कक्षा 11 भूगोल अध्याय 3: पृथ्वी की आंतरिक संरचना NCERT समाधान

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यह पृष्ठ कक्षा 11 भूगोल के अध्याय 3, 'पृथ्वी की आंतरिक संरचना' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रदान करता है। इसमें पृथ्वी की विभिन्न परतों जैसे भूपर्पटी, मेंटल और क्रोड के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी शामिल है। समाधान पृथ्वी की त्रिज्या, गहराई तक की गई खुदाई, भूगर्भ की जानकारी के अप्रत्यक्ष स्रोत (जैसे तापमान, दबाव, घनत्व, उल्काएँ, गुरुत्वाकर्षण, चुंबकीय क्षेत्र और भूकंप), भूकंपीय तरंगों के कारण, अवकेंद्र और छाया क्षेत्र की परिभाषाएँ, भूकंप की तीव्रता मापने वाले स्केल, भूपर्पटी की मोटाई, एस्थेनोस्फीयर की अवधारणा, क्रोड की संरचना, ज्वालामुखी के प्रकार (जैसे बेसाल्ट लावा प्रवाह और मिश्रित ज्वालामुखी), सीस्मोग्राफ का उपयोग, गहन समुद्री वेधन परियोजनाएं, और आंतरिक बनावट के आधार पर पृथ्वी के विभाजन को स्पष्ट करते हैं। ये समाधान छात्रों को पृथ्वी की आंतरिक संरचना की जटिलताओं को समझने और परीक्षा की तैयारी में मदद करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 11
Subjectभूगोल
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter3. पृथ्वी की आंतरिक सरंचना

Chapter summary

कक्षा 11 भूगोल के अध्याय 3 के ये NCERT समाधान पृथ्वी की आंतरिक संरचना पर केंद्रित हैं। इनमें पृथ्वी की त्रिज्या, भूगर्भ में अधिकतम प्रवेधन, भूगर्भ की जानकारी के अप्रत्यक्ष स्रोत (जैसे तापमान, दबाव, घनत्व, उल्काएँ, गुरुत्वाकर्षण, चुंबकीय क्षेत्र, भूकंप), भूकंपीय तरंगों के कारण, अवकेंद्र, छाया क्षेत्र, रिक्टर स्केल, भूपर्पटी की मोटाई, एस्थेनोस्फीयर, क्रोड की संरचना, ज्वालामुखी के प्रकार (बेसाल्ट लावा प्रवाह, मिश्रित ज्वालामुखी), सीस्मोग्राफ, और गहन समुद्री वेधन परियोजनाओं जैसी महत्वपूर्ण अवधारणाओं को शामिल किया गया है। ये समाधान छात्रों को पृथ्वी की आंतरिक परतों और भूवैज्ञानिक प्रक्रियाओं की गहन समझ प्रदान करते हैं।

Learning outcomes

  • पृथ्वी की त्रिज्या और भूगर्भ में अधिकतम प्रवेधन की गहराई को समझें।
  • भूकंपीय तरंगों के उत्पन्न होने के कारणों और उनसे संबंधित शब्दावली (अवेन्द्र, छाया क्षेत्र) को परिभाषित करें।
  • भूकंप की तीव्रता मापने के लिए उपयोग किए जाने वाले विभिन्न पैमानों (रिक्टर, मरकैली) की पहचान करें।
  • पृथ्वी की विभिन्न परतों (भूपर्पटी, मेंटल, क्रोड) की संरचना और विशेषताओं का वर्णन करें।
  • ज्वालामुखी के विभिन्न प्रकारों (बेसाल्ट लावा प्रवाह, मिश्रित ज्वालामुखी) को वर्गीकृत करें।
  • भूकंपीय तरंगों को मापने वाले यंत्र (सीस्मोग्राफ) और भूगर्भ की जानकारी प्राप्त करने वाली परियोजनाओं के बारे में जानें।

Topics covered

Paper topics

  • पृथ्वी की त्रिज्या
  • भूगर्भ में प्रवेधन
  • भूगर्भ की जानकारी के अप्रत्यक्ष स्रोत
  • भूकंपीय तरंगें
  • भूकंप का अवकेंद्र
  • भूकंपीय छाया क्षेत्र
  • भूकंप की तीव्रता मापन स्केल (रिक्टर, मरकैली)
  • भूपर्पटी की मोटाई
  • एस्थेनोस्फीयर (दुर्बलता मंडल)
  • पृथ्वी की आंतरिक परतें (सियाल, सिमा, निफे)
  • ज्वालामुखी के प्रकार (बेसाल्ट लावा प्रवाह, मिश्रित ज्वालामुखी)
  • सीस्मोग्राफ और प्रवेधन परियोजनाएं

