CBSE Class 12 Hindi Aroh Chapter 10: उमाशंकर जोशी NCERT Solutions

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CBSE कक्षा 12 हिंदी (आरोह) अध्याय 10 के लिए यह खंड उमाशंकर जोशी की कविताओं पर केंद्रित विस्तृत NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। समाधान छंदों में प्रयुक्त गहरे अर्थों और काव्यात्मक तकनीकों में गहराई से उतरते हैं। मुख्य अवधारणाओं में कवि के रचनात्मक स्थान का प्रतिनिधित्व करने वाले कागज के पृष्ठ के रूप में एक छोटे चौकोर खेत का रूपक, और कविताओं में खिलने वाले बीजों की तरह शब्दों को बोने की प्रक्रिया शामिल है। स्पष्टीकरण साहित्यिक निर्माण के संदर्भ में 'अंधाद' (भावनात्मक तूफान) और 'बीज' के महत्व को स्पष्ट करते हैं, और भावना का 'अक्षयपात्र' (अथाह पात्र) कविता की शाश्वत प्रकृति को कैसे दर्शाता है। ये समाधान छात्रों को काव्यात्मक अभिव्यक्ति की बारीकियों को समझने और अपनी परीक्षाओं के लिए प्रभावी ढंग से तैयारी करने में मदद करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 12
Subjectहिंदी
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter10. उमाशंकर जोशी

Chapter summary

NCERT Solutions for CBSE Class 12 Hindi (Aroh) Chapter 10, 'Umakant Joshi', offers in-depth explanations of the poems. It clarifies the metaphors used, such as the poet's field and the process of creation from 'seeds' and 'storms'. The solutions also explain the concept of poetry as an 'akshayapatra' (inexhaustible vessel) of emotion and explore poetic devices like imagery and metaphors present in the text, aiding students in understanding the literary artistry.

Learning outcomes

  • Understand the metaphor of the poet's field as a 'small square field'.
  • Analyze the concepts of 'andhad' (emotional storm) and 'beej' (seed) in poetic creation.
  • Explain the significance of poetry as an 'akshayapatra' (inexhaustible vessel) of emotion.
  • Identify and interpret imagery (बिंब) in the given poems.
  • Recognize and explain the use of metaphors (रूपक) in the poems.

Topics covered

Paper topics

  • Metaphor of the poet's field
  • Concept of 'andhad' (emotional storm) in creation
  • Concept of 'beej' (seed) in creation
  • Poetry as an 'akshayapatra' (inexhaustible vessel)
  • Poetic process and creation
  • Imagery (बिंब) in poetry
  • Metaphor (रूपक) in poetry
  • Analysis of Umashankar Joshi's poems

Important topics

  • Metaphor of the poet's field
  • Poetry as an 'akshayapatra'
  • Understanding 'andhad' and 'beej' in creation
  • Identification of imagery and metaphors
  • The process of poetic creation

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Questions and Solutions

1. छोटे चौकोने खेत को कागज़ का पन्ना कहने में क्या अर्थ निहित है?

छोटे चौकोने खेत को कागज़ का पन्ना कहने में क्या अर्थ निहित है?
Solution: कवि अपने काव्य-रचना के कार्य की तुलना किसान के कृषि कर्म से करते हुए स्वयं को एक प्रकार का किसान बताता है। जैसे किसान के पास अपनी ज़मीन होती है, वैसे ही कवि के पास कागज़ का एक चौकोना पन्ना होता है, जिसे वह अपना खेत मानता है। जिस प्रकार किसान अपनी ज़मीन पर बीज, खाद और जल डालकर फसल उगाता है, उसी प्रकार कवि अपने कागज़ रूपी खेत पर शब्दों और भावों के बीज बोता है। इन शब्दों और भावों से अंततः कविता रूपी अनाज, फल-फूल की तरह पुष्पित और पल्लवित होती है। इस प्रकार, कवि काव्य-रचना की प्रक्रिया को समझाने के लिए कागज़ के पन्ने को अपना चौकोना खेत कहता है।

2. रचना के संदर्भ में अंधड़ और बीज क्या हैं?

रचना के संदर्भ में अंधड़ और बीज क्या हैं?
Solution: रचना के संदर्भ में, 'अंधड़' का आशय कवि के मन में अचानक उत्पन्न होने वाली भावनात्मक आँधी से है। यह आँधी किसी वस्तु, व्यक्ति, भाव या स्थिति को देखकर मन में उत्पन्न हो सकती है, जैसे वाल्मीकि के मन में क्रौंच पक्षी के वियोग को देखकर करुणा का भाव उत्पन्न हुआ था। 'बीज' का आशय उस विचार, रचना या अभिव्यक्ति से है जो कवि के मन को कुरेदता है और जिसे वह व्यक्त करने के लिए व्याकुल हो उठता है। यह बीज ही आगे चलकर कविता का रूप लेता है।

3. रस का अक्षयपात्र से कवि ने रचनाकर्म की किन विशेषताओं की ओर इंगित किया है?

