कक्षा 11 भूगोल अध्याय 2: पृथ्वी की उत्पत्ति एवं विकास - NCERT समाधान

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यह पृष्ठ CBSE कक्षा 11 भूगोल के अध्याय 2, 'पृथ्वी की उत्पत्ति एवं विकास' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रदान करता है। इसमें पृथ्वी की आयु, ब्रह्मांड की उत्पत्ति से संबंधित बिग बैंग सिद्धांत, निहारिका परिकल्पना, ग्रहों का निर्माण, और जीवन के विकास की प्रारंभिक अवस्थाओं जैसे महत्वपूर्ण विषयों को शामिल किया गया है। समाधान अति लघु उत्तरीय प्रश्नों के उत्तरों को स्पष्ट करते हैं, जिसमें ग्रहों की संरचना, सौरमंडल के विभिन्न पिंडों की परिभाषाएं, और समय की विभिन्न अवधियों की समझ शामिल है। यह संसाधन छात्रों को पृथ्वी और सौरमंडल के विकास की वैज्ञानिक समझ विकसित करने में मदद करता है, जो परीक्षा की तैयारी के लिए महत्वपूर्ण है।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 11
Subjectभूगोल
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter2. पृथ्वी की उत्पत्ति एवं विकास

Chapter summary

कक्षा 11 भूगोल के अध्याय 2 के ये NCERT समाधान पृथ्वी की उत्पत्ति और विकास की प्रक्रिया पर केंद्रित हैं। इसमें ब्रह्मांड की उत्पत्ति के बिग बैंग सिद्धांत, इमैनुअल कांट की निहारिका परिकल्पना, और जार्ज डार्विन के चंद्रमा उत्पत्ति सिद्धांत जैसे प्रमुख सिद्धांतों की व्याख्या की गई है। समाधान ग्रहों की संरचना, सौरमंडल के आंतरिक और बाहरी ग्रहों के बीच अंतर, क्षुद्रग्रहों की परिभाषा, और पृथ्वी पर जीवन के विकास की समय-सीमा को भी स्पष्ट करते हैं। यह अध्याय छात्रों को भूवैज्ञानिक समय की विभिन्न अवधियों और खगोलीय पिंडों की समझ प्रदान करता है।

Learning outcomes

  • पृथ्वी की उत्पत्ति से संबंधित विभिन्न वैज्ञानिक सिद्धांतों को समझना।
  • ब्रह्मांड की उत्पत्ति के बिग बैंग सिद्धांत के प्रमाणों को जानना।
  • सौरमंडल के आंतरिक और बाहरी ग्रहों की विशेषताओं की पहचान करना।
  • क्षुद्रग्रहों और अन्य खगोलीय पिंडों को परिभाषित करना।
  • पृथ्वी पर जीवन के विकास की प्रारंभिक अवस्थाओं को समझना।
  • भूवैज्ञानिक समय की विभिन्न अवधियों (इयान, महाकल्प, कल्प, युग) के बीच अंतर स्पष्ट करना।

Topics covered

Paper topics

  • पृथ्वी की उत्पत्ति
  • ब्रह्मांड की उत्पत्ति
  • बिग बैंग सिद्धांत
  • निहारिका परिकल्पना
  • सौरमंडल का विकास
  • आंतरिक और बाह्य ग्रह
  • क्षुद्रग्रह
  • जीवन का विकास
  • भूवैज्ञानिक समय सारणी
  • खगोलीय पिंड

Important topics

  • बिग बैंग सिद्धांत और उसके प्रमाण
  • निहारिका परिकल्पना
  • आंतरिक (पार्थिव) और बाह्य (जोवियन) ग्रहों की तुलना
  • पृथ्वी की आयु और जीवन की उत्पत्ति का समय
  • भूवैज्ञानिक समय की विभिन्न अवधियाँ

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Questions and Solutions

प्रश्न 1

पृथ्वी की उत्पत्ति से सम्बन्धित किस सिद्धान्त का प्रतिपादन इमैनुअल कान्ट ने किया था ?
Solution: इमैनुअल कान्ट ने 1755 ई० में पृथ्वी की उत्पत्ति से संबंधित 'निहारिका परिकल्पना' (Nebular Hypothesis) का प्रतिपादन किया था। इस परिकल्पना के अनुसार, सौरमंडल का निर्माण गैस और धूल के एक विशाल, घूमते हुए बादल (निहारिका) से हुआ।

