कक्षा 11 भूगोल: भारत भौतिक पर्यावरण - संरचना तथा भू-आकृति विज्ञान NCERT समाधान
यह पृष्ठ सीबीएसई कक्षा 11 के भूगोल विषय के अध्याय 2, "संरचना तथा भू-आकृति विज्ञान" के लिए विस्तृत एनसीईआरटी समाधान प्रस्तुत करता है। इसमें भारत की प्रमुख भू-आकृतियों, जैसे करेवा, लोकटक झील, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह को अलग करने वाले जल क्षेत्र, और डोडाबेटा चोटी से संबंधित बहुवैकल्पिक प्रश्नों के उत्तर शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, यह लक्षद्वीप तक पहुँचने के लिए तटीय मैदानों की प्रासंगिकता, भारत में ठंडे मरुस्थल की स्थिति और श्रेणियों, पश्चिमी तटीय मैदानों पर डेल्टा की अनुपस्थिति, अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में स्थित द्वीप समूहों के बीच तुलनात्मक विश्लेषण, और नदी घाटी मैदानों में निर्मित महत्वपूर्ण स्थलाकृतियों पर विस्तृत उत्तर प्रदान करता है। ये समाधान छात्रों को भारत की भौतिक संरचना और भू-आकृतिक विशेषताओं की गहन समझ विकसित करने में मदद करते हैं, जो परीक्षा की तैयारी के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 11 |
| Subject | भारत भौतिक पर्यावरण |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | 2. संरचना तथा भू-आकृति विज्ञान |
Chapter summary
यह खंड कक्षा 11 के भूगोल के अध्याय "संरचना तथा भू-आकृति विज्ञान" के लिए एनसीईआरटी समाधान प्रदान करता है। इसमें भारत की विविध भू-आकृतियों से संबंधित बहुवैकल्पिक और लघु उत्तरीय प्रश्नों को शामिल किया गया है, जैसे करेवा का निर्माण, लोकटक झील का स्थान, अंडमान-निकोबार को अलग करने वाले चैनल, और डोडाबेटा चोटी। विस्तृत उत्तरों में लक्षद्वीप तक पहुँचने के लिए तटीय मैदानों का महत्व, ठंडे मरुस्थल की अवस्थिति, पश्चिमी तटीय मैदानों पर डेल्टा न बनने के कारण, अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के द्वीप समूहों का तुलनात्मक अध्ययन, और नदी घाटी मैदानों में पाई जाने वाली स्थलाकृतियों का वर्णन किया गया है।
Learning outcomes
- भारत की प्रमुख भू-आकृतियों की पहचान करना और उनका स्थान बताना।
- विभिन्न द्वीप समूहों की विशेषताओं और उनके निर्माण की प्रक्रिया को समझना।
- तटीय मैदानों और नदी घाटी मैदानों से संबंधित भौगोलिक अवधारणाओं को स्पष्ट करना।
- भारत के ठंडे मरुस्थल और उसकी भौगोलिक स्थिति का वर्णन करना।
- अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के द्वीप समूहों के बीच तुलनात्मक विश्लेषण करना।
Topics covered
Paper topics
- करेवा भू-आकृतियाँ
- लोकटक झील
- अंडमान और निकोबार द्वीप समूह
- 10° चैनल
- डोडाबेटा चोटी
- नीलगिरी पहाड़ी श्रृंखला
- लक्षद्वीप
- मालाबार तट
- ठंडा मरुस्थल (लद्दाख)
- पश्चिमी तटीय मैदान
- डेल्टा निर्माण
- नदी घाटी मैदान की स्थलाकृतियाँ
Important topics
- भारत की प्रमुख भू-आकृतियाँ (पर्वत, मैदान, पठार)
- द्वीप समूह (अरब सागर और बंगाल की खाड़ी)
- तटीय मैदानों की विशेषताएँ
- नदी घाटी मैदानों में निर्मित स्थलाकृतियाँ
- ठंडा मरुस्थल और उसकी विशेषताएँ
PDF preview
Read page by page below. PDF is streamed from the official NCERT website — no download button on this page.
Questions and Solutions
प्रश्न 1 (बहुवैकल्पिक)
- करेवा भूआकृति कहाँ पाई जाती है?
