UP Board Class 12 Accountancy Syllabus 2026-27
Prepare effectively for the UP Board Class 12 Accountancy examinations with the official syllabus for the 2026-27 academic session. This curriculum structure details the essential topics students need to master, organized into two main parts and nine distinct units. Key areas covered include the intricacies of Partnership Accounting, the complexities of Company Accounts, the preparation and analysis of Financial Statements, Ratio Analysis for performance evaluation, and the crucial Cash Flow Statements. Understanding the marks distribution for each unit empowers students to focus their study efforts strategically, ensuring they are well-prepared for the UP Board Class 12 exams. This syllabus serves as the definitive roadmap for success in Accountancy.
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Quick info
| Board | UP Board |
|---|---|
| Class | 12 |
| Subject | Accountancy |
| Session | 2026-27 |
| Language | Hindi |
| PDF type | Syllabus |
| Last updated | 2026-08-10 |
The syllabus includes details on unit tests for remedial teaching, but their marks are not included in the final examination results.
Syllabus ? full document text
शैक्षिक सत्र-2026-27
विषय—लेखाशास्त्र कक्षा−12 भाग-1
इकाई—1— साझेदारी लेखांकन—आधारभूत अवधारणाएं—साझेदारी की प्रकृति, साझेदारी विलेख, लेखांकन हेतु अनुकूल प्रावधान, साझेदारी खातों के विशिष्ट पहलू, साझेदारों के पूँजी खातों का अनुरक्षण, साझेदारों के बीच लाभ का विभाजन, लाभ एवं हानि विनियोग खाता, पूँजी पर ब्याज का परिकलन, पूँजी में परिवर्तन एवं आहरण, आहरणों पर ब्याज, एक साझेदार को लाभ की गारंटी, पूर्व समायोजन। 06 अंक
इकाई—2— साझेदारी फर्म का पुर्नगठनः साझेदार की प्रवेश—साझेदारी फर्म के पुर्नगठन के प्रकार, साझेदार का प्रवेश, नया लाभ विभाजन अनुपात, त्याग अुनपात, ख्याति—ख्याति का अर्थ, ख्याति के मूल्य को प्रभावित करने वाले घटक, ख्याति के मूल्यांकन की आवश्यकता, ख्याति मूल्यांकन की विधियाँ, औसत लाभ विधि, अधि लाभ विधि, पूँजी करण विधि, ख्याति का व्यवहार— जब नया साझेदार ख्याति की धनराशि नगद लेकर आता है, जब नया साझेदार पूर्णतः अथवा आंशिक ख्याति नहीं लेकर आता है, प्रच्छन ख्याति, संचित लाभों और हानियों का समायोजन, परिसंपत्तियों का पुनर्मूल्यांकन और दायित्वों का पुनर्निर्धारण, पूँजी का समायोजन, वर्तमान साझेदारों के लाभ विभाजन अनुपात में परिवर्तन। 13 अंक
इकाई-3- साझेदारी फर्म का पुर्नगठन-साझेदार की सेवानिवृत्ति / मृत्यु-सेवानिवृत्त / मृत्त साझेदार को देय राशि का निर्धारण, नया लाभ विभाजन अनुपात, अभिलाभ अनुपात, ख्याति का व्यवहार–जब ख्याति पुस्तकों में विद्यमान नहीं है, प्रच्छन,ख्याति परिसंपत्तियों तथा दायित्वों के पुनर्मूल्यांकन के लिये समायोजन, संचित लाभों तथा हानियों का समायोजन, जब साझेदार वर्ष के मध्य सेवानिवृत्त होता है, सेवानिवृत्त साझेदार को देय राशि का निपटारा, साझेदारों की पूँजी का समायोजन, साझेदार की मृत्यु। 13 अंक
