Class 7 Hindi NCERT Solutions Chapter 8: Shaam - Ek Kisan
CBSE कक्षा 7 हिंदी के अध्याय 8, 'शाम - एक किसान' के लिए यह खंड विस्तृत समाधान प्रस्तुत करता है। यह कविता शाम के दृश्य को एक किसान के रूपक के माध्यम से प्रस्तुत करती है, जिसमें सूर्यास्त और रात के आगमन का वर्णन किया गया है। समाधान कविता में उपमा अलंकार के प्रयोग पर गहराई से प्रकाश डालते हैं, जिससे आकाश को पगड़ी और सूरज को चिलम जैसे बिम्बों की तुलना करके सजीव चित्र प्रस्तुत किए गए हैं। विद्यार्थी इन तुलनाओं की पहचान करने, अपने परिवेश में शाम के बदलावों को देखने और पक्षियों की आवाज़ों की व्याख्या करने के लिए विस्तृत स्पष्टीकरण पाएंगे। समाधान में दृश्य को चित्रित करने में रंग के उपयोग और सांझ के समय विभिन्न लोगों और प्रकृति की गतिविधियों का भी पता लगाया गया है। एक अन्य कवि द्वारा शाम के वर्णन के साथ तुलना भी शामिल है, जो सर्वेश्वर दयाल सक्सेना के अनूठे दृष्टिकोण को उजागर करती है। ये समाधान छात्रों को अध्याय में प्रयुक्त काव्य उपकरणों और वर्णनात्मक भाषा को समझने में मदद करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं, जिससे उनकी परीक्षा की तैयारी में सहायता मिलेगी।
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 7 |
| Subject | हिंदी |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | 8. शाम - एक किसान |
Chapter summary
NCERT Solutions for Class 7 Hindi, Chapter 8, 'Shaam - Ek Kisan', focuses on understanding the poem's central metaphor of evening as a farmer. It explains the concept of similes (upma) by identifying the five comparisons made in the poem, such as the sky being like a turban and the sun like a chilam. The solutions also guide students to observe and describe evening phenomena from their own experiences and to interpret the sounds of birds. Additionally, it touches upon the use of colors in painting the scene and the activities of different beings during sunset.
Learning outcomes
- Understand the concept of metaphor and simile (upma) in poetry.
- Identify and explain the five similes used in the poem 'Shaam - Ek Kisan'.
- Observe and describe the changes in the sky during sunset.
- Interpret the sounds of different birds in relation to human speech.
- Recognize the use of colors to depict a scene.
- Describe the activities of various elements of nature and society during the evening.
Topics covered
Paper topics
- Metaphor and Simile (Upma)
- Description of Evening
- Farmer as a Metaphor
- Sky and Sunset Imagery
- Nature's Activities at Dusk
- Bird Sounds and Interpretation
- Use of Colors in Poetry
- Comparison of Poetic Styles
Important topics
- Understanding the central metaphor of evening as a farmer.
- Identifying and explaining the five similes (upma).
- Observing and describing the evening sky.
- Interpreting bird calls.
- Comparing different poets' descriptions of evening.
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Questions and Solutions
प्रश्न 1
इस कविता में शाम के दृश्य को किसान के रूप में दिखाया गया है - यह एक रूपक है। इसे बनाने के लिए पाँच एकरूपताओं की जोड़ी बनाई गई है। उन्हें उपमा कहते हैं। पहली एकरूपता आकाश और साफ़े में दिखाते हुए कविता में 'आकाश का साफ़ा' वाक्यांश आया है। इसी तरह तीसरी एकरूपता नदी और चादर में दिखाई गई है, मानो नदी चादर-सी हो। अब आप दूसरी, चौथी और पाँचवी एकरूपताओं को खोजकर लिखिए।
- दूसरी एकरूपता: चिलम सूरज-सी (सूरज की तुलना किसान की चिलम से की गई है)।
- चौथी एकरूपता: अँगीठी पलाश के फूलों-सी (पलाश के फूलों की लालिमा की तुलना अँगीठी से की गई है)।
- पाँचवी एकरूपता: अंधकार भेड़ों के गल्ले-सा (अंधकार की तुलना भेड़ों के झुंड से की गई है)।
प्रश्न 2
शाम का दृश्य अपने घर की छत या खिड़की से देखकर बताइए:
- क) शाम कब से शुरू हुई?
- ख) तब से लेकर सूरज डूबने में कितना समय लगा?
- ग) इस बीच आसमान में क्या-क्या परिवर्तन आए?