- (क) उत्तरी-पूर्वी हिमालय
- (ख) पूर्वी हिमालय
- (ग) हिमाचल-उत्तरांचल हिमालय
- (घ) कश्मीर हिमालय
प्रश्न 1 (बहुवैकल्पिक)
- (क) केरल
- (ख) मणिपुर
- (ग) उत्तरांचल
- (घ) राजस्थान
प्रश्न 1 (बहुवैकल्पिक)
- (क) 11° चैनल
- (ख) 10° चैनल
- (ग) मन्नार की खाड़ी
- (घ) अंडमान सागर
प्रश्न 1 (बहुवैकल्पिक)
- (क) नीलगिरी
- (ख) कार्डामिम
- (ग) अनामलाई
- (घ) नल्लामाला
प्रश्न 2 (लघु उत्तरीय)
प्रश्न 2 (लघु उत्तरीय)
प्रश्न 2 (लघु उत्तरीय)
प्रश्न 3 (विस्तृत उत्तरीय)
- यह द्वीपसमूह केरल तट से लगभग 280 से 480 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।
- इसमें कुल 36 छोटे-बड़े द्वीप शामिल हैं, जिनमें से केवल कुछ पर ही मानव निवास है।
- लक्षद्वीप का निर्माण मुख्य रूप से प्रवाल निक्षेपों (coral deposits) से हुआ है। ये एटॉल (atoll) प्रकार के द्वीप हैं।
- यह द्वीपसमूह 8° उत्तर से 12° उत्तर अक्षांश और 71° पूर्व से 74° पूर्व देशांतर के बीच फैला हुआ है।
- यह द्वीपसमूह भारत की मुख्य भूमि से पूर्व की ओर स्थित है और बंगाल की खाड़ी में फैला हुआ है।
- इसमें कुल 572 द्वीप हैं, जो अंडमान और निकोबार नामक दो मुख्य भागों में विभाजित हैं।
- इन द्वीपों का निर्माण मुख्यतः समुद्र में डूबे हुए पर्वतों के उभरे हुए हिस्से माने जाते हैं। कुछ द्वीपों की उत्पत्ति ज्वालामुखी क्रिया से भी हुई है।
- यह द्वीपसमूह 6° उत्तर से 14° उत्तर अक्षांश और 92° पूर्व से 94° पूर्व देशांतर के बीच स्थित है।
प्रश्न 3 (विस्तृत उत्तरीय)
- जलोढ़ पंख (Alluvial Fan): जब कोई नदी पहाड़ी ढाल से उतरकर मैदानी भाग में प्रवेश करती है, तो उसकी गति अचानक कम हो जाती है। इस कारण वह अपने साथ लाए गए कंकड़, पत्थर, रेत और मिट्टी को कीपाकार या पंखे के आकार में जमा कर देती है, जिसे जलोढ़ पंख कहते हैं।
- तराई क्षेत्र (Terai Region): पहाड़ी क्षेत्रों से उतरने के बाद नदियाँ भारी मात्रा में कंकड़-पत्थर जमा कर देती हैं, जिससे एक दलदली और नम क्षेत्र का निर्माण होता है, जिसे तराई क्षेत्र कहा जाता है। यह क्षेत्र जैव विविधता के लिए महत्वपूर्ण है।
- बांगर (Bhangar): यह मैदानी भागों में पाई जाने वाली पुरानी जलोढ़ मिट्टी का क्षेत्र है। यह बाढ़ के मैदानों से ऊँचाई पर स्थित होता है और इसमें कैल्शियम कार्बोनेट के निक्षेप (कंकड़) पाए जाते हैं, जिन्हें 'कंकड़' कहा जाता है।
- खादर (Khadar): यह नदी के बाढ़ वाले मैदानों में पाई जाने वाली नई जलोढ़ मिट्टी का क्षेत्र है। यह क्षेत्र प्रतिवर्ष बाढ़ के पानी से नई उपजाऊ मिट्टी से भर जाता है, इसलिए यह कृषि के लिए अत्यंत उपजाऊ होता है।
- विसर्प (Meanders): मैदानी भागों में नदी की धारा टेढ़ी-मेढ़ी हो जाती है, जिसे विसर्प कहते हैं। नदी अपने मार्ग में लगातार कटाव और भराव करती रहती है, जिससे ये घुमावदार मार्ग बनते हैं।
- ऑक्स-बो झील (Ox-bow Lake): नदी के विसर्पों के अपरदन और निक्षेपण के कारण, समय के साथ नदी अपना मार्ग सीधा कर लेती है और पुराने विसर्प का घुमावदार भाग मुख्य धारा से कटकर अलग हो जाता है, जो घोड़े की नाल के आकार का झील बन जाता है। इसे ऑक्स-बो झील कहते हैं।
- डेल्टा (Delta): जब नदी समुद्र में मिलने से पहले अपने मुहाने पर अवसादों को जमा करके त्रिभुजाकार मैदान का निर्माण करती है, तो उसे डेल्टा कहते हैं। यह क्षेत्र अत्यंत उपजाऊ होता है।
Common mistakes
- द्वीप समूहों के निर्माण की प्रक्रियाओं को समझने में भ्रमित होना।
- तटीय मैदानों और डेल्टा निर्माण के बीच संबंध को गलत समझना।
- विभिन्न हिमालयी श्रेणियों और उनके भौगोलिक वितरण को याद रखने में कठिनाई।
- ठंडे मरुस्थल और गर्म मरुस्थल के बीच अंतर को स्पष्ट न कर पाना।
Revision tips
- भारत के मानचित्र पर सभी उल्लिखित भू-आकृतियों, झीलों और द्वीप समूहों को चिह्नित करें।
- अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के द्वीप समूहों के बीच तुलनात्मक तालिका बनाएँ।
- नदी घाटी मैदानों में निर्मित स्थलाकृतियों के चित्र बनाकर उनके निर्माण की प्रक्रिया को समझें।
- ठंडे मरुस्थल से संबंधित मुख्य विशेषताओं और श्रेणियों को संक्षिप्त नोट्स के रूप में तैयार करें।
Practice MCQs
Q1. करेवा भू-आकृतियाँ मुख्य रूप से किस हिमालयी क्षेत्र में पाई जाती हैं?
