CBSE Class 11 Physics: अणुगति सिद्धांत (Molecular Theory) NCERT Solutions
This set of NCERT Solutions for Class 11 Physics, Chapter 13, delves into the Molecular Theory of Gases. It covers fundamental concepts such as the volume occupied by gas molecules versus the total volume of the gas, and the derivation of molar volume at Standard Temperature and Pressure (STP). The solutions explain the ideal gas law and its application in calculating molar volume, and analyze graphical representations of gas behavior at different temperatures and pressures. Students will learn to interpret these graphs, understand the relationship between pressure, volume, and temperature for gases, and compare the behavior of different gases like oxygen and hydrogen. These solutions are designed to provide clear, step-by-step explanations to aid in exam preparation and a deeper understanding of kinetic theory.
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 11 |
| Subject | भौतिक विज्ञान |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | 13. अणुगति सिद्धांत |
Chapter summary
Chapter 13, अणुगति सिद्धांत (Molecular Theory), focuses on the behavior of gases based on the kinetic theory. These NCERT Solutions explain the relationship between the volume of gas molecules and the space they occupy, and derive the molar volume at STP using the ideal gas law. The solutions also involve interpreting PV/T vs P graphs for gases at different temperatures, and comparing the behavior of different gases. This chapter is crucial for understanding the microscopic basis of gas properties.
Learning outcomes
- Understand the concept of molecular volume and its relation to the total volume occupied by a gas.
- Derive the molar volume of an ideal gas at STP using the ideal gas law.
- Interpret graphs of pV/T versus pressure for gases at different temperatures.
- Compare the behavior of different gases (e.g., O2 and H2) under varying conditions.
- Apply the ideal gas law (pV=nRT) to solve problems related to gas properties.
Topics covered
Paper topics
- Molecular Volume
- Total Volume Occupied by Gas
- Molar Volume
- STP Conditions
- Ideal Gas Law (pV=nRT)
- Gas Constant (R)
- Graphical Representation of Gas Behavior
- Effect of Temperature on Gas Properties
- Comparison of Different Gases (O2 vs H2)
- Kinetic Theory of Gases
Important topics
- Derivation of Molar Volume at STP
- Interpretation of pV/T vs P Graphs
- Application of Ideal Gas Law
- Comparison of Gas Behavior based on Molecular Mass
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Questions and Solutions
प्रश्न 1
हमें ऑक्सीजन के एक अणु के आयतन और STP पर गैस के 1 मोल द्वारा घेरे गए कुल आयतन का अनुपात ज्ञात करना है।
ऑक्सीजन के एक अणु का व्यास = 3 Å
