कक्षा 11 भूगोल: वायुमंडल में जल - NCERT समाधान

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यह पृष्ठ कक्षा 11 के छात्रों के लिए 'भौतिक भूगोल के मूल सिद्धांत' पुस्तक के अध्याय 11, 'वायुमंडल में जल' पर केंद्रित NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। इसमें बहुवैकल्पिक प्रश्न, संक्षिप्त उत्तर वाले प्रश्न और विस्तृत उत्तर वाले प्रश्न शामिल हैं, जो जलवाष्प, आर्द्रता, संघनन, वर्षण और बादलों के निर्माण जैसी महत्वपूर्ण अवधारणाओं को कवर करते हैं। समाधानों को स्पष्टता और गहन समझ के लिए विस्तृत किया गया है, जिसमें प्रत्येक प्रश्न के उत्तर के लिए चरण-दर-चरण स्पष्टीकरण और प्रासंगिक परिभाषाएँ शामिल हैं। ये समाधान छात्रों को परीक्षा की तैयारी में मदद करने के लिए एक व्यापक संसाधन के रूप में काम करते हैं, जिससे उन्हें वायुमंडल में जल की भूमिका और संबंधित प्रक्रियाओं की गहरी समझ विकसित करने में सहायता मिलती है।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 11
Subjectभौतिक भूगोल के मूल सिद्धांत
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter11. वायुमंडल में जल

Chapter summary

यह अध्याय वायुमंडल में जल की उपस्थिति और उसके विभिन्न रूपों पर केंद्रित है। इसमें जलवाष्प, आर्द्रता के प्रकार (निरपेक्ष, विशिष्ट और सापेक्ष आर्द्रता), संघनन की प्रक्रिया, और विभिन्न प्रकार के वर्षण (वर्षा, हिमपात, सहिम वृष्टि, करकापात) की व्याख्या की गई है। साथ ही, बादलों के निर्माण और उनके वर्गीकरण को भी समझाया गया है। समाधान छात्रों को इन अवधारणाओं को समझने और वायुमंडलीय जल चक्र के महत्व को जानने में मदद करते हैं।

Learning outcomes

  • वायुमंडल में जलवाष्प के महत्व को समझना।
  • वाष्पीकरण, संघनन और वर्षण की प्रक्रियाओं की व्याख्या करना।
  • सापेक्ष आर्द्रता की अवधारणा को समझना और उसकी गणना करना।
  • वर्षण के विभिन्न प्रकारों को पहचानना और उनका वर्णन करना।
  • बादलों के निर्माण की प्रक्रिया और उनके वर्गीकरण को समझना।

Topics covered

Paper topics

  • जलवाष्प
  • आर्द्रता
  • निरपेक्ष आर्द्रता
  • सापेक्ष आर्द्रता
  • विशिष्ट आर्द्रता
  • संघनन
  • ओसांक
  • बादल
  • वर्षण
  • वर्षा
  • हिमपात
  • सह हिम वृष्टि

Important topics

  • आर्द्रता के प्रकार और उनका महत्व
  • संघनन की प्रक्रिया और बादलों का निर्माण
  • वर्षण के विभिन्न रूप
  • सापेक्ष आर्द्रता का प्रभाव

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Questions and Solutions

बहुवैकल्पिक प्रश्न (MCQs)

Q1. मानव के लिए वायुमंडल का सबसे महत्त्वपूर्ण घटक निम्नलिखित में से कौन-सा है?

  • (क) जलवाष्प
  • (ख) धूलकण
  • (ग) नाइट्रोजन
  • (घ) ऑक्सीजन
Solution: मानव जीवन और पृथ्वी के मौसम के लिए वायुमंडल में जलवाष्प की उपस्थिति अत्यंत महत्वपूर्ण है। यद्यपि इसकी मात्रा अन्य गैसों की तुलना में कम होती है, यह वर्षा, आर्द्रता और तापमान को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसलिए, मानव के लिए जलवाष्प सबसे महत्त्वपूर्ण घटक है। उत्तर: (क) जलवाष्प

Q2. निम्नलिखित में से वह प्रक्रिया कौन-सी है, जिसके द्वारा जल, द्रव से गैस में बदल जाता है?

  • (क) संघनन
  • (ख) वाष्पीकरण
  • (ग) वाष्पोत्सर्जन
  • (घ) अवक्षेपण
Solution: वाष्पीकरण वह प्रक्रिया है जिसमें तरल जल ऊष्मा ऊर्जा को अवशोषित करके गैसीय अवस्था (जलवाष्प) में परिवर्तित हो जाता है। यह एक सतत प्रक्रिया है जो महासागरों, झीलों, नदियों और मिट्टी से होती रहती है। उत्तर: (ख) वाष्पीकरण

Q3. निम्नलिखित में से कौन-सा वायु की उस दशा को दर्शाता है, जिसमें नमी उसकी पूरी क्षमता के अनुरूप होती है?

