UP Board Class 11 Agricultural Engineering Syllabus 2026-27

UP Board Class 11 Syllabus 2026-27

For students pursuing Class 11 Agricultural Engineering under the UP Board, the 2026-27 academic session brings a clearly defined syllabus. This curriculum structure guides learning through seven theoretical units, exploring essential subjects such as the materials used in agricultural machinery, the mechanics of various ploughs and other farm implements, power transmission systems, water lifting devices, and fundamental soil cultivation techniques. Complementing the theoretical knowledge, the practical component immerses students in workshop skills. They will gain hands-on experience in carpentry, blacksmithing, soldering, and welding. Furthermore, the syllabus emphasizes practical application through the assembly and disassembly of diverse agricultural machines and engines. This integrated approach ensures a thorough understanding of agricultural engineering principles and their real-world application, with a detailed breakdown of marks distribution for both theory and practical assessments.

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Quick info

BoardUP Board
Class11
SubjectAgricultural Engineering
Session2026-27
LanguageHindi
PDF typeSyllabus
Duration03 Hours
Total marks100
Theory marks50
Practical marks50
Passing marks16
Last updated2026-08-10

The theory paper is for 50 marks and the practical exam is for 50 marks. The practical exam includes evaluation by external and internal examiners, covering oral, machinery adjustment, object identification, engineering calculations, workshop practice, record book, and project work.

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शैक्षिक सत्र-2026-27

कक्षा-11

चतुर्थ प्रश्न-पत्र

(कृषि अभियन्त्रण)

सिद्धान्त

50 अंक

इकाई-1

०५ अंक

कृषि यन्त्रों को बनाने में प्रयोग होने वाले लोहा (ढलवा लोहा, मृदु इस्पात, उच्च कार्बनयुक्त इस्पात), लकड़ी (साखू, शीशम, आम, बबूल) प्लास्टिक तथा टिन के प्रकार, विशेषता तथा गुण–दोष का अध्ययन।

04 अंक

इकाई-2

हल–हलों के विभिन्न प्रकार यथा–देशी हल, मेस्टन हल, केयर हल, सावाश हल, वाहवाह हल, यू० पी0 नं0—1 तथा यू0 पी0 नं0—2 हल, विक्ट्री हल, प्रजा हल—इनकी बनावट विभिन्न भाग एवं उनके कार्य रचना में प्रयोग होने वाली सामग्री, चौड़ाई, गहराई कम अधिक करना, खड़ी तथा पड़ी झिरी उनके कार्य, कार्य करते समय आवश्यक समन्जन एवं सावधानियां, विभिन्न हलों का तुलनात्मक अध्ययन, प्रचलन में व्यावहारिक बाधायें।

इकाई-3

(अ) अन्य कृषि यन्त्र–कल्टीवेटर, हो, हैरो, खुरचनी (स्क्रेपर), पाटा, बीज तथा उर्वरक, ड्रिल, स्प्रेयर, डस्टर, त्रिफाली, बलचालित कटाई यन्त्र, शक्तिचालित थ्रेसर, ओसाई पंखा के विभिन्न भाग एवं उनके कार्य। ट्रैक्टर-उसके प्रयोग, ट्रैक्टर चालन में आने वाली सामान्य समस्यायें और उनका निवारण।

03 अंक

  • (ब) हस्त चालित तथा शक्ति चालित कुट्टी काटने की मशीन, बैल चालित तथा शक्ति चालित

गन्ना, कोल्ह्, बैल चालित आलू खोदक यन्त्र के कार्य प्रमुख भाग एवं उनके प्रयोग में सावधानियां एवं रख-रखाव।

03 अंक 10 अंक

इकाई-4

‘डायनमोमीटर, उसकी बनावट और प्रयोग विधि तथा खिंचाव पर प्रभाव डालने वाले कारक। शक्ति चयन के खिंचाव के प्रभाव का महत्व तथा अश्व सामर्थ्य और उस पर आधारित आंकिक गणना का अध्ययन ।

इकाई-5

(अ) जल उत्पादक (वाटर लिफ्टर), सेन्ट्रीफ्यूगल पम्प, टरबाइन पम्प, सबमर्सिबल (जलप्लवनीव) पम्प की बनावट, कार्य विधि, जल निष्कासन की मात्रा प्रतिदिन सिंचित क्षेत्रफल रुकावट एवं निदान, सावधानियां तथा रख–रखाव।

05 अंक

  • (ब) एक सिलिण्डर डीजल इंजन एवं विद्युत् मोटर की बनावट, शक्ति उत्पन्न करने की कार्य विधि,

