कक्षा 7 संस्कृत: अध्याय 12 विद्याधनम् NCERT समाधान
यह पृष्ठ कक्षा 7 के संस्कृत विषय के अध्याय 12, 'विद्याधनम्' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। यह अध्याय बताता है कि विद्या ही सच्चा धन है, जो किसी भी अन्य धन से श्रेष्ठ है। समाधानों में विद्या के महत्व, उसके गुणों और उसे प्राप्त करने के प्रयासों पर प्रकाश डाला गया है। इसमें छात्रों को सही कथनों की पहचान करने और विभिन्न शब्दों के लिंग, विभक्ति और वचन का विश्लेषण करने जैसे अभ्यास शामिल हैं। ये समाधान छात्रों को पाठ की गहरी समझ विकसित करने और परीक्षा की तैयारी में सहायता करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं।
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 7 |
| Subject | संस्कृत |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | 12. विद्याधनम् |
Chapter summary
कक्षा 7 के संस्कृत अध्याय 12 'विद्याधनम्' के NCERT समाधान विद्या को सर्वोपरि धन के रूप में प्रस्तुत करते हैं। यह अध्याय बताता है कि विद्या ही वास्तविक संपत्ति है जो राजाओं द्वारा भी पूजी जाती है और कभी चोरी नहीं जा सकती। समाधान छात्रों को पाठ के मुख्य संदेशों को समझने में मदद करते हैं, जिसमें सही कथनों की पहचान और व्याकरणिक विश्लेषण शामिल हैं।
Learning outcomes
- विद्या के महत्व को समझना।
- सत्य और असत्य कथनों में भेद करना सीखना।
- संस्कृत शब्दों के लिंग, विभक्ति और वचन का विश्लेषण करना।
- पाठ के व्याकरणिक पहलुओं का अभ्यास करना।
Topics covered
Paper topics
- विद्या का महत्व
- धन के प्रकार
- स्थायी धन
- आभूषण
- व्याकरणिक विश्लेषण
- लिंग
- विभक्ति
- वचन
- सत्य कथन
- अनुपयुक्त कथन
Important topics
- विद्या ही सच्चा धन है
- विद्या एक स्थायी आभूषण है
- विदेश में विद्या का महत्व
- संस्कृत शब्दों का लिंग, विभक्ति, वचन
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Questions and Solutions
प्रश्न 1
(क) विद्या राजाओं के बीच पूजी जाती है।
(ख) वाणी का आभूषण (विद्या) आभूषण नहीं है।
(ग) विद्या-धन सभी धनों में प्रधान है।
(घ) विदेश जाने पर विद्या बन्धुजन (साथी) नहीं होती है।
(ङ) सब कुछ छोड़कर विद्या के अधिकार (ज्ञान प्राप्ति) का प्रयास करो।
दिए गए कथनों का विश्लेषण इस प्रकार है:
- (क) विद्या राजसु पूज्यते। - आम् (यह कथन सत्य है क्योंकि विद्या का सम्मान सभी करते हैं, यहाँ तक कि राजा भी।)
- (ख) वाग्भूषणं भूषणं न। - न (यह कथन असत्य है। विद्या, जो वाणी का आभूषण है, वास्तव में एक स्थायी और महत्वपूर्ण आभूषण है।)
- (ग) विद्याधनं सर्वधनेषु प्रधानम्। - आम् (यह कथन सत्य है क्योंकि विद्या ही सबसे महत्वपूर्ण धन है जो कभी खोता नहीं।)
- (घ) विदेशगमने विद्या बन्धुजनः न भवति। - न (यह कथन असत्य है। विदेश जाने पर विद्या ही मनुष्य का सच्चा साथी और बन्धु होती है।)
- (ङ) सर्वं विहाय विद्याधिकारं कुरु। - आम् (यह कथन सत्य है। सभी अन्य सांसारिक मोह-माया को छोड़कर विद्या प्राप्त करने का प्रयास करना चाहिए।)
प्रश्न 2
पद: नरस्य, गुरूणाम्, केयूराः, कीर्तिम्, भूषणानि
