कक्षा 11 भूगोल अध्याय 4: जलवायु NCERT समाधान (हिंदी)
यह पृष्ठ सीबीएसई कक्षा 11 भूगोल के अध्याय 4, 'जलवायु' के लिए विस्तृत एनसीईआरटी समाधान प्रदान करता है। इसमें भारत की जलवायु को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारकों, जैसे वायु दाब, ऊपरी वायु परिसंचरण, पश्चिमी विक्षोभ और उष्णकटिबंधीय अवदाबों की व्याख्या की गई है। समाधान अंतः उष्णकटिबंधीय अभिसरण क्षेत्र (आईटीसीजेड) की अवधारणा को स्पष्ट करते हैं, जो मानसून की उत्पत्ति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। मानसून प्रस्फोट, यानी मानसून की अचानक शुरुआत और उससे जुड़े मौसमी बदलावों पर भी प्रकाश डाला गया है। कोपेन के जलवायु वर्गीकरण के आधार और भारत में विभिन्न जलवायु प्रकारों का भी संक्षिप्त परिचय दिया गया है। ये समाधान छात्रों को परीक्षा की तैयारी के लिए एक स्पष्ट और संक्षिप्त समझ प्रदान करते हैं।
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 11 |
| Subject | भूगोल |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | 4. जलवायु |
Chapter summary
कक्षा 11 भूगोल के अध्याय 4 के ये एनसीईआरटी समाधान भारत की जलवायु की जटिलताओं पर केंद्रित हैं। इसमें मानसून को प्रभावित करने वाले कारकों, आईटीसीजेड की भूमिका, मानसून प्रस्फोट की घटना और कोपेन के जलवायु वर्गीकरण के आधारों को समझाया गया है। ये समाधान छात्रों को भारत की विविध जलवायु परिस्थितियों को समझने और परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण अवधारणाओं को याद करने में मदद करते हैं।
Learning outcomes
- भारत की जलवायु को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारकों की पहचान करना।
- अंतः उष्णकटिबंधीय अभिसरण क्षेत्र (आईटीसीजेड) की अवधारणा को समझना।
- मानसून प्रस्फोट की घटना और इसके प्रभाव का वर्णन करना।
- कोपेन के जलवायु वर्गीकरण के आधारों को समझना।
- भारत के विभिन्न क्षेत्रों में वर्षा के वितरण को समझना।
Topics covered
Paper topics
- भारतीय जलवायु को प्रभावित करने वाले कारक
- वायु दाब और पवनें
- ऊपरी वायु परिसंचरण
- पश्चिमी विक्षोभ
- उष्णकटिबंधीय अवदाब
- अंतः उष्णकटिबंधीय अभिसरण क्षेत्र (आईटीसीजेड)
- मानसून प्रस्फोट
- कोपेन का जलवायु वर्गीकरण
- भारत में वर्षा का वितरण
- दक्षिण भारत की जलवायु
- शीतकालीन वर्षा
- ग्रीष्मकालीन वर्षा
Important topics
- मानसून की उत्पत्ति और कार्यप्रणाली
- अंतः उष्णकटिबंधीय अभिसरण क्षेत्र (आईटीसीजेड)
- मानसून प्रस्फोट की घटना
- भारत में वर्षा का वितरण
- कोपेन के जलवायु वर्गीकरण के आधार
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Questions and Solutions
बहुवैकल्पिक प्रश्न
1. सर्दी के आरंभ में तमिलनाड़ के तटीय प्रदेशों में वर्षा किस कारण होती है?
- (क) दक्षिण-पश्चिमी मानसून
- (ख) उत्तर-पूर्वी मानसून
- (ग) शीतोष्ण कटिबंधीय चक्रवात
- (घ) स्थानीय वायु परिसंचरण
2. भारत के कितने भू-भाग पर 75 सेंटीमीटर से कम औसत वार्षिक वर्षा होती है?
