CBSE Class 12 हिंदी NCERT Solutions: पाठ 4 - रघुवीर सहाय

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This comprehensive set of NCERT Solutions for CBSE Class 12 Hindi, Chapter 4, focuses on the poem by Raghuvir Sahay. It delves into the nuances of the poem, particularly its critique of media portrayal of differently-abled individuals. The solutions explain the poet's use of parentheses, the underlying cruelty masked as compassion in media interviews, and the satirical commentary on media's power and commercial motives. Students will find detailed answers to questions about the poem's intent, the media's role, and the ethical considerations of such portrayals. These solutions are designed to help students grasp the deeper meanings and themes, aiding in their exam preparation and critical understanding of the text.

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 12
Subjectहिंदी
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter4. रघुवीर सहाय

Chapter summary

NCERT Solutions for Class 12 Hindi, Chapter 4, 'रघुवीर सहाय', provides in-depth analysis of the poet's work. It covers the significance of poetic devices like parentheses, the critique of media's sensationalist approach towards the disabled, and the poet's commentary on power dynamics. The solutions help students understand the underlying social messages and the poet's satirical tone, offering clarity on complex themes for effective revision.

Learning outcomes

  • Understand the significance of parentheses in poetry.
  • Analyze the critique of media's portrayal of the disabled.
  • Identify the poet's satirical commentary on power and commercialism.
  • Evaluate the ethical implications of media interviews with vulnerable individuals.
  • Develop a critical perspective on social issues presented in literature.

Topics covered

Paper topics

  • Poetic devices (parentheses)
  • Media ethics
  • Portrayal of the disabled
  • Commercialism in media
  • Satire and irony
  • Social commentary
  • Power dynamics
  • Raghuvir Sahay's poetry

Important topics

  • Critique of media's portrayal of the disabled
  • The use of parentheses for emphasis and address
  • Satirical commentary on media's commercial motives
  • Understanding the poet's perspective on power and vulnerability

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Questions and Solutions

प्रश्न 1

कविता में कुछ पंक्तियाँ कोष्ठकों में रखी गई हैं - आपकी समझ से इसका क्या औचित्य है?
Solution: कविता में कुछ पंक्तियों को कोष्ठकों में रखने का औचित्य कवि के मुख्य भावों को और अधिक स्पष्ट करना है। इन कोष्ठकों के माध्यम से कवि सीधे तौर पर विभिन्न पात्रों को संबोधित करते हैं, जैसे कैमरामैन को 'कैमरा दिखाओ इसे बड़ा-बड़ा' या 'कैमरा ......की कीमत है' कहकर, दर्शकों को 'हम खुद इशारे से बताएँगे क्या ऐसा?' या 'यह प्रश्न पूछा नहीं जाएगा' कहकर, और अपंग व्यक्ति को 'वह अवसर खो देंगे?' या 'बस थोड़ी कसर रह गई।' कहकर। इस प्रकार, कोष्ठक कविता के उद्देश्य को प्रभावी ढंग से व्यक्त करने, दर्शकों और श्रोताओं के साथ सीधा संपर्क स्थापित करने और आवश्यक निर्देशों का आदान-प्रदान करने में सहायक होते हैं।

प्रश्न 2

कैमरे में बंद अपाहिज करुणा के मुखौटे में छिपी क्रूरता की कविता है - विचार कीजिए।
Solution: यह कथन बिल्कुल सत्य है कि 'कैमरे में बंद अपाहिज' कविता करुणा के मुखौटे में छिपी क्रूरता को उजागर करती है। दूरदर्शन जैसे माध्यम पर एक अपाहिज व्यक्ति का साक्षात्कार अक्सर व्यावसायिक उद्देश्यों की पूर्ति के लिए किया जाता है। इसमें अपाहिज व्यक्ति की पीड़ा को सार्वजनिक प्रदर्शन की वस्तु बनाया जाता है और उसकी निजी भावनाओं को कुरेदा जाता है। साक्षात्कारकर्ता का उद्देश्य उस व्यक्ति के सुख-दुख से नहीं, बल्कि कार्यक्रम को सनसनीखेज बनाकर अधिक दर्शकों तक पहुँचाना होता है। कवि का तात्पर्य है कि ऐसे कार्यक्रम संवेदनशीलता का दिखावा करते हैं, लेकिन वास्तव में वे पीड़ित की लाचारी का फायदा उठाकर लोक-मर्यादा का उल्लंघन करते हैं। उनकी कथनी और करनी में स्पष्ट अंतर दिखाई देता है।