Important topics

  • पृथ्वी की आंतरिक परतें (भूपर्पटी, मेंटल, क्रोड)
  • भूकंपीय तरंगों का व्यवहार और छाया क्षेत्र
  • भूगर्भ की जानकारी के अप्रत्यक्ष स्रोत
  • भूकंप की तीव्रता मापन स्केल
  • ज्वालामुखी के प्रकार

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Questions and Solutions

प्रश्न 1

पृथ्वी की त्रिज्या कितनी है ?
Solution: पृथ्वी की औसत त्रिज्या लगभग 6370 किलोमीटर है। यह पृथ्वी के आकार को समझने के लिए एक महत्वपूर्ण माप है।

प्रश्न 2

मानव द्वारा अब तक भूगर्भ में अधिकतम प्रवेधन कितना और कहाँ किया गया है ?
Solution: मानव द्वारा भूगर्भ में अब तक का सबसे गहरा प्रवेधन आर्कटिक महासागर में कोला प्रायद्वीप क्षेत्र में किया गया है, जिसकी गहराई लगभग 12 किलोमीटर है। यह प्रवेधन पृथ्वी की आंतरिक परतों के बारे में प्रत्यक्ष जानकारी प्राप्त करने का एक महत्वपूर्ण प्रयास था।

प्रश्न 3

भूगर्भ के बारे में जानने के परोक्ष प्रमाण क्या है?
Solution: भूगर्भ के बारे में जानने के लिए कई परोक्ष प्रमाणों का उपयोग किया जाता है, जिनमें शामिल हैं:
  1. पृथ्वी के पदार्थों के गुण: जैसे- तापमान, दबाव और घनत्व में वृद्धि, जो गहराई के साथ बदलते हैं।
  2. उल्काएँ: ये अंतरिक्ष से पृथ्वी पर गिरते हैं और इनके पदार्थ पृथ्वी के आंतरिक पदार्थों के समान माने जाते हैं।
  3. गुरुत्वाकर्षण: पृथ्वी के विभिन्न भागों में गुरुत्वाकर्षण की भिन्नता आंतरिक संरचना में असमानता का संकेत देती है।
  4. चुंबकीय क्षेत्र: पृथ्वी का चुंबकीय क्षेत्र इसके कोर की अवस्था और गति के बारे में जानकारी प्रदान करता है।
  5. भूकंप: भूकंपीय तरंगों का अध्ययन पृथ्वी की आंतरिक संरचना की परतों और उनकी विशेषताओं को समझने का सबसे महत्वपूर्ण तरीका है।

प्रश्न 4

भूकम्पीय तरगे उत्पन्न होने का प्रमुख कारण क्या हैं ?
Solution: भूकम्पीय तरंगें मुख्य रूप से पृथ्वी के भू-पटल में उत्पन्न होने वाली दरारों (जिन्हें भ्रंश भी कहा जाता है) के कारण उत्पन्न होती हैं। जब इन भ्रंशों में तनाव बढ़ता है, तो अचानक ऊर्जा मुक्त होती है। यह मुक्त हुई ऊर्जा तरंगों के रूप में सभी दिशाओं में फैलती है, जिससे भूकंप आता है।

प्रश्न 5

भूकम्प का अवकेन्द्र किसे कहते हैं ?
Solution: भूकम्प का अवकेन्द्र (जिसे उद्गम केंद्र भी कहते हैं) पृथ्वी के भूगर्भ में वह स्थान होता है जहाँ से भूकंपीय ऊर्जा सबसे पहले मुक्त होती है और भूकंपीय तरंगें उत्पन्न होकर विभिन्न दिशाओं में फैलना शुरू करती हैं।

