Class 12 Military Science Syllabus for UP Board (Session 2026-27)

UP Board Class 12 Syllabus 2026-27

For students pursuing Class 12 Military Science under the UP Board for the 2026-27 academic session, understanding the syllabus is key. This curriculum focuses on cultivating essential qualities like national security awareness, discipline, leadership, and patriotism. You will explore the conceptual foundations of military science, delve into factors influencing national security, and examine the evolution of modern warfare. The syllabus also includes a significant historical component, tracing Indian warfare from the Maratha period through to post-independence conflicts. Prepare for a comprehensive understanding of military formations, strategic planning, and the critical importance of readiness for national service. The examination structure, including theory and practical components with their respective marks distribution and passing requirements, is clearly defined to guide your preparation effectively.

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Quick info

BoardUP Board
Class12
SubjectMilitary Science
Session2026-27
LanguageHindi
PDF typeSyllabus
Duration04 Hours
Total marks100
Theory marks70
Practical marks30
Passing marks33
Last updated2026-08-10

The theory paper is divided into two sections, Section A and Section B. Section A covers conceptual aspects of Military Science, national security, and modern warfare, while Section B focuses on Indian warfare and post-independence wars. A practical examination of 30 marks is also included. Separate passing marks are required for both theory and practical exams.

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शैक्षिक सत्र-2026-27 विषय—सैन्य विज्ञान

कक्षा-12

पाठ्यक्रम का उद्देश्य-

सैन्य विज्ञान का उद्देश्य विद्यार्थियों में राष्ट्रीय सुरक्षा, अनुशासन, नेतृत्व और देशभक्ति की भावना को विकसित करना है। यह विषय छात्रों को न केवल परंपरागत और आधुनिक युद्ध तकनीकों की जानकारी देता है, बल्कि उन्हें मानसिक रूप से दृढ़ और रणनीतिक सोच वाला नागरिक बनाता है। सैन्य विज्ञान के अध्ययन से छात्र सैन्य विरचनाएँ (Military Formations), युद्ध कौशल, युद्ध के सर्वकालिक एवं सर्वमान्य सिद्धान्त, स्वातंत्र्योत्तर युद्धों की युद्धनीतिक समीक्षा, योधनसंभार (Armament), युद्ध नीति एवं इसके निर्धारण की प्रक्रिया जैसी महत्वपूर्ण अवधारणाओं का आत्मसात करते हैं। इस विषय का प्रमुख उद्देश्य छात्रों को राष्ट्र का एक ऐसा प्रबुद्ध एवं समर्पित नागरिक बनाना है जो आपातकाल में देश एवं समाज की सेवा के लिए सदैव तत्पर रहें। इस विषय में भारत की रक्षा सामर्थ्य, रक्षा की द्वितीय पंक्ति, सैन्य मनोविज्ञान, आधुनिक युद्धों की प्रकृति / प्रकार तथा इसके संचालन में प्रयुक्त होने वाले शस्त्रास्त्र / उपकरण / विधियों के साथ मराठा युग से लेकर आपरेशन सिन्दूर तक के भारतीय युद्ध जिसके अन्तर्गत भारतीय युद्धकर्म, युद्धों का समीक्षात्मक अध्ययन, विभिन्न सैनिक संक्रियाओं एवं इनके राजनीतिक एवं सामरिक परिणामों का अध्यापन किया जाएगा।

सैन्य विज्ञान विषय का केवल एक प्रश्न पत्र 70 अंको का होगा, जिसमें दो खण्ड यथाः खण्ड—अ एवं खण्ड—ब होगें। खण्ड—अ की पांच इकाईयों में छात्रों को सैन्य विज्ञान विषय के अवधारणात्मक पक्ष से अवगत कराते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा को सुनिश्चित करने वाले कारक, एवं युद्ध की आधुनिक प्रकृति से परिचित कराया जाएगा। खण्ड–ब में भारतीय युद्धकला एवं स्वातंत्र्योत्तर युद्धों का अध्ययन सम्मिलित है। 30 अंकों की एक प्रयोगात्मक परीक्षा होगी। लिखित में उत्तीर्णांक 70 में से 23 अंक होंगे तथा प्रयोगात्मक परीक्षा के लिये 30 अंक में से 10 अंक होंगे। कुल में उत्तीर्णांक 33 अंक होंगे। लिखित तथा प्रयोगात्मक परीक्षा में अलग–अलग उत्तीर्ण होना आवश्यक है।

खण्ड—‘अ’

