कक्षा 12 संस्कृत सिलेबस 2026-27 (UP Board)
UP Board कक्षा 12 संस्कृत सत्र 2026-27 के लिए नवीनतम पाठ्यक्रम यहाँ उपलब्ध है। यह विस्तृत रूपरेखा छात्रों को परीक्षा की तैयारी के लिए आवश्यक सभी जानकारी प्रदान करती है। पाठ्यक्रम में गद्य (चन्द्रापीडकथा उत्तरार्द्ध), पद्य (रधुवंशमहाकाव्यम् द्वितीय सर्ग), और नाटक (अभिज्ञानशाकुन्तलम् चतुर्थ अंक) जैसे साहित्य के प्रमुख अंगों का समावेश है। इसके अतिरिक्त, अलंकार (उपमा, रूपक), निबंध लेखन, और व्याकरण के महत्वपूर्ण भाग जैसे अनुवाद, कारक, समास, सन्धि, शब्दरूप, धातुरूप, प्रत्यय, तथा वाच्य परिवर्तन को भी शामिल किया गया है। प्रत्येक खंड के लिए अंक विभाजन स्पष्ट रूप से दर्शाया गया है, जिससे छात्र अपनी तैयारी को प्रभावी ढंग से निर्देशित कर सकें और परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकें।
Read online
Read page by page below. Official UP Board PDF — no download button on this page.
Quick info
| Board | UP Board |
|---|---|
| Class | 12 |
| Subject | संस्कृत |
| Session | 2026-27 |
| Medium | '' |
| Language | Hindi |
| Stream | '' |
| PDF type | Syllabus |
| Exam type | '' |
| Duration | '' |
| Total marks | 100 |
| Theory marks | 100 |
| Last updated | 2026-08-10 |
प्रश्नपत्र के प्रत्येक खण्ड में निर्धारित अंकों के अन्तर्गत दीर्घ उत्तरीय, लघु उत्तरीय, एवं बहुविकल्पीय प्रश्नों का समावेश कर कई प्रश्न पूछे जा सकते हैं।
Syllabus ? full document text
शैक्षिक सत्र-2026-27 संस्कृत कक्षा-12
सामान्य निर्देश— संस्कृत विषय में 100 अंकों का एक प्रश्नपत्र होगा। प्रश्न-पत्र के प्रत्येक खण्ड में निर्धारित अंकों के अन्तर्गत दीर्घ उत्तरीय, लघु उत्तरीय, एवं बहुविकल्पीय प्रश्नों का समावेश कर कई प्रश्न पूछे जा सकते हैं। प्रश्नपत्र में प्रश्नों के लिए निर्धारित अंक ही उत्तर के आकार की संक्षिप्तता या दीर्घता का द्योतक होगा। प्रत्येक प्रश्नपत्र के अन्तर्गत समाविष्ट पाठ्यक्रम का अंक विभाजन निम्नवत् होगाः—
खण्ड–क (गद्य) 20 अंक
चन्द्रापीडकथा उत्तरार्द्ध—(सा तु समुत्थाय महाश्वेतां ...... जग्रन्थ बाणभट्टस्य वाक्यैरेव कथामिमाम्।। इति)
- गद्यांश के आधार पर प्रश्नोत्तर। 5x2= 10 अंक
- कथात्मक पात्रों का चरित्र—चित्रण (हिन्दी में, अधिकतम 100 शब्द)। 4
- रचनाकार का जीवनपरिचय एवं गद्यशैली (हिन्दी अथवा संस्कृत में, अधिकतम 100 शब्द)। 4
- सन्दर्भित पुस्तक से सम्बन्धित बहुविकल्पीय प्रश्न। <math>2x1 = 2</math> 20 अंक रधुवंशमहाकाव्यम् (द्वितीयः सर्गः)– (श्लोक संख्या–41 से समाप्तिपर्यन्त)
- किसी श्लोक की सन्दर्भ सहित हिन्दी में व्याख्या। <math>2+5=7</math>
- किसी श्लोक की सन्दर्भ सहित संस्कृत में व्याख्या। <math>2+5=7</math>
- कवि–परिचय एवं काव्य–शैली (हिन्दी अथवा संस्कृत में, अधिकतम 100 शब्द)। 4
- काव्यगत तथ्यों एवं भावों पर आधारित बहुविकल्पीय प्रश्न। <math>2x1=2</math> 20 अंक
अभिज्ञानशाकुन्तलम् (चतुर्थोऽङ्कः)–(आकाशे) रम्यान्तरः कमलिनीहरितैः.....इत्यादि श्लोक से अंक की समाप्ति तक। पाठगत नाटक के किसी गद्यांश अथवा पद्य की सन्दर्भ सहित हिन्दी में व्याख्या। 2+5=7
