कक्षा 12 भूगोल: भौगोलिक परिप्रेक्ष्य में चयनित कुछ मुद्दे एवं समस्याएँ NCERT समाधान

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यह पृष्ठ कक्षा 12 भूगोल के अध्याय 12, 'भौगोलिक परिप्रेक्ष्य में चयनित कुछ मुद्दे एवं समस्याएँ' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। यह अध्याय जल प्रदूषण, वायु प्रदूषण, ध्वनि प्रदूषण और शहरीकरण से जुड़ी समस्याओं जैसे महत्वपूर्ण पर्यावरणीय और सामाजिक मुद्दों पर केंद्रित है। समाधानों में इन समस्याओं के कारणों, प्रभावों और संबंधित बीमारियों का गहन विश्लेषण शामिल है। विशेष रूप से, यह गंगा और यमुना जैसी नदियों के प्रदूषण में योगदान देने वाले प्रमुख शहरों और ध्वनि प्रदूषण को मापने की इकाई पर भी प्रकाश डालता है। इसके अतिरिक्त, यह अध्याय शहरी क्षेत्रों में अपशिष्ट निपटान की बढ़ती चुनौतियों और विकासशील देशों में शहरीकरण से उत्पन्न होने वाली समस्याओं, जैसे झुग्गी-बस्तियों के विकास और उनके निवासियों द्वारा सामना की जाने वाली कठिनाइयों का भी वर्णन करता है। ये समाधान छात्रों को इन जटिल मुद्दों की भौगोलिक समझ विकसित करने और परीक्षा की तैयारी में सहायता करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 12
Subjectभूगोल
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter12. भौगोलिक परिप्रेक्ष्य में चयनित कुछ मुद्दे एवं समस्याएँ

Chapter summary

कक्षा 12 भूगोल के अध्याय 12 के ये NCERT समाधान भौगोलिक परिप्रेक्ष्य में चयनित मुद्दों और समस्याओं पर केंद्रित हैं। इसमें जल और वायु प्रदूषण के प्रमुख कारक, इनसे होने वाली बीमारियाँ, और अम्लीय वर्षा जैसी अवधारणाओं को समझाया गया है। समाधान गंगा और यमुना नदियों के प्रदूषण में योगदान देने वाले शहरों की पहचान करते हैं और ध्वनि प्रदूषण को मापने की इकाई (डेसिबल) बताते हैं। इसके अलावा, शहरी अपशिष्ट निपटान की समस्याओं, विकासशील देशों में शहरीकरण की चुनौतियों और झुग्गी-बस्तियों से जुड़ी समस्याओं का भी विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है।

Learning outcomes

  • जल और वायु प्रदूषण के प्रमुख कारकों की पहचान करना।
  • जल और वायु प्रदूषण से संबंधित विभिन्न बीमारियों को समझना।
  • अम्लीय वर्षा की अवधारणा को स्पष्ट करना।
  • प्रमुख नदियों के प्रदूषण में योगदान देने वाले शहरी क्षेत्रों का ज्ञान प्राप्त करना।
  • ध्वनि प्रदूषण को मापने की इकाई को जानना।
  • शहरी अपशिष्ट निपटान की समस्याओं का विश्लेषण करना।
  • विकासशील देशों में शहरीकरण की चुनौतियों को समझना।
  • झुग्गी-बस्तियों से जुड़ी समस्याओं का वर्णन करना।

Topics covered

Paper topics

  • जल प्रदूषण के कारक
  • नदी प्रदूषण
  • जल प्रदूषण से होने वाली बीमारियाँ
  • वायु प्रदूषण के कारक
  • वायु प्रदूषक तत्व
  • वायु प्रदूषण जनित बीमारियाँ
  • अम्लीय वर्षा
  • ध्वनि प्रदूषण
  • धूम्र कोहरा
  • शहरी अपशिष्ट निपटान
  • शहरीकरण की समस्याएँ
  • झुग्गी-बस्तियाँ