इकाई-4- साझेदारी फर्म का विघटन-साझेदारी का विघटन, फर्म का विघटन, खातों का निपटारा, लेखांकन व्यवहार। 13 अंक
भाग-2
इकाई-5- अंशपूँजी के लिये लेखांकन- कम्पनी का विशेषताएं, कंपनी के प्रकार, कंपनी की अंशपूँजी, अंशपूँजी का वर्गीकरण, अंशों की श्रेणियाँ एवं प्रकृति, अधिमानी अंश, समता अंश, अंशों का निर्गमन, लेखांकन व्यवहार-बकाया माँग, अग्रिम माँग खाता, अधि-अभिदान, अंशों का न्यून अभिदान, अंशों का अधि-मूल्य पर निर्गमन, अंशों का बट्टे पर निर्गमन, रोकड़ के अतिरिक्त प्रतिफल में अंशों का निर्गमन। अंशों का हरण, हरण किये गए अशों का पुनः निर्गमन 13 अंक
इकाई-6- ऋणपत्रों का निर्गमन
उपखण्ड-1-ऋणपत्रों का आशय, प्रकार, अंश और ऋणपत्र के बीच अन्तर, ऋणपत्रों के प्रकार-(सुरक्षा के दृष्टिकोण से, अवधि के दृष्टिकोण से,) परिवर्तनीयता के दृष्टिकोण से, कूपन दर के दृष्टिकोण से, पंजीकरण के दृष्टिकोण से, ऋणपत्रों का निर्गम-रोकड़ के लिये ऋणपत्र का निर्गम-बट्टे पर ऋणपत्र का निर्गमन, प्रीमियम पर निर्गमित ऋणपत्र, अधि-अभिदान, रोकड़ के अतिरिक्त अन्य प्रतिफल पर ऋणपत्रों का निर्गमन, ऋणपत्रों का संपार्शिवक प्रतिभूति के रूप में निर्गमन, ऋणपत्रों को निर्गमित करने की शर्तें, ऋणपत्रों पर ब्याज, लेखांकन व्यवहार, ऋण पत्र निर्गम पर बट्टा / हानि का अपलेखन 12 अंक
इकाई—7— कम्पनी को वित्तीय विवरण— वित्तीय विवरणों का अर्थ, वित्तीय विवरणों की प्रकृति, वित्तीय विवरणों के उद्देश्य, वित्तीय विवरणों के प्रकार, तुलन पत्र का प्रारूप एवं विषय सामाग्री,प्रकटन की प्रमुख विशेषताएं, अंशधारक निधियां, अंशपूँजी, आरक्षितियाँ और अधिशेष, अंश वारंट के प्रति प्राप्त धन, चालू एवं गैर चालू वर्गीकरण, चालू / गैर-चालू में विभेद, अंश आवेदन राशि बकाया आबंटन, ऋण अस्थगित कर परिसंपत्तियाँ अथवा देयताएँ, व्यापार देय, प्रस्तावित लाभांश, प्रावधान, स्थायी परिसंपत्तियाँ, निवेश, रहतिया, व्यापारिक प्राप्य, रोकड़ एवं रोकड़ तुल्यांक, लाभ हानि विवरण का प्रारूप एवं विषय सामग्री, वित्तीय विवरणों की उपयोगिता एवं महत्व, वित्तीय विवरणों की सीमाएं। 12 अंक
इकाई-8- लेखांकन अनुपात-लेखांकन अनुपात का अर्थ, अनुपात विश्लेषण के उद्देश्य, अनुपात विश्लेषण के लाभ, अनुपात विश्लेषण की सीमाएं, अनुपातों के प्रकार, द्रवता अनुपात, चालू अनुपात, तरल अनुपात, ऋण शोधन क्षमता अनुपात-ऋण समता अनुपात, ऋण पर नियोजित पूँजी अनुपात, स्वामित्व अनुपात, कुल परिसंपत्तियों पर ऋण अनुपात, ब्याज व्याप्ति अनुपात, कियाशीलता (या आवर्त) अनुपात, रहतिया आवर्त अनुपात, व्यापारिक प्राप्य आवर्त अनुपात, व्यापारिक देय आवर्त अनुपात, निवल परिसंपत्तियाँ अथवा
(विनियोजित पूँजी) आवर्त अनुपात, लाभ प्रदता अनुपात, सकल लाभ अनुपात, प्रचालन अनुपात, प्रचालन लाभ अनुपात, निवल लाभ अनुपात, नियोजित पूँजी अथवा निवेश पर प्रत्याय, अंश धारक निधि पर प्रत्याय, प्रति अंश अर्जन, प्रति अंश पुस्तक मूल्य, लाभांश भुगतान अनुपात, मूल्य अर्जन अनुपात।, लाभांश भुगतान अनुपात्। 09 अंक
