UP Board Class 12 Biology Syllabus 2026-27
For students preparing for the UP Board Class 12 Biology examination in the 2026-27 academic session, understanding the official syllabus is crucial. This curriculum details the topics covered across five key units: Reproduction, Genetics and Evolution, Biology in Human Welfare, Biotechnology, and Ecology. Each unit breaks down into specific subjects, ensuring a thorough grasp of biological concepts. The syllabus also clearly defines the structure for practical examinations, outlining required experiments, observations, and the marking distribution for both internal and external assessments. Familiarizing yourself with this framework empowers students to focus their studies effectively, covering all essential theoretical and practical aspects mandated by the UP Board for Class 12 Biology.
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Quick info
| Board | UP Board |
|---|---|
| Class | 12 |
| Subject | Biology |
| Session | 2026-27 |
| Language | Hindi |
| PDF type | Syllabus |
| Total marks | 100 |
| Theory marks | 70 |
| Practical marks | 30 |
| Last updated | 2026-08-10 |
The examination will consist of a single question paper of 100 marks, comprising 70 marks for the written theory paper and 30 marks for the practical examination.
Syllabus ? full document text
शैक्षिक सत्र–2026–27 विषय-जीव विज्ञान कक्षा-12
इसमें 100 अंकों का एक प्रश्नपत्र 70 लिखित एवं 30 प्रयोगात्मक का होगा।
पूर्णाक-70 अंक
इकाई शीर्षक अंक भार
6 जनन 14
7 आनुवंशिकी तथा विकास 18
8 मानव कल्याण में जीव विज्ञान 14
9 जैव प्रौद्योगिकी 10
10 पारिस्थितिकी 14
योग... 70
इकाई – 6: जनन
14 अंक
(1) पुष्पी पौधों में लैंगिक प्रजनन –
पुष्प की संरचना, नर एवं मादा युग्मकोद्भिद का विकास, परागण— प्रकार, अभिकर्मक एवं उदाहरण, बहिःप्रजनन युक्तियाँ, पराग स्त्रीकेसर संकर्षण, दोहरा निषेचन, निषेचन पश्च घटनाएं– भ्रूणपोष एवं भ्रूण का परिवर्धन, बीज का विकास एवं फल का निर्माण, विशेष विधियाँ— एपोमिक्सिस (असंगजनता) अनिषेकफलन, बहुभ्रूणता, बीज प्रकीर्णन का महत्व एवं फल निर्माण।
(2) मानव जनन -
नर एवं मादा जनन तंत्र, वृषण एवं अंडाशय की सूक्ष्मदर्शीय शरीर रचना, युग्मकजनन— शुक्राणुजनन एवं अंडजनन मासिक चक्र, निषेचन, भ्रूणीय परिवर्धन (ब्लास्टोसाइट निर्माण तक) अंतर्रोपण, सगर्भता एवं प्लैसेंटा निर्माण (सामान्य ज्ञान) प्रसव एवं दुग्ध स्रवण (सामान्य परिचय)।