  • (क) सापेक्ष आर्द्रता
  • (ख) निरपेक्ष आर्द्रता
  • (ग) विशिष्ट आर्द्रता
  • (घ) संतृप्त हवा
Solution: संतृप्त हवा वह वायु होती है जिसमें किसी दिए गए तापमान पर जलवाष्प धारण करने की अधिकतम संभव मात्रा मौजूद होती है। इस अवस्था में, हवा और अधिक जलवाष्प को धारण नहीं कर सकती, और यदि तापमान थोड़ा भी कम होता है, तो अतिरिक्त जलवाष्प संघनित होने लगता है। उत्तर: (घ) संतृप्त हवा

Q4. निम्नलिखित प्रकार के बादलों में से आकाश में सबसे ऊँचा बादल कौन-सा है?

  • (क) पक्षाभ
  • (ख) वर्षा मेघ
  • (ग) स्तरी
  • (घ) कपासी
Solution: पक्षाभ मेघ (Cirrus clouds) सबसे ऊँचाई पर पाए जाने वाले बादल होते हैं। ये आमतौर पर 6,000 मीटर से अधिक की ऊँचाई पर बनते हैं और बर्फ के क्रिस्टल से निर्मित होते हैं, जिससे वे पंखों या रेशों जैसे दिखाई देते हैं। उत्तर: (क) पक्षाभ

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 30 शब्दों में दीजिए।

Q1. वर्षण के तीन प्रकारों के नाम लिखें।

Solution: वर्षण वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा जलवाष्प वायुमंडल से पृथ्वी की सतह पर गिरता है। इसके तीन मुख्य प्रकार हैं: वर्षा (जब जल की बूंदों के रूप में गिरता है), हिमपात (जब बर्फ के क्रिस्टल के रूप में गिरता है, तापमान 0°C से कम होने पर), और सहिम वृष्टि (जब वर्षा की बूंदें ठंडी परतों से गुजरते हुए जम जाती हैं और छोटे बर्फ के कणों के रूप में गिरती हैं)। करकापात (ओले) भी वर्षण का एक रूप है।

Q2. सापेक्ष आर्द्रता की व्याख्या कीजिए।

Solution: सापेक्ष आर्द्रता किसी दिए गए तापमान पर हवा में मौजूद जलवाष्प की मात्रा का, उसी तापमान पर हवा की अधिकतम जलवाष्प धारण करने की क्षमता के प्रतिशत के रूप में माप है। उदाहरण के लिए, यदि सापेक्ष आर्द्रता 50% है, तो हवा अपनी अधिकतम क्षमता की आधी मात्रा में जलवाष्प धारण किए हुए है। तापमान बदलने पर हवा की जलवाष्प धारण क्षमता बदल जाती है, जिससे सापेक्ष आर्द्रता भी प्रभावित होती है।

Q3. ऊँचाई के साथ जलवाष्प की मात्रा तेजी से क्यों घटती है?

Solution: ऊँचाई बढ़ने के साथ-साथ तापमान में कमी आती है (लगभग हर 165 मीटर पर 1°C)। चूँकि ठंडी हवा गर्म हवा की तुलना में कम जलवाष्प धारण कर सकती है, इसलिए ऊँचाई बढ़ने पर हवा की जलवाष्प धारण करने की क्षमता घट जाती है। इसके अतिरिक्त, अधिकांश जलवाष्प वाष्पीकरण के कारण निचले वायुमंडल में ही केंद्रित रहता है, जिससे ऊँचाई के साथ इसकी मात्रा तेजी से कम होती जाती है।

Q4. बादल कैसे बनते हैं? बादलों का वर्गीकरण कीजिए।

Solution: बादल तब बनते हैं जब हवा में मौजूद जलवाष्प पर्याप्त ऊँचाई पर ठंडा होकर संघनित होता है और छोटी जल की बूंदों या बर्फ के क्रिस्टल का रूप ले लेता है। ये कण हवा में निलंबित रहते हैं। बादलों को मुख्य रूप से उनकी ऊँचाई, रूप और घनत्व के आधार पर वर्गीकृत किया जाता है। चार मुख्य प्रकार हैं: पक्षाभ मेघ (ऊँचे, पतले, रेशेदार), कपासी मेघ (ऊँचे, गुच्छेदार), स्तरी मेघ (क्षैतिज परतें), और वर्षा मेघ (वर्षा लाने वाले)।

