  7. क्षुरस्य धारा
  8. दुर्गं पथस्तत् (च) कवयो वदन्ति।

स्पष्टीकरण:

यह अभ्यास छात्रों को पाठ में दिए गए विभिन्न वाक्यों और उनके अर्थों को जोड़ने में मदद करता है। प्रत्येक पंक्ति का अपना विशिष्ट अर्थ है जो पाठ के समग्र संदेश में योगदान देता है। उदाहरण के लिए, 'अद्भिः गात्राणि शुध्यन्ति' का अर्थ है कि जल से शरीर की शुद्धि होती है, जबकि 'सत्यमेव जयति नानृतम्' सत्य की महत्ता पर जोर देता है। 'उत्तिष्ठत जाग्रत' एक प्रेरणादायक वाक्य है जो कर्मठता का आह्वान करता है।

प्रश्न 2

अधोलिखितानाम् पदानाम् विपरितपदानि मेलयत-

'क' स्तम्भः 'ख' स्तम्भः

  1. हिंसया
  2. उपविशत
  3. निशिता
  4. दुर्गम्
  5. सत्यम्
  6. ज्ञानेन
  7. विततः
  8. जाग्रत |
Solution:

दिए गए 'क' स्तम्भ के शब्दों का 'ख' स्तम्भ से सही विपरीतार्थक मिलान इस प्रकार है:

'क' स्तम्भः 'ख' स्तम्भः

  1. हिंसया (घ) अहिंसया - हिंसा का विपरीतार्थक अहिंसा है।
  2. उपविशत (च) उत्तिष्ठत - उपविशत (बैठो) का विपरीतार्थक उत्तिष्ठत (उठो) है।
  3. निशिता (क) कुण्ठिता - निशिता (तेज धार वाली) का विपरीतार्थक कुण्ठिता (कुंद) हो सकता है, जो यहाँ संदर्भ में उपयुक्त है।
  4. दुर्गम् (ख) सुगमम् - दुर्गम (कठिन) का विपरीतार्थक सुगम (सरल) है।
  5. सत्यम् (ज) अनृतम् - सत्य का विपरीतार्थक अनृत (असत्य) है।
  6. ज्ञानेन (ग) अज्ञानेन - ज्ञान का विपरीतार्थक अज्ञान है।
  7. विततः (ङ) सङकुचितः - वितत (फैला हुआ) का विपरीतार्थक संकुचित (सिकुड़ा हुआ) है।
  8. जाग्रत (छ) स्वपित - जाग्रत (जागता हुआ) का विपरीतार्थक स्वपित (सोया हुआ) है।

यह अभ्यास छात्रों को संस्कृत के महत्वपूर्ण विपरीतार्थक शब्दों को सीखने और पहचानने में मदद करता है, जो भाषा की समझ को बढ़ाते हैं।

प्रश्न 3

कर्त्तापदस्य आधारे उचितधातुरूपै: रिक्तस्थानानि पूरियत -

गात्राणि अद्भिः

Solution:

दिए गए कर्ता पद 'गात्राणि' (शरीर) और सहायक पद 'अद्भिः' (जल से) के आधार पर उचित क्रिया रूप का प्रयोग करते हुए रिक्त स्थान की पूर्ति इस प्रकार होगी:

गात्राणि अद्भिः शुध्यन्ति

स्पष्टीकरण:

यहाँ कर्ता पद 'गात्राणि' बहुवचन में है, इसलिए क्रिया पद भी बहुवचन में होना चाहिए। 'शुध्यन्ति' (शुद्ध होते हैं) क्रिया का वर्तमान काल, आत्मनेपद, बहुवचन रूप है, जो 'गात्राणि' के साथ व्याकरणिक रूप से सही बैठता है। वाक्य का अर्थ है 'शरीर जल से शुद्ध होते हैं'। यह अभ्यास छात्रों को संस्कृत में कर्ता-क्रिया के अन्वय (तालमेल) को समझने में मदद करता है।

Common mistakes

  • पंक्तियों या शब्दों के अर्थ को ठीक से न समझने के कारण गलत मिलान करना।
  • विपरीतार्थक शब्दों को पहचानने में भ्रमित होना।
  • क्रिया रूपों के सही चयन में त्रुटियाँ करना।
  • पाठ के संदर्भ को पूरी तरह से न समझने के कारण गलत उत्तर देना।

Revision tips

  • प्रत्येक मिलान अभ्यास को हल करने के बाद, संबंधित श्लोक या वाक्य के अर्थ को समझने का प्रयास करें।
  • विपरीतार्थक शब्दों की सूची बनाएं और उन्हें याद करें।
  • क्रिया रूपों के प्रयोग के नियमों को दोहराएं और अभ्यास करें।
  • पाठ के मुख्य संदेश और सीख को सारांशित करें।

Practice MCQs

Q1. पाठ 'उत्तिष्ठत जाग्रत' के अनुसार, शरीर किससे शुद्ध होते हैं?

Q2. 'सत्यमेव जयति नानृतम्' का क्या अर्थ है?

Q3. 'उत्तिष्ठत जाग्रत' का क्या अर्थ है?

Q4. 'दुर्गं पथस्तत्' का क्या अर्थ है?

Q5. 'हिंसया' का विपरीतार्थक शब्द क्या है?

Frequently asked questions

यह एनसीईआरटी समाधान किस कक्षा और विषय के लिए हैं?

यह एनसीईआरटी समाधान कक्षा 12 के संस्कृत कोर विषय के लिए हैं, विशेष रूप से पाठ 1 'उत्तिष्ठत जाग्रत' पर केंद्रित हैं।

इन समाधानों में किस प्रकार के प्रश्न शामिल हैं?

इन समाधानों में पाठ 'उत्तिष्ठत जाग्रत' से संबंधित विभिन्न प्रकार के प्रश्न शामिल हैं, जैसे पंक्तियों का मिलान, विपरीतार्थक शब्दों का मिलान और क्रिया रूपों से रिक्त स्थानों की पूर्ति।

क्या ये समाधान परीक्षा की तैयारी में मदद करेंगे?

हाँ, ये समाधान पाठ की गहरी समझ प्रदान करते हैं और व्याकरण तथा शब्दावली का अभ्यास कराते हैं, जो परीक्षा की तैयारी के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।

क्या समाधानों में विस्तृत स्पष्टीकरण दिया गया है?

हाँ, प्रत्येक प्रश्न का उत्तर विस्तृत स्पष्टीकरण के साथ दिया गया है ताकि छात्र अवधारणाओं को आसानी से समझ सकें।

क्या ये समाधान केवल पाठ के अभ्यास तक सीमित हैं?

ये समाधान मुख्य रूप से पाठ 1 'उत्तिष्ठत जाग्रत' में दिए गए अभ्यासों पर आधारित हैं, लेकिन वे पाठ के मुख्य संदेशों और व्याकरणिक पहलुओं को भी कवर करते हैं।

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