कक्षा 12 भूगोल: भू संसाधन तथा कृषि NCERT समाधान
यह पृष्ठ CBSE कक्षा 12 भूगोल के अध्याय 5, 'भू संसाधन तथा कृषि' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। इसमें भूमि उपयोग के विभिन्न पैटर्न, भारत में प्रमुख फसलों जैसे चावल, गेहूं, ज्वार, कपास और गन्ने के उत्पादन, और विभिन्न फसल ऋतुओं (खरीफ, रबी, जायद) की गहन चर्चा शामिल है। समाधान कृषि पद्धतियों, मिट्टी की आवश्यकताओं और फसल गहनता की गणना जैसी महत्वपूर्ण अवधारणाओं को स्पष्ट करते हैं। यह छात्रों को भारत की कृषि अर्थव्यवस्था की जटिलताओं को समझने में मदद करता है, जिसमें विभिन्न राज्यों में प्रमुख फसलों के वितरण और उत्पादकता पर प्रकाश डाला गया है। ये समाधान छात्रों को परीक्षा की तैयारी के लिए एक स्पष्ट और संक्षिप्त मार्गदर्शिका प्रदान करते हैं, जिससे वे कृषि से संबंधित महत्वपूर्ण प्रश्नों के उत्तर आत्मविश्वास से दे सकें।
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 12 |
| Subject | भूगोल |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | 5. भूसंसाधन तथा कृषि |
Chapter summary
अध्याय 5 'भू संसाधन तथा कृषि' के ये NCERT समाधान छात्रों को भारत में भूमि के उपयोग के विभिन्न तरीकों और कृषि की प्रमुख विशेषताओं से परिचित कराते हैं। इसमें प्रमुख फसलों के उत्पादन, फसल ऋतुओं, और कृषि गहनता की गणना जैसी महत्वपूर्ण अवधारणाओं को शामिल किया गया है। समाधान छात्रों को विभिन्न फसलों के लिए आवश्यक मिट्टी और जलवायु की स्थिति को समझने में भी मदद करते हैं। यह खंड परीक्षा की तैयारी के लिए आवश्यक ज्ञान और समझ प्रदान करता है।
Learning outcomes
- भारत में भूमि उपयोग के विभिन्न वर्गों की पहचान करना।
- प्रमुख फसलों के उत्पादन और वितरण को समझना।
- फसल गहनता की गणना करना सीखना।
- विभिन्न फसल ऋतुओं (खरीफ, रबी, जायद) के बारे में जानना।
- चाय और कॉफी जैसी नकदी फसलों की खेती की आवश्यकताओं को समझना।
Topics covered
Paper topics
- भूमि उपयोग के प्रकार
- कृषि की परिभाषा
- फसल गहनता
- प्रमुख फसलें (चावल, गेहूं, ज्वार)
- नकदी फसलें (कपास, गन्ना)
- पेय फसलें (चाय, कॉफी)
- फसल ऋतुएँ (खरीफ, रबी, जायद)
- कृषि का क्षेत्रीय विभेदन
- बंजर और व्यर्थ भूमि
- कृषि उत्पादकता
Important topics
- भारत में भूमि उपयोग के विभिन्न वर्ग
- प्रमुख फसलों का उत्पादन और वितरण
- फसल गहनता की गणना
- खरीफ, रबी और जायद ऋतुओं की विशेषताएँ
- चाय और कॉफी की खेती के लिए आवश्यक दशाएँ
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Questions and Solutions
प्र-1 विश्व में चावल के उत्पादन में भारत का क्या योगदान है?
प्र-2 भारत में फसल का गहनता की गणना किस प्रकार की जाती है?
प्र-3 भारत विश्व में अनाज के उत्पादन में कौन से दो देशों के बाद तीसरे स्थान पर है?
प्र-4 भारत में कितनी फसल ऋतुएं हैं तथा उनके नाम क्या है?
- खरीफ: यह वर्षा ऋतु की फसल है, जो आमतौर पर जून-सितंबर/अक्टूबर में बोई और काटी जाती है।
- रबी: यह शीत ऋतु की फसल है, जो अक्टूबर-नवंबर में बोई जाती है और मार्च-अप्रैल में काटी जाती है।
- जायद: यह ग्रीष्म ऋतु की एक छोटी फसल ऋतु है, जो रबी की कटाई के बाद और खरीफ की बुवाई से पहले आती है।
प्र-5 पश्चिम बंगाल में किसान चावल की कितनी फसलें लेते हैं तथा उनके क्या नाम है?
प्र-6 भारत में ज्वार का सबसे अधिक उत्पादन किस राज्य में होता है?
प्र-7 कौन से देश में गेहूं व चावल की अधिक उत्पादकता की किस्में विकसित की गई थीं?
प्र-8 किस ऋतु में खरीफ की फसलें बोई जाती हैं?
प्र-9 चाय की खेती के लिए किस प्रकार की मिट्टी की आवश्यकता होती है?
प्र-10 बंजर व व्यर्थ भूमि का अर्थ स्पष्ट करो।
प्र-11 हमारे देश के उत्तर-पश्चिमी भाग में अमेरिकन कपास को क्या कहा जाता है?
प्र-12 हमारे देश में गन्ने का सबसे बड़ा उत्पादक राज्य कौन सा है?
प्र-13 भारत में कॉफ़ी का सबसे बड़ा उत्पादक राज्य कौन सा है?
प्र-14 भारत में चाय की खेती सबसे पहले कब और कहां शुरू की गई?
प्र-1 भारत में भूमि उपयोग के किन्हीं छह वर्गों का उल्लेख कीजिए?
