कक्षा 11 भूगोल: प्राकृतिक संकट तथा आपदाएँ NCERT समाधान
यह पृष्ठ कक्षा 11 की भूगोल की पाठ्यपुस्तक 'भारत भौतिक पर्यावरण' के अध्याय 7, 'प्राकृतिक संकट तथा आपदाएँ' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। इसमें बहुवैकल्पिक प्रश्नों और संक्षिप्त उत्तर वाले प्रश्नों के उत्तर शामिल हैं, जो बाढ़, भूस्खलन, भूकंप, उष्णकटिबंधीय तूफान और सूखे जैसी विभिन्न प्राकृतिक आपदाओं के कारणों और विशेषताओं पर प्रकाश डालते हैं। समाधान प्रत्येक प्रश्न के लिए स्पष्टीकरण प्रदान करते हैं, जिससे छात्रों को इन प्राकृतिक घटनाओं की जटिलताओं को समझने में मदद मिलती है। यह संसाधन छात्रों को परीक्षा की तैयारी में सहायता करने और प्राकृतिक आपदाओं से संबंधित महत्वपूर्ण अवधारणाओं की उनकी समझ को मजबूत करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 11 |
| Subject | भारत भौतिक पर्यावरण |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | 7. प्राकृतिक संकट तथा आपदाएँ |
Chapter summary
अध्याय 7, 'प्राकृतिक संकट तथा आपदाएँ' के ये NCERT समाधान छात्रों को भारत में विभिन्न प्राकृतिक आपदाओं की समझ प्रदान करते हैं। इसमें बाढ़ के भौगोलिक वितरण, भूस्खलन के विशिष्ट स्थानों, मौसमी बाढ़ के कारणों, प्रमुख नदियों पर स्थित नदीय द्वीपों और विभिन्न प्रकार की आपदाओं (जैसे वायुमंडलीय तूफान) का वर्गीकरण शामिल है। समाधान संकटों के आपदाओं में बदलने की स्थितियों, हिमालयी क्षेत्रों में भूकंपीय गतिविधि के कारणों, उष्णकटिबंधीय तूफानों के लिए अनुकूल परिस्थितियों, पूर्वी और पश्चिमी भारत में बाढ़ की भिन्नताओं और पश्चिमी व मध्य भारत में सूखे की अधिकता पर भी प्रकाश डालते हैं।
Learning outcomes
- भारत के विभिन्न राज्यों में बाढ़ की आवृत्ति को समझना।
- भूस्खलन जैसी विशिष्ट आपदाओं के स्थानों की पहचान करना।
- विभिन्न प्रकार की प्राकृतिक आपदाओं (जैसे मौसमी बाढ़, तूफान) के कारणों का विश्लेषण करना।
- भूकंपीय गतिविधि के लिए जिम्मेदार भौगोलिक कारकों को समझना।
- सूखे की भौगोलिक भिन्नताओं और कारणों का वर्णन करना।
- संकट और आपदा के बीच अंतर स्पष्ट करना।
Topics covered
Paper topics
- प्राकृतिक संकट
- आपदाएँ
- बाढ़
- भूस्खलन
- भूकंप
- उष्ण कटिबंधीय तूफान
- सूखा
- नदीय द्वीप
- आपदा वर्गीकरण
- आपदा प्रबंधन
Important topics
- बाढ़ के कारण और वितरण
- भूकंप के भौगोलिक कारण
- उष्ण कटिबंधीय तूफानों की उत्पत्ति
- सूखे की भौगोलिक भिन्नताएँ
- संकट और आपदा के बीच अंतर
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Questions and Solutions
प्रश्न 1
- इनमें से भारत के किस राज्य में बाढ़ अधिक आती है?
- (क) बिहार
- (ख) पश्चिम बंगाल
- (ग) असम
- (घ) उत्तर प्रदेश
भारत में बाढ़ की समस्या कई राज्यों में गंभीर है, लेकिन बिहार राज्य विशेष रूप से बाढ़ से अत्यधिक प्रभावित रहता है। इसका मुख्य कारण गंगा नदी और उसकी सहायक नदियों का जल स्तर मानसून के दौरान अत्यधिक बढ़ जाना है, जिससे बड़े पैमाने पर तटीय क्षेत्रों में पानी फैल जाता है और जान-माल की हानि होती है।
उत्तर: (क) बिहार
प्रश्न 2
- उत्तरांचल के किस जिले में मालपा भूस्खलन आपदा घटित हुई थी?
