कक्षा 8 सामाजिक विज्ञान: हमारी आपराधिक न्याय प्रणाली - NCERT समाधान

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यह पृष्ठ कक्षा 8 सामाजिक विज्ञान के अध्याय 6, 'हमारी आपराधिक न्याय प्रणाली' पर केंद्रित NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। यह अध्याय भारत की आपराधिक न्याय प्रणाली के कामकाज की पड़ताल करता है, जिसमें पुलिस, सरकारी वकील, बचाव पक्ष के वकील और न्यायाधीश जैसे प्रमुख व्यक्तियों की भूमिकाओं और जिम्मेदारियों पर प्रकाश डाला गया है। समाधान गवाहों, अभियुक्तों और हिरासत जैसी महत्वपूर्ण अवधारणाओं को स्पष्ट करते हैं। यह भी समझाया गया है कि क्यों पुलिस हिरासत में दिए गए इकबालिया बयानों को सबूत के तौर पर इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है, और गिरफ्तार व्यक्तियों के मौलिक अधिकारों पर प्रकाश डाला गया है, जिसमें गिरफ्तारी का कारण जानने और 24 घंटे के भीतर मजिस्ट्रेट के सामने पेश होने का अधिकार शामिल है। ये समाधान छात्रों को न्याय प्रणाली की जटिलताओं को समझने और परीक्षा की तैयारी में मदद करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 8
Subjectसामाजिक एवं राजनीतिक जीवन
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter6. हमारी अपराधिक न्याय प्रणाली

Chapter summary

कक्षा 8 के लिए 'हमारी आपराधिक न्याय प्रणाली' पर आधारित यह NCERT समाधान छात्रों को आपराधिक न्याय प्रक्रिया के आवश्यक घटकों से परिचित कराते हैं। इसमें पुलिस, सरकारी वकील, बचाव पक्ष के वकील और न्यायाधीश की भूमिकाओं की व्याख्या की गई है। समाधान गवाहों, अभियुक्तों और जिरह जैसी शब्दावली को भी स्पष्ट करते हैं। यह अध्याय पुलिस हिरासत के दौरान दिए गए बयानों की स्वीकार्यता और गिरफ्तार व्यक्ति के संवैधानिक अधिकारों पर भी जोर देता है। ये समाधान छात्रों को न्याय प्रणाली की कार्यप्रणाली की व्यापक समझ प्रदान करते हैं।

Learning outcomes

  • आपराधिक न्याय प्रणाली में शामिल प्रमुख व्यक्तियों की पहचान करना।
  • पुलिस, सरकारी वकील, बचाव पक्ष के वकील और न्यायाधीश की भूमिकाओं और जिम्मेदारियों को समझना।
  • गवाह, अभियुक्त और जिरह जैसी महत्वपूर्ण शब्दावली को परिभाषित करना।
  • पुलिस हिरासत में दिए गए बयानों की स्वीकार्यता के पीछे के तर्क को स्पष्ट करना।
  • गिरफ्तार व्यक्तियों के मौलिक अधिकारों को समझना।

Topics covered

Paper topics

  • आपराधिक न्याय प्रणाली
  • पुलिस की भूमिका
  • सरकारी वकील
  • बचाव पक्ष का वकील
  • न्यायाधीश
  • गवाह
  • आरोपी
  • जिरह
  • हिरासत
  • पुलिस हिरासत में बयान
  • गिरफ्तार व्यक्ति के अधिकार
  • प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR)

Important topics

  • आपराधिक न्याय प्रणाली के प्रमुख व्यक्ति और उनकी भूमिकाएँ
  • गवाह और जिरह की प्रक्रिया
  • पुलिस हिरासत में दिए गए बयानों की स्वीकार्यता
  • गिरफ्तार व्यक्ति के मौलिक अधिकार

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Questions and Solutions

प्रश्न 1

आपराधिक न्याय व्यवस्था में मुख्य लोग कौन होते है ?
Solution: आपराधिक न्याय व्यवस्था में चार मुख्य लोग होते हैं: पुलिस, सरकारी वकील, बचाव पक्ष का वकील और न्यायाधीश। ये सभी मिलकर यह सुनिश्चित करते हैं कि कानून का पालन हो और न्याय मिले।

