कक्षा 11 भूगोल: महासागरीय जल NCERT समाधान
यह पृष्ठ कक्षा 11 भूगोल के अध्याय 13, 'महासागरीय जल' के लिए व्यापक NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। इसमें जलीय चक्र के घटकों, महाद्वीपीय ढाल की गहराई, महासागरीय उच्चावच, लवणता की परिभाषा और विभिन्न महासागरों के सबसे छोटे महासागर जैसे महत्वपूर्ण विषयों को शामिल किया गया है। समाधान विस्तृत स्पष्टीकरण प्रदान करते हैं, जिसमें पृथ्वी को नीला ग्रह क्यों कहा जाता है, महाद्वीपीय सीमांत की प्रकृति, विभिन्न महासागरों की सबसे गहरी गर्तो की सूची, ताप प्रवणता की अवधारणा और गहराई के साथ तापमान में भिन्नता के कारण शामिल हैं। ये समाधान छात्रों को महासागरीय जल की जटिलताओं को समझने और उनकी परीक्षा की तैयारी को मजबूत करने में मदद करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं।
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 11 |
| Subject | भौतिक भूगोल के मूल सिद्धांत |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | 13. महासागरीय जल |
Chapter summary
अध्याय 13 'महासागरीय जल' के ये NCERT समाधान छात्रों को महासागरों से संबंधित प्रमुख भौगोलिक अवधारणाओं को समझने में मदद करते हैं। इसमें जलीय चक्र, महाद्वीपीय किनारों की विशेषताओं, महासागरीय गर्तो की गहराई, लवणता की माप और महासागरीय जल के तापमान वितरण जैसे विषयों को शामिल किया गया है। समाधान छात्रों को पृथ्वी के जलीय वातावरण की संरचना और विशेषताओं की गहन जानकारी प्रदान करते हैं।
Learning outcomes
- जलीय चक्र के विभिन्न घटकों की पहचान करना।
- महाद्वीपीय ढाल और महाद्वीपीय सीमांत की विशेषताओं को समझना।
- महासागरीय गर्तो और उनकी गहराई का वर्णन करना।
- लवणता की परिभाषा और उसे व्यक्त करने की इकाई को समझना।
- विभिन्न महासागरों के आकार और विशेषताओं की तुलना करना।
- ताप प्रवणता की अवधारणा और गहराई के साथ तापमान परिवर्तन के कारणों को स्पष्ट करना।
Topics covered
Paper topics
- जलीय चक्र
- महाद्वीपीय सीमांत
- महाद्वीपीय ढाल
- महासागरीय गभीर
- लवणता
- महासागरों का वर्गीकरण
- ताप प्रवणता
- तापमान वितरण
- पृथ्वी को नीला ग्रह कहना
- महासागरीय उच्चावच
Important topics
- जलीय चक्र के घटक
- महाद्वीपीय सीमांत और ढाल की विशेषताएँ
- महासागरीय गर्तो की सूची और गहराई
- लवणता की परिभाषा और माप
- ताप प्रवणता की अवधारणा
- गहराई के साथ तापमान में भिन्नता
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Questions and Solutions
बहुवैकल्पिक प्रश्न 1
- (क) वाष्पीकरण
- (ख) वर्षण
- (ग) जलयोजन
- (घ) संघनन
बहुवैकल्पिक प्रश्न 2
- (क) 2-20 मीटर
- (ख) 20-200 मीटर
- (ग) 200-2000 मीटर
- (घ) 2000-20000 मीटर
बहुवैकल्पिक प्रश्न 3
- (क) समुद्री टीला
- (ख) महासागरीय गभीर
- (ग) प्रवाल द्वीप
- (घ) निमग्न द्वीप
बहुवैकल्पिक प्रश्न 4
- (क) 10 ग्राम
- (ख) 100 ग्राम
- (ग) 1,000 ग्राम
- (घ) 10,000 ग्राम
बहुवैकल्पिक प्रश्न 5
- (क) हिंद महासागर
- (ख) अटलांटिक महासागर
- (ग) आर्कटिक महासागर
- (घ) प्रशांत महासागर
लघु उत्तरीय प्रश्न 1
लघु उत्तरीय प्रश्न 2
लघु उत्तरीय प्रश्न 3
- (क) प्रशांत महासागर: मेरिआना खाई (Mariana Trench) - यह पृथ्वी का सबसे गहरा ज्ञात बिंदु है, जिसकी गहराई समुद्र तल से लगभग 11,034 मीटर है।
- (ख) अटलांटिक महासागर: प्यूर्टो रिको खाई (Puerto Rico Trench) - यह अटलांटिक महासागर का सबसे गहरा गर्त है।
- (ग) हिंद महासागर: सुंडा खाई (Sunda Trench) या जावा खाई (Java Trench) - यह हिंद महासागर की सबसे गहरी खाई है।
लघु उत्तरीय प्रश्न 4
लघु उत्तरीय प्रश्न 5
- सतही परत (Surface Layer): यह परत सूर्य की रोशनी से गर्म होती है और इसका तापमान मौसमी और भौगोलिक स्थिति के अनुसार बदलता रहता है। यह लगभग 100-200 मीटर तक फैली होती है।
- ताप प्रवणता परत (Thermocline Layer): इस परत में तापमान गहराई के साथ तेजी से गिरता है। यह सतही गर्म जल और गहरी ठंडी जल परतों को अलग करती है।
- गहरी परत (Deep Layer): यह परत समुद्र तल के पास होती है और इसका तापमान बहुत कम (लगभग 0-4°C) और स्थिर होता है।