- (क) बागेश्वर
- (ख) चंपावत
- (ग) अल्मोड़ा
- (घ) पिथोरागढ़
मालपा भूस्खलन एक विनाशकारी प्राकृतिक आपदा थी जो 1998 में उत्तरांचल (अब उत्तराखंड) राज्य के पिथौरागढ़ जिले में हुई थी। यह भूस्खलन भारी वर्षा के कारण हुआ था, जिसने एक गाँव को पूरी तरह से तबाह कर दिया था और कई लोगों की जान चली गई थी।
उत्तर: (घ) पिथोरागढ़
प्रश्न 3
- इनमें से किस से राज्य में सर्दी के महीने में बाढ़ आती है?
- (क) असम
- (ख) पश्चिम बंगाल
- (ग) केरल
- (घ) तमिलनाडु
अधिकांश बाढ़ें मानसून के मौसम में आती हैं, लेकिन तमिलनाडु राज्य में सर्दी के महीनों के दौरान भी बाढ़ का अनुभव होता है। यह मुख्य रूप से बंगाल की खाड़ी से उठने वाले चक्रवातों के कारण होता है, जो इस क्षेत्र में भारी वर्षा लाते हैं और नदियों के जल स्तर को बढ़ा देते हैं, जिससे बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो जाती है।
उत्तर: (घ) तमिलनाडु
प्रश्न 4
- इनमें से किस नदी में मजौली नदीय द्वीप स्थित है?
- (क) गंगा
- (ख) ब्रह्मपुत्र
- (ग) गोदावरी
- (घ) सिंधु
मजौली (Majuli) द्वीप, जो दुनिया के सबसे बड़े नदीय द्वीपों में से एक माना जाता है, भारत के असम राज्य में ब्रह्मपुत्र नदी पर स्थित है। यह द्वीप अपनी अनूठी संस्कृति और प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है, लेकिन यह कटाव और बाढ़ जैसी पर्यावरणीय चुनौतियों का भी सामना करता है।
उत्तर: (ख) ब्रह्मपुत्र
प्रश्न 5
(v) बर्फानी तूफान किस तरह की प्राकृतिक आपदा है?
- (क) वायुमंडलीय
- (ख) जलीय
- (ग) भौमिकी
- (घ) जीवमंडलीय
बर्फानी तूफान (Blizzard) एक प्रकार की तीव्र वायुमंडलीय आपदा है। यह अत्यधिक ठंडी हवाओं, तेज गति वाली हवाओं और भारी बर्फबारी की विशेषता है, जो दृश्यता को बहुत कम कर देती है और सामान्य जीवन को बाधित कर सकती है। यह मौसम से संबंधित एक घटना है।
उत्तर: (क) वायुमंडलीय
प्रश्न 6
(i) संकट किस दशा में आपदा बन जाता है?
जब कोई संकट, चाहे वह प्राकृतिक हो या मानव निर्मित, किसी क्षेत्र में रहने वाले लोगों के जीवन, संपत्ति और पर्यावरण पर गंभीर नकारात्मक प्रभाव डालता है, तो वह आपदा का रूप ले लेता है। विशेष रूप से, जब संकट के कारण बड़े पैमाने पर जन-धन की हानि की संभावना उत्पन्न हो जाती है या वास्तविक हानि होती है, तो वह संकट एक आपदा बन जाता है। उदाहरण के लिए, किसी नदी में जल स्तर का बढ़ना एक संकट है, लेकिन यदि यह जल स्तर इतना बढ़ जाए कि फसलें नष्ट हो जाएं, घर डूब जाएं और लोगों को विस्थापित होना पड़े, तो यह बाढ़ एक आपदा बन जाती है।
प्रश्न 7
(ii) हिमालय और भारत के उत्तरी-पूर्वी क्षेत्र में अधिक भूकंप क्यों आते हैं?
हिमालय और भारत के उत्तरी-पूर्वी क्षेत्र भूकंपीय दृष्टि से अत्यधिक सक्रिय हैं क्योंकि यह क्षेत्र भारतीय प्लेट और यूरेशियन प्लेट के अभिसरण (टकराव) क्षेत्र में स्थित है। भारतीय प्लेट प्रतिवर्ष लगभग 1-2 सेंटीमीटर की गति से उत्तर और उत्तर-पूर्व दिशा में खिसक रही है। जब यह प्लेट यूरेशियन प्लेट से टकराती है, तो प्लेटों के किनारों पर अत्यधिक दबाव और तनाव उत्पन्न होता है। यह तनाव प्लेटों के किनारों को 'लॉक' कर देता है, जिससे ऊर्जा जमा होती रहती है। जब यह जमा हुई ऊर्जा इन 'लॉक' को तोड़ती है, तो अचानक कंपन उत्पन्न होता है, जिसे हम भूकंप के रूप में महसूस करते हैं। इस भूगर्भीय प्रक्रिया के कारण इन क्षेत्रों में बार-बार तीव्र भूकंप आते हैं।
प्रश्न 8
(iii) उष्ण कटिबंधीय तूफान की उत्पति के लिए कौन-सी परिस्थितियाँ अनुकूल हैं?
