कक्षा 7 संस्कृत अध्याय 3: स्वावलम्बनम् NCERT समाधान
यह पृष्ठ कक्षा 7 के संस्कृत अध्याय 3, 'स्वावलम्बनम्' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। यह अध्याय छात्रों को आत्मनिर्भरता और अपने कार्यों को स्वयं करने के महत्व के बारे में सिखाता है। समाधानों में शब्दों के सही उच्चारण, प्रश्नों के उत्तर और चित्रों की गिनती के साथ संख्यावाचक शब्दों को लिखने का अभ्यास शामिल है। प्रत्येक प्रश्न का उत्तर स्पष्ट और संक्षिप्त रूप से दिया गया है, जिससे छात्रों को अवधारणाओं को समझने में आसानी हो। यह संसाधन परीक्षा की तैयारी और संस्कृत भाषा की गहरी समझ विकसित करने के लिए अत्यंत उपयोगी है।
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 7 |
| Subject | संस्कृत |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | 3. स्वावलम्बनम् |
Chapter summary
कक्षा 7 के संस्कृत अध्याय 3, 'स्वावलम्बनम्' के ये NCERT समाधान छात्रों को आत्मनिर्भरता के महत्व को समझने में मदद करते हैं। इसमें शब्दों के सही उच्चारण का अभ्यास, पाठ पर आधारित प्रश्नों के उत्तर और चित्रों की गिनती करके संख्यावाचक शब्दों को लिखने का अभ्यास शामिल है। यह अध्याय छात्रों को सिखाता है कि कैसे अपने दैनिक कार्यों में स्वयं पर निर्भर रहना चाहिए।
Learning outcomes
- संस्कृत शब्दों का सही उच्चारण करना सीखना।
- स्वावलंबन के महत्व को समझना।
- पाठ पर आधारित प्रश्नों के उत्तर देना।
- संख्यावाचक शब्दों का प्रयोग करके चित्रों की गिनती करना।
- संस्कृत में वाक्यों को समझना और बनाना।
Topics covered
Paper topics
- संस्कृत उच्चारण अभ्यास
- स्वावलंबन का अर्थ
- आत्मनिर्भरता का महत्व
- संख्यावाचक शब्द (20-50)
- प्रश्न और उत्तर
- पाठ बोध
Important topics
- स्वावलंबन का महत्व
- संख्यावाचक शब्दों का सही प्रयोग
- पाठ के मुख्य पात्रों और उनकी विशेषताओं को समझना
- संस्कृत वाक्यों का निर्माण
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Questions and Solutions
प्रश्न 1
विंशतिः त्रिंशत् चत्वारिंशत्
द्वाविंशतिः द्वात्रिंशत् द्विचत्वारिंशत्
चतुर्विंशतिः त्रयस्त्रिंशत् त्रयश्चत्वारिंशत्
पञ्चविंशतिः चुतस्त्रिंशत् चतुश्चत्वारिंशत्
अष्टाविंशतिः अष्टात्रिंशत् सप्तचत्वारिंशत्
नवविंशतिः नवत्रिंशत् पञ्चाशत्
यह प्रश्न उच्चारण अभ्यास के लिए है। विद्यार्थियों को इन संस्कृत शब्दों का स्वयं अभ्यास करना चाहिए। इन शब्दों का अर्थ है: 20 (विंशतिः), 30 (त्रिंशत्), 40 (चत्वारिंशत्), 22 (द्वाविंशतिः), 32 (द्वात्रिंशत्), 42 (द्विचत्वारिंशत्), 24 (चतुर्विंशतिः), 33 (त्रयस्त्रिंशत्), 43 (त्रयश्चत्वारिंशत्), 25 (पञ्चविंशतिः), 34 (चतुस्त्रिंशत्), 44 (चतुश्चत्वारिंशत्), 28 (अष्टाविंशतिः), 38 (अष्टात्रिंशत्), 47 (सप्तचत्वारिंशत्), 29 (नवविंशतिः), 39 (नवत्रिंशत्), 50 (पञ्चाशत्)।
प्रश्न 2
- कस्य भवने सर्वविधानि सुखसाधनानि आसन्?
- कस्य गृहे कोऽपि भृत्यः नास्ति?
- श्रीकण्ठस्य आतिथ्यम् के अकुर्वन्?
- सर्वदा कुत्र सुखम्?
- श्रीकण्ठः कृष्णमूर्तेः गृहं कदा अगच्छत्?
- कृष्णमूर्तेः कति कर्मकराः सन्ति?