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 150 शब्दों में दीजिए।

Q1. विश्व के वर्षण वितरण के प्रमुख लक्षणों की व्याख्या कीजिए।

Solution: विश्व में वर्षण का वितरण एक समान नहीं है और यह कई कारकों पर निर्भर करता है, जैसे अक्षांश, समुद्र से दूरी, ऊँचाई और वायुमंडलीय परिसंचरण। प्रमुख लक्षण इस प्रकार हैं:
  1. भूमध्यरेखीय प्रदेश: यहाँ वर्ष भर उच्च तापमान और संवहन वर्षा के कारण अत्यधिक वर्षण होता है।
  2. उष्ण कटिबंधीय मरुस्थल: ये क्षेत्र उच्च दाब पेटियों के प्रभाव में होने के कारण बहुत कम वर्षण प्राप्त करते हैं।
  3. मध्य अक्षांश: इन क्षेत्रों में वर्षण का वितरण अधिक परिवर्तनशील होता है, जो पश्चिमी पवनों और चक्रवातों से प्रभावित होता है।
  4. पहाड़ी क्षेत्र: पर्वतों की पवनमुखी ढलानों पर अधिक वर्षा होती है (पर्वतीय वर्षा), जबकि विमुख ढलानों पर कम वर्षा होती है (वृष्टि छाया क्षेत्र)।
  5. ध्रुवीय क्षेत्र: यहाँ तापमान बहुत कम होने के कारण वर्षण मुख्य रूप से हिमपात के रूप में होता है और इसकी कुल मात्रा भी कम होती है।
कुल मिलाकर, भूमध्य रेखा के पास और मध्य अक्षांशों के पश्चिमी तटों पर सबसे अधिक वर्षण होता है, जबकि उपोष्ण कटिबंधीय उच्च दाब क्षेत्रों और ध्रुवीय क्षेत्रों में सबसे कम वर्षण होता है।

Common mistakes

  • सापेक्ष आर्द्रता और निरपेक्ष आर्द्रता के बीच भ्रमित होना।
  • संघनन और वाष्पीकरण के बीच अंतर को ठीक से न समझना।
  • वर्षण के विभिन्न रूपों को गलत तरीके से परिभाषित करना।
  • बादलों के वर्गीकरण को ऊँचाई के आधार पर ठीक से न समझना।

Revision tips

  • प्रत्येक प्रकार के वर्षण की परिभाषाओं को याद करें।
  • सापेक्ष आर्द्रता को प्रभावित करने वाले कारकों पर ध्यान दें।
  • बादलों के वर्गीकरण को उनकी ऊँचाई और रूप के आधार पर समझें।
  • जलवाष्प, संघनन और वाष्पीकरण के बीच संबंध को स्पष्ट करें।

Practice MCQs

Q1. मानव जीवन के लिए वायुमंडल का सबसे महत्वपूर्ण घटक कौन सा है?

Q2. वह प्रक्रिया जिसके द्वारा जल द्रव अवस्था से गैसीय अवस्था में परिवर्तित होता है, क्या कहलाती है?

Q3. जब हवा अपनी पूर्ण क्षमता के अनुसार नमी से भरी होती है, तो उस स्थिति को क्या कहते हैं?

Q4. आकाश में सबसे ऊँचाई पर पाए जाने वाले बादल कौन से हैं?

Q5. वर्षण का वह रूप जिसमें पानी ठोस रूप में गिरता है और तापमान 0°C से कम होता है, क्या कहलाता है?

Frequently asked questions

कक्षा 11 भूगोल के अध्याय 'वायुमंडल में जल' में कौन सी मुख्य अवधारणाएँ शामिल हैं?

इस अध्याय में जलवाष्प, आर्द्रता (निरपेक्ष, विशिष्ट, सापेक्ष), संघनन, ओसांक, बादलों का निर्माण और वर्गीकरण, तथा वर्षण के विभिन्न प्रकार (वर्षा, हिमपात, सहिम वृष्टि, करकापात) जैसी मुख्य अवधारणाएँ शामिल हैं।

सापेक्ष आर्द्रता क्या है और यह क्यों महत्वपूर्ण है?

सापेक्ष आर्द्रता दिए गए तापमान पर हवा में मौजूद नमी की मात्रा का उसकी अधिकतम धारण क्षमता के प्रतिशत के रूप में माप है। यह मौसम की भविष्यवाणी और बादलों व वर्षण के निर्माण को समझने के लिए महत्वपूर्ण है।

ऊँचाई के साथ वायुमंडल में जलवाष्प की मात्रा क्यों घटती है?

ऊँचाई बढ़ने के साथ तापमान घटता है, जिससे हवा की जलवाष्प धारण करने की क्षमता कम हो जाती है। इसके अतिरिक्त, अधिकांश जलवाष्प निचले वायुमंडल में ही केंद्रित होता है।

बादल कैसे बनते हैं?

बादल तब बनते हैं जब हवा में मौजूद जलवाष्प ठंडा होकर संघनित होता है और छोटी जल की बूंदों या बर्फ के कणों का रूप ले लेता है, जो हवा में निलंबित रहते हैं।

ये NCERT समाधान छात्रों की परीक्षा की तैयारी में कैसे मदद कर सकते हैं?

ये समाधान प्रत्येक प्रश्न के विस्तृत और स्पष्ट उत्तर प्रदान करते हैं, जिससे छात्रों को अवधारणाओं को गहराई से समझने और परीक्षा में पूछे जाने वाले विभिन्न प्रकार के प्रश्नों का उत्तर देने के लिए तैयार होने में मदद मिलती है।

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