UP Board Class 10 Social Science Syllabus 2026-27
Prepare for the UP Board Class 10 Social Science examination with the official syllabus for the 2026-27 academic session. This curriculum guides students through four essential units: India and the Contemporary World-II (History), Contemporary India-II (Geography), Democratic Politics-II (Civics), and Understanding Economic Development (Economics). The examination structure includes a 70-mark written paper and 30 marks for project work, totaling 100 marks. Each unit clearly defines the marks distribution and the specific topics students must master. Understanding this syllabus is crucial for effective preparation, ensuring students cover all key areas and achieve success in their Social Science studies for the UP Board Class 10 exams.
Read online
Read page by page below. Official UP Board PDF — no download button on this page.
Quick info
| Board | UP Board |
|---|---|
| Class | 10 |
| Subject | Social Science |
| Session | 2026-27 |
| Language | Hindi |
| PDF type | Syllabus |
| Total marks | 100 |
| Theory marks | 70 |
| Internal assessment | 30 |
| Last updated | 2026-08-10 |
The examination will consist of a written paper of 70 marks and a project work of 30 marks.
Syllabus ? full document text
शैक्षिक सत्र-2026-27 विषय: सामाजिक विज्ञान
कक्षा-10
इसमें एक लिखित प्रश्नपत्र-70 अंकों का एवं 30 अंकों का प्रोजेक्ट कार्य होगा।
इकाई अंक
Ι भारत और समकालीन विश्व–2 (इतिहास) 20
II समकालीन भारत –2 (भूगोल) 20
III लोकतांत्रिक राजनीति–2 (नागरिकशास्त्र) 15
IV आर्थिक विकास की समझ (अर्थशास्त्र) 15
योग 70
आंतरिक मूल्यांकन 30
महायोग 100 (I) (इतिहास)
भारत और समकालीन विश्व-2
20 अंक
खण्ड–1
08 अंक
इकाई-1 घटनायें और प्रक्रियायें-
- यूरोप में राष्ट्रवाद का उदय—
फ्रांसीसी क्रान्ति और राष्ट्र का विचार, यूरोप में राष्ट्रवाद का निर्माण, क्रान्तियों का युग (1830—1848), जर्मनी और इटली का निर्माण, राष्ट्र की दृश्य—कल्पना, राष्ट्रवाद और साम्राज्यवाद।
- भारत में राष्ट्रवाद-
प्रथम विश्व युद्ध, खिलाफत और असहयोग, आन्दोलन के भीतर अलग–अलग धाराएँ, सविनय अवज्ञा की ओर, सामूहिक अपनेपन का भाव।
खण्ड–2
07 अंक
इकाई–2
(जीविका, अर्थव्यवस्था एवं समाज)
- भूमण्डलीकृत विश्व का बनना—
आधुनिक युग से पहले, उन्नीसवीं शताब्दी (1815—1914) महायुद्धों के बीच अर्थव्यवस्था, विश्व अर्थव्यवस्था का पुनर्निर्माण : युद्धोत्तर काल।
- औद्योगीकरण का युग—
औद्योगिक क्रान्ति से पहले, हाथ का श्रम और वाष्पशक्ति, उपनिवेशों में औद्योगीकरण, फैक्ट्रियों का आना, औद्योगिक विकास का अनूटापन, वस्तुओं के लिए बाजार।
खण्ड–3
(रोज़ाना की जिन्दगी, संस्कृति और राजनीति)