प्रश्न 3

हम समर्थ शक्तिवान और हम एक दुर्बल को लाएँगे पंक्ति के माध्यम से कवि ने क्या व्यंग्य किया है?
Solution: 'हम समर्थ शक्तिवान' पंक्ति के माध्यम से कवि ने उन मीडियाकर्मियों पर तीखा व्यंग्य किया है जो स्वयं को अत्यधिक सक्षम और शक्तिशाली मानते हैं। वे अहंकार में डूबे रहते हैं और यह समझते हैं कि वे किसी भी व्यक्ति की परिस्थिति या भाग्य को बदल सकते हैं। 'हम एक दुर्बल को लाएँगे' पंक्ति के माध्यम से कवि लाचारी और असहायता के भाव को प्रदर्शित करते हैं। इसका अर्थ यह है कि साक्षात्कारकर्ता किसी भी बेबस और लाचार व्यक्ति को लाकर, उसकी मजबूरी का तमाशा बना सकता है और उसकी पीड़ा को मनोरंजन का साधन बना सकता है। यह पंक्ति मीडिया की शक्ति और उसके दुरुपयोग को दर्शाती है।

प्रश्न 4

यदि शारीरिक रूप से चुनौती का सामना कर रहे व्यक्ति और दर्शक, दोनों एक साथ रोने लगेंगे, तो उससे प्रश्नकर्ता का कौन-सा उद्देश्य पूरा होगा?
Solution: यदि शारीरिक रूप से चुनौती का सामना कर रहे व्यक्ति और दर्शक, दोनों एक साथ रोने लगेंगे, तो इससे प्रश्नकर्ता का मुख्य उद्देश्य कार्यक्रम के प्रति लोगों का ध्यान आकर्षित करना होगा। इस प्रकार की भावनात्मक प्रतिक्रिया से कार्यक्रम में रोचकता और संवेदनशीलता का पुट आता है, जिससे अधिक से अधिक दर्शक उसे देखने के लिए प्रेरित होते हैं। मीडिया कर्मियों का एक प्रमुख उद्देश्य प्रसारण के समय में रोचक और भावनात्मक सामग्री परोसकर कार्यक्रम को लोकप्रिय बनाना होता है, जिससे उन्हें धन और यश दोनों की प्राप्ति हो सके।

प्रश्न 5

परदे पर वक्त की कीमत है कहकर कवि ने पूरे साक्षात्कार के प्रति अपना नज़रिया किस रूप में रखा है?
Solution: 'परदे पर वक्त की कीमत है' कहकर कवि ने साक्षात्कार के प्रति अपना नकारात्मक और आलोचनात्मक नज़रिया व्यक्त किया है। यह पंक्ति मीडिया कर्मियों के व्यावसायिक रवैये को दर्शाती है, जिनका एकमात्र उद्देश्य प्रसारण के समय का सदुपयोग करके कार्यक्रम को अधिक से अधिक लोकप्रिय बनाना और उससे व्यावसायिक लाभ कमाना होता है। वे किसी की पीड़ा को कम करने के बजाय उसे बढ़ा-चढ़ाकर दिखाते हैं ताकि दर्शकों की रुचि बनी रहे। मीडियाकर्मी सामाजिक जिम्मेदारी निभाने का दिखावा करते हुए भी, वास्तव में किसी की पीड़ा को एक व्यावसायिक उत्पाद के रूप में प्रस्तुत करते हैं और उसकी पूरी कीमत वसूल करना चाहते हैं।

