कक्षा 10 संस्कृत सिलेबस 2026-27 UP Board
शैक्षिक सत्र 2026-27 के लिए UP Board कक्षा 10 संस्कृत का विस्तृत सिलेबस प्रस्तुत है। इस पाठ्यक्रम में 100 अंकों का पूर्णांक है, जिसमें 70 अंकों की लिखित परीक्षा और 30 अंकों का आंतरिक मूल्यांकन शामिल है। लिखित परीक्षा में 20 अंक वस्तुनिष्ठ और 50 अंक वर्णनात्मक प्रश्नों के लिए निर्धारित हैं। सिलेबस को मुख्य रूप से खंड क (गद्य, पद्य, आशुपाठ) और खंड ख (व्याकरण, अनुवाद, रचना) में विभाजित किया गया है, जिसमें प्रत्येक खंड 35 अंकों का है। यह दस्तावेज़ गद्य, पद्य, व्याकरण के विभिन्न उप-विषयों, अनुवाद, रचना और निर्धारित पाठ्यपुस्तकों की सूची का विस्तृत विवरण प्रदान करता है।
Read online
Read page by page below. Official UP Board PDF — no download button on this page.
Quick info
| Board | UP Board |
|---|---|
| Class | 10 |
| Subject | संस्कृत |
| Session | 2026-27 |
| Language | Hindi |
| PDF type | Syllabus |
| Total marks | 100 |
| Theory marks | 70 |
| Internal assessment | 30 |
| Last updated | 2026-08-10 |
लिखित परीक्षा में 20 अंक के वस्तुनिष्ठ प्रश्न एवं 50 अंक के वर्णनात्मक प्रश्न होंगे।
Syllabus ? full document text
शैक्षिक सत्र-2026-27
विषय—संस्कृत
कक्षा-10
पूर्णांक 100
इस विषय में 70 अंक की लिखित परीक्षा होगी तथा 30 अंकों का आन्तरिक मूल्यांकन विद्यालय स्तर पर
किया जायेगा। पाठ्यक्रम के आधार पर 20 अंक के वस्तुनिष्ठ प्रश्न एवं 50 अंक के वर्णनात्मक प्रश्न होंगे। खण्ड क (गद्य, पद्य आशुपाठ) 35 अंक गद्य 11 अंक
- गद्य–खण्ड का हिन्दी में अनुवाद 4 अंक
- पाट-सारांश 4 अंक
- बहुविकल्पीय प्रश्न <math>1x3 = 3</math> अंक
पद्य 15 अंक
- श्लोक की हिन्दी में व्याख्या 4 अंक
- सूक्ति की हिन्दी में व्याख्या 3 अंक
- किसी एक श्लोक का संस्कृत में अर्थ 4 अंक
- बहुविकल्पीय प्रश्न <math>1x4 = 4</math> अंक
आशुपाट— 9 अंक
- पात्र चरित्र-चित्रण (हिन्दी में) 4 अंक
- लघु उत्तरीय प्रश्न (संस्कृत में) 2 अंक
- बहुविकल्पीय प्रश्न <math>1x3 = 3</math> अंक 35 अंक व्याकरण–
- प्रत्याहारों का सामान्य परिचय एवं वर्णों का उच्चारण स्थान 2 अंक
- सन्धि 2 अंक
- हल् सन्धि– मोऽनुस्वारः, अनुस्वारस्य ययि परसवर्णः।
- विसर्ग सन्धि-विसर्जनीयस्य सः, ससजुषो रुः, अतो रोरप्लुतादप्लुते, हिश च।
- शब्द रूप- 2 अंक अ—पुंलिङ्ग—पितृ, भगवत्, गो, करिन्, राजन्।
- ब-स्त्रीलिङ्ग-नदी, धेनु, वधू, सरित्।
- स-नपुंसकलिङ्ग-वारि, मधु, नामन्, मनस्, किम्, यद्, अदस्।
- धातुरूप--(लट्, लृट्, लोट्, लङ् तथा विधिलिङ् लकारों में)- 2 अंक अ-परस्मैपद-भू, पा, वस्, स्था, नश्, आप्, इष्।