प्रश्न 6

भूकम्पीय छाया क्षेत्र किसे कहते हैं ?
Solution: भूकम्पीय छाया क्षेत्र (Seismic Shadow Zone) पृथ्वी की सतह का वह भाग होता है जहाँ किसी विशेष प्रकार की भूकंपीय तरंगें (जैसे S-तरंगें) किसी भूकंप के बाद भूकंपमापी यंत्रों पर दर्ज नहीं होती हैं। यह क्षेत्र तरंगों के पृथ्वी के आंतरिक भागों से गुजरते समय उनके मुड़ने या रुकने के कारण बनता है और इसकी सीमाएं बदलती रहती हैं।

प्रश्न 7

भूकम्प की तीव्रता को मापने के लिये किस स्केल का प्रयोग किया जाता है?
Solution: भूकंप की तीव्रता को मापने के लिए मुख्य रूप से रिक्टर स्केल (Richter Scale) का प्रयोग किया जाता है। यह स्केल भूकंपीय तरंगों के आयाम को मापता है और भूकंप की ऊर्जा की मात्रा का अनुमान लगाता है। मरकैली स्केल (Mercalli Scale) का उपयोग भूकंप के प्रभाव और क्षति के आधार पर तीव्रता को मापने के लिए भी किया जाता है।

प्रश्न 8

भूपर्पटी की औसत मोटाई कितनी है?
Solution: भूपर्पटी (Crust) की औसत मोटाई भिन्न-भिन्न स्थानों पर अलग-अलग होती है। महासागरों के नीचे इसकी औसत मोटाई लगभग 5 किलोमीटर है, जबकि महाद्वीपों के नीचे यह औसतन लगभग 30 किलोमीटर तक मोटी होती है। हिमालय जैसे ऊंचे पर्वतीय क्षेत्रों के नीचे इसकी मोटाई लगभग 70 किलोमीटर तक भी हो सकती है।

प्रश्न 9

एस्थेनोस्फीयर किसे कहते हैं ?
Solution: एस्थेनोस्फीयर (Asthenosphere), जिसे दुर्बलता मंडल भी कहा जाता है, पृथ्वी के मेंटल (मध्यवर्ती परत) का ऊपरी, लचीला और अर्ध-पिघला हुआ भाग है। यह परत टेक्टोनिक प्लेटों की गति के लिए जिम्मेदार मानी जाती है, क्योंकि इसके ऊपर की कठोर परत (लिथोस्फीयर) इसी पर तैरती है।

प्रश्न 10

पृथ्वी का क्रोड मुख्यतः किन पदार्थों से बना है ?
Solution: पृथ्वी का क्रोड (Core) मुख्य रूप से भारी धातुओं से बना है, जिसमें निकल (Ni) और लोहा (Fe) प्रमुख हैं। इसी कारण इसे निफे (Nife) परत के नाम से भी जाना जाता है।

प्रश्न 11

भारत का दक्कन ट्रैप किस तरह के ज्वालामुखी का उदहरण है ?
Solution: भारत का दक्कन ट्रैप बेसाल्ट लावा प्रवाह (Basalt Lava Flow) से निर्मित एक विशाल ज्वालामुखी क्षेत्र का उदाहरण है। यह तब बना जब पृथ्वी के अंदर से पिघला हुआ बेसाल्टिक लावा बड़ी मात्रा में बाहर निकलकर फैला और धीरे-धीरे ठंडा होकर ठोस चट्टानों में परिवर्तित हो गया।

प्रश्न 12

मिश्रित ज्वालामुखी किसे कहते हैं ?
Solution: मिश्रित ज्वालामुखी (Composite Volcanoes) वे ज्वालामुखी होते हैं जिनसे केवल तरल लावा ही नहीं, बल्कि जलते हुए पदार्थ, राख, और गैसें भी विस्फोटक रूप से निकलती हैं। इन ज्वालामुखियों की संरचना परत दर परत लावा और विस्फोटक सामग्री के जमा होने से बनती है, जिससे वे अक्सर शंक्वाकार दिखते हैं।

प्रश्न 13

सीरमोग्राफ किसे कहते हैं ? इसका प्रयोग किस लिए किया जाता है ?
Solution: सीस्मोग्राफ (Seismograph) एक वैज्ञानिक उपकरण है जिसका उपयोग भूकंपीय तरंगों का पता लगाने और उन्हें रिकॉर्ड करने के लिए किया जाता है। यह भूकंप की गति, उसकी तीव्रता और तरंगों के विभिन्न प्रकारों को मापता है, जिससे वैज्ञानिकों को भूकंप के स्रोत और पृथ्वी की आंतरिक संरचना का अध्ययन करने में मदद मिलती है।