(3) जनन स्वास्थ्य-
जनन स्वास्थ्य की आवश्यकता एवं यौन संचरित रोगों की रोकथाम, परिवार नियोजन–आवश्यकता एवं विधियाँ, गर्भ निरोध एवं चिकित्सीय सगर्भता समापन (MTP), एमीनोसेंटेसिस, बंध्यता एवं सहायक जनन प्रौद्योगिकियाँ—IVF, ZIFT, GIFT (सामान्य जागरूकता के लिये प्रारम्भिक ज्ञान)।
18 अंक
इकाई – 7: आनुवंशिकी तथा विकास
- वंशागति तथा विविधता के सिद्धान्त- मेंडलीय वंशागति, मेंडलीय अनुपात से विचलन-अपूर्ण प्रभाविता, सहप्रभाविता, गुणनात्मक विकल्पी एवं रूधिर वर्गों की वंशागति, प्लीओट्रोफी, बहुजीनी वंशागति का प्रारम्भिक ज्ञान, वंशागति का क्रोमोसोम सिद्धान्त, क्रोमोसोम्स और जीन, लिंग निर्धारण – मनुष्य, पक्षी, मधुमक्खी सहलग्नता और जीन विनिमय, लिंग सहलग्न वंशागति – हीमोफीलिया, वर्णान्धता, मनुष्य में मेंडलीय विकार – थैलेसेमिया, मनुष्य में गुणसूत्रीय विकार —डाउन सिन्ड्रोम, क्लाइनफेल्टर सिन्ड्रोम एवं टर्नर सिन्ड्रोम।
(5) वंशागति के आणविक आधार –
आनुवंशिक पदार्थ की खोज एवं डी०एन०ए० एक आनुवंशिक पदार्थ, डी०एन०ए० व आर०एन०ए० की संरचना, डी०एन०ए० पैकेजिंग, डी०एन०ए० प्रतिकृतियन, सेन्ट्रल डोग्मा, अनुलेखन, आनुवंशिक कूट, रूपान्तरण, जीन अभिव्यक्ति एवं नियमन, लैक ओपेरान, जीनोम एवं मानव जीनोम प्रोजेक्ट, डी०एन०ए० फिंगर प्रिंटिंग।
- विकास –जीवन की उत्पत्ति, जैव विकास एवं जैव विकास के प्रमाण – पुराजीवी, तुलनात्मक शरीर रचना, भौणिकी एवं आणविक प्रमाण, डार्विन का योगदान, आधुनिक संश्लेषणात्मक सिद्धान्त (Modern Synthetic Theory), विकास की क्रियाविधि—विभिन्नताएं (उत्परिवर्तन एवं पुनर्योजन) एवं प्राकृतिक चयन, प्राकृतिक चयन के प्रकार, जीन प्रवाह एवं आनुवंशिक अपवाह, हार्डी वेनबर्ग सिद्धान्त, अनुकूली विकिरण, मानव का विकास।
इकाई – 8 मानव कल्याण में जीव विज्ञान
14 अंक
(7) मानव स्वास्थ्य तथा रोग-
रोग जनक, मानव में रोग उत्पन्न करने वाले परजीवी (मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया, फाइलेरिएसिस, एस्केरिएसिस, टायफाइड, जुकाम, न्यूमोनिया, अमीबिएसिस रिंग वार्म) एवं उनकी रोकथाम। प्रतिरक्षा विज्ञान की मूलभूत संकल्पनाएं –टीके, कैंसर, एच०आई०वी० और एड्स, यौवनावस्था– नशीले पदार्थ (ड्रग) और एल्कोहाल का कुप्रयोग।
- मानव कल्याण में सूक्ष्म जीव-
घरेलू खाद्य उत्पादों में, औद्योगिक उत्पादन, वाहित मल उपचार, ऊर्जा उत्पादन, जैव नियंत्रक कारक के रूप में एवं जैव उर्वरक ं.