दिए गए पदों का व्याकरणिक विश्लेषण इस प्रकार है:
| पद | लिङ्गम् (Gender) | विभक्तिः (Case) | वचनम् (Number) |
| नरस्य | पुँल्लिङ्गम् (Masculine) | षष्ठी (Genitive) | एकवचनम् (Singular) |
| गुरूणाम् | पुँल्लिङ्गम् (Masculine) | षष्ठी (Genitive) | बहुवचनम् (Plural) |
| केयूराः | पुँल्लिङ्गम् (Masculine) | प्रथमा (Nominative) | बहुवचनम् (Plural) |
| कीर्तिम् | स्त्रीलिङ्गम् (Feminine) | द्वितीया (Accusative) | एकवचनम् (Singular) |
| भूषणानि | नपुंसकलिङ्गम् (Neuter) | द्वितीया (Accusative) | बहुवचनम् (Plural) |
Common mistakes
- कथनों की सत्यता का गलत मूल्यांकन करना।
- शब्दों के लिंग, विभक्ति और वचन की पहचान में त्रुटियाँ करना।
Revision tips
- प्रत्येक कथन के औचित्य पर विचार करें।
- शब्दों के व्याकरणिक विश्लेषण का अभ्यास करें।
- विद्या के महत्व को अपने जीवन से जोड़कर देखें।
Practice MCQs
Q1. पाठ के अनुसार, कौन सा धन सभी धनों में प्रधान माना गया है?
Explanation: पाठ 'विद्याधनम्' स्पष्ट रूप से बताता है कि विद्या ही वह धन है जो सभी धनों में श्रेष्ठ और प्रधान है।
Q2. विद्या को किस प्रकार का आभूषण कहा गया है?
Explanation: पाठ के अनुसार, विद्या एक ऐसा आभूषण है जो कभी भी चोरी नहीं जा सकता, नष्ट नहीं हो सकता और न ही खो सकता है, इसलिए यह एक स्थायी आभूषण है।
Q3. विदेश जाने पर मनुष्य का साथी कौन होता है?
Explanation: पाठ में बताया गया है कि विद्या ही वह धन है जो विदेश जाने पर भी मनुष्य का सच्चा साथी बनती है।
Q4. 'नरस्य' शब्द में कौन सा लिंग, विभक्ति और वचन है?
Explanation: दिए गए समाधान के अनुसार, 'नरस्य' शब्द पुल्लिंग, षष्ठी विभक्ति और एकवचन का है।
Q5. 'भूषणानि' शब्द का लिंग, विभक्ति और वचन क्या है?
Explanation: समाधान के अनुसार, 'भूषणानि' शब्द नपुंसक लिंग, द्वितीया विभक्ति और बहुवचन का है।
Frequently asked questions
कक्षा 7 के संस्कृत अध्याय 12 'विद्याधनम्' में मुख्य रूप से क्या सिखाया गया है?
इस अध्याय में मुख्य रूप से विद्या के महत्व को समझाया गया है, यह बताया गया है कि विद्या ही सबसे बड़ा धन है जो कभी चोरी नहीं जा सकता और सभी धनों से श्रेष्ठ है।
क्या ये समाधान परीक्षा की तैयारी में मदद करेंगे?
हाँ, ये समाधान पाठ की गहरी समझ प्रदान करते हैं और व्याकरणिक अभ्यासों को हल करने में मदद करते हैं, जो परीक्षा की तैयारी के लिए महत्वपूर्ण हैं।
समाधानों में व्याकरणिक विश्लेषण का क्या महत्व है?
समाधानों में शब्दों के लिंग, विभक्ति और वचन का विश्लेषण छात्रों को संस्कृत व्याकरण की मूल बातें समझने और उन्हें लागू करने में मदद करता है।
विद्या को 'वाग्भूषणं' क्यों कहा गया है?
विद्या को 'वाग्भूषणं' (वाणी का आभूषण) इसलिए कहा गया है क्योंकि यह व्यक्ति के ज्ञान और अभिव्यक्ति को सुशोभित करती है, जिससे वह प्रभावशाली बनता है।
क्या इन समाधानों में सभी प्रश्नों के उत्तर दिए गए हैं?
हाँ, दिए गए स्रोत के अनुसार, सभी प्रश्नों के उत्तरों को स्पष्ट और विस्तृत रूप से समझाया गया है।
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