प्रश्न 2

गवाह किसे कहते हैं ?
Solution: गवाह वह व्यक्ति होता है जिसे अदालत में किसी मामले के संबंध में अपनी गवाही देने के लिए बुलाया जाता है। गवाह वह जानकारी प्रदान करता है जो उसने स्वयं देखी, सुनी या जानी है, और जो मामले को समझने में सहायक होती है।

प्रश्न 3

आरोपी किसे कहते है ?
Solution: आरोपी वह व्यक्ति होता है जिस पर किसी अपराध का आरोप लगाया गया हो और जिसके खिलाफ अदालत में कानूनी कार्यवाही चल रही हो।

प्रश्न 4

जिरह क्या है ?
Solution: जिरह वह प्रक्रिया है जिसमें गवाह द्वारा अदालत में दिए गए बयान के बाद, दूसरे पक्ष का वकील उस गवाह से कुछ सवाल पूछता है। इन सवालों का उद्देश्य गवाह के पिछले बयानों की सत्यता की जांच करना या उसे गलत साबित करना होता है।

प्रश्न 5

हिरासत किसे कहते है ?
Solution: हिरासत का अर्थ है किसी व्यक्ति को पुलिस या किसी अन्य कानूनी प्राधिकारी द्वारा अपनी निगरानी या कब्जे में रखना, आमतौर पर किसी अपराध की जांच के संबंध में।

प्रश्न 6

पुलिस हिरासत के दौरान अपनी गलती मानते हुए आरोपी द्वारा दिए गए बयानों को उसके खिलाफ सबूत के तौर पर इस्तेमाल नहीं किया जा सकता ? क्यों ? स्पष्ट कीजिए।
Solution: पुलिस हिरासत के दौरान आरोपी द्वारा दिए गए बयानों को उसके खिलाफ सबूत के तौर पर इस्तेमाल नहीं किया जा सकता क्योंकि यह संभव है कि ऐसे बयान डर, दबाव या पुलिस द्वारा किसी प्रकार के बहकावे में दिए गए हों। भारतीय कानून यह सुनिश्चित करता है कि किसी भी व्यक्ति को खुद के खिलाफ गवाही देने के लिए मजबूर न किया जाए, इसलिए ऐसे बयानों को विश्वसनीय नहीं माना जाता है।

प्रश्न 7

आपराधिक न्याय व्यवस्था में मुख्य कौन कौन से लोग होते हैं ?
Solution: आपराधिक न्याय व्यवस्था में मुख्य रूप से चार अधिकारी होते हैं: पुलिस, सरकारी वकील, बचाव पक्ष का वकील और न्यायाधीश। ये सभी न्याय प्रक्रिया के विभिन्न चरणों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

प्रश्न 8

आपराधिक न्याय व्यवस्था में पुलिस का क्या कार्य है ?
Solution: आपराधिक न्याय व्यवस्था में पुलिस के मुख्य कार्य निम्नलिखित हैं:
  1. एफ. आई. आर. दर्ज करना: किसी अपराध की सूचना मिलने पर पहली औपचारिक रिपोर्ट दर्ज करना।
  2. जांच करना और सबूत इकट्ठा करना: अपराध के संबंध में प्राप्त शिकायतों की जांच करना और घटना स्थल से संबंधित साक्ष्य जुटाना।
  3. आरोपपत्र दाखिल करना: यदि जुटाए गए सबूतों से आरोपी का अपराध सिद्ध होता प्रतीत होता है, तो पुलिस अदालत में आरोपपत्र (चार्जशीट) दाखिल करती है।

प्रश्न 9

एफ॰ आई॰ आर॰ का पूरा नाम लिखिए |
Solution: एफ. आई. आर. का पूरा नाम प्रथम सूचना रिपोर्ट (First Information Report) है। यह किसी संज्ञेय अपराध की सूचना मिलने पर पुलिस द्वारा दर्ज की जाने वाली पहली लिखित रिपोर्ट होती है।