प्रश्न 6

यदि आपको शारीरिक चुनौती का सामना कर रहे किसी मित्र का परिचय लोगों से करवाना हो, तो किन शब्दों में करवाएँगी?
Solution: यदि मुझे शारीरिक चुनौती का सामना कर रहे किसी मित्र का परिचय लोगों से करवाना हो, तो मैं कुछ इस प्रकार के शब्दों का प्रयोग करूँगी: "ये मेरे मित्र प्रकाश जी हैं, जो मेरे पड़ोसी भी हैं। जन्म से ही इन्हें शारीरिक चुनौती का सामना करना पड़ा है, लेकिन इन्होंने कभी इसे अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया। अपनी शिक्षा और कंप्यूटर जैसे क्षेत्रों में महारत हासिल करके, इन्होंने अपनी उम्र के अन्य छात्रों से कहीं आगे बढ़कर सफलता प्राप्त की है। अपने अथक परिश्रम और दृढ़ संकल्प के बल पर, इन्होंने क्षेत्र में एक कंप्यूटर प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना की है। आज ये न केवल स्वयं सफल हैं, बल्कि दूसरों के लिए प्रेरणा का स्रोत भी हैं।"

प्रश्न 7

सामाजिक उद्देश्य से युक्त ऐसे कार्यक्रम को देखकर आपको कैसा लगेगा? अपने विचार संक्षेप में लिखें।
Solution: सामाजिक उद्देश्य से युक्त होने का दावा करने वाले ऐसे कार्यक्रम को देखकर मुझे आयोजकों के अमानवीय और व्यावसायिक रवैये पर घृणा आएगी। पीड़ित व्यक्ति की पीड़ा को इस तरह सार्वजनिक रूप से प्रस्तुत करना अत्यंत अनुचित है। मैं पीड़ित के मनोभावों को समझकर अत्यंत दुखी महसूस करूँगी। एक जागरूक नागरिक के तौर पर, मैं ऐसे कार्यक्रमों का विरोध करूँगी क्योंकि ये संवेदनशीलता का दिखावा करते हुए वास्तव में शोषण करते हैं।

प्रश्न 8

यदि आप इस कार्यक्रम के दर्शक हैं तो टी.वी. पर ऐसे सामाजिक कार्यक्रम को देखकर एक पत्र में अपनी प्रतिक्रिया दूरदर्शन निदेशक को भेजें।
Solution:

सेवा में,

निदेशक,

दूरदर्शन प्रसार समिति,

नई दिल्ली।

विषय: कार्यक्रम 'कैमरे में बंद अपाहिज' के प्रसारण के संबंध में।

महोदय,

सविनय निवेदन है कि मैं आपके चैनल पर प्रसारित होने वाले कार्यक्रम 'कैमरे में बंद अपाहिज' का एक नियमित दर्शक हूँ। हाल ही में प्रसारित हुए एक एपिसोड में, मैंने देखा कि किस प्रकार एक शारीरिक रूप से चुनौती का सामना कर रहे व्यक्ति का साक्षात्कार लिया गया। यद्यपि कार्यक्रम का उद्देश्य सामाजिक संवेदनशीलता बढ़ाना प्रतीत होता है, परन्तु साक्षात्कार के तरीके ने मुझे अत्यंत असहज महसूस कराया।

साक्षात्कारकर्ता द्वारा पूछे गए प्रश्न और जिस प्रकार से अपंग व्यक्ति की पीड़ा को सनसनीखेज बनाकर प्रस्तुत किया गया, वह मानवीय गरिमा के विरुद्ध था। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो पीड़ित की लाचारी का व्यावसायिक लाभ उठाया जा रहा हो। करुणा के मुखौटे में छिपी यह क्रूरता अत्यंत निंदनीय है।