- क) शाम का समय लगभग 6 बजे के आसपास शुरू हुआ, जब दिन ढलने लगता है और मौसम में ठंडक आने लगती है।
- ख) शाम शुरू होने से लेकर सूरज के पूरी तरह डूबने तक लगभग एक घंटे का समय लगा। इस दौरान सूरज धीरे-धीरे क्षितिज की ओर बढ़ता गया और अंततः अस्त हो गया।
- ग) इस अवधि में आसमान में कई परिवर्तन देखे गए। शुरुआत में, आसमान का रंग गहरा नीला या हल्का लाल होने लगा। जैसे-जैसे सूरज नीचे उतरता गया, आसमान में नारंगी, पीला और फिर गहरा लाल रंग छा गया। अंततः, सूरज के डूबने के बाद, आसमान का रंग गहरा होता गया और धीरे-धीरे अँधेरा छा गया, जिसमें तारे टिमटिमाने लगे।
प्रश्न 3
मोर के बोलने पर कवि को लगा जैसे किसी ने कहा हो - 'सुनते हो'। नीचे दिए गए पक्षियों की बोली सुनकर उन्हें भी एक या दो शब्दों में बाँधिए:
कबूतर, कौआ, मैना, तोता, चील, हंस
- कबूतर: 'आओ, बैठो!' या 'ख़त ले लो!' (जैसे वे संदेश लाते-ले जाते हों)
- कौआ: 'सब ठीक है?' या 'मेहमान आए!' (जैसे वे सूचना देते हों)
- मैना: 'कैसी हो?' या 'क्या बात है?' (जैसे वे हालचाल पूछ रही हों)
- तोता: 'राम-राम!' या 'मीठा फल!' (जैसे वे अभिवादन या अपनी पसंद बता रहे हों)
- चील: 'देखो, नीचे!' या 'शिकार!' (जैसे वे ऊपर से कुछ देखकर संकेत दे रही हों)
- हंस: 'शांत रहो!' या 'ध्यान दो!' (जैसे वे गंभीरता का भाव व्यक्त कर रहे हों)
प्रश्न 4
इस कविता को चित्रित करने के लिए किन-किन रंगों का प्रयोग करना होगा?
- नीला: शाम के आकाश के लिए।
- पीला और नारंगी: सूरज की रोशनी और ढलते सूरज के लिए।
- लाल: पलाश के फूलों और ढलते सूरज की आभा के लिए।
- भूरा: किसान के खेत या धरती के लिए।
- सफ़ेद: बादलों या धुंध के प्रभाव के लिए।
- काला: रात के अँधेरे के लिए।
- सुनहरा: सूरज की किरणों या चमक के लिए।
- हरा: पेड़ों और पौधों के लिए।
- बैंगनी: शाम के आकाश के गहरे रंगों के लिए।
प्रश्न 5
शाम के समय ये क्या करते हैं? पता लगाइए और लिखिए - पक्षी, खिलाड़ी, फलवाले, माँ, पेड़-पौधे, पिता जी, किसान, बच्चे।
- पक्षी: दिन भर की उड़ान के बाद अपने घोंसलों में लौट आते हैं और विश्राम करते हैं।
- खिलाड़ी: अपने खेल या अभ्यास को समाप्त करके घर की ओर लौटते हैं या आराम करते हैं।
- फलवाले: अपना बचा हुआ सामान जल्दी बेचने की कोशिश करते हैं ताकि वे भी घर लौट सकें।
- माँ: घर के कामों को निपटाकर परिवार के सदस्यों के आने की प्रतीक्षा करती है या उनके साथ समय बिताती है।
- पेड़-पौधे: दिन भर की धूप और गर्मी के बाद वे भी विश्राम की मुद्रा में आ जाते हैं, उनकी पत्तियाँ थोड़ी सिकुड़ सकती हैं।
- पिता जी: दफ्तर या काम से घर लौटते हैं और परिवार के साथ समय बिताते हैं।
- किसान: दिन भर खेतों में मेहनत करने के बाद अपने बैलों के साथ घर की ओर लौटता है।
- बच्चे: स्कूल से आकर अपना गृहकार्य पूरा करते हैं या थोड़ी देर खेलकर माँ-बाप के साथ समय बिताते हैं।
प्रश्न 6
हिन्दी के एक प्रसिद्ध कवि सुमित्रानंदन पंत ने संध्या का वर्णन इस प्रकार किया है - संध्या का झुटपुट- बाँसों का झुरमुट- है चहक रहीं चिडियाँ टी-वी-टी--दुट्-दुट्। ऊपर दी गई कविता और सर्वेश्वरदयाल जी की कविता में आपको क्या मुख्य अंतर लगा? लिखिए।
- मुख्य विषय: सर्वेश्वरदयाल जी ने शाम के दृश्य को एक 'किसान' के रूपक के माध्यम से प्रस्तुत किया है, जिसमें शाम के विभिन्न तत्वों की तुलना किसान के अंगों या वेशभूषा से की गई है। वहीं, सुमित्रानंदन पंत जी ने अपनी कविता में शाम के समय पक्षियों की चहचहाहट और प्राकृतिक वातावरण पर अधिक ध्यान केंद्रित किया है।
- दृष्टिकोण: सर्वेश्वरदयाल जी का दृष्टिकोण एक विस्तृत कैनवास की तरह है, जिसमें वे शाम को एक पूरे व्यक्ति (किसान) के रूप में देखते हैं। पंत जी का दृष्टिकोण अधिक केंद्रित है, जो पक्षियों की आवाज़ों और बाँसों के झुरमुट जैसे छोटे विवरणों पर प्रकाश डालता है।