- (क) आधा
- (ख) दो-तिहाई
- (ग) एक-तिहाई
- (घ) तीन-चौथाई
3. दक्षिण भारत के संदर्भ में कौन-सा तथ्य ठीक नहीं है?
- (क) यहाँ दैनिक तापांतर कम होता है।
- (ख) यहाँ वार्षिक तापांतर कम होता है।
- (ग) यहाँ तापमान सारा वर्ष ऊँचा रहता है।
- (घ) यहाँ जलवायु विषम पाई जाती है।
4. जब सूर्य दक्षिणी गोलार्द्ध में मकर रेखा पर सीधा चमकता है, तब निम्नलिखित में से क्या होता है?
- (क) उत्तरी-पश्चिमी भारत में तापमान कम होने के कारण उच्च वायुदाब विकसित हो जाता है।
- (ख) उत्तरी-पश्चिमी भारत में तापमान बढ़ने के कारण निम्न वायुदाब विकसित हो जाता है।
- (ग) उत्तरी-पश्चिमी भारत में तापमान और वायुदाब में कोई परिवर्तन नहीं आता।
- (घ) उत्तरी-पश्चिमी भारत में झुलासा देने वाली तेज लू चलती है।
5. कोपेन के वर्गीकरण के अनुसार भारत में 'As' प्रकार की जलवायु कहाँ पाई जाती है?
- (क) केरल और तटीय कर्नाटक में
- (ख) अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में
- (ग) कोरोमंडल तट पर
- (घ) असम व अरुणाचल प्रदेश में
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 30 शब्दों में दीजिए :
1. (i) भारतीय मौसम तंत्र को प्रभावित करने वाले तीन महत्त्वपूर्ण कारक कौन-से हैं?
1. (ii) अंतः उष्ण कटिबंधीय अभिसरण क्षेत्र क्या है?
1. (iii) मानसून प्रस्फोट से आपका क्या अभिप्राय है? भारत में सबसे अधिक वर्षा प्राप्त करने वाले स्थान का नाम लिखिए।
1. (iv) जलवायु प्रदेश क्या होता है? कोपेन के पद्धति के प्रमुख आधार कौन-से हैं?
Common mistakes
- मानसून की उत्पत्ति और आईटीसीजेड की भूमिका को गलत समझना।
- मानसून प्रस्फोट और सामान्य वर्षा के बीच अंतर न कर पाना।
- कोपेन के जलवायु वर्गीकरण के आधारों को याद रखने में कठिनाई।
- भारत के विभिन्न क्षेत्रों में वर्षा के पैटर्न को गलत बताना।
Revision tips
- मानसून को प्रभावित करने वाले कारकों की सूची बनाएं और उन्हें समझें।
- आईटीसीजेड और मानसून प्रस्फोट के बीच संबंध को स्पष्ट करें।
- कोपेन के वर्गीकरण के मुख्य आधारों को याद करने के लिए फ़्लैशकार्ड का उपयोग करें।
- भारत के वर्षा मानचित्र का अध्ययन करें और विभिन्न क्षेत्रों के वर्षा पैटर्न को समझें।
Practice MCQs
Q1. सर्दी के आरंभ में तमिलनाड़ के तटीय प्रदेशों में वर्षा किस मानसून के कारण होती है?
Explanation: सर्दी के मौसम में, उत्तर-पूर्वी मानसून हवाएं बंगाल की खाड़ी से नमी लेकर आती हैं और तमिलनाड़ के तट पर वर्षा करती हैं।
Q2. भारत के कितने भू-भाग पर 75 सेंटीमीटर से कम औसत वार्षिक वर्षा होती है?
