CBSE कक्षा 11 रसायन विज्ञान अध्याय 7: साम्यावस्था NCERT समाधान

NCERT Solutions PDF Class 11 PDF

यह पृष्ठ CBSE कक्षा 11 रसायन विज्ञान के अध्याय 7, 'साम्यावस्था' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रदान करता है। इसमें द्रव-वाष्प साम्य, साम्य स्थिरांक (Kc और Kp) की गणना, और विभिन्न रासायनिक अभिक्रियाओं के लिए साम्य व्यंजक लिखने जैसे विषयों को शामिल किया गया है। समाधानों में प्रत्येक प्रश्न के लिए चरण-दर-चरण स्पष्टीकरण दिया गया है, जिससे छात्रों को साम्यावस्था के सिद्धांतों को गहराई से समझने में मदद मिलती है। यह संसाधन परीक्षा की तैयारी और अवधारणाओं की स्पष्टता के लिए अत्यंत उपयोगी है।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 11
Subjectरसायन विज्ञान
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter7. साम्यावस्था

Chapter summary

अध्याय 7, 'साम्यावस्था', रासायनिक अभिक्रियाओं के व्यवहार को समझने के लिए महत्वपूर्ण है, विशेष रूप से उत्क्रमणीय अभिक्रियाओं के संदर्भ में। यह खंड साम्यावस्था की स्थिति, साम्य स्थिरांक (Kc और Kp) की गणना, और विभिन्न प्रणालियों में साम्य की स्थापना को स्पष्ट करता है। समाधानों में द्रव-वाष्प साम्य और गैसीय अभिक्रियाओं के लिए साम्य व्यंजक लिखने पर ध्यान केंद्रित किया गया है, जो छात्रों को इन अवधारणाओं को लागू करने में सहायता करता है।

Learning outcomes

  • द्रव-वाष्प साम्य की अवधारणा को समझना।
  • साम्य स्थिरांक (Kc) की गणना करना सीखना।
  • साम्य स्थिरांक (Kp) की गणना करना सीखना।
  • विभिन्न रासायनिक अभिक्रियाओं के लिए Kc के व्यंजक लिखना।
  • साम्यावस्था पर दाब के प्रभाव का विश्लेषण करना।

Topics covered

Paper topics

  • साम्यावस्था
  • द्रव-वाष्प साम्य
  • वाष्प दाब
  • वाष्पन की दर
  • संघनन की दर
  • साम्य स्थिरांक (Kc)
  • साम्य स्थिरांक (Kp)
  • अभिक्रियाओं के लिए Kc के व्यंजक
  • आंशिक दाब
  • रासायनिक साम्यावस्था

Important topics

  • साम्य स्थिरांक (Kc) की गणना
  • साम्य स्थिरांक (Kp) की गणना
  • Kc और Kp के व्यंजक लिखना
  • द्रव-वाष्प साम्य की अवधारणा
  • साम्यावस्था पर दाब का प्रभाव

PDF preview

Read page by page below. PDF is streamed from the official NCERT website — no download button on this page.

Loading document …
Page of
Loading page …

Questions and Solutions

प्रश्न 7.1

एक द्रव को सीलबन्द पात्र में निश्चित ताप पर इसके वाष्प के साथ साम्य में रखा जाता है। पात्र का आयतन अचानक बढ़ा दिया जाता है। (क) वाष्प-दाब परिवर्तन का प्रारम्भिक परिणाम क्या होगा? (ख) प्रारम्भ में वाष्पन एवं संघनन की दर कैसे बदलती है? (ग) क्या होगा, जबकि साम्य पुन: अन्तिम रूप से स्थापित हो जाएगा, तब अन्तिम वाष्प दाब क्या होगा?
Solution:

(क) जब पात्र का आयतन अचानक बढ़ाया जाता है, तो द्रव के वाष्प के अणुओं का फैलाव अधिक स्थान में होता है। इससे वाष्प का दाब प्रारम्भ में घटता है क्योंकि वाष्प के अणुओं की संख्या प्रति इकाई आयतन कम हो जाती है।

(ख) आयतन में अचानक वृद्धि के कारण, वाष्पन की दर प्रारम्भ में स्थिर रहती है क्योंकि यह द्रव की सतह के क्षेत्रफल पर निर्भर करती है, जो तुरंत नहीं बदलती। हालाँकि, वाष्प के अणुओं के लिए उपलब्ध स्थान बढ़ जाने के कारण, संघनन की दर प्रारम्भ में घट जाती है क्योंकि वाष्प के अणुओं के द्रव की सतह से टकराने की संभावना कम हो जाती है।

(ग) साम्यावस्था पर, वाष्पन की दर संघनन की दर के बराबर होती है। जब आयतन बढ़ाया जाता है, तो साम्य वाष्पन की दिशा में विस्थापित होता है ताकि वाष्प के अणुओं की संख्या बढ़ सके और वाष्प दाब पुनः स्थापित हो सके। हालाँकि, चूंकि तापमान स्थिर है, अंतिम साम्य वाष्प दाब वही रहेगा जो प्रारम्भ में था। यह केवल तापमान पर निर्भर करता है, आयतन पर नहीं (जब तक कि सारा द्रव वाष्पित न हो जाए)।

प्रश्न 7.2

निम्न साम्य के लिए K_c क्या होगा, यदि साम्य पर प्रत्येक पदार्थ की सान्द्रताएँ [SO_2] = 0.6 M, [O_2] = 0.82 M एवं [SO_3] = 1.90 M है?

2SO_2(g) + O_2(g) \rightleftharpoons 2SO_3(g)

Solution:

दी गई अभिक्रिया है:

2SO_2(g) + O_2(g) \rightleftharpoons 2SO_3(g)

साम्य स्थिरांक K_c का व्यंजक इस प्रकार दिया जाता है:

K_c = \frac{[SO_3]^2}{[SO_2]^2[O_2]}

साम्य पर दी गई सान्द्रताएँ हैं:

[SO_2] = 0.6 \, M

[O_2] = 0.82 \, M

[SO_3] = 1.90 \, M

इन मानों को K_c के व्यंजक में रखने पर:

K_c = \frac{(1.90)^2}{(0.6)^2(0.82)} = \frac{3.61}{(0.36)(0.82)} = \frac{3.61}{0.2952} \approx 12.229

अतः, K_c का मान लगभग 12.229 है।

प्रश्न 7.3

एक निश्चित ताप एवं कुल दाब 10^5 \, Pa पर आयोडीन वाष्प में आयतानुसार 40% आयोडीन परमाणु होते हैं। निम्नलिखित साम्य के लिए K_p की गणना कीजिए:

I_2(g) \rightleftharpoons 2I(g)

Solution:

दी गई अभिक्रिया है:

I_2(g) \rightleftharpoons 2I(g)

कुल दाब P_{total} = 10^5 \, Pa है।

साम्य पर 40% आयोडीन परमाणु (I) हैं, जिसका अर्थ है कि शेष 60% I_2 अणु हैं।

आयोडीन परमाणुओं (I) का आंशिक दाब (P_I) होगा:

P_I = \frac{40}{100} \times P_{total} = \frac{40}{100} \times 10^5 \, Pa = 0.4 \times 10^5 \, Pa

I_2 अणुओं का आंशिक दाब (P_{I_2}) होगा:

P_{I_2} = \frac{60}{100} \times P_{total} = \frac{60}{100} \times 10^5 \, Pa = 0.6 \times 10^5 \, Pa

साम्य स्थिरांक K_p का व्यंजक इस प्रकार दिया जाता है:

K_p = \frac{(P_I)^2}{P_{I_2}}

मानों को प्रतिस्थापित करने पर:

K_p = \frac{(0.4 \times 10^5)^2}{0.6 \times 10^5} = \frac{0.16 \times 10^{10}}{0.6 \times 10^5} = \frac{0.16}{0.6} \times 10^5 = \frac{16}{60} \times 10^5 = \frac{4}{15} \times 10^5

गणना करने पर:

K_p = 0.2667 \times 10^5 \, Pa = 2.667 \times 10^4 \, Pa

अतः, K_p का मान 2.67 \times 10^4 \, Pa है। (ध्यान दें: K_p की इकाई दाब की इकाई के बराबर होती है, यहाँ Pa)।

प्रश्न 7.4

निम्नलिखित में से प्रत्येक अभिक्रिया के लिए साम्य स्थिरांक K_c का व्यंजक लिखिए।
  1. 2NOCl(g) \rightleftharpoons 2NO(g) + Cl_2(g)
  2. 2Cu(NO_3)_2(s) \rightleftharpoons 2CuO(s) + 4NO_2(g) + O_2(g)
  3. CH_3COOC_2H_5(aq) + H_2O(l) \rightleftharpoons CH_3COOH(aq) + C_2H_5OH(aq)
  4. Fe^{3+}(aq) + 3OH^{-}(aq) \iff Fe(OH)_{3}(s)
  5. I_2(aq) + 5F_2(g) \rightleftharpoons 2IF_5(g)
Solution:

साम्य स्थिरांक K_c का व्यंजक उत्पादों की सांद्रता के अनुपात और अभिकारकों की सांद्रता के अनुपात के रूप में लिखा जाता है, जिसमें प्रत्येक सांद्रता को अभिक्रिया में उसके स्टोइकोमेट्रिक गुणांक की घात तक बढ़ाया जाता है। ठोस और शुद्ध तरल पदार्थों को K_c के व्यंजक में शामिल नहीं किया जाता है।

  1. अभिक्रिया: 2NOCl(g) \rightleftharpoons 2NO(g) + Cl_2(g)

    K_c = \frac{[NO]^2[Cl_2]}{[NOCl]^2}

  2. अभिक्रिया: 2Cu(NO_3)_2(s) \rightleftharpoons 2CuO(s) + 4NO_2(g) + O_2(g)

    चूंकि Cu(NO_3)_2 और CuO ठोस हैं, उन्हें K_c व्यंजक से हटा दिया जाता है।

    K_c = [NO_2]^4[O_2]

  3. अभिक्रिया: CH_3COOC_2H_5(aq) + H_2O(l) \rightleftharpoons CH_3COOH(aq) + C_2H_5OH(aq)

    चूंकि H_2O एक तरल है (और अभिक्रिया जलीय माध्यम में है, लेकिन H_2O की सांद्रता को स्थिर माना जाता है), इसे K_c व्यंजक से हटा दिया जाता है।

    K_c = \frac{[CH_3COOH][C_2H_5OH]}{[CH_3COOC_2H_5]}

  4. अभिक्रिया: Fe^{3+}(aq) + 3OH^{-}(aq) \iff Fe(OH)_{3}(s)

    चूंकि Fe(OH)_3 एक ठोस है, इसे K_c व्यंजक से हटा दिया जाता है।

    K_c = \frac{1}{[Fe^{3+}][OH^{-}]^3}

  5. अभिक्रिया: I_2(aq) + 5F_2(g) \rightleftharpoons 2IF_5(g)

    K_c = \frac{[IF_5]^2}{[I_2][F_2]^5}

Common mistakes

  • साम्य स्थिरांक के व्यंजक में अभिकारकों और उत्पादों की घातों को गलत लिखना।
  • ठोस और शुद्ध तरल पदार्थों को साम्य स्थिरांक व्यंजक में शामिल करना।
  • आंशिक दाब की गणना में प्रतिशत को सही ढंग से लागू न करना।
  • साम्यावस्था पर सांद्रता या दाब में परिवर्तन के प्रभाव को गलत समझना।