- प्रस्तुति: सर्वेश्वरदयाल जी की कविता में उपमाओं का प्रयोग प्रमुख है, जबकि पंत जी की कविता में ध्वनि (चहचहाहट) और दृश्य (झुटपुट, झुरमुट) का सीधा वर्णन है।
भाषा की बात - प्रश्न 1
लिखी पंक्तियों में रेखांकित शब्दों को ध्यान से देखिए- क घुटनों पर पड़ी है नदी चादर-सी ख सिमटा बैठा है भेड़ों के गल्ले-सा ग पानी का परदा-सा मेरे आसपास था हिल रहा
- 'चादर-सी' में नदी की तुलना चादर से की गई है, जो उसकी फैलाव और शांति को दर्शाता है।
- 'गल्ले-सा' में भेड़ों के झुंड की तुलना गल्ले (ढेर) से की गई है, जो उनके एक साथ सिमटे होने का भाव व्यक्त करता है।
- 'परदा-सा' में पानी के प्रभाव की तुलना परदे से की गई है, जो दृश्य को धुंधला या ढका हुआ महसूस कराता है।
Common mistakes
- Confusing metaphor with simile.
- Difficulty in identifying all the similes in the poem.
- Not observing or describing the evening changes accurately.
- Inability to connect bird sounds to meaningful phrases.
Revision tips
- Read the poem aloud to feel the rhythm and imagery.
- Focus on identifying and understanding each simile used by the poet.
- Practice observing the evening sky and noting down changes.
- Try to create your own similes for everyday objects or scenes.
- Discuss the poem's themes and metaphors with classmates.
Practice MCQs
Q1. कविता में शाम के दृश्य को किसके रूप में चित्रित किया गया है?
Explanation: कविता में शाम के पूरे दृश्य को एक किसान के रूप में प्रस्तुत किया गया है, जो एक रूपक का प्रयोग है।
Q2. कविता में 'आकाश का साफ़ा' किस एकरूपता को दर्शाता है?
Explanation: यह पहली एकरूपता है जहाँ आकाश की तुलना किसान के सिर पर बँधे साफ़े (पगड़ी) से की गई है।
Q3. कविता के अनुसार, सूरज की तुलना किससे की गई है?
Explanation: सूरज को किसान की चिलम के समान बताया गया है, जो शाम को बुझने लगती है।
Q4. पलाश के फूलों की तुलना किससे की गई है?
Explanation: पलाश के फूलों की लालिमा को शाम की अँगीठी के समान बताया गया है।
Q5. शाम के समय पक्षी क्या करते हैं?
Explanation: शाम ढलने पर पक्षी दिन भर की उड़ान के बाद अपने-अपने घोंसलों में लौट आते हैं।
Q6. सर्वेश्वरदयाल सक्सेना की कविता में संध्या का वर्णन किसके माध्यम से है?
Explanation: सर्वेश्वरदयाल सक्सेना ने शाम के दृश्य को एक किसान के रूप में प्रस्तुत किया है।
Frequently asked questions
यह समाधान किस कक्षा और विषय के लिए हैं?
यह समाधान कक्षा 7 के हिंदी विषय के लिए हैं, विशेष रूप से पाठ 8 'शाम - एक किसान' के लिए।
कविता 'शाम - एक किसान' में किन साहित्यिक उपकरणों का प्रयोग किया गया है?
कविता में मुख्य रूप से रूपक और उपमा अलंकार का प्रयोग किया गया है, जिसमें शाम के दृश्य को एक किसान के रूप में चित्रित किया गया है।
क्या इन समाधानों में कविता के सभी प्रश्नों के उत्तर शामिल हैं?
हाँ, इन समाधानों में कविता से संबंधित सभी अभ्यास प्रश्नों के विस्तृत और स्पष्ट उत्तर दिए गए हैं।
यह समाधान छात्रों की परीक्षा की तैयारी में कैसे मदद करेंगे?
ये समाधान छात्रों को कविता की गहरी समझ विकसित करने, साहित्यिक उपकरणों को पहचानने और परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रश्नों के उत्तर देने में मदद करेंगे।
कविता में शाम के दृश्य को किसान से क्यों जोड़ा गया है?
शाम के दृश्य के विभिन्न तत्वों (जैसे सूरज, आकाश, नदी) की तुलना किसान के विभिन्न अंगों या वेशभूषा से करके एक सजीव और अनूठा चित्र प्रस्तुत करने के लिए इसे किसान से जोड़ा गया है।
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