प्रश्न 2

ब्रहमांड की उत्पति से सम्बन्धित बिग बैंग सिद्धान्त के पक्ष में एडविन हब्बल ने क्या प्रमाण दिया ?
Solution: एडविन हब्बल ने अपने प्रेक्षणों के आधार पर यह प्रमाण दिया कि ब्रह्मांड का विस्तार हो रहा है। उन्होंने देखा कि आकाशगंगाएँ एक-दूसरे से दूर जा रही हैं, और यह दूरी उनके बीच की दूरी के अनुपात में बढ़ रही है। यह निरंतर विस्तार बिग बैंग सिद्धांत का एक प्रमुख प्रमाण है।

प्रश्न 3

नीहारिका किसे कहते हैं ?
Solution: नीहारिका (Nebula) गैस, धूल और अन्य खगोलीय कणों से बना एक विशाल, घूमता हुआ बादल होता है। माना जाता है कि ऐसे बादलों के गुरुत्वाकर्षण के कारण संकुचन से तारों और ग्रहों का निर्माण होता है।

प्रश्न 4

ब्रहमांड की उत्पति संबन्धी स्थिर अवस्था संकल्पना किसने प्रस्तुत की?
Solution: ब्रह्मांड की उत्पत्ति संबंधी स्थिर अवस्था संकल्पना (Steady State Theory) को हॉयल (Hoyle) नामक विद्वान ने प्रस्तुत किया था। इस सिद्धांत के अनुसार, ब्रह्मांड का विस्तार तो हो रहा है, लेकिन इसका घनत्व और स्वरूप समय के साथ अपरिवर्तित रहता है।

प्रश्न 5

क्षुद्रग्रह किसे कहते हैं ?
Solution: क्षुद्रग्रह (Asteroids) सौरमंडल में पाए जाने वाले छोटे, चट्टानी पिंड होते हैं। ये मुख्य रूप से बाह्यग्रहों (जैसे बृहस्पति) और पार्थिव ग्रहों (जैसे मंगल) के बीच स्थित क्षुद्रग्रह पट्टी में पाए जाते हैं। ये सूर्य की परिक्रमा करते हैं।

प्रश्न 6

जोवियन ग्रहों पर हाइड्रोजन व हीलियम गैसों के बने रहने का प्रमुख कारण क्या है ?
Solution: जोवियन ग्रह (बृहस्पति, शनि, यूरेनस, नेप्च्यून) सूर्य से बहुत अधिक दूरी पर स्थित हैं। इस कारण उन पर सौर वायु (Solar Wind) का प्रभाव बहुत कम पड़ता है। सौर वायु, जो सूर्य से निकलने वाली आवेशित कणों की धारा है, हल्की गैसों जैसे हाइड्रोजन और हीलियम को ग्रहों से दूर धकेल देती है। जोवियन ग्रहों पर इसके कम प्रभाव के कारण वे अपनी प्रारंभिक हाइड्रोजन और हीलियम जैसी गैसों को बनाए रखने में सफल रहे।

प्रश्न 7

पृथ्वी की निर्माण प्रक्रिया के प्रारम्भिक वर्षों में इस पर किन गैसों की प्रधानता थी?
Solution: पृथ्वी के निर्माण प्रक्रिया के प्रारंभिक वर्षों में, जब पृथ्वी का निर्माण हो रहा था और वह अत्यधिक गर्म थी, तब इसके वायुमंडल में मुख्य रूप से हाइड्रोजन और हीलियम गैसों की प्रधानता थी। ये गैसें सौरमंडल के निर्माण के समय से ही उपलब्ध थीं।

प्रश्न 8

वैज्ञानिकों के अनुसार पृथ्वी की आयु कितनी है?
Solution: वैज्ञानिकों द्वारा विभिन्न भूवैज्ञानिक विधियों, जैसे रेडियोमेट्रिक डेटिंग, के आधार पर पृथ्वी की आयु का अनुमान लगाया गया है। इसके अनुसार, पृथ्वी की आयु लगभग 4.6 अरब वर्ष है।

प्रश्न 9

पृथ्वी पर जीवन के विकास का प्रारंभ आज से कितने वर्ष पहले हुआ ?
Solution: जीवाश्मों और भूवैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर, यह अनुमान लगाया गया है कि पृथ्वी पर जीवन का विकास आज से लगभग 380 करोड़ (या 3.8 अरब) वर्ष पूर्व प्रारंभ हुआ था।

