कक्षा 9 हिंदी स्पर्श NCERT समाधान: पाठ 8 - शुक्रतारे के सामने

NCERT Solutions PDF Class 9 PDF

यह पृष्ठ कक्षा 9 के हिंदी स्पर्श पुस्तक के पाठ 8, 'शुक्रतारे के सामने' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। यह पाठ महात्मा गांधी के सहयोगी महादेव देसाई के जीवन और गांधीजी के साथ उनके गहरे संबंध पर केंद्रित है। समाधानों में महादेव भाई द्वारा स्वयं को गांधीजी का 'हम्माल' और 'पीर-बावर्ची-भिश्ती-खर' कहना, 'यंग इंडिया' में लेखों की कमी के कारण, और गांधीजी द्वारा उन्हें अपना वारिस घोषित करना जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं को शामिल किया गया है। इसमें महादेव भाई की दिनचर्या, उनकी साहित्यिक देन, और उनकी आकस्मिक मृत्यु के कारणों पर भी प्रकाश डाला गया है। ये समाधान छात्रों को पाठ की गहरी समझ विकसित करने और परीक्षा की तैयारी में मदद करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 9
Subjectस्पर्श
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter8. स्वामी आनंद - शुक्रतारे के सामने

Chapter summary

कक्षा 9 हिंदी स्पर्श के पाठ 8 'शुक्रतारे के सामने' के ये NCERT समाधान महादेव देसाई और महात्मा गांधी के बीच के अनूठे रिश्ते को उजागर करते हैं। समाधान महादेव भाई के बहुआयामी व्यक्तित्व, उनकी गांधीजी के प्रति निष्ठा, और उनके द्वारा 'यंग इंडिया' जैसे प्रकाशनों में दिए गए योगदान की व्याख्या करते हैं। पाठ के प्रश्नों के उत्तर महादेव भाई की दिनचर्या, उनकी साहित्यिक कृतियों, और उनकी असामयिक मृत्यु के कारणों पर केंद्रित हैं, जो छात्रों को उस युग और गांधीवादी आंदोलन की बारीकियों को समझने में सहायता करते हैं।

Learning outcomes

  • महादेव देसाई के गांधीजी के प्रति समर्पण को समझना।
  • महादेव देसाई के विभिन्न कार्यों और जिम्मेदारियों का विश्लेषण करना।
  • गांधीजी के जीवन में महादेव देसाई के महत्व को पहचानना।
  • महादेव देसाई की साहित्यिक और अनुवादिक उपलब्धियों का वर्णन करना।
  • महादेव देसाई की आकस्मिक मृत्यु के कारणों का अध्ययन करना।

Topics covered

Paper topics

  • महादेव देसाई का परिचय
  • गांधीजी के साथ महादेव देसाई का संबंध
  • 'यंग इंडिया' का प्रकाशन
  • महादेव देसाई की कार्यशैली
  • महादेव देसाई का आत्म-परिचय
  • महादेव देसाई की दिनचर्या
  • महादेव देसाई की साहित्यिक देन
  • 'सत्य के प्रयोग' का अनुवाद
  • महादेव देसाई की आकस्मिक मृत्यु
  • गांधीजी का महादेव देसाई के प्रति स्नेह

Important topics

  • महादेव देसाई का गांधीजी के लिए महत्व
  • गांधीजी द्वारा महादेव देसाई को 'वारिस' कहना
  • महादेव देसाई की बहुमुखी प्रतिभा और कार्यक्षमता
  • महादेव देसाई की साहित्यिक योगदान
  • महादेव देसाई की दिनचर्या और उसका प्रभाव

PDF preview

Read page by page below. PDF is streamed from the official NCERT website — no download button on this page.

Loading document …
Page of
Loading page …

Questions and Solutions

प्रश्न 1

महादेव भाई अपना परिचय किस रूप में देते थे?
Solution: महादेव भाई अपना परिचय महात्मा गांधी के 'हम्माल' (बोझ ढोने वाले) और 'पीर-बावर्ची-भिश्ती-खर' (सभी प्रकार के काम सफलतापूर्वक करने वाले) के रूप में देते थे। यह उपाधि उनकी गांधीजी के प्रति असीम निष्ठा और उनके सभी कार्यों को कुशलतापूर्वक संपन्न करने की क्षमता को दर्शाती थी।

प्रश्न 2

'यंग इंडिया' साप्ताहिक में लेखों की कमी क्यों रहने लगी थी?
Solution: 'यंग इंडिया' साप्ताहिक में लेखों की कमी इसलिए रहने लगी थी क्योंकि इसके मुख्य लेखक, हार्नीमैन, को गांधीजी का अनुयायी होने के कारण देश निकाला दे दिया गया था और वे इंग्लैंड चले गए थे। उनके जाने से प्रकाशन के लिए सामग्री की कमी हो गई थी।