- मुद्रण संस्कृति और आधुनिक दुनिया
शुरुआती छपी किताबें, यूरोप में मुद्रण का आना, मुद्रण क्रान्ति और उसका असर, पढ़ने का जुनून, उन्नीसवीं सदी, भारत का मुद्रण संसार, धार्मिक सुधार और सार्वजनिक बहसें, प्रकाशन के नए रूप, प्रिंट और प्रतिबंध।
- मानचित्र कार्य-
इतिहास : भारत की रूपरेखा राजनीतिक मानचित्र
05 अंक
अध्याय-3: भारत में राष्ट्रवाद - (1918-1930) दर्शाना और नामांकन / पहचान।
- भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अधिवेशन :
कलकत्ता (सितम्बर, 1920)
नागपुर (दिसम्बर, 1920)
मद्रास (1927)
लाहौर (1929)
- भारतीय राष्ट्रीय आन्दोलन के महत्वपूर्ण केन्द्र (असहयोग आन्दोलन और सविनय अवज्ञा आन्दोलन)
- चम्पारण (बिहार)— नील की खेती करने वाले किसानों का आन्दोलन।
- खेड़ा (गुजरात) –िकसान सत्याग्रह।
- अहमदाबाद (गुजरात)— सूती मिल श्रमिकों का सत्याग्रह।
- अमृतसर (पंजाब) – जालियांवाला बाग कांड।
- चौरी–चौरा (उत्तर प्रदेश)– असहयोग आन्दोलन का उद्घोष।
- दांडी (गुजरात) – सविनय अवज्ञा आन्दोलन।
दृष्टिबाधित परीक्षार्थियों हेतु मानचित्र कार्य से संबंधित पाँच प्रश्न पूंछे जायेंगे।
(II)
(भूगोल)
20 अंक
09 अंक
इकाई-1
- संसाधन एवं विकास- संसाधनों का विकास, संसाधन नियोजन, भू-संसाधन, भू-उपयोग, भारत में भू-उपयोग प्रारूप, भूमि निम्नीकरण और संरक्षण उपाय, मृदा संसाधन, मृदाओं का वर्गीकरण, मृदा अपरदन और संरक्षण।
- वन एवं वन्य जीव संसाधन— भारत में वनस्पतिजात और प्राणिजात, भारत में वन और वन्य जीवन का संरक्षण, वन और वन्य जीव संसाधनों के प्रकार और वितरण, समुदाय और वन संरक्षण।
- जल संसाधन—जल दुर्लभता और जल संरक्षण एवं प्रबंधन की आवश्यकता, बहुद्देशीय नदी घाटी परियोजनाएँ और समन्वित जल संसाधन प्रबंधन, वर्षा जल संग्रहण।
- कृषि—कृषि के प्रकार, शस्य प्रारूप (मुख्य फसलें—चावल, गेहूँ, मोटे अनाज—बाजरा, मक्का) दालें खाद्यान्नों के अलावा अन्य खाद्य फसले गन्ना, तिलहन, चाय, कॉफी बागवानी फसलें, अखाद्य फसलें, रबड़, रेशेदार फसले, कपास, जूट, प्रौद्योगिकीय और संस्थागत सुधार।
इकाई-2
06 अंक
- खनिज तथा ऊर्जा संसाधन— खनिज क्या है? खनिज की उपलब्धता, लौह खनिज (लौह अयस्क, मैंगनीज) अलौह खनिज (ताँबा, बॉक्साइट) अधात्विक खनिज (अभ्रक, चट्टानी खनिज) खनिजों का संरक्षण, ऊर्जा संसाधन परंपरागत ऊर्जा के स्रोत –पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस, कोयला, विद्युत। गैर परम्परागत स्रोत– परमाणु अथवा आणविक ऊर्जा, सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, बायोगैस, ज्वारीय ऊर्जा, भूतापीय ऊर्जा, संसाधनों का संरक्षण ।
- विनिर्माण उद्योग— विनिर्माण का महत्त्व, कृषि आधारित उद्योग— वस्त्र उद्योग (सूतीवस्त्र, पटसन), चीनी उद्योग, खनिज आधारित उद्योग (लोहा तथा इस्पात उद्योग) एल्यूमिनियम प्रगलन, रसायन उद्योग, उर्वरक उद्योग, मोटरगाड़ी उद्योग, सूचना प्रौद्योगिकी तथा इलेक्ट्रॉनिक उद्योग, औद्योगिक प्रदूषण तथा पर्यावरण निम्नीकरण (विभिन्न प्रकार के प्रदूषण) पर्यावरण निम्नीकरण की रोकथाम ।
- राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था की जीवन रेखाएँ— परिचय, परिवहन, स्थल परिवहन (रेल परिवहन, सड़क परिवहन, पाइपलाइन परिवहन) जल परिवहन, प्रमुख समुद्री पत्तन, वायु परिवहन, संचार सेवाएँ, अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार, पर्यटन एक व्यापार के रूप में।
मानचित्र कार्य-भारत के मानचित्र पर 1 से लेकर 7 अध्यायों से सम्बन्धित सभी मानचित्र कार्य ।
दृष्टिबाधित परीक्षार्थियों हेतु मानचित्र कार्य से संबंधित पाँच प्रश्न पूछे जायेंगे।
05 अंक
(III)
(नागरिक शास्त्र) लोकतांत्रिक राजनीति-2
15 अंक
इकाई-1
09 अंक
- सत्ता की साझेदारी–
बेल्जियम और श्रीलंका में बहुसंख्यकवाद, बेल्जियम की समझदारी, सत्ता की साझेदारी क्यों जरूरी है?, सत्ता की साझेदारी के रूप।
अध्याय-2 संघवाद-
संघवाद क्या है? भारत में संघीय व्यवस्था, संघीय व्यवस्था कैसे चलती है? भारत में विकेन्द्रीकरण।
- जाति, धर्म और लैंगिक मसले-
लैंगिक मसले और राजनीति, महिलाओं का राजनीतिक प्रतिनिधित्व, धर्म, साम्प्रदायिकता और राजनीति, जाति और राजनीति, भारत की सामाजिक और धार्मिक विविधता, जातिगत असमानता।
इकाई-2
06 अंक
- राजनीतिक दल-
राजनीतिक दलों की जरूरत क्यों?, राजनीतिक दल का अर्थ, कार्य, जरूरत, कितने राजनीतिक दल? राजनीतिक दलों में जन–भागीदारी, राष्ट्रीय दल, क्षेत्रीय दल, राजनीतिक दलों के लिए चुनौतियाँ, दलों को कैसे सुधारा जा सकता है?
- लोकतंत्र के परिणाम-
लोकतंत्र के परिणामों का मूल्यांकन कैसे करें? उत्तरदायी, जिम्मेवार और वैध शासन,
आर्थिक संवृद्धि और विकास, असमानता और गरीबी में कमी, सामाजिक विविधताओं में सामंजस्य, नागरिकों की गरिमा और आज़ादी।
(IV)
(अर्थशास्त्र)
आर्थिक विकास की समझ
15 अंक
इकाई-1
09 अंक
- अध्याय—1 विकास— विभिन्न व्यक्ति, विभिन्न लक्ष्य, आय और अन्य लक्ष्य, राष्ट्रीय विकास, विभिन्न देशों / राज्यों की तुलना, आय और अन्य मापदण्ड, सार्वजनिक सुविधायें, मानव विकास रिपोर्ट, विकास की धारणीयता।
- अध्याय-2 भारतीय अर्थव्यवस्था के क्षेत्रक- आर्थिक कार्यो के क्षेत्रक, तीनों क्षेत्रकों की तुलना एवं ऐतिहासिक परिवर्तन, भारत में प्राथमिक, द्वितीयक और तृतीयक क्षेत्रक, उत्पादन में तृतीयक क्षेत्रक का बढ़ता महत्व, अधिकांश लोग कहाँ नियोजित है ? अतिरिक्त रोजगार का सृजन, विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एण्ड आजीविका मिशन(ग्रामीण), संगठित और असंगठित के रूप में क्षेत्रकों का विभाजन, असंगठित क्षेत्रक के श्रमिकों का संरक्षण, स्वामित्व आधारित क्षेत्रक-सार्वजनिक और निजी क्षेत्रक।
- अध्याय-3 मुद्रा और साख – मुद्रा विनिमय का एक माध्यम, मुद्रा के आधुनिक रूप-करेंसी, बैंकों में निक्षेप, बैंकों की ऋण संबंधी गतिविधियाँ, साख की दो विभिन्न स्थितियाँ, ऋण की शर्तें, विविध प्रकार के साख प्रबन्ध, भारत में औपचारिक क्षेत्रक में साख, निर्धनों के स्वयं सहायता समूह।