Important topics

  • जल और वायु प्रदूषण के कारण एवं प्रभाव
  • प्रदूषण जनित प्रमुख बीमारियाँ
  • अम्लीय वर्षा की अवधारणा
  • शहरी अपशिष्ट निपटान की समस्याएँ
  • विकासशील देशों में शहरीकरण की चुनौतियाँ

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Questions and Solutions

प्रश्न 1

जल प्रदूषण के लिये उत्तरदायी प्रमुख कारकों का उल्लेख कीजिए?
Solution: जल प्रदूषण के लिए उत्तरदायी प्रमुख कारकों को दो मुख्य वर्गों में विभाजित किया जा सकता है:
  1. मानवीय कारक: इसमें उद्योगों से निकलने वाला असंस्कृत अपशिष्ट (जैसे रसायन, भारी धातुएँ), धार्मिक अनुष्ठानों से संबंधित सामग्री, रीति-रिवाज, और पर्यटन गतिविधियों से उत्पन्न कचरा शामिल है।
  2. प्राकृतिक कारक: इसमें भूस्खलन, कीचड़ या मलबा धंसाव जैसी प्राकृतिक आपदाएँ, और जीव-जंतुओं के मृत अवशेषों का जल स्रोतों में मिलना शामिल है।

प्रश्न 2

नदियों के प्रदूषण के लिए जिम्मेदार प्रमुख उद्योग कौन से है?
Solution: नदियों के प्रदूषण के लिए कई उद्योग जिम्मेदार हैं, जिनमें प्रमुख हैं:
  • चमड़ा उद्योग (टैनिंग प्रक्रिया से निकलने वाले रसायन)
  • कागज एवं लुग्दी उद्योग (प्रसंस्करण से निकलने वाले रसायन और ठोस अपशिष्ट)
  • वस्त्र उद्योग (रंगाई और अन्य प्रक्रियाओं से निकलने वाले रसायन)
  • रसायन उद्योग (विभिन्न प्रकार के औद्योगिक रसायनों का निर्वहन)
ये उद्योग अपने अपशिष्ट जल को बिना उपचारित किए नदियों में बहा देते हैं, जिससे जल की गुणवत्ता गंभीर रूप से प्रभावित होती है।

प्रश्न 3

जल प्रदूषण से होने वाली प्रमुख बीमारियों कौन सी है?
Solution: जल प्रदूषण के कारण कई गंभीर बीमारियाँ हो सकती हैं, जिनमें प्रमुख हैं:
  • डायरिया (अतिसार): यह दूषित पानी पीने से होने वाला एक आम संक्रमण है, जो जठरांत्र संबंधी समस्याओं का कारण बनता है।
  • हेपेटाइटिस: यह यकृत (लिवर) का एक संक्रमण है, जो अक्सर हेपेटाइटिस ए वायरस से होता है, जो दूषित पानी या भोजन से फैलता है।
  • आंतों के कृमि (Intestinal Worms): दूषित पानी में मौजूद कृमि के अंडे या लार्वा के सेवन से आंतों में संक्रमण हो सकता है।
ये बीमारियाँ विशेष रूप से उन क्षेत्रों में अधिक प्रचलित हैं जहाँ स्वच्छ पेयजल और स्वच्छता की सुविधाएँ अपर्याप्त हैं।

प्रश्न 4

वायु प्रदूषण के लिये मुख्य रूप से कौन से कारक जिम्मेदार है?
Solution: वायु प्रदूषण के लिए मुख्य रूप से निम्नलिखित कारक जिम्मेदार हैं:
  1. जीवाश्म ईंधनों का दहन: कोयला, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस जैसे जीवाश्म ईंधनों को जलाने से बड़ी मात्रा में धुआं और हानिकारक गैसें निकलती हैं, जो वायुमंडल को प्रदूषित करती हैं।
  2. खनन और उद्योग: खनन गतिविधियों से धूल और कण हवा में फैलते हैं, जबकि विभिन्न औद्योगिक प्रक्रियाएं भी हानिकारक गैसों और कणों का उत्सर्जन करती हैं।
ये कारक वायुमंडल में विभिन्न प्रदूषकों की सांद्रता बढ़ाते हैं, जिससे वायु की गुणवत्ता खराब होती है।