इकाई – 9 जैव प्रौद्योगिकी
10 अंक
- जैव प्रौद्योगिकी – सिद्धान्त व प्रक्रम–
आनुवंशिक इंजीनियरिंग (पुनर्योगज डी०एन०ए० तकनीक)
- जैव प्रौद्योगिकी एवं उसके उपयोग -
जैव प्रौद्योगिकी का स्वास्थ्य एवं कृषि में उपयोग, मानव इंसुलिन और वैक्सीन उत्पादन, जीन चिकित्सा, आनुवंशिकीय रुपान्तरित जीव – बीoटीo (BT) फसलें, ट्रांसजीनिक जीव (पारजीनी जीव/पारजीवी जीव), जैव सुरक्षा समस्याएं, बायोपायरेसी एवं पेटेंट।
इकाई – 10 पारिस्थितिकी
14 अंक
- जीव और समष्टियाँ – समष्टि, समष्टि गुण-वृद्धि, जन्म एवं मृत्युदर, आयु वितरण, समष्टि पारस्परिक क्रियाएं-सहोपकारिता, स्पर्धा, परभक्षण, परजीविता।
- <u>पारितंत्र</u>—संरचना (स्वरूप), घटक, उत्पादकता एवं अपघटन, ऊर्जा प्रवाह, पारिस्थितिक पिरामिड—जीव संख्या, भार एवं ऊर्जा के पिरामिड
- जैव विविधता एवं संरक्षण –
जैव विविधता की संकल्पना, जैव विविधता के प्रतिरूप, जैव विविधता का महत्व, क्षति एवं जैव विविधता का संरक्षण— हॉट स्पॉट, संकटग्रस्त जीव, विलुप्ति, रेड डाटा बुक, बायोस्फीयर रिजर्व, राष्ट्रीय उद्यान, सेन्चुरीज।
प्रयोगात्मक
अंक−30
- (क) प्रयोगों की सूची क्वाड्रेट विधि द्वारा पादप समष्टि घनत्व का अध्ययन करना।
2 क्वाड्रेट विधि द्वारा पादप समष्टि फेक्वेंसी (frequency) का अध्ययन करना। 3 अस्थायी स्लाइड से पराग अंकुरण का अध्ययन। 4 समसूत्री विभाजन का अध्ययन करने के लिए प्याज के मूलाग्र की अस्थायी स्लाइड बनाना। 5 उपलब्ध पादप सामग्री जैसे-पालक, हरी मटर, पपीता आदि से डी०एन०ए०(DNA) को पृथक करना।
- (ख) निम्नलिखित का अध्ययन / प्रेक्षण (स्पॉटिंग)
एक स्थायी स्लाइंड की सहायता से वर्तिकाग्र पर पराग अंकुरण का अध्ययन करना।
2 नियंत्रित परागत,बंध्यीकरण, टैंगिग और बैगिग का अभ्यास।
3 विभिन्न कारकों (वायु, कीट, पक्षी) के द्वारा परागण के लिए पुष्पों में पाये जाने वाले अनुकूलनों का अध्ययन करना।
4 स्थायी स्लाइडों की सहायता से वृषण और अंडाशय की अनुप्रस्थ काट में युग्मक परिवर्धन की विभिन्न अवस्थाओं का अध्ययन (किसी भी स्तनधारी)।
5 स्थायी स्लाइड की सहायता से प्याज की मुकुल कोशिका अथवा टिड्डे के वृषण में अर्द्धसूत्री विभाजन का अध्ययन करना।
6 स्थायी स्लाइंड की सहायता से स्तनधारी के ब्लास्टुला की अनुप्रस्थ काट का अध्ययन करना।
7 किसी पौधे के विभिन्न रंग एवं आकार के बीजों की सहायता से मेंडलीय वंशागति का अध्ययन करना।
8 तैयार वंशावली चार्ट की सहायता से आनुवंशिक विशेषताओं (जैसे-जीभ को गोल करना, रूधिर वर्ग, विडोपीक, वर्णान्धता आदि) का अध्ययन करना।
9 स्थायी स्लाइड अथवा प्रतिरूप की सहायता से सामान्य — रोग कारक जंतु जैसे— एस्केरिस, एंटअमीबा, प्लाज्मोडियम, रिंग वर्म की पहचान। उनके द्वारा उत्पन्न रोगों के लक्षणों पर टिप्पणी लिखना।
10 लिग्यूमिनस पादपों के जड़ मॉड्यूल में सिम्बायोटिक एसोसिएशन का मॉडल स्पेसिमेन द्वारा प्रदर्शन।
11 समजात तथा समवृत्ति अंगों के उदाहरण का फ्लैस कार्ड मॉडल द्वारा प्रदर्शन।
प्रयोगात्मक कक्षा-12
अंक-30
बाह्य परीक्षक
- स्लाइड निर्माण 5 अंक
- स्पाटिंग ६ अंक
- सत्रीय कार्य संकलन एवं मौखिकी 2+2=4 अंक
योग 15 अंक
आंतरिक परीक्षक
- एक दीर्घ प्रयोग (प्रयो० सं० 1, 4, 5, 6) 5 अंक