इकाई-2 06 अंक
- अध्याय–4 वैश्वीकरण और भारतीय अर्थव्यवस्था– अन्तर्देशीय उत्पादन, विश्व भर के उत्पादन को एक—दूसरे से जोड़ना, विदेशी व्यापार और बाजारों का एकीकरण, वैश्वीकरण, वैश्वीकरण को सम्भव बनाने वाले कारक, विदेशी व्यापार तथा विदेशी निवेश का उदारीकरण, विश्व व्यापार संगठन, भारत में वैश्वीकरण का प्रभाव, न्यायसंगत वैश्वीकरण के लिए संघर्ष।
- अध्याय—5 उपभोक्ता अधिकार— बाजार में उपभोक्ता, उपभोक्ता आन्दोलन, उपभोक्ता अधिकार उपभोक्ताओं को न्याय पाने के लिए कहाँ जाना चाहिए, जागरूक उपभोक्ता बनने के लिए आवश्यक बातें, ISI, एगमार्क, उपभोक्ता आन्दोलन को आगे बढाने के सम्बन्ध में।
30 अंक
आंतरिक मूल्यांकन– (प्रोजेक्ट कार्य / गतिविधि)
शिक्षार्थी भारत के विभिन्न क्षेत्रों के लोगों की वेशभूषा तथा विशिष्ट ग्रामीण भवनों के छायाचित्र एकत्र कर सकते हैं तथा यह परीक्षण कर सकते हैं कि क्या यह उस क्षेत्र की जलवायवीय परिस्थितियों तथा भू-आकृति (Relief) से कोई सम्बन्ध प्रदर्शित करते हैं ?
शिक्षार्थी पिछले दशक में खेती की पद्धति में आए परिवर्तनों तथा गाँव में प्रचलित विभिन्न सिंचाई की विधियों पर संक्षिप्त रिपोर्ट लिख सकते हैं।
- एक फलदार पौधा लगाना।
क्षेत्र में जल प्रदूषण।
- वनों का संरक्षण तथा ग्रीनहाउस प्रभाव
नोट- उपरोक्त के समान कोई अन्य गतिविधि भी चुनी जा सकती है।
प्रोजेक्ट कार्य-1
- (क) महिलाओं, बुजुर्गों, बच्चों एवं दिव्यांगों की सुरक्षा से सम्बन्धित प्रोजेक्ट कार्य।
- (ख) वर्तमान समस्या-जैसे यातायात सुरक्षा, महिलाओं की सुरक्षा, दिव्यांगजनों की सुरक्षा से सम्बन्धित कुछ घटनाओं को एकत्रित कर उसे लिखना तथा समस्या से बचाव हेतु सुझाव लिखना, तथा सरकारी हेल्पलाइनों की जानकारी प्राप्त करना।
- (ग) भारत के स्वाधीनता संग्राम में महिलाओं के योगदान की सूची बनाना।
- (घ) भूगोल में स्थानीय पर्यावरणीय समस्याओं की सूची बनाना तथा निदान के उपाय ढूँढना।
- (ङ) स्थानीय स्तर पर दिव्यांगों, एवं वृद्धों की सूची बनवाना तथा उनकी व्यक्तिगत समस्याओं को समझना और उसे लिपिबद्ध करना।
- (च) नगरों में वर्तमान पर्यावरणीय समस्याओं की सूची बनाना तथा उससे बचने के कुछ उपाय लिखना आदि।
- (छ) नगरों में बुजुर्ग दम्पत्तियों के साथ होने वाली कुछ घटनाओं का उल्लेख एवं बचाव के उपाय लिखना आदि।
- लोकप्रिय संघर्ष तथा आन्दोलन।
नोट-शिक्षक अपने विवेकानुसार पाठ्यक्रम से संबंधित प्रोजेक्ट छात्र / छात्रा को दे सकते हैं। प्रोजेक्ट कार्य हेतु अंक वितरण :
- विषयवस्तु की मौलिकता तथा उसकी शुद्धता 1 अंक
- प्रस्तुतीकरण तथा रचनात्मकता 1 अंक
- प्रोजेक्ट पूरा करने की प्रक्रिया
– पहल करना, सहयोगिता, सहभागिता तथा समयबद्धता 1 अंक
- विषयवस्तु आत्मसात करने हेतु मौखिक अथवा लिखित परीक्षा 2 अंक
शैक्षिक सत्र 2026-27 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन- 30 अंक