प्रश्न 5

वायु को प्रदूषित करने वाले प्रमुख प्रदूषक तत्व कौन से है?
Solution: वायु को प्रदूषित करने वाले प्रमुख प्रदूषक तत्वों में शामिल हैं:
  • सल्फर ऑक्साइड (SOx)
  • कार्बन डाइऑक्साइड (CO2)
  • कार्बन मोनोऑक्साइड (CO)
  • सीसा (Lead - Pb)
  • एस्बेस्टस (Asbestos)
  • विभिन्न प्रकार के धूलकण (Particulate Matter - PM)
ये प्रदूषक विभिन्न स्रोतों जैसे वाहनों के उत्सर्जन, औद्योगिक प्रक्रियाओं और जीवाश्म ईंधनों के जलने से उत्पन्न होते हैं।

प्रश्न 6

वायु प्रदूषण जनित प्रमुख बीमारियां कौन सी है?
Solution: वायु प्रदूषण के कारण कई स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं, जिनमें प्रमुख हैं:
  1. श्वास संबंधी बीमारियाँ: जैसे दमा (Asthma) और अन्य श्वसन संबंधी संक्रमण, जो वायुमंडल में मौजूद कणों और गैसों के कारण बढ़ जाते हैं।
  2. तंत्रिका तंत्र संबंधी बीमारियाँ: कुछ प्रदूषक, जैसे सीसा (Lead), तंत्रिका तंत्र पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं, खासकर बच्चों के विकास के लिए हानिकारक होते हैं।
लंबे समय तक वायु प्रदूषण के संपर्क में रहने से फेफड़ों की कार्यक्षमता कम हो सकती है और अन्य गंभीर स्वास्थ्य जोखिम बढ़ सकते हैं।

प्रश्न 7

अम्लीय वर्षा से क्या तात्पर्य है?
Solution: अम्लीय वर्षा (Acid Rain) एक ऐसी वर्षा है जिसमें वायु प्रदूषण के कारण वातावरण में मौजूद अवांछित तत्व (जैसे सल्फर डाइऑक्साइड और नाइट्रोजन ऑक्साइड) जल वाष्प के साथ मिलकर सल्फ्यूरिक एसिड और नाइट्रिक एसिड बनाते हैं। जब यह वर्षा होती है, तो ये अम्लीय पदार्थ पृथ्वी पर गिरते हैं। यह न केवल मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है, बल्कि मिट्टी, जल स्रोतों, इमारतों और वनस्पतियों को भी नुकसान पहुँचाती है।

प्रश्न 8

गंगा एवं यमुना नदियों को गंदा करने में किन नगरों का योगदान सर्वाधिक है।
Solution: गंगा और यमुना नदियों को प्रदूषित करने में कई प्रमुख शहरों का महत्वपूर्ण योगदान है:

(अ) गंगा नदी: गंगा नदी को प्रदूषित करने वाले मुख्य शहर, उनके योगदान के क्रम में, निम्नलिखित हैं: कानपुर, इलाहाबाद (अब प्रयागराज), वाराणसी, पटना और कोलकाता। इन शहरों से निकलने वाला घरेलू और औद्योगिक अपशिष्ट बड़ी मात्रा में नदी में प्रवाहित होता है।

(ब) यमुना नदी: यमुना नदी के प्रदूषण में दिल्ली शहर का योगदान सर्वाधिक है। इसके अतिरिक्त, मथुरा और आगरा जैसे शहर भी अपने घरेलू और औद्योगिक अपशिष्टों को यमुना नदी में डालकर इसके प्रदूषण को बढ़ाते हैं।