प्रश्न 14

भूगर्भ की जानकारी पाने के लिये वैज्ञानिकों द्वारा समुद्रों में चलाई जा रही दो परियोजनाओं के नाम लिखिए ?
Solution: भूगर्भ की जानकारी प्राप्त करने के लिए वैज्ञानिकों द्वारा समुद्रों में चलाई जा रही दो प्रमुख परियोजनाएं हैं:
  1. गहन समुद्र प्रवेधन परियोजना (Deep Sea Drilling Project - DSDP)
  2. समन्वित महासागरीय प्रवेधन परियोजना (Integrated Ocean Drilling Program - IODP)
ये परियोजनाएं समुद्र तल से नमूने एकत्र करके पृथ्वी की आंतरिक संरचना और महासागरों के इतिहास का अध्ययन करने में मदद करती हैं।

प्रश्न 15

भूकंप के आघात की तीव्रता को मापने के लिये कौन सा स्केल प्रयोग में लाया जाता है ?
Solution: भूकंप के आघात की तीव्रता को मापने के लिए मरकैली स्केल (Mercalli Scale) का प्रयोग किया जाता है। यह स्केल भूकंप के कारण होने वाली क्षति और लोगों द्वारा महसूस किए गए प्रभाव के आधार पर तीव्रता को मापता है, जो रोमन अंकों में व्यक्त की जाती है। रिक्टर स्केल भूकंपीय तरंगों के आयाम पर आधारित होता है।

प्रश्न 16

आंतरिक बनावट के आधार पर पृथ्वी को कितनी परतों में विभाजित किया जाता है?
Solution: आंतरिक बनावट के आधार पर पृथ्वी को मुख्य रूप से तीन परतों में विभाजित किया जाता है:
  1. भूपर्पटी (Crust): यह सबसे बाहरी और पतली परत है, जिसे महाद्वीपीय परत (सियाल - Sial) और महासागरीय परत (सिमा - Sima) में बांटा गया है।
  2. मेंटल (Mantle): यह भूपर्पटी के नीचे स्थित मध्यवर्ती परत है, जो पृथ्वी के आयतन का एक बड़ा हिस्सा बनाती है।
  3. क्रोड (Core): यह पृथ्वी की सबसे आंतरिक परत है, जो मुख्य रूप से निकल और लोहे से बनी है।

प्रश्न 17

पृथ्वी की भूपर्पटी (Earth crust) को किन दो भागों में विभाजित किया जाता है?
Solution: पृथ्वी की भूपर्पटी को उसकी संरचना और घनत्व के आधार पर मुख्य रूप से दो भागों में विभाजित किया जाता है:
  1. महाद्वीपीय परत या सियाल (Sial): यह भूपर्पटी का ऊपरी भाग है, जो लगभग 30 किलोमीटर की गहराई तक पाया जाता है। यह मुख्य रूप से सिलिका (Si) और एल्युमिनियम (Al) जैसे हल्के खनिजों से बनी है, इसलिए इसे सियाल कहा जाता है। इसका घनत्व कम होता है।
  2. महासागरीय परत या सिमा (Sima): यह भूपर्पटी का निचला भाग है, जो महाद्वीपीय परत के नीचे स्थित है और महासागरों के नीचे अधिक प्रमुख है। यह मुख्य रूप से सिलिका (Si) और मैग्नीशियम (Ma) जैसे खनिजों से बनी है, इसलिए इसे सिमा कहा जाता है। यह सियाल की तुलना में अधिक सघन और भारी होती है।

Common mistakes

  • भूकंप के अवकेंद्र (hypocenter) और अधिकेंद्र (epicenter) के बीच अंतर को समझने में भ्रमित होना।
  • भूकंपीय तरंगों के विभिन्न प्रकारों (P-तरंगें, S-तरंगें) और उनके व्यवहार के बीच अंतर को स्पष्ट न कर पाना।
  • भूकंप की तीव्रता मापने वाले रिक्टर स्केल और मरकैली स्केल के बीच के अंतर को न समझना।
  • पृथ्वी की विभिन्न परतों (सियाल, सिमा, निफे) के घनत्व और संरचनात्मक अंतर को याद रखने में कठिनाई।