- श्रीकण्ठस्य भवने सर्वविधानि सुखसाधनानि आसन्। (श्रीकंठ के भवन में सभी प्रकार के सुख-साधन थे।)
- कृष्णमूर्तेः गृहे कर्मकराः भृत्यः नास्ति। (कृष्णमूर्ति के घर में कोई नौकर या भृत्य नहीं था।)
- श्रीकण्ठस्य आतिथ्यम् कृष्णमूर्तेः पितरौ अकुर्वन्। (श्रीकंठ का आतिथ्य कृष्णमूर्ति के माता-पिता ने किया।)
- सर्वदा स्वावलम्बने सुखम्। (हमेशा आत्मनिर्भरता में ही सुख है।)
- श्रीकण्ठः कृष्णमूर्तेः गृहं प्रातः नववादने अगच्छत्। (श्रीकंठ कृष्णमूर्ति के घर प्रातः नौ बजे गया।)
- कृष्णमूर्तेः अष्टौ कर्मकराः सन्ति । (कृष्णमूर्ति के आठ नौकर हैं।)
प्रश्न 3
(चित्रों को गिनकर उनके नीचे संख्यावाचक शब्द लिखिए।)
यह प्रश्न चित्रों की गिनती पर आधारित है। में चित्र स्पष्ट न होने के कारण, यहाँ केवल प्रश्न का प्रारूप दिया गया है। विद्यार्थियों को दिए गए चित्रों को गिनना होगा और उनके नीचे संबंधित संख्यावाचक शब्द लिखना होगा। उदाहरण के लिए, यदि 20 चित्र हैं, तो 'विंशतिः' लिखा जाएगा। यदि 33 चित्र हैं, तो 'त्रयस्त्रिंशत्' लिखा जाएगा। यह अभ्यास छात्रों को संख्याओं और उनके संस्कृत नामों को याद रखने में मदद करता है।
Common mistakes
- संख्यावाचक शब्दों के उच्चारण में त्रुटियाँ।
- प्रश्नों के उत्तरों में व्याकरण संबंधी अशुद्धियाँ।
- स्वावलंबन के अर्थ को पूरी तरह न समझना।
Revision tips
- सभी नए संस्कृत शब्दों का उच्चारण बार-बार करें।
- प्रश्नों के उत्तरों को अपनी भाषा में लिखने का अभ्यास करें।
- चित्रों को देखकर संख्यावाचक शब्दों को लिखने का अभ्यास करें।
- स्वावलंबन के महत्व पर चर्चा करें।
Practice MCQs
Q1. श्रीकंठ के भवन में किस प्रकार की सुख-सुविधाएँ थीं?
Explanation: पाठ के अनुसार, श्रीकंठ के भवन में सभी प्रकार की सुख-सुविधाएँ उपलब्ध थीं।
Q2. कृष्णमूर्ति के घर में कौन नहीं था?
Explanation: कृष्णमूर्ति के घर में कोई भी नौकर या भृत्य (सेवक) नहीं था।
Q3. श्रीकंठ ने कृष्णमूर्ति के घर पर आतिथ्य सत्कार किससे करवाया?
Explanation: श्रीकंठ का आतिथ्य सत्कार कृष्णमूर्ति के माता-पिता ने किया था।
Q4. सर्वदा किसमें सुख होता है?
Explanation: पाठ के अनुसार, हमेशा स्वावलंबन (आत्मनिर्भरता) में ही सुख होता है।
Q5. श्रीकंठ कृष्णमूर्ति के घर कितने बजे गया?
Explanation: श्रीकंठ कृष्णमूर्ति के घर प्रातः नौ बजे गया था।
Frequently asked questions
यह NCERT समाधान किस कक्षा और विषय के लिए है?
यह NCERT समाधान कक्षा 7 के संस्कृत विषय के लिए है, विशेष रूप से अध्याय 3 'स्वावलम्बनम्' पर केंद्रित है।
'स्वावलम्बनम्' अध्याय का मुख्य विषय क्या है?
'स्वावलम्बनम्' अध्याय का मुख्य विषय आत्मनिर्भरता और अपने कार्यों को स्वयं करने का महत्व सिखाना है।
क्या इन समाधानों में उच्चारण अभ्यास शामिल है?
हाँ, इन समाधानों में दिए गए संस्कृत शब्दों के सही उच्चारण का अभ्यास शामिल है।
क्या इन समाधानों में चित्रों की गिनती का अभ्यास है?
हाँ, इन समाधानों में चित्रों की गिनती करके संख्यावाचक शब्दों को लिखने का अभ्यास भी शामिल है।
ये समाधान छात्रों की परीक्षा की तैयारी में कैसे मदद करते हैं?
ये समाधान अध्याय की अवधारणाओं को स्पष्ट करते हैं, महत्वपूर्ण प्रश्नों के उत्तर प्रदान करते हैं और अभ्यास के अवसर देते हैं, जिससे छात्रों को परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन करने में मदद मिलती है।
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