- ब–आत्मनेपद–वृध्, जन्।
- स–उभयपद–नी, दा, ज्ञा, चुर्।
- समास--समासों के विग्रह सहित उदाहरण- 2 अंक अव्ययीभाव, द्विगु, बहुव्रीहि।
- कारक-विभक्ति-निम्न सूत्रों के आधार पर कारक-विभक्ति ज्ञान एवं प्रयोग 2 अंक कर्तुरीप्सिततमं कर्म, कर्मणि द्वितीया, साधकतमं करणम्, कर्तृकरणयोस्तृतीया, कर्मणा यमभिप्रैति स सम्प्रदानम्, चतुर्थी सम्प्रदाने, ध्रुवमपायेऽपादानम्, अपादाने पंचमी, आधारोऽधिकरणम्, सप्तम्यधिकरणे च।
- प्रत्यय–क्त, क्तवतु, क्तिन्, क्त्वा, ल्यप्, शत्, शानच्, तुमुन्, मतुप्, ठक्, त्व, तल् टाप्, अनीयर्, इन्,। 2 अंक
- वाच्य- परिवर्तन। 3 अंक अनुवाद–
- हिन्दी वाक्यों का संस्कृत में अनुवाद (तीन वाक्य) 2x3=6 अंक रचना–
- संस्कृत निबन्ध (कम से कम आठ वाक्य) 8 अंक
- संस्कृत पदों का वाक्यों में प्रयोग। 2x2= 4 अंक
निर्धारित पाठ्य-पुस्तक
निम्नलिखित पाठ्य-पुस्तकों के सम्मुख अंकित पाठ्यवस्तु (माध्यमिक शिक्षा परिषद् द्वारा निर्धारित अंश / पाठ का अध्ययन करना होगा)-
- संस्कृत व्याकरण-1-प्रत्याहारों का सामान्य परिचय एवं उच्चारण स्थान।
2-सिन्ध-व्यंजन एवं विसर्ग सिन्धियों का परिचय एवं अभ्यास।
- समास-अव्ययीभाव, द्विगु, बहुव्रीहि।
- कारक एवं विभक्ति परिचय।
- वाच्य—परिवर्तन।
- अनुवाद-
- क-सामान्य नियमों सहित अभ्यास।
- ख–कारक एवं विभक्ति ज्ञान।
- ग–अनुवाद अभ्यास।
- प्रत्यय। 8-शब्दरूप-संज्ञा, सर्वनाम तथा संख्या वाचक शब्दों के तीनों लिङ्गों में रूप।
9-धातुरूप-परस्मैपद, आत्मनेपद तथा उभयपद में धातुओं के रूप।
- संस्कृत पदों का वाक्यों में प्रयोग।
- संस्कृत में निबन्ध-
- विद्या
- सदाचारः
- परोपकारः
- सत्संगतिः
- अहिंसा परमो धर्मः
- मातृभूमिः
- वसुधैव कुटुम्बकम्
- राष्ट्रिया एकता
- अनुशासनम्
- राष्ट्रपिता महात्मा गांधी
- संस्कृतभाषायाः महत्त्वम्
- भारतीयकृषकः
- हिमालयः
- तीर्थराजप्रयागः
- वनसम्पत्
- पर्यावरणम् 17 परिवारकल्याणम् 18 राष्ट्रियपक्षिमयूरः 19 यौतुकम्
- दूरदर्शनम्
- क्रिकेटक्रीडनम्
- जनसङ्ख्या
- यातायात सुरक्षा
- स्वास्थ्य-शिक्षा
संस्कृत गद्य भारती संस्कृत साहित्य पर एक दृष्टि
वैदिक मङ्लाचरणम्
- कविकुलगुरुः कालिदासः
- उद्भिज्ज-परिषद्
- नैतिकमूल्यानि
- विश्वकविः रवीन्द्रः
- कार्यं वा साधयेयं देहं वा पातयेयम्
- आदिशंकराचार्यः
- संस्कृतभाषायाः गौरवम्
- मदनमोहनमालवीयः
- जीवनं निहितं वने
- लोकमान्यःतिलकः
- गुरुनानकदेवः
- दीनबन्धुः ज्योतिबाफुले संस्कृत पद्य पीयूषम्—
- लक्ष्य-वेध-परीक्षा
- वृक्षाणां चेतनत्वम
- सूक्ति-सुधा
- क्षान्तिसौख्यम्
- विद्यार्थिचर्या
- गीतामृतम्