प्रश्न 10

सर जार्ज डार्विन ने चन्द्रमा की उत्पति से संबन्धित किस सिद्धान्त का प्रतिपादन किया ?
Solution: सर जार्ज डार्विन ने सन् 1838 ई० में चंद्रमा की उत्पत्ति से संबंधित 'डम्बल सिद्धांत' (Dumbbell Theory) का प्रतिपादन किया था। इस सिद्धांत के अनुसार, पृथ्वी के अत्यधिक तेजी से घूमने के कारण उसका एक हिस्सा (जैसे पिघला हुआ पदार्थ) बाहर निकल गया और चंद्रमा के रूप में विकसित हुआ।

प्रश्न 11

निम्न में कौन सी अवधि सबसे लम्बी है ? इयान, महाकल्प, कल्प, युग
Solution: भूवैज्ञानिक समय को विभिन्न अवधियों में विभाजित किया गया है। इन अवधियों में 'इयान' (Eon) सबसे लंबी अवधि होती है। इसके बाद महाकल्प (Era), कल्प (Period) और युग (Epoch) का क्रम आता है, जो क्रमशः छोटी अवधियाँ हैं। इसलिए, दिए गए विकल्पों में इयान सबसे लंबी अवधि है।

प्रश्न 12

प्रारम्भिक काल में पृथ्वी के धरातल का स्वरूप कैसा था ?
Solution: प्रारंभिक काल में पृथ्वी का धरातल अत्यंत गर्म, चट्टानी और वीरान था। इसका वायुमंडल बहुत विरल था और मुख्य रूप से हाइड्रोजन व हीलियम जैसी हल्की गैसों से बना था। इस अवस्था में पृथ्वी पर कोई तरल जल या जीवन संभव नहीं था।

प्रश्न 13

चतुर्थक कल्प के दो युगों के नाम दीजिए?
Solution: चतुर्थक कल्प (Quaternary Period) भूवैज्ञानिक इतिहास का वह काल है जो लगभग 2.6 मिलियन वर्ष पूर्व से वर्तमान तक फैला हुआ है। इसके दो प्रमुख युग हैं: 1. अत्यंत नूतन युग (Pleistocene Epoch) 2. अभिनव युग (Holocene Epoch)

प्रश्न 14

बाहरी ग्रहो को नाम बताइए ?
Solution: हमारे सौरमंडल में सूर्य से दूरी के क्रम में आंतरिक ग्रहों के बाद आने वाले चार ग्रह बाहरी ग्रह कहलाते हैं। इन्हें जोवियन ग्रह भी कहा जाता है। ये हैं: बृहस्पति, शनि, यूरेनस और नेप्च्यून।

प्रश्न 15

हमारे सौर मंडल में सबसे अधिक घनत्व वाला ग्रह कौन सा है ?
Solution: हमारे सौर मंडल में पृथ्वी ग्रह का घनत्व सबसे अधिक है। पृथ्वी का औसत घनत्व लगभग 5.51 ग्राम प्रति घन सेंटीमीटर है, जो अन्य ग्रहों की तुलना में काफी अधिक है।

प्रश्न 16

पृथ्वी के अलावा और किस ग्रह पर जीवन की संभावना व्यक्त की जा रही है ?
Solution: वैज्ञानिक पृथ्वी के अलावा मंगल ग्रह पर जीवन की संभावना तलाश रहे हैं, क्योंकि वहां अतीत में पानी की उपस्थिति के प्रमाण मिले हैं। इसके अतिरिक्त, बृहस्पति के बर्फीले उपग्रह यूरोपा और शनि के उपग्रह एन्सेलेडस पर भी तरल पानी की संभावना के कारण जीवन की संभावना व्यक्त की जा रही है।

प्रश्न 17

सूर्य का प्रकाश पृथ्वी तक कितने समय में पहुँचता है?
Solution: सूर्य का प्रकाश पृथ्वी तक पहुँचने में लगभग 8.311 मिनट का समय लगता है। यह दूरी और प्रकाश की गति पर निर्भर करता है।

प्रश्न 18

आन्तरिक ग्रहों को पार्थिव ग्रह कयों कहते हैं ?
Solution: आंतरिक ग्रहों (बुध, शुक्र, पृथ्वी और मंगल) को पार्थिव ग्रह (Terrestrial Planets) इसलिए कहा जाता है क्योंकि वे मुख्य रूप से चट्टानों और धातुओं से बने होते हैं, ठीक पृथ्वी की तरह। इनका घनत्व अधिक होता है और ये आकार में अपेक्षाकृत छोटे होते हैं।