प्रश्न 9

ध्वनि प्रदूषक को नापने वाली इकाई क्या है?
Solution: ध्वनि की तीव्रता या ध्वनि प्रदूषण के स्तर को मापने के लिए उपयोग की जाने वाली मानक इकाई 'डेसिबल' (Decibel - dB) है। डेसिबल एक लघुगणकीय पैमाना है जो ध्वनि के दबाव स्तर को दर्शाता है।

प्रश्न 10

धूम्र कोहरा से क्या तात्पर्य है?
Solution: धूम्र कोहरा (Smog) एक प्रकार का वायु प्रदूषण है जो तब बनता है जब वातावरण में मौजूद धुआं (Smoke) और धूल के कण सामान्य रूप से बनने वाले कोहरे (Fog) के साथ मिल जाते हैं। यह विशेष रूप से सर्दियों के महीनों में या औद्योगिक क्षेत्रों और घनी आबादी वाले शहरी इलाकों में अधिक देखा जाता है। धूम्र कोहरा स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक होता है, क्योंकि यह श्वसन संबंधी समस्याओं को बढ़ा सकता है और दृश्यता को भी कम कर सकता है।

प्रश्न 11

नगरों में अवशिष्ट निपटान सम्बन्धी समस्या विकराल रूप लेती जा रही है । इस समस्या से सम्बन्धित प्रमुख तीन तथ्यों का वर्णन कीजिए?
Solution: नगरों में अवशिष्ट निपटान (Waste Disposal) की समस्या कई कारणों से विकराल होती जा रही है। इस समस्या से संबंधित प्रमुख तीन तथ्य निम्नलिखित हैं:
  1. अपशिष्ट के पृथक्करण की समस्या: वर्तमान में, शहरी क्षेत्रों में उत्पन्न होने वाले विभिन्न प्रकार के ठोस अपशिष्टों, जैसे कि धातु, कांच, प्लास्टिक, सब्जियों के छिलके, कागज आदि को अलग-अलग संग्रहित करने की व्यवस्था प्रभावी ढंग से लागू नहीं है। सभी प्रकार के कचरे को एक साथ मिला दिया जाता है, जिससे उनके पुनर्चक्रण (Recycling) या उचित निपटान में अत्यधिक कठिनाई होती है।
  2. भराव स्थल (Landfill Site) की समस्या: बढ़ते शहरीकरण और जनसंख्या के कारण, महानगरों में उत्पन्न होने वाले विशाल मात्रा में कूड़े को डंप करने के लिए उपयुक्त भूमि की कमी एक गंभीर समस्या बन गई है। मौजूदा भराव स्थल भी अपनी क्षमता से अधिक भर चुके हैं, और नए स्थलों को खोजना या स्थापित करना चुनौतीपूर्ण है।
  3. पुनर्चक्रण की समस्या: अपशिष्टों के उचित पृथक्करण के अभाव और जन जागरूकता की कमी के कारण, बड़ी मात्रा में पुनर्चक्रणीय सामग्री (जैसे कागज, प्लास्टिक, धातु, कांच) भी अन्य कचरे के साथ फेंक दी जाती है। इससे न केवल संसाधनों की बर्बादी होती है, बल्कि पुनर्चक्रण की प्रक्रिया भी बाधित होती है।
  4. अन्य समस्याएं: इसके अतिरिक्त, कूड़े के ढेर से उत्पन्न होने वाली लीचेट (तरल रिसाव), दुर्गंध, और विभिन्न बीमारियों का प्रसार भी निपटान की समस्या को और गंभीर बनाते हैं।