प्रश्न 3

गांधीजी ने 'यंग इंडिया' प्रकाशित करने के विषय में क्या निश्चय किया?
Solution: गांधीजी ने यह निश्चय किया कि 'यंग इंडिया' अब हफ्ते में दो बार प्रकाशित होगा। यह निर्णय इसलिए लिया गया क्योंकि सत्याग्रह आंदोलन में व्यस्तता के कारण गांधीजी का कार्यभार बहुत बढ़ गया था और वे चाहते थे कि आंदोलन से संबंधित जानकारी नियमित रूप से पाठकों तक पहुंचे।

प्रश्न 4

गांधीजी से मिलने से पहले महादेव भाई कहाँ नौकरी करते थे?
Solution: गांधीजी से मिलने आने से पहले, महादेव भाई अंग्रेजी सरकार के अनुवाद विभाग में नौकरी करते थे। इसके अतिरिक्त, उन्होंने अहमदाबाद में वकालत का कार्य भी शुरू कर दिया था, जो उनकी बहुमुखी प्रतिभा को दर्शाता है।

प्रश्न 5

महादेव भाई के झोलों में क्या भरा रहता था?
Solution: महादेव भाई के झोलों में हमेशा ताजे से ताजे समाचार पत्र, विभिन्न मासिक पत्रिकाएँ, पत्र और पुस्तकें भरी रहती थीं। यह उनकी निरंतर अध्ययन की प्रवृत्ति और हर विषय पर जानकारी रखने की आदत को प्रदर्शित करता था।

प्रश्न 6

महादेव भाई ने गांधीजी की कौन-सी प्रसिद्ध पुस्तक का अनुवाद किया था?
Solution: महादेव भाई ने गांधीजी द्वारा लिखित उनकी प्रसिद्ध आत्मकथा 'सत्य के प्रयोग' (The Story of My Experiments with Truth) का अंग्रेजी में अनुवाद किया था। यह अनुवाद उनकी साहित्यिक योग्यता और गांधीजी के विचारों के प्रति उनकी गहरी समझ का प्रमाण है।

प्रश्न 7

अहमदाबाद से कौन-से दो साप्ताहिक निकलते थे?
Solution: अहमदाबाद से दो प्रमुख साप्ताहिक समाचार पत्र निकलते थे: (1) 'यंग इंडिया' और (2) 'नवजीवन'। ये दोनों ही प्रकाशन गांधीजी के विचारों और आंदोलनों को जन-जन तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते थे।

प्रश्न 8

महादेव भाई दिन में कितनी देर काम करते थे?
Solution: महादेव भाई अत्यंत परिश्रमी थे और दिन में लगभग 17-18 घंटे काम करते थे। वे अक्सर रात होने तक काम करते रहते थे और उनकी कार्यक्षमता इतनी अधिक थी कि वे चार घंटे का काम केवल एक घंटे में पूरा कर लेते थे।

प्रश्न 9

महादेव भाई से गांधीजी की निकटता किस वाक्य से सिद्ध होती है?
Solution: महादेव भाई से गांधीजी की निकटता इस बात से सिद्ध होती है कि उनकी मृत्यु के बाद भी गांधीजी जब कभी प्यारेलाल जी को बुलाते, तो उनके मुँह से अनायास ही 'महादेव' का नाम निकल पड़ता था। यह वाक्य, 'ए रे जख्म जोगे नहि जशे' (यह घाव कभी योग से भरेगा नहीं), गांधीजी के हृदय पर महादेव भाई की मृत्यु के गहरे प्रभाव को दर्शाता है।

प्रश्न 10

गांधीजी ने महादेव को अपना वारिस कब कहा था?
Solution: गांधीजी ने महादेव भाई को अपना वारिस सन 1919 में कहा था। यह तब हुआ जब वे जलियाँवाला बाग हत्याकांड के बाद पंजाब जा रहे थे और पलवल रेलवे स्टेशन पर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था। इस घटना के समय गांधीजी ने महादेव भाई को अपने उत्तराधिकारी के रूप में पहचाना और यह बात पूरे देश में फैल गई, जिससे वे सबके लाडले बन गए।

प्रश्न 11

गाँधीजी से मिलने आनेवालों के लिए महादेव भाई क्या करते थे?
Solution: गांधीजी से मिलने आने वाले आगंतुकों से महादेव भाई स्वयं मिलते थे। वे उनकी समस्याओं को धैर्यपूर्वक सुनते थे, उनकी बातों का संक्षिप्त सार तैयार करते थे और फिर उसे गांधीजी के समक्ष प्रस्तुत करते थे। इसके उपरांत, वे आगंतुकों को गांधीजी से व्यक्तिगत मुलाकात भी करवाते थे, जिससे आगंतुकों को सुविधा होती थी और गांधीजी का समय भी बचता था।