साधारण व्यवधान तथा निदान, इंजन मोटर का चयन, रख-रखाव तथा सावधानियां।

05 अंक

  • (स) कृषि में तालाब, कुआं, नलकूप का महत्व, निर्माण विधि, कमाण्ड क्षेत्र एवं रख–रखाव।

इकाई-6-भू-परिष्करण-

०५ अंक

०५ अंक

(अ) कर्षण के उद्देश्य, विधि प्रकार, समय तथा रासायनिक एवं भौतिक प्रभाव।

  • (ब) जुताई की विधियां, गुण—दोष तथा प्रभाव, अन्तः कृषि की आवश्यकता, विभिन्न फसलों में अन्तः,

कृषि हेत् प्रयोज्य कृषि यन्त्रों के नाम, रासायनिक एवं भौतिक प्रभाव तथा कृषि यन्त्रो पर आधारित आंकिक गणना | इकाई-7

05 अंक

पट्टा घिरी और गेयर द्वारा शक्ति प्रेषण की विधि, सीमायें, सावधानियां तथा रख–रखाव। चाल एवं माप ज्ञात करने सम्बन्धी सामान्य प्रश्नों की गणना।

50 अंक

  1. कार्यशाला के विभिन्न औजारों का परिचय, उपयोग, सही प्रयोग विधि तथा रख-रखाव का व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त करना एवं नामांकित चित्र बनाना।
  2. आंकिक गणना, खिंचाव, अश्व सामर्थ्य, जुताई एवं शक्ति प्रेषण पर आधारित।
  3. कार्यशाला में कार्य-
  • (क) काष्ठ शिल्प–हंसिया, दराती, खुरपी, कुदाल, फावड़ा आदि यंत्रों के बेंट बनाना तथा फिट करना।
  • (ख) साधारण लौहशाला कार्य–शीतल लोहे के ऊपर कार्य, पेचकस बनाना, वोल्ट तथा नट में चूड़ी बनाना।
  • (ग) गरम लोहे से विभिन्न आकार बनाना, धार धरना तथा लोहे के दो भागों को जोड़ना, कृषि यंत्रों को पीट कर पैना करना।
  • (घ) सोल्डर (झालन) के द्वारा टिन के विभिन्न आकारों जैसे कीप को जोड़ना।
  • (ङ) विद्युत् अथवा गैस वेल्डिंग से लोहे के टुकड़े को जोड़ना।
  1. (अ) विभिन्न प्रकार के हल, हैरो, कल्टीवेटर, हो, कुट्टी काटने की मशीन, गन्ना कोल्हू, डस्टर, स्प्रेयर,

थ्रेसर, कटाई यंत्र (रीपर), ओसाई पंखा, बीज तथा उर्वरक ड्रिल की बनावट तथा विभिन्न भागों का व्यवहारिक ज्ञान प्राप्त करना और नामांकित चित्र बनाना।

  • (ब) डीजल इंजन, विद्युत् मोटर तथा सेन्ट्रीफ्यूगल पम्प की बनावट, विभिन्न भाग तथा कार्य विधि का व्यावहारिक अध्ययन और नामांकित चित्र बनाना
  1. उपर्युक्त क्रम–2 (अ) पर उल्लिखित यंत्रों को खोलना, बांधना तथा उनका समन्जन करना।
  • (ब) डीजल इंजन / विद्युत् मोटर से चालित सेन्ट्रीफ्यूगल पम्प द्वारा कुंआ, तालाब व नलकूप से पानी उठाना,

जलस्राव और सिंचित क्षेत्र का मापन तथा लागत की गणना करना।

  1. मेस्टन हल, शावास हल, कल्टीवेटर, हैरो, गन्ना कोल्हू, कुट्टी काटने का यंत्र, पावर थ्रेसर, कुटाई यंत्र से स्वयं कार्य करना।
  2. कृषि यंत्रों का खिंचाव, हलों का आकार, हलों की खड़ी झिरी तथा पड़ी झिरी (वर्टिकल एवं होरीजेन्टल सेक्शन) का मापन। संस्तुत पुस्तकें-

कोई पुस्तक निर्धारित या संस्तुत नहीं की गयी है। विद्यालय के प्रधान विषय अध्यापक के परामर्श से पाठ्यक्रम के अनुरूप पुस्तक का चयन कर लें।

कृषि अभियन्त्रण (कृषि भाग-एक)