रस का अक्षयपात्र से कवि ने रचनाकर्म की किन विशेषताओं की ओर इंगित किया है?
Solution: कवि ने रचनाकर्म, अर्थात् कविता को 'रस का अक्षयपात्र' कहा है। इससे कवि ने काव्य-रचना की कुछ महत्वपूर्ण विशेषताओं की ओर संकेत किया है। पहली विशेषता यह है कि कविता का आनंद दिव्य और कालजयी होता है। दूसरी विशेषता यह है कि कविता में निहित सौंदर्य, रस और भाव न तो कभी कम होते हैं और न ही नष्ट होते हैं। ये हमेशा एक मीठे सोते की तरह पाठकों को तृप्ति, सुख एवं आनंद प्रदान करते रहते हैं, ठीक उसी प्रकार जैसे एक अक्षयपात्र कभी खाली नहीं होता।

4.1 व्याख्या करें - शब्द के अंकुर फूटे, पल्लव-पुष्पों से नमित हुआ विशेष।

व्याख्या करें -

शब्द के अंकुर फूटे,

पल्लव-पुष्पों से नमित हुआ विशेष।

Solution: 'छोटा मेरा खेत' कविता में कवि ने काव्य-रचना की प्रक्रिया को समझाने के लिए खेती के रूपक का प्रयोग किया है। जिस प्रकार धरती में बीज बोया जाता है और वह बीज हवा, पानी और अन्य प्राकृतिक तत्वों को ग्रहण करके विभिन्न चरणों से गुजरता हुआ अंकुरित होता है, उसी प्रकार जब कवि को किसी भाव का 'बीज' मिलता है, तो वह उसे अपने मन में आत्मसात करता है। इसके बाद, उस बीज से 'शब्द रूपी अंकुर' फूटते हैं। इन शब्दों में विशेष भावों के 'पल्लव' (पत्ते) और 'पुष्प' (फूल) खिलते हैं, जिससे कविता का जन्म होता है। यह पंक्ति काव्य-रचना के प्रारंभिक चरण को दर्शाती है जहाँ भाव बीज से शब्द और फिर विस्तृत अभिव्यक्ति में परिवर्तित होता है।

4.2 रोपाई क्षण की, कटाई अनंतता की लुटते रहने से ज़रा भी नहीं कम होती।

रोपाई क्षण की,

कटाई अनंतता की

लुटते रहने से ज़रा भी नहीं कम होती।

Solution: इस पंक्ति का अर्थ है कि साहित्यिक कृति से जो अलौकिक रस-धारा फूटती है, उसमें निहित सौंदर्य, रस और भाव कभी भी कम या नष्ट नहीं होते। कविता के भाव का 'बीज' तो क्षण भर में बोया जाता है, अर्थात् उसकी रचना प्रक्रिया बहुत कम समय में पूरी हो सकती है। किन्तु, इस रोपाई का परिणाम यह होता है कि इससे उत्पन्न होने वाली आनंद की धारा 'अनंत काल तक चलने वाली कटाई' के रूप में आनंद देती रहती है। जितना अधिक पाठक उस कविता का सुख उठाते हैं और उसका आनंद लेते हैं, उतना ही वह रस-धारा बढ़ती जाती है, कम नहीं होती। यह कविता की चिरस्थायी प्रकृति को दर्शाता है।

5. शब्दों के माध्यम से जब कवि दृश्यों, चित्रों, ध्वनि-योजना अथवा रूप-रस-गंध को हमारे ऐन्द्रिक अनुभवों में साकार कर देता है तो बिंब का निर्माण होता है। इस आधार पर प्रस्तुत कविता से बिंब की खोज करें।

शब्दों के माध्यम से जब कवि दृश्यों, चित्रों, ध्वनि-योजना अथवा रूप-रस-गंध को हमारे ऐन्द्रिक अनुभवों में साकार कर देता है तो बिंब का निर्माण होता है। इस आधार पर प्रस्तुत कविता से बिंब की खोज करें।
Solution: प्रस्तुत कविताओं में कवि ने शब्दों के माध्यम से हमारे ऐन्द्रिक अनुभवों को साकार किया है, जिससे बिंबों का निर्माण हुआ है। यहाँ मुख्य रूप से दृश्य (चाक्षुष) बिंबों की प्रधानता है। कविता से कुछ प्रमुख बिंब इस प्रकार हैं:
  • छोटा मेरा खेत चौकोना
  • कागज़ का एक पन्ना
  • शब्द के अंकुर फूटे
  • पल्लव-पुष्पों से नमित (विशेष भावों के पत्ते और फूल)
  • झूमने लगे फल (फलों का पकना और लटकना)
  • नभ में पाँती-बँधे बगुलों के पंख (आकाश में पंक्तिबद्ध उड़ते बगुले)
  • कजराले बादलों की छाई नभ छाया (काले बादलों से ढका आकाश)
  • तैरती साँझ की सतेज श्वेत काया (साँझ का प्रकाशमान श्वेत रूप)
ये बिंब पाठक के मन में स्पष्ट चित्र अंकित करते हैं।