प्रश्न 12

महादेव भाई की साहित्यिक देन क्या है?
Solution: महादेव भाई की साहित्यिक देन अत्यंत महत्वपूर्ण है। वे देश-विदेश के प्रमुख समाचार-पत्रों में गांधीजी की दैनिक गतिविधियों पर गहन टीका-टिप्पणी करते थे। उन्होंने गांधीजी की आत्मकथा 'सत्य का प्रयोग' का अंग्रेजी में अनुवाद किया। इसके अतिरिक्त, वे प्रतिदिन डायरी लिखते थे, जिसकी डायरी और अनगिनत अभ्यास पुस्तकें आज भी उपलब्ध हैं। उन्होंने शरद बाबू और रवींद्रनाथ टैगोर जैसी हस्तियों की कहानियों का भी अनुवाद किया और 'यंग इंडिया' में प्रभावशाली लेख लिखे।

प्रश्न 13

महादेव भाई की अकाल मृत्यु का कारण क्या था?
Solution: महादेव भाई की अकाल मृत्यु का मुख्य कारण उनकी अत्यधिक कार्यशीलता और उसके कारण स्वास्थ्य पर पड़ा बुरा प्रभाव था। वे प्रतिदिन वर्धा की असहनीय गर्मी में मगनवाडी से पैदल चलकर सेवाग्राम पहुँचते थे और शाम को वापस लौटते थे। यह लगभग 11 मील की दैनिक पैदल यात्रा, विशेषकर गर्मी के मौसम में, उनके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक सिद्ध हुई और अंततः उनकी आकस्मिक मृत्यु का कारण बनी।

Common mistakes

  • महादेव भाई द्वारा स्वयं के परिचय को सतही तौर पर समझना।
  • 'यंग इंडिया' के प्रकाशन में समस्या के मूल कारण को न समझ पाना।
  • गांधीजी द्वारा महादेव भाई को 'वारिस' कहने के संदर्भ को गलत समझना।
  • महादेव भाई की दिनचर्या की कठिनाइयों को कम आंकना।

Revision tips

  • महादेव भाई और गांधीजी के बीच के भावनात्मक जुड़ाव को दर्शाने वाले वाक्यों पर विशेष ध्यान दें।
  • महादेव भाई द्वारा निभाई गई विभिन्न भूमिकाओं (जैसे अनुवादक, लेखक, सहायक) को सूचीबद्ध करें।
  • उनकी दिनचर्या और उसके स्वास्थ्य पर पड़े प्रभाव को समझें।
  • पाठ में उल्लिखित 'यंग इंडिया' और 'सत्य के प्रयोग' के संदर्भों को याद रखें।

Practice MCQs

Q1. महादेव भाई अपना परिचय किस रूप में देते थे?

Q2. 'यंग इंडिया' साप्ताहिक में लेखों की कमी का मुख्य कारण क्या था?

Q3. गांधीजी ने महादेव भाई को अपना वारिस कब कहा?

Q4. महादेव भाई के झोलों में सामान्यतः क्या भरा रहता था?

Q5. महादेव भाई ने गांधीजी की किस प्रसिद्ध पुस्तक का अंग्रेजी में अनुवाद किया?

Frequently asked questions

यह NCERT समाधान किस कक्षा और विषय के लिए है?

यह NCERT समाधान कक्षा 9 के हिंदी स्पर्श विषय के लिए है, विशेष रूप से पाठ 8 'शुक्रतारे के सामने' पर केंद्रित है।

यह समाधान किन मुख्य बिंदुओं को कवर करता है?

यह समाधान महादेव देसाई के गांधीजी के साथ संबंधों, उनके द्वारा स्वयं को 'हम्माल' कहना, 'यंग इंडिया' के प्रकाशन की समस्याएँ, उनकी दिनचर्या, साहित्यिक योगदान और उनकी आकस्मिक मृत्यु जैसे विषयों को कवर करता है।

महादेव भाई अपना परिचय किस अनूठे तरीके से देते थे?

महादेव भाई अपना परिचय गांधीजी के 'हम्माल' (बोझ ढोने वाले) और 'पीर-बावर्ची-भिश्ती-खर' (सभी प्रकार के काम करने वाले) के रूप में देते थे, जो उनकी सेवा भावना और कार्यकुशलता को दर्शाता था।

गांधीजी ने महादेव भाई को अपना वारिस कब और क्यों कहा?

गांधीजी ने 1919 में पलवल रेलवे स्टेशन पर गिरफ्तार होने के समय महादेव भाई को अपना वारिस कहा था, क्योंकि वे उन्हें अपने कार्यों के लिए सबसे योग्य और विश्वसनीय मानते थे।

महादेव भाई की मृत्यु का कारण क्या था?

महादेव भाई की मृत्यु का कारण उनकी अत्यधिक कार्यशीलता और गर्मी में प्रतिदिन लंबी दूरी तक पैदल चलने से स्वास्थ्य पर पड़ा बुरा प्रभाव था, जिससे वे अकाल मृत्यु के शिकार हुए।

Content reviewed by the NCERT Help team. Editorial Team and update policy

NCERT Solutions PDF PDF on NCERT Help. URL unchanged for search indexing.