- पाठगत नाटक के अंशों से सूक्तिपरक पंक्ति की सन्दर्भ सहित हिन्दी में व्याख्या। <math>2+5=7</math>
- नाटककार का जीवन परिचय एवं नाट्यशैली (हिन्दी अथवा संस्कृत में, अधिकतम 100 शब्द)। 4
- सन्दर्भित पुस्तक से सम्बन्धित बहुविकल्पीय प्रश्न। <math>2x1=2</math>
खण्ड–घ (निबन्ध)
विभिन्न विषयों पर संस्कृत में निबन्ध (10 पंक्तियाँ)—संस्कृत साहित्य, जनसंख्या, पर्यावरण, स्वास्थ्य शिक्षा, यातायात के नियम आदि। 10 अंक
खण्ड–ङ (अलंकार)
निम्नलिखित अलंकारों की सामान्य परिभाषा (हिन्दी या संस्कृत में) अथवा उदाहरण संस्कृत में—उपमा तथा रूपक। 2 अंक
खण्ड-च (व्याकरण)
- प्रयोग हो।
- कारक तथा विभक्ति। <math>2+1=3</math>
- समास । <math>2+1=3</math>
- सन्धि । <math>2+1=3</math>
- शब्दरूप। <math>2+1=3</math>
- धातुरूप। <math>2+1=3</math>
- प्रत्यय । <math>2+1=3</math>
- वाच्य परिवर्तन। 2
निर्धारित पुस्तकें एवं पाठ्यवस्तु
खण्ड–क (गद्य)
महाकविबाणभट्टप्रणीतकादम्बरी–सारभूता, ‘चन्द्रापीडकथा’ का उत्तरार्द्ध भाग–’सा तु समुत्थाय महाश्वेतां ........... जग्रन्थ बाणभट्टस्य वाक्यैरेव कथामिमाम्।। इति।
खण्ड–ख (पद्य)
महाकविकालिदासप्रणीतम्–रघुवंशमहाकाव्यम् (द्वितीयः सर्गः)
श्लोक संख्या 41 से समाप्तिपर्यन्त।
खण्ड–ग (नाटक)
महाकविकालिदासप्रणीतम्–अभिज्ञानशाकुन्तलम् (चतुर्थोऽङ्कः)–(आकाशे) रम्यान्तरः कमलिनीहरितैः ..... इत्यादि श्लोक से अंक की समाप्ति तक।
खण्ड–घ (निबन्ध)
विभिन्न विषयों पर संस्कृत में निबन्ध (10 पंक्तियाँ) यथा 1-सदाचारः 2-सत्सङ्गतिः 3-परोपकारः 4-विद्याधनं सर्वधनप्रधानम् ५–संस्कृतभाषायाः महत्वम् ६–पर्यावरण सुरक्षा ७–महाकविकालिदासः ८–श्रम एव विजयत्
- अहिंसा परमो धर्मः 10-भारतदेशः 11-जनसंख्या-समस्या
- स्वारथ्य शिक्षा 13—यातायात सुरक्षा 14—स्वच्छताभियानम् ।
खण्ड—ङ (अलंकार)
निम्नलिखित अलंकारों की सामान्य परिभाषा (हिन्दी या संस्कृत में) अथवा उदाहरण संस्कृत में–उपमा तथा रूपक।
खण्ड—च (व्याकरण)
- अनुवाद –
ऐसे हिन्दी वाक्यों का संस्कृत में अनुवाद जहाँ उपपद विभक्तियों का प्रयोग हो।
- कारक तथा विभक्ति - निम्नलिखित सूत्रों तथा वार्तिकों के आधार पर कारकों तथा विभक्तियों का ज्ञान –
- (क) चतुर्थी विभक्ति (सम्प्रदान कारक)
- कर्मणा यमभिप्रैति स सम्प्रदानम् ।
चतुर्थी सम्प्रदाने।
रुच्यर्थानां प्रीयमाणः।
(2)<br>(3)<br>(4)<br>(5)<br>(6) क्रुधद्रुहेर्ष्यासूयार्थानां यं प्रति कोपः।
स्पृहेरीप्सितः।
नमःस्वस्तिस्वाहास्वधाऽलंवषड्योगाच्च।
- (ख) पंचमी विभक्ति (अपादान कारक)
- ध्रुवमापायेऽपादानम् ।
अपादाने पंचमी।
जुगुप्साविरामप्रमादार्थानामुपसंख्यानम्(वा०)।
(2)<br>(3)<br>(4)<br>(5)<br>(可) भीत्रार्थानां भयहेतुः।
आख्यातोपयोगे।
षष्ठी विभक्ति (सम्बन्ध कारक)
षष्टी शेषे।
(1)<br>(2)<br>(3) षष्टी हेतुप्रयोगे।
क्तस्य च वर्तमाने।
(4)<br>(घ) षष्ठी चानादरे।
सप्तमी विभक्ति (अधिकरण कारक)
आधारोऽधिकरणम्।
(1)<br>(2)<br>(3) सप्तम्यधिकरणे च।
साध्वसाधुप्रयोगे च (वा०)।
- यतश्च निर्धारणम्।
- समास – निम्नांकित समासों की परिभाषा अथवा संस्कृत में विग्रहसहित समास का नाम।
- द्वन्द्वः, (2) अव्ययीभावः, (3) द्विगुः।