Explanation: करेवा भू-आकृतियाँ कश्मीर हिमालय क्षेत्र में पाई जाती हैं, जो हिमनदों द्वारा जमा की गई गाद और तलछट से निर्मित होती हैं।
Q2. भारत की किस झील को 'लोकटक झील' के नाम से जाना जाता है?
Explanation: लोकटक झील भारत के मणिपुर राज्य में स्थित एक महत्वपूर्ण मीठे पानी की झील है, जो अपनी तैरती हुई द्वीपों (फुम्डी) के लिए प्रसिद्ध है।
Q3. अंडमान और निकोबार द्वीप समूह को मुख्य भूमि से कौन-सा जल क्षेत्र अलग करता है?
Explanation: अंडमान सागर बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पूर्व में स्थित है और अंडमान द्वीप समूह के पूर्व में है। हालांकि, अंडमान और निकोबार को अलग करने वाला चैनल 10° चैनल है, और अंडमान सागर व्यापक जल क्षेत्र है जिसमें ये द्वीप स्थित हैं।
Q4. डोडाबेटा चोटी किस प्रमुख पहाड़ी श्रृंखला का हिस्सा है?
Explanation: डोडाबेटा चोटी दक्षिण भारत की नीलगिरी पहाड़ी श्रृंखला में स्थित है और यह इस श्रृंखला की सबसे ऊँची चोटी है।
Q5. लक्षद्वीप किस सागर में स्थित है और यह किस तटीय मैदान के सबसे निकट है?
Explanation: लक्षद्वीप समूह अरब सागर में स्थित है और केरल के मालाबार तट से सबसे निकट है, जिसकी न्यूनतम दूरी लगभग 280 किलोमीटर है।
Frequently asked questions
कक्षा 11 भूगोल के अध्याय 2 "संरचना तथा भू-आकृति विज्ञान" में कौन-कौन से मुख्य विषय शामिल हैं?
इस अध्याय में भारत की प्रमुख भू-आकृतियों जैसे करेवा, लोकटक झील, अंडमान-निकोबार द्वीप समूह, डोडाबेटा चोटी, लक्षद्वीप, ठंडा मरुस्थल, पश्चिमी तटीय मैदान और नदी घाटी मैदानों में निर्मित स्थलाकृतियों का विस्तृत वर्णन किया गया है।
लक्षद्वीप तक पहुँचने के लिए किस तटीय मैदान का उपयोग किया जाता है और क्यों?
लक्षद्वीप अरब सागर में स्थित है और यह केरल के मालाबार तट के सबसे निकट है। मालाबार तट से इसकी न्यूनतम दूरी लगभग 280 किलोमीटर है, इसलिए इस तटीय मैदान से होकर लक्षद्वीप पहुँचना सबसे सुविधाजनक होता है।
पश्चिमी तटीय मैदान पर डेल्टा क्यों नहीं पाए जाते हैं?
पश्चिमी तटीय मैदान पर बहने वाली नदियों की ढाल तीव्र होती है, जिसके कारण वे अपने मुहाने पर डेल्टा बनाने के बजाय ज्वारनदमुख बनाती हैं। इस कारण यहाँ डेल्टा का निर्माण नहीं होता है।
अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के द्वीप समूहों में क्या मुख्य अंतर हैं?
अरब सागर में लक्षद्वीप और मिनिकॉय प्रवाल निक्षेपों से बने हैं, जबकि बंगाल की खाड़ी में अंडमान और निकोबार द्वीप समूह जलमग्न पर्वतों का हिस्सा हैं और कुछ ज्वालामुखी उद्गार से भी बने हैं। बंगाल की खाड़ी में द्वीपों की संख्या (572) लक्षद्वीप (36) से काफी अधिक है।
भारत में 'ठंडा मरुस्थल' कहाँ स्थित है और इसकी मुख्य श्रेणियाँ कौन-सी हैं?
भारत में ठंडा मरुस्थल कश्मीर हिमालय के उत्तरी-पूर्वी भाग में लद्दाख श्रेणी में स्थित है। इस क्षेत्र की मुख्य श्रेणियों में काराकोरम, जास्कर, लद्दाख और पीरपंजाल शामिल हैं।
Content reviewed by the NCERT Help team. Editorial Team and update policy
NCERT Solutions PDF PDF on NCERT Help. URL unchanged for search indexing.