राष्ट्रीय सुरक्षा एवं आधुनिक युद्धकर्म

इकाई–1–राष्ट्रीय सुरक्षाः

10 अंक

(अ) सैन्य विज्ञान की अवधारणा, अर्थ, क्षेत्र एवं तत्व।

  • (ब) सीमाओं से लगने वाले राष्ट्र तथा उनके साथ राजनैतिक तथा सैन्य सम्बन्ध।
  • (स) राष्ट्रीय सुरक्षा की नीति निर्धारण प्रक्रिया का संक्षिप्त परिचय।

08 अंक

इकाई-2- रक्षा की द्वितीय पंक्ति :

(अ) रक्षा की द्वितीय पंक्ति की आवश्यकता।

  • (ब) आर्मी रिजर्व एवं प्रादेशिक सेना।
  • (स) अर्द्ध सैनिक बल : असम राइफल्स, भारतीय तट रक्षक, केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल, सीमा सुरक्षा बल, भारत तिब्बत सीमा पुलिस, केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल, सशस्त्र सीमा बल।

इकाई-3-नागरिक सुरक्षा एवं एन0सी0सी

06 अंक

(अ) आवश्यकता।

  • (ब) अर्थ एवं उद्देश्य।
  • (स) संरचना।
  • (द) कार्य।

इकाई-4- आधुनिक युद्ध की प्रकृति एवं युद्धकर्म

08 अंक

(अ) अपराम्परागत युद्ध : आणविक, जैविक एवं रासायनिक युद्ध, नान-लीथल वेपन्स यथा लेसर बीम आदि।

  • (ब) प्रचार युद्ध / सूचना युद्ध, साइबर युद्ध।
  • (स) आर्थिक युद्ध।

04 अंक

इकाई-5- सैन्य मनोविज्ञान

(अ) नेतृत्व।

  • (ब) अनुशासन।
  • (स) मनोबल।

खण्ड—‘ब’

भारतीय युद्ध कला एवं स्वातंत्र्योत्तर भारतीय युद्ध

इकाई-6-मराठा युग की सैन्य पद्धति / सैन्य संगठन

08 अंक

मराठा सैन्य पद्धति–छत्रपति शिवाजी के विशेष संदर्भ में : मराठा छापामार युद्धकर्म, शिवाजी द्वारा गठित / संचालित नौसेना, दुर्गविधान / दुर्गबन्दी / दुर्गकला, मराठा पद्धति एवं अश्वारोही सेना का गठन।

06 अंक

इकाई-7-सिक्ख सैन्य संगठन एवं खालसा सेना महाराणा रणजीत सिंह के विशेष सन्दर्भ में 1801–1839 A.D : खालसा सेना, सेना एवं तोपखाने का आधुनिकीकरण, पैदल सेना को सशक्त करना, उत्तर-पश्चिम सीमाओं की सुरक्षा।

08 अंक

इकाई-8-भारत में अंग्रेजी व्यवस्था एवं प्रथम भारतीय स्वतंत्रता संग्राम

प्लासी का संग्राम एवं परिणाम, प्रथम भारतीय स्वतंत्रता संग्राम—1857 : पृष्ठभूमि, तात्कालिक आर्थिक, सामाजिक, राजनैतिक, धार्मिक एवं सैनिक कारण, प्रथम भारतीय स्वतंत्रता संग्राम–1857 का संचालन, परिणाम एवं शिक्षाऍ, अंग्रेजी शासन व्यवस्था में परिवर्तन एवं सेना का पुनर्गठन/भारतीयकरण की प्रक्रिया। (संग्राम के आर्थिक, राजनैतिक, धार्मिक तथा सैनिक कारणों तथा स्वतंत्रता संग्राम में निष्कर्षों के आधार पर पुनर्गटन)।

इकाई-9- स्वातंत्र्योत्तर भारतीय युद्ध एवं सर्जिकल स्ट्राइक

12 अंक

(अ) स्वातंत्र्योत्तर भारतीय युद्ध : भारत-पाक संघर्ष 1947-48 : राजनैतिक एवं सामरिक पृष्टभूमि के संदर्भ में, भारत—चीन युद्ध—1962, भारत—पाकिस्तान युद्ध—1965, भारत—पाकिस्तान युद्ध—1971, कार्गिल युद्ध—1999

  • (ब) एअर स्ट्राइक / सर्जिकल स्ट्राइक : उरी सर्जिकल स्ट्रइक-2016, बालाकोट एयर स्ट्राइक-2019, ऑपरेशन सिंदूर–2025 : सामरिक–राजनैतिक पृष्ठभूमि, आवश्यकता एवं परिणाम।