अधिकतम अंक : 50 न्यूनतम उत्तीर्णांक : 16 समय : 03 घंटा

  1. वाह्य परीक्षक द्वारा मूल्यांकन - निर्धारित अंक
  2. मौखिक 07 अंक
  3. यंत्रों का समायोजन 03 अंक
  4. वस्तु पहचान 05 अंक
  5. अभियन्त्रीय परिकलन 10 अंक (शक्ति प्रेषण, जुताई एवं अश्व शक्ति पर आधारित) कुल- 25 अंक
  6. आन्तरिक परीक्षक द्वारा मूल्यांकन -
  7. कार्यशाला अभ्यास 10 अंक
  8. अभ्यास पुस्तिका 08 अंक
  9. प्रोजेक्ट 07 अंक कुल- 25 अंक

व्यक्तिगत परीक्षार्थियों की प्रयोगात्मक परीक्षा-

व्यक्तिगत परीक्षार्थियों की प्रयोगात्मक परीक्षा हेतु जो विद्यालय प्रयोगात्मक परीक्षा केन्द्र निर्धारित किये जायेंगे, उन विद्यालयों के सम्बन्धित विषयों के अध्यापक / प्रधानाचार्य द्वारा आन्तरिक परीक्षक रूप में व्यक्तिगत परीक्षार्थियों को पचास प्रतिशत अंक प्रदान किये जायेंगे, शेष पचास प्रतिशत अंक वाह्य परीक्षक द्वारा देय होंगे। उपचारात्मक शिक्षण हेतु चार यूनिट टेस्ट निम्नलिखित है-

  1. प्रथम यूनिट टेस्ट (MCQ आधारित) जुलाई द्वितीय सप्ताह 20 अंक (10 अंक ग्रीष्मावकाश गृहकार्य + 10 अंक यूनिट टेस्ट)
  2. द्वितीय यूनिट टेस्ट (वर्णनात्मक प्रश्न आधारित) अगस्त अन्तिम सप्ताह 20 अंक
  3. तृतीय यूनिट टेस्ट (MCQ आधारित) नवम्बर अन्तिम सप्ताह 20 अंक
  4. चतुर्थ यूनिट टेस्ट (वर्णनात्मक प्रश्न आधारित) दिसम्बर अन्तिम सप्ताह 20 अंक<br>नोट- उपरोक्त यूनिट टेस्ट उपचारात्मक शिक्षण के अन्तर्गत विद्यालय स्तर पर लिये जायेंगे। इनके प्राप्तांक परीक्षफल में सम्मिलित नहीं किये जायेंगे।

Frequently asked questions

What is the total marks for Class 11 Agricultural Engineering theory and practical exams?

The theory exam is for 50 marks and the practical exam is for 50 marks, totaling 100 marks.

What are the main topics covered in the theory section of the syllabus?

The theory section covers materials for agricultural machinery, types of ploughs, other farm implements, dynamometer and power calculations, water lifting devices, soil cultivation, and power transmission methods.

What practical skills are emphasized in the syllabus?

Practical skills include workshop practices like carpentry, blacksmithing, soldering, welding, assembly/disassembly of machinery, and operating various agricultural implements and engines.

What is the passing marks for the Agricultural Engineering exam?

The minimum passing marks for the theory paper is 16 out of 50.

Are there any recommended books for Class 11 Agricultural Engineering?

No specific books are prescribed or recommended. Students should select a book in consultation with their head subject teacher.

How is the practical exam evaluated?

The practical exam is evaluated by both external and internal examiners, covering oral tests, machinery adjustment, object identification, engineering calculations, workshop practice, record book, and project work.

What is the duration of the theory exam?

The duration of the theory exam is 3 hours.

Important topics

हल–हलों के विभिन्न प्रकार डायनमोमीटर, अश्व सामर्थ्य जल उत्पादक, पम्प, डीजल इंजन, विद्युत् मोटर भू-परिष्करण (कर्षण, जुताई) शक्ति प्रेषण (पट्टा घिरी और गेयर) कार्यशाला के विभिन्न औजारों का परिचय, उपयोग विभिन्न प्रकार के हल, हैरो, कल्टीवेटर आदि की बनावट डीजल इंजन, विद्युत् मोटर तथा सेन्ट्रीफ्यूगल पम्प की बनावट

Topics covered

कृषि यन्त्रों को बनाने में प्रयोग होने वाले लोहा, लकड़ी, प्लास्टिक तथा टिन हल–हलों के विभिन्न प्रकार अन्य कृषि यन्त्र (कल्टीवेटर, हो, हैरो, आदि) डायनमोमीटर, अश्व सामर्थ्य जल उत्पादक, पम्प, डीजल इंजन, विद्युत् मोटर भू-परिष्करण (कर्षण, जुताई) शक्ति प्रेषण (पट्टा घिरी और गेयर)

UP Board (UPMSP) Class 11 Syllabus ? Agricultural Engineering. Last updated 10 Aug 2026.