मेरा आपसे अनुरोध है कि भविष्य में ऐसे कार्यक्रमों के प्रसारण में अधिक संवेदनशीलता और मानवीय गरिमा का ध्यान रखा जाए। पीड़ित व्यक्तियों की भावनाओं का सम्मान किया जाना चाहिए और उनकी पीड़ा को मनोरंजन का साधन नहीं बनाया जाना चाहिए।

आपसे आशा है कि आप इस मामले पर ध्यान देंगे और उचित कार्रवाई करेंगे।

धन्यवाद।

भवदीय,

[आपका नाम]

[पता]

[दिनांक]

Common mistakes

  • Misinterpreting the purpose of parentheses in the poem.
  • Overlooking the satirical intent behind the media's actions.
  • Failing to connect the poem's themes to broader social issues.
  • Confusing the poet's critique with a literal depiction of events.

Revision tips

  • Focus on the poet's use of specific words and phrases to convey satire.
  • Analyze the contrast between the media's stated intentions and their actual actions.
  • Consider the emotional impact of the poem on the reader.
  • Practice answering questions that require critical interpretation of the poem's themes.

Practice MCQs

Q1. कविता में कोष्ठकों का प्रयोग किस उद्देश्य से किया गया है?

Q2. कैमरे में बंद अपाहिज कविता में करुणा के मुखौटे में छिपी किस क्रूरता की बात कही गई है?

Q3. 'हम समर्थ शक्तिवान' पंक्ति के माध्यम से कवि ने किन पर व्यंग्य किया है?

Q4. साक्षात्कारकर्ता का मुख्य उद्देश्य क्या होता है?

Q5. यदि अपाहिज व्यक्ति और दर्शक दोनों रोने लगें तो प्रश्नकर्ता का क्या उद्देश्य पूरा होगा?

Frequently asked questions

CBSE कक्षा 12 हिंदी के पाठ 4 'रघुवीर सहाय' में कोष्ठकों का क्या महत्व है?

कविता में कोष्ठकों का प्रयोग कवि द्वारा मुख्य भावों को स्पष्ट करने, विभिन्न पात्रों (जैसे कैमरामैन, दर्शक) को संबोधित करने और निर्देशों को इंगित करने के लिए किया गया है।

यह कविता मीडिया के बारे में क्या आलोचना करती है?

यह कविता मीडिया द्वारा अपाहिज व्यक्तियों के साक्षात्कार को व्यावसायिक लाभ के लिए सनसनीखेज बनाने और उनकी पीड़ा को मनोरंजन का साधन बनाने की आलोचना करती है।

'हम समर्थ शक्तिवान' पंक्ति का क्या अर्थ है?

इस पंक्ति के माध्यम से कवि मीडियाकर्मियों पर व्यंग्य करते हैं जो स्वयं को शक्तिशाली मानकर अपाहिज व्यक्तियों की लाचारी का फायदा उठाते हैं।

साक्षात्कारकर्ता का मुख्य लक्ष्य क्या होता है?

साक्षात्कारकर्ता का मुख्य लक्ष्य कार्यक्रम को अधिक से अधिक लोकप्रिय बनाना और व्यावसायिक उद्देश्य पूरा करना होता है, न कि पीड़ित की भावनाओं का सम्मान करना।

इस कविता को पढ़कर छात्रों को क्या सीखना चाहिए?

छात्रों को मीडिया के नैतिक पहलुओं, सामाजिक मुद्दों के प्रति संवेदनशीलता और साहित्य के माध्यम से व्यक्त किए जाने वाले व्यंग्य को समझना सीखना चाहिए।

क्या यह कविता केवल अपाहिज व्यक्तियों के बारे में है?

नहीं, यह कविता व्यापक रूप से मीडिया की भूमिका, शक्ति के दुरुपयोग और व्यावसायिकता के प्रभाव पर एक टिप्पणी है, जिसमें अपाहिज व्यक्तियों का चित्रण एक प्रमुख उदाहरण के रूप में है।

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