- सन्धि–सन्धि, सन्धिविच्छेद, नामोल्लेख तथा नियम ज्ञान।
निम्नलिखित सूत्रों के अनुसार सिन्धयों का उदाहरणसहित ज्ञान।
- (क) व्यंजन सन्धि या हल् सन्धि—(1) स्तोः श्चुना श्चुः (2) ष्टुना ष्टुः (3) झलां जशोऽन्ते (4) खरि च
- मोऽनुस्वारः (6) झलां जश् झिश (7) तोर्लि (8) अनुस्वारस्य ययि परसवर्णः।
- (ख) विसर्ग सन्धि—(1) विसर्जनीयस्य सः (2) ससजुषो रुः (3) खरवसानयोर्विसर्जनीयः (4) वा शरि
- अतो रोरप्लुतादप्लुते (6) हिश च (7) रो रि (8) द्रलोपे पूर्वस्य दीर्घोऽणः।
- शब्दरूप-
(अ) नपुंसक लिंग— गृह, वारि, दधि, मधु, नामन्, मनस्, जगत्, ब्रह्मन्, धनुस्।
(आ) सर्वनाम— सर्व, तद्, यद्, किम्, युष्मद्, अस्मद्, इदम्, एतत्, अदस्, भवत्।<br>(इ) 01 से 100 तक संख्यावाचक शब्द तथा कति के रूप।
- धातुरूप- निम्नलिखित धातुओं के लट्, लङ्, लोट्, विधिलिंङ एवं लृट् लकार में रूप।
(अ) आत्मनेपद्—सेव्, लभ्, वृध्, भाष्, शीं, विद्।
(आ) उभयपद – नी, याच्, दा, ग्रह्, ज्ञा, चुर्, श्रि, क्री, धा।
- प्रत्यय—ल्युट्, ण्वुल्, तुमुन्, क्त्वा, अनीयर्, टाप्, डीष्।<br>वाच्यपरिवर्तन— वाक्यों में कर्तृवाच्य, कर्मवाच्य एवं भाववाच्य पदों का वाच्यपरिवर्तन।
- उपचारात्मक शिक्षण हेतु चार यूनिट टेस्ट निम्नलिखित है-
- प्रथम यूनिट टेस्ट (MCQ आधारित) जुलाई द्वितीय सप्ताह 20 अंक (10 अंक ग्रीष्मावकाश गृहकार्य + 10 अंक यूनिट टेस्ट)
- द्वितीय यूनिट टेस्ट (वर्णनात्मक प्रश्न आधारित) अगस्त अन्तिम सप्ताह 20 अंक
- तृतीय यूनिट टेस्ट (MCQ आधारित) नवम्बर अन्तिम सप्ताह 20 अंक
- चतुर्थ यूनिट टेस्ट (वर्णनात्मक प्रश्न आधारित) दिसम्बर अन्तिम सप्ताह 20 अंक
नोट- उपरोक्त यूनिट टेस्ट उपचारात्मक शिक्षण के अन्तर्गत विद्यालय स्तर पर लिये जायेंगे। इनके प्राप्तांक परीक्षफल में सम्मिलित नहीं किये जायेंगे।
Frequently asked questions
कक्षा 12 संस्कृत परीक्षा का कुल अंक कितना है?
कक्षा 12 संस्कृत विषय में कुल 100 अंकों का एक प्रश्नपत्र होगा।
संस्कृत के गद्य खंड में कौन सी पाठ्यवस्तु निर्धारित है?
गद्य खंड में महाकवि बाणभट्टप्रणीत कादम्बरी-सारभूता, ‘चन्द्रापीडकथा’ का उत्तरार्द्ध भाग निर्धारित है।
पद्य खंड में किस महाकाव्य का अध्ययन करना है?
पद्य खंड में महाकवि कालिदासप्रणीत रघुवंशमहाकाव्यम् का द्वितीय सर्ग (श्लोक संख्या 41 से समाप्तिपर्यन्त) निर्धारित है।
नाटक खंड में कौन सा नाटक और अंक शामिल है?
नाटक खंड में महाकवि कालिदासप्रणीत अभिज्ञानशाकुन्तलम् का चतुर्थ अंक निर्धारित है।
व्याकरण खंड में किन-किन विषयों का समावेश है?
व्याकरण खंड में अनुवाद, कारक तथा विभक्ति, समास, सन्धि, शब्दरूप, धातुरूप, प्रत्यय और वाच्य परिवर्तन शामिल हैं।
निबंध के लिए कौन से विषय सुझाए गए हैं?
निबंध के लिए संस्कृत साहित्य, जनसंख्या, पर्यावरण, स्वास्थ्य शिक्षा, यातायात के नियम आदि विभिन्न विषयों पर संस्कृत में निबंध लिखना होगा।
अलंकार खंड में कौन से अलंकार शामिल हैं?
अलंकार खंड में उपमा तथा रूपक अलंकारों की सामान्य परिभाषा या उदाहरण संस्कृत में शामिल हैं।
Important topics
Topics covered
UP Board (UPMSP) Class 12 Syllabus ? Sanskrit. Last updated 10 Aug 2026.