- प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन - (प्रोजेक्ट कार्य / गतिविधि) अगस्त माह 10 अंक
- द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन —(प्रोजेक्ट कार्य / गतिविधि) दिसम्बर माह 10 अंक
- तृतीय आन्तरिक मूल्यांकन-(चार यूनिट टेस्ट आधारित) 10 अंक
- प्रथम यूनिट टेस्ट (MCQ आधारित) जुलाई द्वितीय सप्ताह 20 अंक (10 अंक ग्रीष्मावकाश ग्रहकार्य + 10 अंक यूनिट टेस्ट)
- द्वितीय यूनिट टेस्ट (वर्णनात्मक प्रश्न आधारित) अगस्त अन्तिम सप्ताह 20 अंक
- तृतीय यूनिट टेस्ट (MCQ आधारित) नवम्बर अन्तिम सप्ताह 20 अंक
- चतुर्थ यूनिट टेस्ट (वर्णनात्मक प्रश्न आधारित) 20 अंक
नोट:-चारों यूनिट टेस्ट के प्राप्तांकों के योग को 10 अंक में परिवर्तित किया जाय।
Frequently asked questions
What is the total marks for Class 10 Social Science in UP Board for 2026-27?
The total marks for Class 10 Social Science in UP Board for the 2026-27 session is 100, comprising a 70-mark written paper and a 30-mark project work.
How is the Social Science syllabus divided for Class 10 UP Board?
The syllabus is divided into four main units: History (India and the Contemporary World-II), Geography (Contemporary India-II), Civics (Democratic Politics-II), and Economics (Understanding Economic Development).
What are the main topics covered in the History section of the UP Board Class 10 Social Science syllabus?
The History section covers topics like the Rise of Nationalism in Europe, Nationalism in India, The Making of a Global World, and The Age of Industrialisation.
What is the weightage of the written paper and project work in Class 10 Social Science?
The written paper carries 70 marks, and the project work carries 30 marks.
Which units carry the highest marks in the written paper?
History (India and the Contemporary World-II) and Geography (Contemporary India-II) each carry 20 marks, followed by Civics (Democratic Politics-II) and Economics (Understanding Economic Development) with 15 marks each.
Are there any specific map work requirements in the syllabus?
Yes, there is map work included in both the History and Geography sections, with 5 marks allocated for map work in each.
What kind of activities are included in the project work for Class 10 Social Science?
Project work can include activities like collecting information on regional attire and rural buildings, writing reports on changes in farming methods, planting a fruit tree, studying water pollution, or conservation of forests.
Important topics
Topics covered
UP Board (UPMSP) Class 10 Syllabus ? Social Science. Last updated 10 Aug 2026.