- सूर्य की रोशनी का प्रवेश: सूर्य की रोशनी केवल ऊपरी परतों तक ही पहुँच पाती है, जिससे वे गर्म होती हैं। गहराई में सूर्य की रोशनी नहीं पहुँचती।
- ऊष्मा का संवहन और मिश्रण: ऊपरी परतों में हवा और धाराओं के कारण ऊष्मा का मिश्रण होता है, जबकि गहरी परतें ठंडी रहती हैं।
- भूगर्भीय ऊष्मा: समुद्र तल के नीचे से निकलने वाली भूगर्भीय ऊष्मा का प्रभाव बहुत सीमित होता है और यह केवल सबसे निचली परतों को थोड़ा प्रभावित कर सकता है।
Common mistakes
- जलीय चक्र के घटकों को गलत पहचानना।
- महाद्वीपीय ढाल और महाद्वीपीय सीमांत के बीच अंतर को न समझना।
- महासागरीय गर्तो की गहराई या स्थान के बारे में भ्रमित होना।
- लवणता की माप की इकाई को गलत बताना।
- ताप प्रवणता की अवधारणा को ठीक से न समझना।
Revision tips
- प्रत्येक प्रश्न के उत्तर को लगभग 30 शब्दों में संक्षिप्त करने का अभ्यास करें।
- महासागरीय जल से संबंधित प्रमुख शब्दावली जैसे 'ताप प्रवणता' और 'महाद्वीपीय सीमांत' को याद करें।
- विभिन्न महासागरों की गर्तो की सूची और उनकी गहराई को समझने के लिए एक तालिका बनाएं।
- पृथ्वी को 'नीला ग्रह' क्यों कहा जाता है, इसके कारणों को स्पष्ट रूप से समझें।
- लवणता को प्रभावित करने वाले कारकों पर विचार करें, भले ही वे सीधे समाधान में न हों।
Practice MCQs
Q1. निम्नलिखित में से कौन सा तत्व जलीय चक्र का हिस्सा नहीं है?
Explanation: जलयोजन (Hydration) एक रासायनिक प्रक्रिया है जो जलीय चक्र का प्रत्यक्ष भाग नहीं है, जबकि वाष्पीकरण, वर्षण और संघनन जलीय चक्र के प्रमुख चरण हैं।
Q2. महाद्वीपीय ढाल की औसत गहराई सामान्यतः किस सीमा में पाई जाती है?
Explanation: महाद्वीपीय ढाल महाद्वीपीय शेल्फ के बाद आता है और इसकी औसत गहराई लगभग 200 से 2000 मीटर तक होती है, जो एक तीव्र ढाल का प्रतिनिधित्व करती है।
Q3. निम्नलिखित में से कौन सी लघु उच्चावच आकृति महासागरों में नहीं पाई जाती है?
Explanation: महासागरीय गभीर (Oceanic trenches) महासागरों के सबसे गहरे भाग होते हैं, न कि लघु उच्चावच आकृतियाँ। समुद्री टीले, प्रवाल द्वीप और निमग्न द्वीप महासागरीय तल पर पाई जाने वाली अन्य आकृतियाँ हैं।
Q4. लवणता को प्रति समुद्री जल में घुले हुए नमक की कितनी मात्रा (ग्राम) से व्यक्त किया जाता है?
Explanation: लवणता को आमतौर पर प्रति 1,000 ग्राम समुद्री जल में घुले हुए नमक की मात्रा के रूप में व्यक्त किया जाता है, जिसे प्रति हजार (‰) में मापा जाता है।
Q5. क्षेत्र जहाँ समुद्री सतह से नीचे तापमान में तीव्र गिरावट आती है, उसे क्या कहा जाता है?
Explanation: ताप प्रवणता (Thermocline) वह सीमा क्षेत्र है जहाँ समुद्री जल के तापमान में गहराई के साथ तेजी से गिरावट आती है, जो सतही गर्म जल और गहरी ठंडी जल परतों को अलग करती है।
Frequently asked questions
कक्षा 11 भूगोल के अध्याय 13 'महासागरीय जल' में कौन से मुख्य विषय शामिल हैं?
इस अध्याय में जलीय चक्र, महाद्वीपीय सीमांत, महाद्वीपीय ढाल, महासागरीय गभीर, लवणता, विभिन्न महासागरों के आकार और ताप प्रवणता जैसे विषयों को शामिल किया गया है।
पृथ्वी को 'नीला ग्रह' क्यों कहा जाता है?
पृथ्वी को 'नीला ग्रह' इसलिए कहा जाता है क्योंकि इसके लगभग 71% धरातल पर जल पाया जाता है, जो इसे सौरमंडल में एक अनूठा जलीय ग्रह बनाता है।
ताप प्रवणता (Thermocline) क्या है?
ताप प्रवणता वह सीमा क्षेत्र है जहाँ समुद्री जल के तापमान में गहराई के साथ तेजी से गिरावट आती है। यह सतही गर्म जल और गहरी ठंडी जल परतों के बीच एक विभाजक रेखा का काम करती है।
लवणता को कैसे मापा जाता है?
लवणता को आमतौर पर प्रति 1,000 ग्राम समुद्री जल में घुले हुए नमक की मात्रा के रूप में व्यक्त किया जाता है, जिसे प्रति हजार (‰) में मापा जाता है।
ये NCERT समाधान छात्रों की परीक्षा की तैयारी में कैसे मदद करते हैं?
ये समाधान प्रत्येक प्रश्न के विस्तृत और स्पष्ट उत्तर प्रदान करते हैं, जिससे छात्रों को महासागरीय जल से संबंधित अवधारणाओं को गहराई से समझने और परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रश्नों का उत्तर देने में मदद मिलती है।
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