प्रयोगात्मक

30 अंक

  1. मानचित्र पठन–
  2. मापक परिभाषा, साधारण मापक की संरचना।
  3. जालीय निर्देशांक (ग्रिड रिफरेन्स) चार अंकीय तथा छः अंकीय निर्देशांक
  4. प्रिज्मैटिक दिक्सूचक, सर्विस प्रोटेक्टर-
  5. प्रिज्मैटिक दिक्सूचक का परिचय, उपयोग।
  6. दिक्मान ज्ञात करने की विधियाँ।
  7. रात्रि में चलने के लिये दिक्सूचक सेट करना तथा चलाना।
  8. सर्विस प्रोटेक्टर का परिचय तथा प्रयोग।
  9. प्रयोगात्मक कार्य की अभ्यास पुस्तिका।
  10. प्रयोगात्मक परीक्षाओं में अंकों का विवरण निम्नलिखित होगाः—

20

  1. मानचित्र पठन।
  2. प्रिज्मैटिक दिक्सूचक।

05 05

  1. प्रायोगिक अभ्यास–पुस्तिका।

संदर्भित पुस्तकें-

  1. सैन्य विज्ञान (कक्षा 11 एवं 12)

लेखक—डॉ० सुबोध कुमार गुप्ता

प्रकाशन— हिमांशु प्रकाशन, मेरठ, 250001

  1. माध्यमिक सैन्य विज्ञान (कक्षा 11 एवं 12)

लेखक— के०एन० श्रीवास्तव, डॉ० बी०पी० सिंह, ए०के०राय

प्रकाशन— चन्द्र प्रकाश एण्ड ब्रदर्स, हापुड़—245101

  1. सैन्य विज्ञान (कक्षा 11 एवं 12)

लेखक- डॉ0 भैयाराम सरोज

प्रकाशन— ऋषिकुल प्रकाशन प्रयागराज, मो० 9936243171

लेखक— जे०एम० श्रीवास्तव एवं डॉ० बी०पी० सिंह

  1. सैन्य विज्ञान (कक्षा—11 एवं 12)

प्रकाशन— चन्द्र प्रकाश एण्ड ब्रदर्स, हापुड़—245101

  1. प्रारम्भिक सैन्य विज्ञान (कक्षा—11 एवं 12)
  2. सैन्य विज्ञान (कक्षा—11 एवं 12)

लेखक- कैप्टन बी०एन० मालीवाल

प्रकाशन— चन्द्र प्रकाश एण्ड कम्पनी, हापुड़—245101

लेखक— डॉ0 एस0के० मिश्र, डॉ0 वी०डी० त्रिपाठी, डी०पी० सिंह

प्रकाशन— सुकृति पब्लिकेशन हापुड़—245101

  1. भारतीय सैन्य कला का इतिहास (कक्षा–11 एवं 12)

लेखक— डॉ0 के0के0 यादव, डॉ0 अभय भट्ट सिंह, डॉ0 अरविन्द कुमार श्रीवास्तवा

प्रकाशन– प्रकाश बुक डिपो बरेली।

सैन्य विज्ञान

अधिकतम अंक–30 न्यूनतम उत्तीर्णांक अंक–10 अंक समय –04 घण्टे

नोट :-एक टोली में परीक्षार्थियों की संख्या 20 से अधिक न हो। एक दिन में दो टोली से अधिक की परीक्षा न हो। वाह्य परीक्षक द्वारा मूल्यांकन—15 अंक निर्धारित अंक-

  1. मानचित्र परिचय परिभाषा, प्रकार, हाशिये पर दी गयी सूचनाओं को वास्तविक मानचित्र पर

पढ़ना तथा हाशिये की सूचनाओं के प्रकार 02

  1. मानचित्र निर्देशांक चार अंकीय एवं छः अंकीय निर्देशांक। 02
  2. मापक की परिभाषा, मापक के प्रकार। 02
  3. सरल मापक की रचना। 02
  4. प्रिज्मेटिक कम्पास के विभिन्न अंगों के नाम तथा उपयोगिता। 02
  5. मानचित्र दिशानुकूल करना। 02
  6. मौखिक परीक्षा। 03

आन्तरिक परीक्षक द्वारा मूल्यांकन- 15 अंक

  1. सांकेतिक चिन्ह–चार सांकेतिक चिन्हों को बनाना जिसमें एक सैनिक सांकेतिक चिन्ह अनिवार्य है। 02
  2. उत्तर दिशाओं से सम्बन्धित प्रश्न। 02
  3. मानचित्र पर ग्रिड दिक्मान नापना। 03
  4. दिक्मानों के अर्न्तपरिवर्तन। 03
  5. उत्तरान्तरों एवं विशिष्ट दिक्सूचक त्रुटि ज्ञात करना। 02
  6. अभ्यास पुस्तिका। 03