उष्ण कटिबंधीय तूफानों (Tropical Cyclones) की उत्पत्ति के लिए निम्नलिखित परिस्थितियाँ अनुकूल होती हैं:
- उच्च समुद्री सतह तापमान: समुद्र की सतह का तापमान कम से कम 27°C या उससे अधिक होना चाहिए, ताकि पर्याप्त मात्रा में जलवाष्प वायुमंडल में जा सके।
- कोरिओलिस बल: तूफान के घूमने के लिए पर्याप्त कोरिओलिस बल की आवश्यकता होती है, जो भूमध्य रेखा से लगभग 5° अक्षांश की दूरी पर मौजूद होता है।
- वायुमंडलीय अस्थिरता: क्षोभमंडल में वायुमंडलीय अस्थिरता, जिससे संवहन धाराएँ (convection currents) ऊपर उठ सकें।
- कम ऊर्ध्वाधर पवन अपरूपण (Low Vertical Wind Shear): ऊपरी वायुमंडल में हवा की गति और दिशा में कम परिवर्तन होना चाहिए, ताकि तूफान की संरचना बनी रहे।
- निम्न दबाव क्षेत्र: समुद्र के ऊपर एक निम्न दबाव का क्षेत्र बनना आवश्यक है, जो हवाओं को केंद्र की ओर आकर्षित करे।
प्रश्न 9
(iv) पूर्वी भारत की बाढ़ पश्चिमी भारत की बाढ़ से अलग कैसे होती हैं?
पूर्वी भारत और पश्चिमी भारत की बाढ़ों में कई महत्वपूर्ण अंतर हैं, जो मुख्य रूप से भौगोलिक और जलवायु संबंधी कारकों पर आधारित हैं:
- नदी प्रणाली: पूर्वी भारत में गंगा, ब्रह्मपुत्र, दामोदर, महानदी, कृष्णा और कावेरी जैसी बड़ी नदियाँ हैं, जो अपने विशाल जलग्रहण क्षेत्रों और डेल्टा के कारण व्यापक बाढ़ का कारण बनती हैं। पश्चिमी भारत में नर्मदा, ताप्ती, माही और लूनी जैसी नदियाँ हैं, जिनका अपवाह क्षेत्र तुलनात्मक रूप से छोटा है और ये अक्सर अचानक आने वाली बाढ़ों के लिए जानी जाती हैं।
- वर्षा की मात्रा और अवधि: पूर्वी भारत में मानसून के दौरान वर्षा की मात्रा पश्चिमी भारत की तुलना में काफी अधिक होती है, जिससे नदियों में जल स्तर तेजी से बढ़ता है। पश्चिमी भारत में वर्षा कम और अनियमित होती है।
- बाढ़ की आवृत्ति और तीव्रता: पूर्वी भारत में बाढ़ अधिक बार आती है और इसका प्रभाव क्षेत्र भी व्यापक होता है। इन बाढ़ों की तीव्रता भी अक्सर अधिक होती है। पश्चिमी भारत में बाढ़ की आवृत्ति कम होती है, लेकिन ये अचानक और विनाशकारी हो सकती हैं।
- कारण: पूर्वी भारत की बाढ़ें मुख्य रूप से मानसून की अत्यधिक वर्षा, नदी के तलछट जमाव और निचले इलाकों में जल निकासी की कमी से जुड़ी होती हैं। पश्चिमी भारत में बाढ़ कभी-कभी भारी स्थानीयकृत वर्षा या चक्रवाती तूफानों के कारण भी आ सकती है।
प्रश्न 10
(v) पश्चिमी और मध्य भारत में सूखा ज्यादा क्यों पड़ता है?