प्रश्न 12

विकासशील देशों में शहरों की प्रमुख समस्याओं क्या है? स्पष्ट कीजियें?
Solution: विकासशील देशों में शहरों को कई गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ता है, जो उनके सतत विकास में बाधा डालती हैं। इनमें से प्रमुख समस्याएं निम्नलिखित हैं:
  1. अवशिष्ट निपटान की समस्या: तीव्र शहरीकरण और बढ़ती जनसंख्या के कारण उत्पन्न होने वाले ठोस और तरल अपशिष्टों के प्रबंधन और निपटान की व्यवस्था अक्सर अपर्याप्त होती है। इससे पर्यावरण प्रदूषण, बीमारियों का प्रसार और सार्वजनिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
  2. जनसंख्या विस्फोट की समस्या: ग्रामीण क्षेत्रों से शहरों की ओर पलायन और उच्च जन्म दर के कारण शहरों की जनसंख्या तेजी से बढ़ती है। यह जनसंख्या वृद्धि आवास, बुनियादी ढांचे (जैसे पानी, बिजली, सीवेज), परिवहन, रोजगार और सार्वजनिक सेवाओं पर अत्यधिक दबाव डालती है।
  3. स्लम बस्तियों की समस्या: बढ़ती जनसंख्या और सीमित संसाधनों के कारण, कई लोग शहरों में अनधिकृत और अविकसित बस्तियों (स्लम) में रहने को मजबूर होते हैं। इन बस्तियों में अक्सर आवास की स्थिति खराब होती है, और स्वच्छ पेयजल, स्वच्छता, बिजली, स्वास्थ्य देखभाल और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव होता है।
इन समस्याओं का समाधान करने के लिए सुनियोजित शहरी विकास, रोजगार सृजन, और बुनियादी सेवाओं के विस्तार की आवश्यकता है।

प्रश्न 13

स्लम बस्तियों से क्या तात्पर्य है? ये बस्तियां किस प्रकार की समस्यों से ग्रस्त हैं? संक्षेप में बताये?
Solution: स्लम बस्तियों से तात्पर्य उन अनियोजित और अविकसित आवासीय क्षेत्रों से है जहाँ लोग अत्यंत दयनीय परिस्थितियों में निवास करते हैं। इन बस्तियों की विशेषताएँ और समस्याएँ निम्नलिखित हैं:

तात्पर्य: स्लम बस्तियों में आवास की संरचनाएँ अक्सर बहुत छोटी और भीड़भाड़ वाली होती हैं, जहाँ परिवार के सदस्यों के लिए पर्याप्त व्यक्तिगत स्थान (जैसे विवाहित और अविवाहित सदस्यों के लिए अलग व्यवस्था) नहीं होता। इन क्षेत्रों में आमतौर पर सफाई, स्वच्छ पर्यावरण, और आवश्यक मूलभूत नागरिक सुविधाओं जैसे कि स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति, उचित सीवेज निपटान, और बिजली का अभाव होता है। गरीबी और अवसरों की कमी के कारण, अक्सर अन्य प्रदेशों से आए प्रवासी इन बस्तियों में रहने को विवश होते हैं।

समस्याएँ:

भौतिक समस्याएँ: इन बस्तियों में स्वच्छ जल की उपलब्धता, खुले और हवादार वातावरण की कमी, और पानी की निकासी के लिए समुचित व्यवस्था का अभाव प्रमुख भौतिक समस्याएँ हैं। घरों का आकार छोटा होने के कारण उनमें पर्याप्त शौचालय, रसोईघर और रहने के लिए कमरों की व्यवस्था नहीं हो पाती।

सामाजिक और स्वास्थ्य समस्याएँ: भीड़भाड़, गंदगी, और सुविधाओं के अभाव के कारण यहाँ बीमारियाँ आसानी से फैलती हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और सुरक्षित वातावरण तक पहुँच सीमित होती है, जिससे निवासियों के जीवन की गुणवत्ता प्रभावित होती है।