प्रश्न 19

खगोलीय पिंड (Celestial Bodies) किसे कहते हैं ?
Solution: खगोलीय पिंड (Celestial Bodies) वे सभी प्राकृतिक वस्तुएं हैं जो अंतरिक्ष में पाई जाती हैं, जैसे कि ग्रह, उपग्रह, तारे (जैसे सूर्य), धूमकेतु, क्षुद्रग्रह आदि। ये पिंड ठोस, द्रव या गैसीय अवस्था में हो सकते हैं और गुरुत्वाकर्षण के नियमों के अनुसार गति करते हैं।

Common mistakes

  • विभिन्न वैज्ञानिक सिद्धांतों के प्रतिपादकों के नामों को याद रखने में भ्रम।
  • बिग बैंग सिद्धांत के प्रमाणों को ठीक से न समझना।
  • आंतरिक और बाहरी ग्रहों के बीच के अंतर को स्पष्ट न कर पाना।
  • भूवैज्ञानिक समय की विभिन्न इकाइयों के क्रम को गलत समझना।

Revision tips

  • प्रत्येक सिद्धांत के मुख्य बिंदु और उसके प्रतिपादक को नोट करें।
  • बिग बैंग सिद्धांत के समर्थन में दिए गए हब्बल के प्रमाण को याद रखें।
  • आंतरिक (पार्थिव) और बाहरी (जोवियन) ग्रहों की विशेषताओं की तुलना करें।
  • भूवैज्ञानिक समय की विभिन्न अवधियों के क्रम को समझने के लिए एक तालिका बनाएं।

Practice MCQs

Q1. इमैनुअल कांट ने पृथ्वी की उत्पत्ति से संबंधित किस सिद्धांत का प्रतिपादन किया?

Q2. एडविन हब्बल ने ब्रह्मांड की उत्पत्ति से संबंधित किस प्रमाण की ओर इशारा किया?

Q3. नीहारिका (Nebula) से क्या तात्पर्य है?

Q4. सौरमंडल में बाह्यग्रहों और पार्थिव ग्रहों के बीच स्थित छोटे पिंडों की पट्टी को क्या कहते हैं?

Q5. जोवियन ग्रहों पर हाइड्रोजन व हीलियम गैसों के बने रहने का मुख्य कारण क्या था?

Frequently asked questions

कक्षा 11 भूगोल के अध्याय 2 में किन मुख्य सिद्धांतों पर चर्चा की गई है?

अध्याय 2 में मुख्य रूप से ब्रह्मांड की उत्पत्ति से संबंधित बिग बैंग सिद्धांत और पृथ्वी की उत्पत्ति से संबंधित इमैनुअल कांट की निहारिका परिकल्पना पर चर्चा की गई है। साथ ही, चंद्रमा की उत्पत्ति से संबंधित जार्ज डार्विन के डम्बल सिद्धांत का भी उल्लेख है।

बिग बैंग सिद्धांत के पक्ष में एडविन हब्बल ने क्या प्रमाण दिया?

एडविन हब्बल ने यह प्रमाण दिया कि ब्रह्मांड का विस्तार हो रहा है और आकाशगंगाएँ एक-दूसरे से लगातार दूर जा रही हैं। यह अवलोकन बिग बैंग सिद्धांत का एक महत्वपूर्ण समर्थन है।

आंतरिक ग्रहों को पार्थिव ग्रह क्यों कहा जाता है?

आंतरिक ग्रहों (बुध, शुक्र, पृथ्वी, मंगल) को पार्थिव ग्रह इसलिए कहा जाता है क्योंकि वे पृथ्वी की तरह ही मुख्य रूप से चट्टानों और धातुओं से निर्मित हैं और उनका घनत्व अधिक होता है।

जोवियन ग्रहों की मुख्य विशेषता क्या है?

जोवियन ग्रहों (बृहस्पति, शनि, यूरेनस, नेप्च्यून) की मुख्य विशेषता यह है कि वे मुख्य रूप से गैसों (हाइड्रोजन और हीलियम) से बने हैं, उनका आकार बड़ा है, घनत्व कम है और वे सूर्य से बहुत दूर स्थित हैं।

पृथ्वी की आयु कितनी मानी जाती है?

वैज्ञानिकों के अनुसार, पृथ्वी की आयु लगभग 4.6 अरब वर्ष मानी जाती है।

भूवैज्ञानिक समय की सबसे लंबी अवधि कौन सी है?

भूवैज्ञानिक समय की विभिन्न अवधियों में इयान (Eon) सबसे लंबी अवधि होती है, जिसके बाद महाकल्प (Era), कल्प (Period) और युग (Epoch) आते हैं।

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