अतः, ऑक्सीजन के एक अणु की त्रिज्या (r) होगी:
हम जानते हैं कि 1 Å = cm, इसलिए:
एक अणु का आयतन (V_molecule) एक गोले के आयतन के सूत्र से दिया जाता है:
STP (Standard Temperature and Pressure) पर, 1 मोल आदर्श गैस द्वारा घेरा गया आयतन (मोलर आयतन) 22.4 लीटर होता है।
1 लीटर =
इसलिए, STP पर 1 मोल गैस का कुल आयतन (V_total) है:
अब, हमें ऑक्सीजन के अणुओं के आयतन और STP पर इनके द्वारा घेरे गए कुल आयतन का अनुपात ज्ञात करना है। प्रश्न में दिए गए हल के अनुसार, यह अनुपात गैस के 1 मोल के लिए निकाला गया है।
गैस के 1 मोल में अणुओं की संख्या आवोगाद्रो संख्या () के बराबर होती है, जो लगभग अणु/मोल है।
सभी अणुओं द्वारा घेरा गया कुल आयतन होगा:
अतः, अणुओं के आयतन और STP पर गैस द्वारा घेरे गए कुल आयतन का अनुपात है:
उत्तर: ऑक्सीजन के अणुओं के आयतन और STP पर इनके द्वारा घेरे गए कुल आयतन का अनुपात लगभग है।
प्रश्न 2
हमें आदर्श गैस समीकरण का उपयोग करके यह दर्शाना है कि STP पर 1 मोल आदर्श गैस का आयतन 22.4 लीटर होता है।
आदर्श गैस समीकरण है:
जहाँ:
- p = दाब
- V = आयतन
- n = मोलों की संख्या
- R = सार्वत्रिक गैस नियतांक
- T = परम ताप
STP (Standard Temperature and Pressure) पर, मानक मान इस प्रकार हैं:
- दाब (p) = 1 atm =
- तापमान (T) = 0°C =
- मोलों की संख्या (n) = 1 मोल (जैसा कि प्रश्न में दिया गया है)
- सार्वत्रिक गैस नियतांक (R) =
अब, हम इन मानों को आदर्श गैस समीकरण में रखकर आयतन (V) की गणना करेंगे:
गणना करने पर:
हमें आयतन को लीटर में बदलना है। हम जानते हैं कि 1 लीटर = ।
इसलिए,
आयतन को लीटर में बदलने पर:
इस प्रकार, यह सिद्ध होता है कि STP पर 1 मोल आदर्श गैस का मोलर आयतन 22.4 लीटर होता है।
उत्तर: आदर्श गैस समीकरण का उपयोग करके यह दर्शाया गया है कि STP पर 1 मोल आदर्श गैस का आयतन 22.4 लीटर होता है।
प्रश्न 3
(a) बिन्दुकित रेखा क्या दर्शाती है?
(b) क्या सत्य है अथवा ?
(c) y-अक्ष पर जहाँ वक्र मिलते हैं वहाँ pV/T का मान क्या है?
(d) यदि हम ऐसे ही ग्राफ kg हाइड्रोजन के लिए बनाएँ तो भी क्या उस बिन्दु पर जहाँ वक्र y-अक्ष से मिलते हैं pV/T का मान यही होगा? यदि नहीं तो हाइड्रोजन के कितने द्रव्यमान के लिए pV/T का मान (कम दाब और उच्च ताप के क्षेत्र के लिए वही होगा? H2 का अणु द्रव्यमान = 2.02 u, O2 का अणु द्रव्यमान = 32.0 u,
हम आदर्श गैस समीकरण का उपयोग करके इन प्रश्नों का उत्तर देंगे।
इस समीकरण को पुनर्व्यवस्थित करने पर, हमें मिलता है:
जहाँ गैस के मोलों की संख्या है, जिसे के रूप में लिखा जा सकता है, जहाँ गैस का द्रव्यमान है और गैस का मोलर द्रव्यमान है।
इसलिए,
यह समीकरण दर्शाता है कि किसी गैस के लिए का मान उसके द्रव्यमान (), मोलर द्रव्यमान (), और गैस नियतांक () पर निर्भर करता है।
(a) बिन्दुकित रेखा क्या दर्शाती है?
बिन्दुकित रेखा एक सीधी रेखा है जो दाब (p) के साथ के मान में कोई परिवर्तन नहीं दिखाती है। यह दर्शाता है कि का मान दाब पर निर्भर नहीं करता है। यह आदर्श गैस व्यवहार की एक विशेषता है, जहाँ केवल गैस के मोलों की संख्या () और गैस नियतांक () पर निर्भर करता है ()। इसलिए, बिन्दुकित रेखा एक आदर्श गैस के व्यवहार को दर्शाती है जहाँ एक स्थिरांक है।
(b) क्या सत्य है अथवा ?