Common mistakes

  • प्रदूषण के मानवीय और प्राकृतिक कारकों के बीच अंतर करने में भ्रम।
  • विभिन्न प्रकार के प्रदूषणों से जुड़ी बीमारियों को गलत तरीके से जोड़ना।
  • शहरीकरण की समस्याओं को केवल एक पहलू तक सीमित समझना।
  • अपशिष्ट निपटान की जटिलताओं को कम आंकना।

Revision tips

  • प्रत्येक प्रकार के प्रदूषण (जल, वायु, ध्वनि) के मुख्य कारणों और प्रभावों की सूची बनाएं।
  • प्रदूषण जनित बीमारियों और उनके लक्षणों को याद करने के लिए फ़्लैशकार्ड का उपयोग करें।
  • गंगा और यमुना नदी के प्रदूषण में योगदान देने वाले शहरों के क्रम को मानचित्र पर चिह्नित करें।
  • शहरी अपशिष्ट निपटान और झुग्गी-बस्तियों से संबंधित समस्याओं के समाधान के उपायों पर विचार करें।

Practice MCQs

Q1. निम्नलिखित में से कौन सा कारक जल प्रदूषण के लिए उत्तरदायी है?

Q2. निम्नलिखित में से कौन सा उद्योग नदियों के प्रदूषण के लिए जिम्मेदार है?

Q3. वायु प्रदूषण से संबंधित कौन सी बीमारी है?

Q4. ध्वनि प्रदूषण को मापने की इकाई क्या है?

Q5. धूम्र कोहरा (Smog) का निर्माण कैसे होता है?

Frequently asked questions

कक्षा 12 भूगोल के अध्याय 12 में किन मुख्य पर्यावरणीय समस्याओं पर चर्चा की गई है?

इस अध्याय में मुख्य रूप से जल प्रदूषण, वायु प्रदूषण, ध्वनि प्रदूषण और शहरीकरण से उत्पन्न होने वाली समस्याओं जैसे अपशिष्ट निपटान और झुग्गी-बस्तियों पर चर्चा की गई है।

जल प्रदूषण के प्रमुख कारण क्या हैं?

जल प्रदूषण के प्रमुख कारणों में उद्योगों से निकला अपशिष्ट, धार्मिक क्रियाएं, पर्यटन, भूस्खलन, मलवा अवधाव और जीव-जंतुओं के मृत अवशेष शामिल हैं।

वायु प्रदूषण से कौन सी बीमारियाँ हो सकती हैं?

वायु प्रदूषण से श्वास संबंधी बीमारियाँ जैसे दमा और अस्थमा, तथा तंत्रिका तंत्र संबंधी बीमारियाँ हो सकती हैं।

शहरी क्षेत्रों में अपशिष्ट निपटान की मुख्य समस्याएँ क्या हैं?

शहरी क्षेत्रों में अपशिष्ट निपटान की मुख्य समस्याओं में अपशिष्ट के पृथक्करण की समस्या, भराव स्थल की कमी, पुनर्चक्रण की समस्या और कूड़े से उत्पन्न होने वाली लीच, बदबू एवं बीमारियों की समस्या शामिल है।

झुग्गी-बस्तियों से आप क्या समझते हैं?

झुग्गी-बस्तियाँ वे आवास क्षेत्र होते हैं जहाँ आवास अत्यंत छोटे होते हैं, और जिनमें सफाई, स्वच्छ पर्यावरण एवं मूलभूत सुविधाओं जैसे स्वच्छ जल, उचित निकासी व्यवस्था, शौचालय और रसोई की समुचित व्यवस्था का अभाव होता है।

यह समाधान छात्रों के लिए कैसे उपयोगी है?

यह समाधान छात्रों को अध्याय के प्रत्येक प्रश्न के उत्तर को समझने, महत्वपूर्ण अवधारणाओं को याद रखने और परीक्षा के लिए प्रभावी ढंग से तैयारी करने में मदद करता है।

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