Revision tips

  • साम्य स्थिरांक (Kc और Kp) के सूत्रों को याद करें और अभ्यास करें।
  • ठोस और शुद्ध तरल पदार्थों को साम्य व्यंजक से बाहर रखने के नियम को समझें।
  • प्रत्येक प्रश्न के हल में दिए गए चरणों का पालन करें और अपनी समझ को मजबूत करें।
  • द्रव-वाष्प साम्य से संबंधित प्रश्नों के लिए, आयतन परिवर्तन के प्रभाव पर ध्यान दें।

Practice MCQs

Q1. प्रश्न 7.1 में, साम्य स्थापित होने के बाद अंतिम वाष्प दाब पर क्या प्रभाव पड़ेगा?

Q2. प्रश्न 7.2 में दी गई अभिक्रिया के लिए Kc का व्यंजक क्या है?

Q3. प्रश्न 7.3 में, साम्य पर आयोडीन परमाणुओं (I) का आंशिक दाब क्या होगा यदि कुल दाब 10^5 Pa है और 40% आयोडीन परमाणु हैं?

Q4. प्रश्न 7.4 (ii) में, किस पदार्थ को Kc के व्यंजक से बाहर रखा जाएगा?

Frequently asked questions

कक्षा 11 रसायन विज्ञान के अध्याय 7 में साम्यावस्था का क्या अर्थ है?

साम्यावस्था एक ऐसी स्थिति है जहाँ एक उत्क्रमणीय अभिक्रिया में अग्र अभिक्रिया की दर पश्च अभिक्रिया की दर के बराबर हो जाती है। इस अवस्था में, अभिकारकों और उत्पादों की सांद्रता स्थिर रहती है।

साम्य स्थिरांक (Kc) क्या है और इसकी गणना कैसे की जाती है?

साम्य स्थिरांक (Kc) साम्यावस्था पर उत्पादों की सांद्रता और अभिकारकों की सांद्रता का अनुपात है, जहाँ प्रत्येक सांद्रता को अभिक्रिया में उसके स्टोइकोमेट्रिक गुणांक की घात तक बढ़ाया जाता है। इसकी गणना साम्यावस्था पर अभिकारकों और उत्पादों की मापी गई सांद्रताओं का उपयोग करके की जाती है।

प्रश्न 7.1 में आयतन बढ़ाने पर वाष्प दाब पर क्या प्रभाव पड़ता है?

जब एक द्रव को सीलबन्द पात्र में उसके वाष्प के साथ साम्य में रखा जाता है और पात्र का आयतन अचानक बढ़ा दिया जाता है, तो वाष्प का दाब कम हो जाता है। इससे वाष्पन की दर बढ़ जाती है और संघनन की दर घट जाती है, जिससे साम्य पुन: स्थापित होता है।

क्या ठोस और शुद्ध तरल पदार्थों को साम्य स्थिरांक के व्यंजक में शामिल किया जाता है?

नहीं, ठोस पदार्थों और शुद्ध तरल पदार्थों की सांद्रता को स्थिर माना जाता है और इसलिए उन्हें साम्य स्थिरांक (Kc या Kp) के व्यंजक में शामिल नहीं किया जाता है।

यह समाधान पृष्ठ परीक्षा की तैयारी में कैसे मदद करता है?

यह पृष्ठ कक्षा 11 रसायन विज्ञान के अध्याय 7 'साम्यावस्था' के सभी NCERT प्रश्नों के विस्तृत और स्पष्ट समाधान प्रदान करता है, जिससे छात्रों को अवधारणाओं को समझने और परीक्षा के लिए प्रभावी ढंग से तैयारी करने में मदद मिलती है।

Content reviewed by the NCERT Help team. Editorial Team and update policy

NCERT Solutions PDF PDF on NCERT Help. URL unchanged for search indexing.