कक्षा 7 हमारा पर्यावरण: अध्याय 6 प्राकृतिक वनस्पति एवं वन्य जीवन NCERT समाधान

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यह पृष्ठ कक्षा 7 के छात्रों के लिए 'हमारा पर्यावरण' पुस्तक के अध्याय 6, 'प्राकृतिक वनस्पति एवं वन्य जीवन' पर केंद्रित NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। यह अध्याय पृथ्वी पर पाई जाने वाली विभिन्न प्रकार की प्राकृतिक वनस्पति, जैसे वन, घासस्थल और कांटेदार झाड़ियों के बारे में बताता है। इसमें उष्णकटिबंधीय सदाबहार वनों, पर्णपाती वनों, भूमध्यसागरीय वनस्पति, शंकुधारी वनों और टुंड्रा वनस्पति जैसे विभिन्न वनस्पति प्रदेशों का विस्तृत वर्णन है। साथ ही, यह अध्याय इन वनस्पतियों से जुड़े वन्य जीवन और उनके आवासों पर भी प्रकाश डालता है। समाधानों में तापमान और आर्द्रता जैसे कारकों का वनस्पति के विकास पर प्रभाव, विभिन्न प्रकार के वनों और घासस्थलों की विशेषताएँ, और वन्यजीवों के अनुकूलन के कारण शामिल हैं। ये विस्तृत और स्पष्ट समाधान छात्रों को परीक्षा की तैयारी में मदद करेंगे।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 7
Subjectहमारा पर्यावरण
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter6. प्राकृतिक वनस्पति एवं वन्य जीवन

Chapter summary

कक्षा 7 के 'हमारा पर्यावरण' पुस्तक के अध्याय 6 के ये NCERT समाधान प्राकृतिक वनस्पति और वन्य जीवन के महत्वपूर्ण पहलुओं को कवर करते हैं। इसमें विभिन्न वनस्पति प्रदेशों, जैसे वन, घासस्थल और झाड़ियों का वर्गीकरण, उनकी विशेषताएँ और भौगोलिक वितरण समझाया गया है। समाधान छात्रों को तापमान और आर्द्रता जैसे कारकों के प्रभाव, विभिन्न प्रकार के वनों (सदाबहार, पर्णपाती, शंकुधारी) और घासस्थलों (उष्णकटिबंधीय, शीतोष्ण) के बारे में बताते हैं। साथ ही, यह वन्यजीवों के अनुकूलन और उनके आवासों की सुरक्षा के महत्व पर भी प्रकाश डालता है।

Learning outcomes

  • वनस्पति के विकास को प्रभावित करने वाले कारकों को समझना।
  • वनस्पति की विभिन्न श्रेणियों (वन, घासस्थल, झाड़ियाँ) की पहचान करना।
  • विभिन्न प्रकार के वनों और घासस्थलों के भौगोलिक वितरण को जानना।
  • वन्यजीवों के अनुकूलन और उनके आवासों के महत्व को समझना।
  • विभिन्न जलवायु परिस्थितियों में उगने वाली वनस्पतियों के उदाहरण देना।

Topics covered

Paper topics

  • प्राकृतिक वनस्पति का अर्थ
  • वनस्पति के विकास को प्रभावित करने वाले कारक (तापमान, आर्द्रता)
  • वनस्पति की मुख्य श्रेणियाँ (वन, घासस्थल, कांटेदार झाड़ियाँ)
  • उष्णकटिबंधीय सदाबहार वन
  • उष्णकटिबंधीय पर्णपाती वन
  • भूमध्यसागरीय वनस्पति
  • शंक्धारी वन
  • टुंड्रा वनस्पति
  • घासस्थल (उष्णकटिबंधीय और शीतोष्ण)
  • वन्यजीव और उनके आवास
  • वन्यजीवों का अनुकूलन
  • वन संरक्षण का महत्व

Important topics

  • वनस्पति के विकास को प्रभावित करने वाले कारक
  • विभिन्न प्रकार के वन (सदाबहार, पर्णपाती, शंकुधारी)
  • घासस्थलों के प्रकार और वितरण
  • वन्यजीवों के अनुकूलन के कारण
  • विभिन्न वनस्पति प्रदेशों की विशेषताएँ

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Questions and Solutions

प्रश्न 1

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए:
  1. वनस्पति का विकास किन दो कारको पर निर्भर करता हैं?
Solution:

वनस्पति का विकास मुख्य रूप से दो प्रमुख जलवायु कारकों पर निर्भर करता है:

  1. तापमान: विभिन्न पौधों को उगने के लिए अलग-अलग तापमान की आवश्यकता होती है।
  2. आर्द्रता: हवा में नमी की मात्रा, जो वर्षा और वाष्पीकरण को प्रभावित करती है, वनस्पति के विकास के लिए महत्वपूर्ण है।

प्रश्न 1

  1. प्राकृतिक वनस्पति की तीन मुख्य श्रेणियाँ क्या हैं?
Solution:

प्राकृतिक वनस्पति को मुख्य रूप से तीन श्रेणियों में बाँटा जा सकता है:

  1. वन: जहाँ पेड़ों की सघनता अधिक होती है।
  2. घासस्थल: जहाँ मुख्य रूप से घास उगती है।
  3. कांटेदार झाड़ियाँ: जो शुष्क क्षेत्रों में पाई जाती हैं।

प्रश्न 1

  1. उष्णकटिबंधीय सदाबहार वन के दो दृढ़ काष्ठ वाले पेड़ो के नाम बताएँ।
Solution:

उष्णकटिबंधीय सदाबहार वन में पाए जाने वाले दो दृढ़ काष्ठ वाले पेड़ हैं:

  1. रोज़वुड (Rosewood)
  2. आबनूस (Ebony)

प्रश्न 1

  1. विश्व के किस भाग में उष्णकटिबंधीय पर्णपाती वन पाए जाते हैं?
Solution:

उष्णकटिबंधीय पर्णपाती वन विश्व के कई हिस्सों में पाए जाते हैं, जिनमें प्रमुख हैं:

  • भारत
  • उत्तरी आस्ट्रेलिया
  • मध्य अमेरिका के बड़े हिस्से

ये वन उन क्षेत्रों में होते हैं जहाँ मौसमी परिवर्तन स्पष्ट होते हैं, विशेषकर वर्षा ऋतु और शुष्क ऋतु का अंतर।

प्रश्न 1

  1. नींबू-वंश फल किस जलवायु में उगाए जाते हैं?
Solution:

नींबू-वंश (जैसे संतरा, नींबू) के फल भूमध्यसागरीय जलवायु में उगाए जाते हैं। इस जलवायु की विशेषता है:

  • गर्म और शुष्क ग्रीष्म ऋतुएँ
  • वर्षा वाली मृदु शीत ऋतुएँ

यह जलवायु इन फलों के विकास के लिए आदर्श होती है।

प्रश्न 1

  1. शंक्धारी वन के कोई चार उपयोग बताएँ।
Solution:

शंक्धारी वनों के चार प्रमुख उपयोग निम्नलिखित हैं:

  1. लुगदी निर्माण: इन वनों के वृक्षों की लकड़ी का उपयोग लुगदी बनाने के लिए किया जाता है, जो सामान्य और अखबारी कागज़ बनाने में काम आती है।
  2. माचिस निर्माण: शंक्धारी वृक्षों की लकड़ी माचिस की तीलियाँ बनाने के लिए उपयुक्त होती है।
  3. पैकिंग सामग्री: इन वनों से प्राप्त लकड़ी का उपयोग पैकिंग के बक्से बनाने में होता है।
  4. सजावटी सामान: इनसे विभिन्न प्रकार के सजावटी सामान भी बनाए जाते हैं।

प्रश्न 1

  1. विश्व के किन भागों में मौसमी घासस्थल पाए जाते हैं?
Solution:

मौसमी घासस्थल मुख्य रूप से निम्नलिखित क्षेत्रों में पाए जाते हैं:

  • महाद्वीपों के मध्य अक्षांशीय क्षेत्रों के भीतरी भाग।
  • उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में भी ये घासस्थल देखने को मिलते हैं।

ये घासस्थल मौसमी वर्षा और तापमान के अनुसार बदलते रहते हैं।

प्रश्न 2

सही उत्तर पर सही का निशान लगाइए:
  1. काई एवं लाईकेन पाए जाते हैं
Solution:

सही उत्तर है (ग) टुंड्रा वनस्पति में। काई (Mosses) और लाईकेन (Lichens) ठंडे और शुष्क क्षेत्रों, जैसे टुंड्रा प्रदेशों में पाए जाने वाले प्रमुख वनस्पति प्रकार हैं।