व्यक्तिगत परीक्षार्थियों की प्रयोगात्मक परीक्षा

व्यक्तिगत परीक्षार्थियों की प्रयोगात्मक परीक्षा हेतु जो विद्यालय प्रयोगात्मक परीक्षा केन्द्र निर्धारित किये जायेंगे, उन विद्यालयों के सम्बन्धित विषयों के अध्यापक / प्रधानाचार्य द्वारा आन्तरिक परीक्षक रूप में व्यक्तिगत परीक्षार्थियों को पचास प्रतिशत अंक प्रदान किये जायेंगे, शेष पचास प्रतिशत अंक वाह्य परीक्षक द्वारा देय हों। उपचारात्मक शिक्षण हेतु चार यूनिट टेस्ट निम्नलिखित है-

  1. प्रथम यूनिट टेस्ट (MCQ आधारित) जुलाई द्वितीय सप्ताह 20 अंक (10 अंक ग्रीष्मावकाश गृहकार्य + 10 अंक यूनिट टेस्ट)
  2. द्वितीय यूनिट टेस्ट (वर्णनात्मक प्रश्न आधारित) अगस्त अन्तिम सप्ताह 20 अंक
  3. तृतीय यूनिट टेस्ट (MCQ आधारित) नवम्बर अन्तिम सप्ताह 20 अंक
  4. चतुर्थ यूनिट टेस्ट (वर्णनात्मक प्रश्न आधारित) दिसम्बर अन्तिम सप्ताह 20 अंक

नोट- उपरोक्त यूनिट टेस्ट उपचारात्मक शिक्षण के अन्तर्गत विद्यालय स्तर पर लिये जायेंगे। इनके प्राप्तांक परीक्षफल में सम्मिलित नहीं किये जायेंगे।

Frequently asked questions

What is the total marks for the Class 12 Military Science exam in UP Board for 2026-27?

The total marks for the Class 12 Military Science exam is 100, comprising 70 marks for the theory paper and 30 marks for the practical examination.

What are the passing marks for the Class 12 Military Science theory and practical exams?

The passing marks for the theory paper (70 marks) is 23, and for the practical examination (30 marks) is 10. A total of 33 marks are required to pass overall, with separate passing in theory and practical.

What are the main objectives of studying Military Science in Class 12?

The main objectives include developing a sense of national security, discipline, leadership, and patriotism, along with understanding traditional and modern warfare techniques, military formations, and strategic thinking.

Which historical periods are covered in the Indian warfare section of the syllabus?

The syllabus covers the Maratha era (specifically Shivaji's military methods), Sikh military organization (under Maharaja Ranjit Singh), the First Indian War of Independence (1857), and post-independence Indian wars up to surgical strikes.

What does the practical examination for Military Science involve?

The practical examination includes map reading (scales, grid references), use of prismatic compass (finding bearings, setting for night travel), service protractor, and maintaining a practical work notebook.

What topics are included in Unit 1: National Security?

Unit 1 covers the concept, meaning, scope, and elements of Military Science, political and military relations with bordering nations, and a brief introduction to the national security policy-making process.

What are the components of the 'Second Line of Defence' as per the syllabus?

The syllabus details the necessity of the second line of defence, including the Army Reserve, Territorial Army, and various paramilitary forces like Assam Rifles, Indian Coast Guard, CRPF, BSF, ITBP, CISF, and SSB.

Important topics

राष्ट्रीय सुरक्षा आधुनिक युद्ध की प्रकृति एवं युद्धकर्म स्वातंत्र्योत्तर भारतीय युद्ध एवं सर्जिकल स्ट्राइक मराठा युग की सैन्य पद्धति / सैन्य संगठन सिक्ख सैन्य संगठन एवं खालसा सेना भारत में अंग्रेजी व्यवस्था एवं प्रथम भारतीय स्वतंत्रता संग्राम प्रायोगिक परीक्षा सैन्य मनोविज्ञान

Topics covered

राष्ट्रीय सुरक्षा एवं आधुनिक युद्धकर्म राष्ट्रीय सुरक्षा रक्षा की द्वितीय पंक्ति नागरिक सुरक्षा एवं एन0सी0सी आधुनिक युद्ध की प्रकृति एवं युद्धकर्म सैन्य मनोविज्ञान भारतीय युद्ध कला एवं स्वातंत्र्योत्तर भारतीय युद्ध मराठा युग की सैन्य पद्धति / सैन्य संगठन सिक्ख सैन्य संगठन एवं खालसा सेना भारत में अंग्रेजी व्यवस्था एवं प्रथम भारतीय स्वतंत्रता संग्राम स्वातंत्र्योत्तर भारतीय युद्ध एवं सर्जिकल स्ट्राइक प्रयोगात्मक

UP Board (UPMSP) Class 12 Syllabus ? Military Science. Last updated 10 Aug 2026.