पश्चिमी और मध्य भारत में सूखे की अधिकता के कई कारण हैं:
- कम वर्षा: इन क्षेत्रों में, विशेष रूप से राजस्थान और गुजरात के कुछ हिस्सों में, वार्षिक वर्षा की मात्रा बहुत कम होती है। मानसून की वर्षा भी अक्सर अनियमित और अपर्याप्त होती है।
- अनियमित वर्षा पैटर्न: मानसून की वर्षा का वितरण असमान होता है, जिससे कुछ वर्षों में सूखा पड़ने की संभावना बढ़ जाती है।
- उच्च वाष्पीकरण दर: इन क्षेत्रों में तापमान अक्सर अधिक रहता है, जिसके कारण मिट्टी से और जल स्रोतों से वाष्पीकरण की दर बहुत अधिक होती है। इससे उपलब्ध जल की मात्रा और कम हो जाती है।
- भूगर्भिक संरचना: कुछ क्षेत्रों में भूगर्भिक संरचना ऐसी है कि भूजल स्तर गहरा होता है और आसानी से उपलब्ध नहीं होता।
- वनस्पति आवरण की कमी: शुष्क जलवायु और अत्यधिक चराई के कारण इन क्षेत्रों में वनस्पति आवरण अक्सर कम होता है, जो मिट्टी की नमी को बनाए रखने में सहायक होता है।
Common mistakes
- बाढ़ के भौगोलिक वितरण को गलत समझना।
- भूकंप के कारणों को केवल एक कारक तक सीमित करना।
- विभिन्न प्रकार की आपदाओं के वर्गीकरण में भ्रमित होना।
- सूखे और बाढ़ के बीच के अंतर को स्पष्ट न कर पाना।
Revision tips
- बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों को दर्शाने वाले भारत के मानचित्र का अध्ययन करें।
- भूकंपीय गतिविधि के लिए प्लेट टेक्टोनिक्स की अवधारणा को दोहराएं।
- विभिन्न प्रकार की प्राकृतिक आपदाओं के वर्गीकरण को याद करें।
- सूखे और बाढ़ के कारणों और प्रभावों की तुलना करें।
Practice MCQs
Q1. भारत के किस राज्य में सबसे अधिक बाढ़ आती है?
Explanation: बिहार राज्य में गंगा और उसकी सहायक नदियों के कारण बाढ़ की समस्या अधिक गंभीर रहती है।
Q2. मालपा भूस्खलन आपदा उत्तरांचल के किस जिले में हुई थी?
Explanation: मालपा भूस्खलन आपदा 1998 में उत्तरांचल (अब उत्तराखंड) के पिथौरागढ़ जिले में घटित हुई थी।
Q3. सर्दी के महीनों में किस राज्य में बाढ़ का अनुभव होता है?
Explanation: तमिलनाडु में सर्दियों के महीनों के दौरान चक्रवातों से होने वाली वर्षा के कारण बाढ़ आती है।
Q4. मजौली नदीय द्वीप किस नदी पर स्थित है?
Explanation: मजौली, जो दुनिया के सबसे बड़े नदीय द्वीपों में से एक है, असम में ब्रह्मपुत्र नदी पर स्थित है।
Q5. बर्फानी तूफान को किस प्रकार की प्राकृतिक आपदा के रूप में वर्गीकृत किया गया है?
Explanation: बर्फानी तूफान एक वायुमंडलीय घटना है जो अत्यधिक ठंडे तापमान और तेज हवाओं के साथ बर्फबारी से जुड़ी होती है।
Frequently asked questions
कक्षा 11 भूगोल के अध्याय 7 में किन प्रमुख प्राकृतिक आपदाओं पर चर्चा की गई है?
अध्याय 7 में बाढ़, भूस्खलन, भूकंप, उष्णकटिबंधीय तूफान और सूखे जैसी प्रमुख प्राकृतिक आपदाओं पर चर्चा की गई है, साथ ही संकट के आपदा में बदलने की स्थितियों का भी विश्लेषण किया गया है।
यह NCERT समाधान छात्रों की परीक्षा की तैयारी में कैसे मदद करते हैं?
ये समाधान प्रत्येक प्रश्न के विस्तृत और स्पष्ट उत्तर प्रदान करते हैं, जिससे छात्रों को अवधारणाओं को गहराई से समझने और परीक्षा में पूछे जाने वाले विभिन्न प्रकार के प्रश्नों का उत्तर देने के लिए तैयार होने में मदद मिलती है।
पूर्वी भारत और पश्चिमी भारत की बाढ़ में क्या मुख्य अंतर है?
पूर्वी भारत में बाढ़ मुख्य रूप से मानसून के दौरान भारी वर्षा के कारण आती है, जबकि पश्चिमी भारत में बाढ़ की आवृत्ति कम होती है और यह नदियों के जल स्तर में वृद्धि से संबंधित होती है।
हिमालय क्षेत्र में भूकंप क्यों अधिक आते हैं?
हिमालय क्षेत्र में भारतीय प्लेट और यूरेशियन प्लेट के टकराने के कारण भूगर्भीय तनाव उत्पन्न होता है, जिससे बार-बार भूकंप आते हैं।
क्या ये समाधान केवल बहुविकल्पीय प्रश्नों के लिए उपयोगी हैं?
नहीं, ये समाधान बहुविकल्पीय प्रश्नों के साथ-साथ संक्षिप्त उत्तर वाले प्रश्नों के लिए भी विस्तृत स्पष्टीकरण प्रदान करते हैं, जिससे छात्रों की समग्र समझ विकसित होती है।
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