हम जानते हैं कि । दिए गए प्रश्न में, ऑक्सीजन का द्रव्यमान () और मोलर द्रव्यमान () स्थिर हैं। गैस नियतांक () भी एक स्थिरांक है।
इसलिए, (जहाँ स्थिरांक है)।
ग्राफ में, पर वक्र पर वक्र से ऊपर है। इसका मतलब है कि पर का मान पर के मान से अधिक है। चूँकि तापमान के समानुपाती है (जब और स्थिर हों), उच्च मान उच्च तापमान को इंगित करता है।
अतः, सत्य है।
(c) y-अक्ष पर जहाँ वक्र मिलते हैं वहाँ का मान क्या है?
y-अक्ष पर, दाब () शून्य होता है। जब , तो होता है, चाहे तापमान कुछ भी हो, बशर्ते कि गैस आदर्श हो। हालाँकि, ग्राफ में वक्र y-अक्ष से एक निश्चित मान पर मिलते हैं, जो कि आदर्श गैस समीकरण के अनुसार शून्य होना चाहिए। यह संभवतः ग्राफ के कम दाब वाले क्षेत्र में एक अनुमानित मान है या प्रश्न में कुछ अतिरिक्त जानकारी की आवश्यकता है। यदि हम प्रश्न के संदर्भ में देखें, तो यह मान का प्रतिनिधित्व करता है।
प्रश्न के अनुसार, हम ऑक्सीजन के द्रव्यमान के लिए ग्राफ बना रहे हैं।
मोलों की संख्या () है:
y-अक्ष पर जहाँ वक्र मिलते हैं, वहाँ का मान के बराबर होगा।
(d) यदि हम ऐसे ही ग्राफ kg हाइड्रोजन के लिए बनाएँ तो भी क्या उस बिन्दु पर जहाँ वक्र y-अक्ष से मिलते हैं pV/T का मान यही होगा? यदि नहीं तो हाइड्रोजन के कितने द्रव्यमान के लिए pV/T का मान (कम दाब और उच्च ताप के क्षेत्र के लिए वही होगा?
नहीं, का मान वही नहीं होगा।
हाइड्रोजन () का मोलर द्रव्यमान () = 2.02 u = 0.00202 kg/mol।
ऑक्सीजन के लिए,
हाइड्रोजन के लिए,
यदि हम लेते हैं, तो:
इस स्थिति में का मान होगा:
यह मान ऑक्सीजन के लिए प्राप्त मान () से बहुत अधिक है।
अब, हमें हाइड्रोजन का वह द्रव्यमान () ज्ञात करना है जिसके लिए का मान ऑक्सीजन के समान हो, अर्थात ।
हम चाहते हैं कि
चूँकि दोनों तरफ समान है, हम इसे रद्द कर सकते हैं:
हमें ज्ञात करना है:
यह द्रव्यमान ग्राम में होगा।
उत्तर:
(a) बिन्दुकित रेखा एक आदर्श गैस के व्यवहार को दर्शाती है जहाँ दाब पर निर्भर नहीं करता है।
(b) सत्य है।
(c) y-अक्ष पर जहाँ वक्र मिलते हैं वहाँ का मान लगभग है।
(d) नहीं, मान वही नहीं होगा। हाइड्रोजन के लगभग (या 0.0631 g) द्रव्यमान के लिए का मान वही होगा।
Common mistakes
- Confusing the volume of individual molecules with the volume occupied by the gas.
- Errors in unit conversions, especially between liters and cubic meters.
- Incorrectly interpreting the relationship between temperature and gas behavior from graphs.
- Assuming all gases behave identically without considering molecular mass.
Revision tips
- Focus on understanding the derivation of molar volume at STP.
- Practice interpreting the provided graphs and relating them to temperature changes.
- Pay close attention to the ideal gas law and its applications in different scenarios.
- Review the differences in behavior between gases like oxygen and hydrogen based on their molecular masses.
Practice MCQs
Q1. STP पर 1 मोल आदर्श गैस द्वारा घेरा गया आयतन क्या कहलाता है?