प्रश्न 2

  1. कांटेदार झाड़ी मिलती हैं
Solution:

सही उत्तर है (ख) गर्म एवं ठंडी रेगिस्तानी जलवायु में। कांटेदार झाड़ियाँ शुष्क और गर्म रेगिस्तानी जलवायु के लिए अनुकूलित होती हैं, जहाँ पानी की कमी होती है।

प्रश्न 2

  1. उष्णकटिबंधीय सदाबहार वन का एक सामान्य जानवर
Solution:

सही उत्तर है (क) बंदर। बंदर उष्णकटिबंधीय सदाबहार वनों में पाए जाने वाले सामान्य जानवरों में से एक हैं, जो पेड़ों पर रहते हैं।

प्रश्न 2

  1. शंक्धारी वन की एक महत्वपूर्ण वृक्ष प्रजाति
Solution:

सही उत्तर है (ख) चीड (Pine)। चीड (Pine) शंक्धारी वनों की एक प्रमुख और महत्वपूर्ण वृक्ष प्रजाति है, जो शंकुधारी वनों में व्यापक रूप से पाई जाती है।

प्रश्न 2

  1. स्टेपी घासस्थल पाए जाते हैं:
Solution:

सही उत्तर है (ग) रूस। स्टेपी घासस्थल मुख्य रूप से रूस और पूर्वी यूरोप के बड़े क्षेत्रों में पाए जाते हैं। ये शीतोष्ण कटिबंधीय घासस्थल का एक उदाहरण हैं।

प्रश्न 3

निम्नलिखित स्तंभों को मिलाकर सही जोड़े बनाइए:
  1. वालरस
  2. देवदार का वृक्ष
  3. जैतून
  4. हाथी
  5. कंपोस
  6. डाउन
Solution:

सही जोड़े इस प्रकार हैं:

  1. वालरस - (ग) टुंड्रा प्रदेश (ठंडे क्षेत्रों में पाया जाने वाला समुद्री स्तनपायी)
  2. देवदार का वृक्ष - (ख) शंक्धारी वन (यह शंक्धारी वनों की एक प्रजाति है)
  3. जैतून - (इ.) एक नींबू-वंश फल (यह भूमध्यसागरीय जलवायु में उगता है)
  4. हाथी - (क) उष्णकटिबंधीय सदाबहार वन (यह ऐसे वनों में पाया जाता है)
  5. कंपोस - (च) ब्राज़ील के उष्णकटिबंधीय घासस्थल (यह ब्राज़ील का एक प्रकार का घासस्थल है)
  6. डाउन - (घ) आस्ट्रेलिया का शीतोष्ण घासस्थल (यह आस्ट्रेलिया का एक शीतोष्ण घासस्थल है)

प्रश्न 4

कारण बताइए –
  1. ध्रुवीय प्रदेशों में रहने वाले जानवरों के फर एवं त्वचा मोटी होती हैं।
Solution:

ध्रुवीय प्रदेशों में रहने वाले जानवरों के फर (बाल) और त्वचा मोटी होती है ताकि वे अत्यधिक ठंडी जलवायु में अपने शरीर को गर्म रख सकें। यह मोटी परत उन्हें ठंड से बचाती है और उनके शरीर की गर्मी को बाहर निकलने से रोकती है, जिससे वे जीवित रह पाते हैं।

प्रश्न 4

  1. उष्णकटिबंधीय पर्णपाती वन शुष्क मौसम में अपनी पत्तियाँ गिरा देते हैं।
Solution:

उष्णकटिबंधीय पर्णपाती वन शुष्क मौसम में अपनी पत्तियाँ इसलिए गिरा देते हैं ताकि वे जल संरक्षण कर सकें। शुष्क मौसम में पानी की कमी होती है, और पत्तियों से वाष्पीकरण (transpiration) के माध्यम से जल की हानि होती है। पत्तियाँ गिराकर, ये पेड़ जल की हानि को कम करते हैं और सूखे की अवधि का सामना करने के लिए तैयार रहते हैं।

प्रश्न 4

  1. वनस्पति के प्रकार एवं सघनता एक स्थान से दूसरे स्थान पर बदलते हैं।
Solution:

वनस्पति के प्रकार और सघनता एक स्थान से दूसरे स्थान पर मुख्य रूप से जलवायु, स्थलाकृति (ऊंचाई, ढलान) और मिट्टी की विशेषताओं में भिन्नता के कारण बदलते हैं। उदाहरण के लिए, जहाँ तापमान अधिक होता है और वर्षा पर्याप्त होती है, वहाँ घने वन पाए जाते हैं। इसके विपरीत, शुष्क क्षेत्रों में कांटेदार झाड़ियाँ और कम सघन वनस्पति मिलती है। ऊँचाई बढ़ने के साथ भी वनस्पति के प्रकार बदलते हैं। इसलिए, ये भौगोलिक कारक वनस्पति के वितरण और सघनता को प्रभावित करते हैं।

Common mistakes

  • विभिन्न वनस्पति प्रदेशों के बीच अंतर करने में भ्रमित होना।
  • वन्यजीवों के अनुकूलन के कारणों को ठीक से न समझ पाना।
  • वनस्पतियों और उनसे संबंधित जानवरों के मिलान में त्रुटियाँ करना।

Revision tips

  • प्रत्येक वनस्पति प्रकार की मुख्य विशेषताओं और उदाहरणों को सूचीबद्ध करें।
  • वन्यजीवों के अनुकूलन के कारणों को समझने पर ध्यान केंद्रित करें।
  • अभ्यास प्रश्नों को हल करते समय मानचित्र का उपयोग करके विभिन्न क्षेत्रों की वनस्पतियों को चिह्नित करें।

Practice MCQs

Q1. वनस्पति के विकास के लिए कौन से दो मुख्य कारक महत्वपूर्ण हैं?

Q2. निम्नलिखित में से कौन उष्णकटिबंधीय सदाबहार वन का एक पेड़ है?

Q3. गर्म एवं ठंडी रेगिस्तानी जलवायु में किस प्रकार की वनस्पति पाई जाती है?

Q4. उष्णकटिबंधीय पर्णपाती वन शुष्क मौसम में अपनी पत्तियाँ क्यों गिरा देते हैं?

Q5. वालरस (Walrus) किस प्रकार की वनस्पति या क्षेत्र से संबंधित है?

Frequently asked questions

कक्षा 7 के 'हमारा पर्यावरण' पुस्तक के अध्याय 6 में कौन से मुख्य विषय शामिल हैं?

अध्याय 6 प्राकृतिक वनस्पति और वन्य जीवन पर केंद्रित है, जिसमें विभिन्न प्रकार की वनस्पति (वन, घासस्थल, झाड़ियाँ), उनके भौगोलिक वितरण, जलवायु कारकों का प्रभाव और वन्यजीवों के अनुकूलन जैसे विषय शामिल हैं।

वनस्पति के विकास को कौन से दो प्रमुख कारक प्रभावित करते हैं?

वनस्पति के विकास को मुख्य रूप से तापमान और आर्द्रता प्रभावित करते हैं। ये कारक निर्धारित करते हैं कि किस प्रकार की वनस्पति किसी विशेष क्षेत्र में उग सकती है।

उष्णकटिबंधीय पर्णपाती वन अपनी पत्तियाँ क्यों गिरा देते हैं?

उष्णकटिबंधीय पर्णपाती वन शुष्क मौसम के दौरान जल की हानि को कम करने के लिए अपनी पत्तियाँ गिरा देते हैं। यह जल संरक्षण की एक रणनीति है।

शंक्धारी वन के चार उपयोग क्या हैं?

शंक्धारी वनों का उपयोग लुगदी बनाने (कागज़ के लिए), माचिस बनाने, पैकिंग बक्से बनाने और सजावट का सामान बनाने के लिए किया जाता है।

ध्रुवीय प्रदेशों के जानवरों के फर और त्वचा मोटी क्यों होती है?

ध्रुवीय प्रदेशों के जानवरों के फर और त्वचा मोटी होती है ताकि वे अत्यधिक ठंडी जलवायु में अपने शरीर को गर्म रख सकें और सुरक्षित रह सकें।

ये NCERT समाधान छात्रों की परीक्षा की तैयारी में कैसे मदद करते हैं?

ये समाधान प्रत्येक प्रश्न का विस्तृत और स्पष्ट उत्तर प्रदान करते हैं, जिससे छात्रों को अवधारणाओं को गहराई से समझने और परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रश्नों के उत्तर देने के लिए तैयार होने में मदद मिलती है।

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