- वनों के अधीन क्षेत्र: वे क्षेत्र जो वन विभाग के अंतर्गत आते हैं और वन आवरण से ढके हैं।
- गैर-कृषि कार्यों में प्रयुक्त भूमि: वह भूमि जो सड़कों, रेलवे, इमारतों, कारखानों आदि जैसे गैर-कृषि उपयोगों के लिए समर्पित है।
- बंजर और व्यर्थ भूमि: वह भूमि जो वर्तमान में कृषि के लिए अनुपयुक्त है, जैसे कि ऊबड़-खाबड़ भूमि, रेतीले क्षेत्र, या अन्य निम्नीकृत भूमि।
- स्थायी चारागाह और अन्य गोचर भूमि: वह भूमि जो पशुओं के चराई के लिए आरक्षित है।
- विविध वृक्षों, फसलों और उपवनों के अधीन क्षेत्र: वह भूमि जिस पर फलदार वृक्ष, बागान या अन्य वृक्षारोपण फसलें उगाई जाती हैं, लेकिन जो शुद्ध बोए गए क्षेत्र में शामिल नहीं होतीं।
- कृषि योग्य बंजर भूमि: वह भूमि जिसे पिछले 5 कृषि वर्षों से अधिक समय से खेती के तहत नहीं लाया गया है, लेकिन जिसे खेती योग्य बनाया जा सकता है।
Common mistakes
- भूमि उपयोग के वर्गों को ठीक से वर्गीकृत न कर पाना।
- फसल गहनता के सूत्र को गलत लागू करना।
- विभिन्न फसलों के उत्पादन वाले प्रमुख राज्यों को याद रखने में कठिनाई।
- फसल ऋतुओं के समय और विशेषताओं को भ्रमित करना।
Revision tips
- भारत के नक्शे पर प्रमुख फसल उत्पादक राज्यों को चिह्नित करें।
- फसल गहनता के सूत्र को याद करें और अभ्यास करें।
- खरीफ, रबी और जायद फसलों के उदाहरणों को समझें।
- चाय, कॉफी, कपास जैसी नकदी फसलों की विशेष आवश्यकताओं पर ध्यान दें।
Practice MCQs
Q1. भारत विश्व में चावल के उत्पादन में लगभग कितने प्रतिशत का योगदान देता है?
Explanation: भारत विश्व के कुल चावल उत्पादन का लगभग 22 प्रतिशत हिस्सा उत्पादित करता है, जो इसे एक प्रमुख चावल उत्पादक देश बनाता है।
Q2. फसल गहनता की गणना का सूत्र क्या है?
Explanation: फसल गहनता की गणना सकल बोए गए क्षेत्र को निवल बोए गए क्षेत्र से विभाजित करके और फिर 100 से गुणा करके की जाती है।
Q3. भारत विश्व में अनाज उत्पादन में किन दो देशों के बाद तीसरे स्थान पर है?
Explanation: भारत अनाज उत्पादन के मामले में संयुक्त राज्य अमेरिका और चीन के बाद विश्व में तीसरा सबसे बड़ा उत्पादक देश है।
Q4. भारत में मुख्य फसल ऋतुओं के नाम क्या हैं?
Explanation: भारत में मुख्य रूप से तीन फसल ऋतुएं होती हैं: खरीफ, रबी और जायद, जो विभिन्न मौसमों और जलवायु परिस्थितियों के अनुरूप होती हैं।
Q5. पश्चिम बंगाल में चावल की तीसरी फसल को क्या कहा जाता है?
Explanation: पश्चिम बंगाल में किसान चावल की तीन फसलें लेते हैं: ओस, अमान और बोरो। बोरो आमतौर पर वसंत ऋतु में काटी जाती है।
Frequently asked questions
कक्षा 12 भूगोल के अध्याय 5 में किन मुख्य विषयों को शामिल किया गया है?
इस अध्याय में भारत में भू-संसाधन और कृषि पर ध्यान केंद्रित किया गया है, जिसमें भूमि उपयोग के विभिन्न प्रकार, प्रमुख फसलें जैसे चावल, गेहूं, ज्वार, कपास, गन्ना, चाय, कॉफी, और फसल ऋतुएँ (खरीफ, रबी, जायद) शामिल हैं।
फसल गहनता क्या है और इसकी गणना कैसे की जाती है?
फसल गहनता यह मापती है कि एक निश्चित क्षेत्र में एक वर्ष में कितनी बार फसलें उगाई जाती हैं। इसकी गणना सकल बोए गए क्षेत्र को निवल बोए गए क्षेत्र से विभाजित करके और 100 से गुणा करके की जाती है।
भारत में प्रमुख फसल ऋतुओं के नाम क्या हैं?
भारत में तीन मुख्य फसल ऋतुएँ हैं: खरीफ (मानसून के साथ बोई जाने वाली), रबी (सर्दी में बोई जाने वाली), और जायद (गर्मी में उगाई जाने वाली छोटी ऋतु)।
यह समाधान छात्रों के लिए कैसे उपयोगी है?
ये समाधान छात्रों को अध्याय की अवधारणाओं को स्पष्ट करने, महत्वपूर्ण प्रश्नों के उत्तर समझने और परीक्षा की तैयारी में मदद करने के लिए विस्तृत और सटीक जानकारी प्रदान करते हैं।
चाय और कॉफी की खेती के लिए किस प्रकार की मिट्टी की आवश्यकता होती है?
चाय की खेती के लिए अच्छे अपवाह वाली, उष्ण आर्द्र या उपोष्ण आर्द्र जलवायु वाली मिट्टी की आवश्यकता होती है। कॉफी के लिए भी अच्छी जल निकासी वाली, ह्यूमस युक्त मिट्टी उपयुक्त होती है।
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