- जीव्याद् भारतवर्षम् संस्कृत कथा नाटक कौमुदी-
- महात्मनः संस्मरणानि
- कारुणिको जीमूतवाहनः
- धैर्यधनाः हि साधवः
- यौतुकः पापसञ्चयः
- भोजस्य शल्यचिकित्सा
- ज्ञानं पूततरं सदा
- वयं भारतीयाः
शैक्षिक सत्र 2026-27 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन- 30 अंक
- प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन-(मौखिकी-संस्कृत में आत्म-परिचय, प्रश्नोत्तर, कण्ठस्थ श्लोकों का सस्वर पाठ) अगस्त माह 10 अंक
- द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन -(प्रोजेक्ट कार्य) दिसम्बर माह 10 अंक
- तृतीय आन्तरिक मूल्यांकन-(चार यूनिट टेस्ट आधारित) 10 अंक
- प्रथम यूनिट टेस्ट (MCQ आधारित) जुलाई द्वितीय सप्ताह 20 अंक (10 अंक ग्रीष्मावकाश गृहकार्य + 10 अंक यूनिट टेस्ट)
- द्वितीय यूनिट टेस्ट (वर्णनात्मक प्रश्न आधारित) अगस्त अन्तिम सप्ताह 20 अंक
- तृतीय यूनिट टेस्ट (MCQ आधारित) नवम्बर अन्तिम सप्ताह 20 अंक
- चतुर्थ यूनिट टेस्ट (वर्णनात्मक प्रश्न आधारित) दिसम्बर अन्तिम सप्ताह 20 अंक नोट:-चारों यूनिट टेस्ट के प्राप्तांकों के योग को 10 अंक में परिवर्तित किया जाय।
Frequently asked questions
कक्षा 10 संस्कृत के लिए कुल अंक कितने हैं?
कक्षा 10 संस्कृत के लिए कुल अंक 100 हैं, जिसमें 70 अंक की लिखित परीक्षा और 30 अंक का आंतरिक मूल्यांकन शामिल है।
लिखित परीक्षा में वस्तुनिष्ठ और वर्णनात्मक प्रश्नों का अंक विभाजन क्या है?
लिखित परीक्षा में 20 अंक के वस्तुनिष्ठ प्रश्न और 50 अंक के वर्णनात्मक प्रश्न होंगे।
खंड क (गद्य, पद्य, आशुपाठ) के अंतर्गत कितने अंक के प्रश्न पूछे जाएंगे?
खंड क के अंतर्गत गद्य, पद्य और आशुपाठ से कुल 35 अंकों के प्रश्न पूछे जाएंगे।
खंड ख (व्याकरण, अनुवाद, रचना) के अंतर्गत कितने अंक के प्रश्न पूछे जाएंगे?
खंड ख के अंतर्गत व्याकरण, अनुवाद और रचना से कुल 35 अंकों के प्रश्न पूछे जाएंगे।
संस्कृत में कौन-कौन से प्रमुख व्याकरणिक विषय शामिल हैं?
संस्कृत व्याकरण में प्रत्याहार, उच्चारण स्थान, सन्धि (हल् और विसर्ग), शब्द रूप, धातुरूप, समास, कारक-विभक्ति और प्रत्यय शामिल हैं।
अनुवाद और रचना खंड में कितने अंक निर्धारित हैं?
अनुवाद खंड में 6 अंक और रचना खंड में 12 अंक (8 अंक निबंध और 4 अंक वाक्यों में प्रयोग) निर्धारित हैं।
आंतरिक मूल्यांकन के लिए कौन-कौन से घटक हैं?
आंतरिक मूल्यांकन में मौखिकी (आत्म-परिचय, प्रश्नोत्तर, श्लोक पाठ), प्रोजेक्ट कार्य और चार यूनिट टेस्ट शामिल हैं, जो कुल 30 अंक के हैं।
Important topics
Topics covered
UP Board (UPMSP) Class 10 Syllabus ? Sanskrit. Last updated 10 Aug 2026.