Explanation: भारत का लगभग तीन-चौथाई भू-भाग 75 सेंटीमीटर से कम औसत वार्षिक वर्षा प्राप्त करता है, जो शुष्क और अर्ध-शुष्क क्षेत्रों को दर्शाता है।
Q3. जब सूर्य दक्षिणी गोलार्द्ध में मकर रेखा पर सीधा चमकता है, तब उत्तरी-पश्चिमी भारत में क्या स्थिति उत्पन्न होती है?
Explanation: जब सूर्य दक्षिणी गोलार्द्ध में होता है, तो उत्तरी गोलार्द्ध में सर्दी होती है। उत्तरी-पश्चिमी भारत में तापमान कम होने से उच्च वायुदाब का क्षेत्र बनता है।
Q4. कोपेन के वर्गीकरण के अनुसार भारत में 'As' प्रकार की जलवायु कहाँ पाई जाती है?
Explanation: 'As' प्रकार की जलवायु, जो उष्णकटिबंधीय सवाना जलवायु का एक रूप है, कोरोमंडल तट पर पाई जाती है, जहाँ ग्रीष्मकालीन मानसून के दौरान वर्षा होती है।
Q5. मानसून प्रस्फोट से आपका क्या अभिप्राय है?
Explanation: मानसून प्रस्फोट मानसून ऋतु में वर्षा की अचानक और तीव्र शुरुआत को दर्शाता है, जिसमें अक्सर गरज और बिजली के साथ भारी वर्षा होती है।
Frequently asked questions
कक्षा 11 भूगोल के अध्याय 4 में किन मुख्य विषयों को शामिल किया गया है?
इस अध्याय में भारत की जलवायु को प्रभावित करने वाले कारक, जैसे वायु दाब, पवनें, ऊपरी वायु परिसंचरण, पश्चिमी विक्षोभ, उष्णकटिबंधीय अवदाब, अंतः उष्णकटिबंधीय अभिसरण क्षेत्र (आईटीसीजेड), मानसून प्रस्फोट और कोपेन का जलवायु वर्गीकरण शामिल हैं।
आईटीसीजेड (ITCZ) क्या है और यह मानसून को कैसे प्रभावित करता है?
आईटीसीजेड विषुवत वृत्त पर स्थित एक निम्न वायुदाब वाला क्षेत्र है जहाँ हवाएँ ऊपर उठती हैं। गर्मियों में, यह उत्तर की ओर खिसक जाता है और दक्षिण गोलार्ध से आने वाली व्यापारिक पवनों को आकर्षित करता है, जो कोरियोलिस बल के प्रभाव से दक्षिण-पश्चिम मानसून के रूप में भारत में वर्षा लाती हैं।
मानसून प्रस्फोट से क्या तात्पर्य है?
मानसून प्रस्फोट मानसून ऋतु में वर्षा की अचानक और तीव्र शुरुआत को कहते हैं, जिसके साथ अक्सर तापमान में गिरावट, गरज और बिजली की कड़क शामिल होती है।
कोपेन के जलवायु वर्गीकरण के मुख्य आधार क्या हैं?
कोपेन के वर्गीकरण का मुख्य आधार तापमान और वर्षा की मौसमी भिन्नता है, जिसके आधार पर उन्होंने जलवायु को विभिन्न प्रकारों में वर्गीकृत किया है।
ये एनसीईआरटी समाधान छात्रों की परीक्षा तैयारी में कैसे मदद करेंगे?
ये समाधान प्रत्येक प्रश्न का विस्तृत और स्पष्ट उत्तर प्रदान करते हैं, जिससे छात्रों को अवधारणाओं को गहराई से समझने और परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रश्नों के लिए तैयार होने में मदद मिलती है।
तमिलनाडु में सर्दियों के दौरान वर्षा क्यों होती है?
सर्दियों के दौरान, उत्तर-पूर्वी मानसून हवाएं बंगाल की खाड़ी से नमी ग्रहण करती हैं और तमिलनाडु के तट पर वर्षा करती हैं, जबकि देश के अधिकांश हिस्सों में शुष्क मौसम होता है।
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