6. जहाँ उपमेय में उपमान का आरोप हो, रूपक कहलाता है। इस कविता में से रूपक का चुनाव करें।

जहाँ उपमेय में उपमान का आरोप हो, रूपक कहलाता है। इस कविता में से रूपक का चुनाव करें।
Solution: रूपक अलंकार में उपमेय पर उपमान का आरोप किया जाता है, अर्थात् उपमेय को उपमान का रूप दे दिया जाता है। प्रस्तुत कविताओं में कवि ने कई स्थानों पर रूपक अलंकार का प्रयोग किया है। कविता से चुने गए कुछ प्रमुख रूपक इस प्रकार हैं:
  • भावों रूपी आँधी (अंधड़)
  • विचार रूपी बीज
  • शब्द रूपी अंकुर
  • विशेष भाव रूपी पल्लव-पुष्प
  • कविता रूपी फल
  • कागज़ का पन्ना रूपी खेत
  • कजराले बादलों की छाई नभ छाया (बादलों को कजले के समान काला मानकर उन पर नभ की छाया का आरोप)
  • तैरती साँझ की सतेज श्वेत काया (साँझ के प्रकाश को सतेज श्वेत काया का रूप देना)
ये रूपक कविताओं के अर्थ को अधिक गहन और प्रभावशाली बनाते हैं।

Common mistakes

  • Confusing the literal meaning of 'field' with the metaphorical meaning in poetry.
  • Misinterpreting the 'seed' and 'storm' as literal events rather than creative impulses.
  • Failing to grasp the concept of poetry's eternal and inexhaustible nature.
  • Difficulty in identifying and differentiating between various types of poetic imagery.

Revision tips

  • Reread the poems after studying the solutions to reinforce understanding.
  • Focus on the explanations of metaphors and imagery to improve literary analysis skills.
  • Practice identifying the 'seed' and 'storm' moments in other poems.
  • Use the provided explanations to articulate the 'akshayapatra' concept in your own words.

Practice MCQs

Q1. कवि अपने छोटे चौकोने खेत को क्या कहता है?

Q2. रचना के संदर्भ में 'अंधड़' का क्या अर्थ है?

Q3. कविता को 'रस का अक्षयपात्र' कहने का क्या तात्पर्य है?

Q4. कविता में 'शब्द के अंकुर फूटे' पंक्ति किस प्रक्रिया को दर्शाती है?

Q5. प्रस्तुत कविता में किस प्रकार के बिंबों की प्रधानता है?

Frequently asked questions

यह NCERT समाधान किस कक्षा और विषय के लिए हैं?

यह NCERT समाधान CBSE कक्षा 12 हिंदी (आरोह) के लिए हैं, विशेष रूप से पाठ 10: उमाशंकर जोशी पर केंद्रित हैं।

पाठ 10 में 'छोटे चौकोने खेत' का क्या अर्थ है?

कवि के लिए, 'छोटा चौकोना खेत' कागज़ का पन्ना है जहाँ वह शब्दों के माध्यम से अपनी कविताएँ रचता है, ठीक वैसे ही जैसे किसान ज़मीन पर खेती करता है।

'रस का अक्षयपात्र' से कवि क्या समझाना चाहता है?

कवि समझाना चाहता है कि कविता से मिलने वाला आनंद और भाव कभी कम या नष्ट नहीं होते, वे अनंत काल तक लोगों को तृप्त और आनंदित करते रहते हैं।

रचना प्रक्रिया में 'अंधड़' और 'बीज' का क्या महत्व है?

'अंधड़' मन में अचानक उठने वाली भावनात्मक आँधी है, और 'बीज' वह विचार या भाव है जो इस आँधी से उत्पन्न होता है और अभिव्यक्ति के लिए व्याकुल हो उठता है।

क्या ये समाधान परीक्षा की तैयारी में मदद करेंगे?

हाँ, ये समाधान कविताओं की गहरी समझ, साहित्यिक उपकरणों की पहचान और रचनात्मक प्रक्रिया को स्पष्ट करके परीक्षा की तैयारी में बहुत मदद करेंगे।

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