प्रश्न 10

संविधान के अनुच्छेद 22 और फौजदारी कानून में प्रत्येक गिरफ्तार व्यक्ति को कौन कौन से मौलिक अधिकार दिए गए हैं ?
Solution: संविधान के अनुच्छेद 22 और फौजदारी कानून के तहत प्रत्येक गिरफ्तार व्यक्ति को निम्नलिखित मौलिक अधिकार प्राप्त हैं:
  1. गिरफ्तारी का कारण जानने का अधिकार: गिरफ्तार किए जा रहे व्यक्ति को यह जानने का पूरा अधिकार है कि उसे किस कारण से गिरफ्तार किया जा रहा है।
  2. 24 घंटे के भीतर मजिस्ट्रेट के सामने पेश होने का अधिकार: गिरफ्तारी के बाद, व्यक्ति को 24 घंटे के भीतर (यात्रा के समय को छोड़कर) एक मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाना चाहिए।
  3. दुर्व्यवहार या यातना से बचने का अधिकार: गिरफ्तारी के दौरान या हिरासत में रहते हुए किसी भी प्रकार के शारीरिक या मानसिक दुर्व्यवहार या यातना से बचने का अधिकार है।
  4. पुलिस हिरासत में इकबालिया बयान का गैर-इस्तेमाल: पुलिस हिरासत में दिए गए इकबालिया बयान को आरोपी के खिलाफ सबूत के तौर पर इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।
  5. विशेष सुरक्षा: 15 साल से कम उम्र के लड़कों और किसी भी महिला को केवल पूछताछ के लिए थाने में नहीं बुलाया जा सकता; उनकी पूछताछ के लिए विशेष प्रक्रियाएं होती हैं।

Common mistakes

  • पुलिस हिरासत में दिए गए बयानों की स्वीकार्यता के संबंध में गलतफहमी।
  • आपराधिक न्याय प्रणाली में विभिन्न हितधारकों की भूमिकाओं को भ्रमित करना।
  • गिरफ्तार व्यक्ति के अधिकारों को पूरी तरह से न समझना।

Revision tips

  • आपराधिक न्याय प्रणाली के प्रत्येक सदस्य की भूमिका को सूचीबद्ध करके याद करें।
  • गवाह, अभियुक्त और जिरह जैसी प्रमुख शब्दावली की परिभाषाओं को समझें।
  • पुलिस हिरासत में दिए गए बयानों के संबंध में नियम को विशेष रूप से याद रखें।
  • गिरफ्तार व्यक्ति के अधिकारों की सूची बनाएं और उन्हें समझें।

Practice MCQs

Q1. आपराधिक न्याय व्यवस्था में मुख्य रूप से कौन से चार लोग शामिल होते हैं?

Q2. जब किसी व्यक्ति को अदालत में यह बताने के लिए बुलाया जाता है कि उसने मामले के संबंध में क्या देखा, सुना या जाना है, तो उसे क्या कहा जाता है?

Q3. वह व्यक्ति जिस पर अदालत में किसी अपराध के लिए मुकदमा चल रहा है, उसे क्या कहते हैं?

Q4. जिरह की प्रक्रिया में क्या होता है?

Q5. पुलिस हिरासत के दौरान आरोपी द्वारा दिए गए बयानों को उसके खिलाफ सबूत के तौर पर इस्तेमाल क्यों नहीं किया जा सकता?

Frequently asked questions

आपराधिक न्याय प्रणाली में कौन-कौन मुख्य लोग होते हैं?

आपराधिक न्याय प्रणाली में मुख्य रूप से पुलिस, सरकारी वकील, बचाव पक्ष का वकील और न्यायाधीश शामिल होते हैं।

गवाह किसे कहा जाता है?

गवाह वह व्यक्ति होता है जिसे अदालत में यह बताने के लिए बुलाया जाता है कि उसने किसी मामले के संबंध में क्या देखा, सुना या जाना है।

क्या पुलिस हिरासत में आरोपी द्वारा दिए गए बयान को सबूत के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है?

नहीं, पुलिस हिरासत में दिए गए बयान को सबूत के तौर पर इस्तेमाल नहीं किया जा सकता क्योंकि यह डर या दबाव में लिया गया हो सकता है।

गिरफ्तार व्यक्ति के क्या अधिकार हैं?

गिरफ्तार व्यक्ति को गिरफ्तारी का कारण जानने, 24 घंटे के भीतर मजिस्ट्रेट के सामने पेश होने और दुर्व्यवहार से बचने का अधिकार है।

एफ. आई. आर. का पूरा नाम क्या है?

एफ. आई. आर. का पूरा नाम प्रथम सूचना रिपोर्ट (First Information Report) है।

जिरह क्या होती है?

जिरह वह प्रक्रिया है जिसमें दूसरे पक्ष का वकील गवाह से सवाल पूछकर उसके बयान की सत्यता की जांच करता है।

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