Explanation: STP पर 1 मोल आदर्श गैस द्वारा घेरे गए आयतन को मोलर आयतन कहा जाता है, जिसका मान लगभग 22.4 लीटर होता है।
Q2. आदर्श गैस समीकरण pV = nRT में, यदि गैस का द्रव्यमान और तापमान स्थिर है, तो pV/T का मान किसके समानुपाती होता है?
Explanation: आदर्श गैस समीकरण से, pV/T = nR। यदि n और R स्थिर हैं, तो pV/T भी स्थिर रहेगा, जो गैस के मोलों की संख्या पर निर्भर करता है।
Q3. प्रश्न 3 में, यदि दो अलग-अलग तापों T1 और T2 पर गैस के लिए pV/T बनाम p का ग्राफ बनाया जाता है, और T1 पर वक्र T2 पर वक्र से ऊपर है, तो क्या निष्कर्ष निकाला जा सकता है?
Explanation: आदर्श गैस समीकरण के अनुसार, pV/T = nR। यदि द्रव्यमान (और इसलिए n) स्थिर है, तो pV/T का मान तापमान के साथ बढ़ता है। इसलिए, उच्च तापमान पर वक्र उच्चतर pV/T मान दिखाएगा।
Q4. हाइड्रोजन (अणु द्रव्यमान 2.02 u) के लिए pV/T का मान ऑक्सीजन (अणु द्रव्यमान 32.0 u) के समान द्रव्यमान के लिए वही रखने के लिए, हाइड्रोजन का कितना द्रव्यमान आवश्यक होगा?
Explanation: pV/T = nR = (m/M)R, जहाँ m द्रव्यमान और M अणु द्रव्यमान है। समान pV/T के लिए, यदि M छोटा है (हाइड्रोजन), तो m भी छोटा होना चाहिए।
Frequently asked questions
अणुगति सिद्धांत (Molecular Theory) क्या है?
अणुगति सिद्धांत गैसों के व्यवहार को उनके अणुओं की गति और टकराव के आधार पर समझाता है। यह मानता है कि गैसें छोटे कणों से बनी होती हैं जो लगातार यादृच्छिक गति में होते हैं।
STP पर मोलर आयतन का क्या अर्थ है?
STP (Standard Temperature and Pressure) पर मोलर आयतन का अर्थ है कि किसी भी आदर्श गैस के 1 मोल द्वारा मानक परिस्थितियों (0°C या 273.15 K तापमान और 1 atm दाब) पर घेरा गया आयतन। इसका मान लगभग 22.4 लीटर होता है।
प्रश्न 3 में दिए गए ग्राफ क्या दर्शाते हैं?
प्रश्न 3 में दिए गए ग्राफ pV/T बनाम p को दर्शाते हैं, जहाँ p दाब है और T तापमान है। ये ग्राफ दिखाते हैं कि गैस के एक निश्चित द्रव्यमान के लिए, pV/T का मान दाब पर निर्भर नहीं करता है (यदि तापमान स्थिर है), और यह तापमान के साथ बढ़ता है।
क्या हाइड्रोजन और ऑक्सीजन गैसें समान परिस्थितियों में समान व्यवहार करती हैं?
नहीं, यद्यपि वे दोनों आदर्श गैस नियमों का पालन करती हैं, उनके अणु द्रव्यमान में अंतर के कारण उनके व्यवहार में भिन्नता हो सकती है, खासकर जब द्रव्यमान को स्थिर रखा जाता है और pV/T के मान की तुलना की जाती है।
यह NCERT समाधान परीक्षा की तैयारी में कैसे मदद करते हैं?
ये समाधान अणुगति सिद्धांत के प्रमुख अवधारणाओं को स्पष्ट करते हैं, महत्वपूर्ण सूत्रों की व्युत्पत्ति प्रदान करते हैं, और विभिन्न प्रकार के प्रश्नों को हल करने के लिए चरण-दर-चरण तरीके दिखाते हैं, जिससे छात्रों को परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रश्नों को समझने और हल करने में मदद मिलती है।
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