- एक लघु प्रयोग (प्रयो० 2, 3, 4) ४ अंक
- प्रोजेक्ट कार्य + मौखिकी 4+2=6 अंक 15 अंक ३० अंक
<u>नोटः</u>— छात्रों का मूल्यांकन आन्तरिक एवं वाहय परीक्षक द्वारा संयुक्त रूप से किया जायेगा। अभ्यास पुस्तिका एवं प्रोजेक्ट कार्ये परीक्षार्थियों द्वारा परिषदीय प्रयोगात्मक परीक्षा के समय प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।
व्यक्तिगत परीक्षार्थियों की प्रयोगात्मक परीक्षा
व्यक्तिगत परीक्षार्थियों की प्रयोगात्मक परीक्षा हेतु उन विद्यालयों के संबंधित विषयों के अध्यापक / प्रधानाचार्य द्वारा आंतरिक परीक्षक के रूप में व्यक्तिगत परीक्षार्थियों को पचास प्रतिशत अंक प्रदान किये जायेंगे, शेष पचास प्रतिशत अंक वाह्य परीक्षक द्वारा देय होंगे।
उपचारात्मक शिक्षण हेतु चार यूनिट टेस्ट निम्नलिखित है-
- प्रथम यूनिट टेस्ट (MCQ आधारित) जुलाई द्वितीय सप्ताह 20 अंक (10 अंक ग्रीष्मावकाश गृहकार्य + 10 अंक यूनिट टेस्ट)
- द्वितीय यूनिट टेस्ट (वर्णनात्मक प्रश्न आधारित) अगस्त अन्तिम सप्ताह 20 अंक
- तृतीय यूनिट टेस्ट (MCQ आधारित) नवम्बर अन्तिम सप्ताह 20 अंक
- चतुर्थ यूनिट टेस्ट (वर्णनात्मक प्रश्न आधारित) दिसम्बर अन्तिम सप्ताह 20 अंक
नोट- उपरोक्त यूनिट टेस्ट उपचारात्मक शिक्षण के अन्तर्गत विद्यालय स्तर पर लिये जायेंगे। इनके प्राप्तांक परीक्षफल में सम्मिलित नहीं किये जायेंगे।
Frequently asked questions
What is the total marks for Class 12 Biology in UP Board?
The total marks for Class 12 Biology in UP Board is 100, with 70 marks for theory and 30 marks for practicals.
Which units are included in the UP Board Class 12 Biology syllabus for 2026-27?
The syllabus includes units on Reproduction, Genetics and Evolution, Biology in Human Welfare, Biotechnology, and Ecology.
What is the weightage of the Genetics and Evolution unit?
The Genetics and Evolution unit carries a weightage of 18 marks.
How are the practical marks distributed in Class 12 Biology?
The practical examination is for 30 marks, evaluated jointly by internal and external examiners, including slide preparation, spotting, record compilation, viva, and project work.
Are there any specific topics mentioned under Human Reproduction?
Yes, topics like male and female reproductive systems, gametogenesis, menstrual cycle, fertilization, and basic knowledge of pregnancy, parturition, and lactation are included.
What is the role of Biotechnology in the syllabus?
The Biotechnology unit covers principles and processes like genetic engineering, its applications in health and agriculture, and related issues like biosafety and biopiracy.
What is the importance of the Ecology unit in the syllabus?
The Ecology unit focuses on organisms and populations, ecosystems, energy flow, ecological pyramids, and biodiversity conservation.
Important topics
Topics covered
UP Board (UPMSP) Class 12 Syllabus ? Biology. Last updated 10 Aug 2026.