इकाई-9- रोकड़ प्रवाह विवरण - रोकड़ प्रवाह विवरण के उद्देश्य, रोकड़ प्रवाह विवरण के लाभ, रोकड़ एवं रोकड़ तुल्यराशियाँ, रोकड़ प्रवाह, रोकड़ प्रवाह विवरण को तैयार करने हेतु कियाकलापों का वर्गीकरण-प्रचालन कियाकलाप से रोकड़, निवेश कियाकलापों से रोकड़, वित्तीय कियाकलापों से रोकड़, कुछ विशिष्ट (व्यक्तिगत) मदों का व्यवहार।, प्रचालन क्रियाकलापों से रोकड़ प्रवाह की गणना–अप्रत्यक्ष विधि, निवेश एवं वित्तीय कियाकलापों से रोकड़ प्रवाह की गणना, रोकड़ प्रवाह विवरण का निर्माण। ०९ अंक
उपचारात्मक शिक्षण हेतु चार यूनिट टेस्ट निम्नलिखित है-
- प्रथम यूनिट टेस्ट (MCQ आधारित)
जुलाई द्वितीय सप्ताह 20 अंक
(10 अंक ग्रीष्मावकाश गृहकार्य + 10 अंक यूनिट टेस्ट)
- द्वितीय यूनिट टेस्ट (वर्णनात्मक प्रश्न आधारित) अगस्त अन्तिम सप्ताह 20 अंक
- तृतीय यूनिट टेस्ट (MCQ आधारित) नवम्बर अन्तिम सप्ताह 20 अंक
- चतुर्थ यूनिट टेस्ट (वर्णनात्मक प्रश्न आधारित) दिसम्बर अन्तिम सप्ताह 20 अंक
नोट- उपरोक्त यूनिट टेस्ट उपचारात्मक शिक्षण के अन्तर्गत विद्यालय स्तर पर लिये जायेंगे। इनके प्राप्तांक परीक्षफल में सम्मिलित नहीं किये जायेंगे।
Frequently asked questions
What is the total number of units in the UP Board Class 12 Accountancy syllabus for 2026-27?
The UP Board Class 12 Accountancy syllabus for 2026-27 is divided into 9 units, spread across two parts.
Which topics are covered in Part 1 of the syllabus?
Part 1 of the syllabus covers Partnership Accounting (basic concepts, reconstitution, retirement/death, dissolution) and Accounting for Share Capital.
What are the main topics in Part 2 of the syllabus?
Part 2 of the syllabus focuses on Issue of Debentures, Company Financial Statements, Accounting Ratios, and Cash Flow Statement.
What is the weightage for Partnership Accounting topics?
The units on 'Reconstitution of Partnership: Admission of a Partner' and 'Reconstitution of Partnership: Retirement/Death of a Partner' each carry 13 marks.
How are Company Accounts covered in the syllabus?
The syllabus includes 'Accounting for Share Capital' (13 marks) and 'Issue of Debentures' (12 marks) under Part 2, along with 'Company Financial Statements' (12 marks).
What is the importance of Ratio Analysis and Cash Flow Statement in the syllabus?
Accounting Ratios are covered with 9 marks and Cash Flow Statement also carries 9 marks, indicating their significant role in the examination.
Are there any internal assessments mentioned in the syllabus?
The syllabus mentions four unit tests for remedial teaching, but their marks are not included in the final examination results.
Important topics
Topics covered
UP Board (UPMSP) Class 12 Syllabus ? Accountancy. Last updated 10 Aug 2026.