Revision tips

  • पृथ्वी की आंतरिक संरचना को दर्शाने वाला एक चित्र बनाएं और प्रत्येक परत को नामांकित करें।
  • भूकंपीय तरंगों के उत्पन्न होने की प्रक्रिया और उनके द्वारा निर्मित छाया क्षेत्रों को समझें।
  • विभिन्न प्रकार के ज्वालामुखियों और उनके द्वारा निकले जाने वाले पदार्थों के बीच संबंध स्थापित करें।
  • रिक्टर स्केल और मरकैली स्केल के बीच मुख्य अंतरों को सूचीबद्ध करें।
  • भूगर्भ की जानकारी प्राप्त करने के प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष स्रोतों की तुलना करें।

Practice MCQs

Q1. पृथ्वी की त्रिज्या लगभग कितनी है?

Q2. मानव द्वारा भूगर्भ में अब तक का सबसे गहरा प्रवेधन कहाँ और कितनी गहराई तक किया गया है?

Q3. निम्नलिखित में से कौन सा भूगर्भ के बारे में जानने का एक अप्रत्यक्ष प्रमाण नहीं है?

Q4. भूकंप का अवकेंद्र (Origin) वह स्थान है जहाँ:

Q5. भूपर्पटी की औसत मोटाई महाद्वीपों के नीचे कितनी है?

Q6. पृथ्वी का क्रोड (Core) मुख्यतः किन भारी धातुओं से बना है?

Q7. बेसाल्ट लावा प्रवाह किस प्रकार के ज्वालामुखी का उदाहरण है?

Frequently asked questions

कक्षा 11 भूगोल के अध्याय 3 में पृथ्वी की आंतरिक संरचना के बारे में क्या मुख्य बातें सिखाई गई हैं?

इस अध्याय में पृथ्वी की त्रिज्या, भूगर्भ में की गई अधिकतम खुदाई, भूगर्भ की जानकारी के अप्रत्यक्ष स्रोत (जैसे भूकंपीय तरंगें, तापमान, दबाव), पृथ्वी की विभिन्न परतें (भूपर्पटी, मेंटल, क्रोड), ज्वालामुखी के प्रकार और भूकंप को मापने वाले पैमानों के बारे में सिखाया गया है।

भूकंप का अवकेंद्र और अधिकेंद्र में क्या अंतर है?

भूकंप का अवकेंद्र (Hypocenter) पृथ्वी के भीतर वह बिंदु है जहाँ से भूकंपीय ऊर्जा निकलती है, जबकि अधिकेंद्र (Epicenter) अवकेंद्र के ठीक ऊपर पृथ्वी की सतह पर स्थित बिंदु होता है जहाँ भूकंपीय तरंगें सबसे पहले पहुँचती हैं।

पृथ्वी की आंतरिक परतों के नाम क्या हैं और वे किन मुख्य तत्वों से बनी हैं?

पृथ्वी की मुख्य तीन परतें हैं: भूपर्पटी (सियाल - सिलिका और एल्युमिनियम), मेंटल (साइमा - सिलिका और मैग्नीशियम), और क्रोड (निफे - निकल और लोहा)।

भूकंप की तीव्रता मापने के लिए किन स्केलों का उपयोग किया जाता है?

भूकंप की तीव्रता मापने के लिए मुख्य रूप से रिक्टर स्केल (भूकंपीय तरंगों की आयाम पर आधारित) और मरकैली स्केल (भूकंप के प्रभाव और क्षति पर आधारित) का उपयोग किया जाता है।

भूगर्भ की जानकारी प्राप्त करने के लिए कौन सी परियोजनाएं महत्वपूर्ण हैं?

भूगर्भ की जानकारी प्राप्त करने के लिए गहन समुद्री प्रवेधन परियोजना (Deep Sea Drilling Project) और एकीकृत महासागरीय प्रवेधन परियोजना (Integrated Ocean Drilling Program) जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाएं चलाई गई हैं।

यह समाधान छात्रों को परीक्षा की तैयारी में कैसे मदद करेंगे?

ये समाधान प्रत्येक प्रश्न के विस्तृत और स्पष्ट उत्तर प्रदान करते हैं, जिससे छात्रों को पृथ्वी की आंतरिक संरचना से संबंधित अवधारणाओं को गहराई से समझने और परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रश्नों का उत्तर देने में मदद मिलती है।

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