कक्षा 11 भौतिकी: ठोसों के यांत्रिक गुण NCERT समाधान
यह पृष्ठ कक्षा 11 भौतिकी के अध्याय "ठोसों के यांत्रिक गुण" के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। इसमें यंग प्रत्यास्थता गुणांक की गणना, पराभव सामर्थ्य का निर्धारण और प्रतिबल-विकृति वक्र की व्याख्या जैसे महत्वपूर्ण विषयों को शामिल किया गया है। समाधानों में प्रत्येक प्रश्न के लिए चरण-दर-चरण स्पष्टीकरण प्रदान किया गया है, जिससे छात्रों को इन अवधारणाओं को गहराई से समझने में मदद मिलती है। यह सामग्री छात्रों को परीक्षा की तैयारी और इन यांत्रिक गुणों की व्यावहारिक समझ विकसित करने में सहायता करती है।
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 11 |
| Subject | भौतिक विज्ञान |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | 9. ठोसों के यांत्रिक गुण |
Chapter summary
कक्षा 11 भौतिकी के अध्याय "ठोसों के यांत्रिक गुण" के लिए NCERT समाधान, ठोस पदार्थों के प्रत्यास्थता गुणों पर केंद्रित हैं। ये समाधान यंग प्रत्यास्थता गुणांक की गणना, पराभव सामर्थ्य की पहचान और प्रतिबल-विकृति वक्रों के विश्लेषण जैसे अभ्यासों को हल करने में मदद करते हैं। छात्रों को विभिन्न पदार्थों के यांत्रिक व्यवहार को समझने और उनकी तुलना करने के लिए आवश्यक सूत्र और विधियाँ सिखाई जाती हैं।
Learning outcomes
- यंग प्रत्यास्थता गुणांक की गणना करना सीखें।
- पदार्थों की पराभव सामर्थ्य का निर्धारण करें।
- प्रतिबल-विकृति वक्रों का विश्लेषण करें।
- विभिन्न पदार्थों के यांत्रिक गुणों की तुलना करें।
Topics covered
Paper topics
- प्रत्यास्थता
- यंग प्रत्यास्थता गुणांक
- प्रतिबल
- विकृति
- प्रतिबल-विकृति वक्र
- पराभव सामर्थ्य
- पदार्थों के यांत्रिक गुणों की तुलना
Important topics
- यंग प्रत्यास्थता गुणांक की गणना
- प्रतिबल-विकृति वक्र का विश्लेषण
- पदार्थों की सामर्थ्य की तुलना
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Questions and Solutions
प्रश्न 1
हमें स्टील और ताँबे के तारों के लिए निम्नलिखित जानकारी दी गई है:
स्टील के तार के लिए:
- लम्बाई () = 4.7 m
- अनुप्रस्थ काट का क्षेत्रफल () = m²
ताँबे के तार के लिए:
- लम्बाई () = 3.5 m
- अनुप्रस्थ काट का क्षेत्रफल () = m²
माना F वह भार है जिसे दोनों तारों पर लटकाया गया है, और इसके कारण दोनों तारों की लम्बाई में समान वृद्धि () होती है।
यंग प्रत्यास्थता गुणांक (Y) का सूत्र है:
स्टील के लिए यंग प्रत्यास्थता गुणांक () है:
...(i)
ताँबे के लिए यंग प्रत्यास्थता गुणांक () है:
...(ii)
समीकरण (i) को समीकरण (ii) से भाग देने पर, हमें प्राप्त होता है:
सरल करने पर:
दिए गए मानों को रखने पर:
गणना करने पर:
इसे लगभग 1.8 के रूप में लिखा जा सकता है।
उत्तर: स्टील तथा ताँबे के यंग प्रत्यास्थता गुणांकों में अनुपात लगभग 1.8 है।
प्रश्न 2

दिए गए प्रतिबल-विकृति वक्र से, हम निम्नलिखित जानकारी प्राप्त कर सकते हैं:
- वक्र का वह भाग जो सीधी रेखा है, प्रत्यास्थता सीमा को दर्शाता है।
- इस सीधी रेखा की ढाल पदार्थ के यंग प्रत्यास्थता गुणांक को दर्शाती है।
- पदार्थ का अधिकतम प्रतिबल सहन करने की सीमा उसकी सन्निकट पराभव सामर्थ्य कहलाती है।
(a) यंग प्रत्यास्थता गुणांक ():
वक्र की सीधी रेखा के एक बिंदु से, हम प्रतिबल N/m² और संगत विकृति ले सकते हैं।
यंग प्रत्यास्थता गुणांक वक्र की ढाल के बराबर होता है:
इसे वैज्ञानिक संकेतन में इस प्रकार लिखा जा सकता है:
(b) सन्निकट पराभव सामर्थ्य:
वक्र से, हम देख सकते हैं कि पदार्थ द्वारा सहन किया जा सकने वाला अधिकतम प्रतिबल (पराभव बिंदु से ठीक पहले) N/m² है।
सन्निकट पराभव सामर्थ्य = N/m²
इसे वैज्ञानिक संकेतन में इस प्रकार लिखा जा सकता है:
N/m²
उत्तर: (a) यंग प्रत्यास्थता गुणांक N/m² है। (b) सन्निकट पराभव सामर्थ्य N/m² है।
प्रश्न 3

दिए गए प्रतिबल-विकृति ग्राफों का विश्लेषण करते हैं:
(a) यंग प्रत्यास्थता गुणांक की तुलना:
यंग प्रत्यास्थता गुणांक प्रतिबल-विकृति वक्र की ढाल के समानुपाती होता है। जिस पदार्थ के वक्र की ढाल अधिक होगी, उसका यंग प्रत्यास्थता गुणांक अधिक होगा।
चित्र में, पदार्थ A के लिए प्रतिबल-विकृति वक्र की ढाल पदार्थ B के वक्र की ढाल से अधिक है। इसका मतलब है कि समान विकृति के लिए पदार्थ A को अधिक प्रतिबल की आवश्यकता होती है।
इसलिए, पदार्थ A का यंग प्रत्यास्थता गुणांक अधिक है।
(b) पदार्थों की मजबूती की तुलना:
पदार्थ की मजबूती को उसके अधिकतम प्रतिबल सहन करने की क्षमता से मापा जाता है, जिसे पराभव सामर्थ्य (yield strength) या अंतिम सामर्थ्य (ultimate strength) भी कहते हैं। ग्राफ में, वह बिंदु जहाँ वक्र सबसे ऊँचाई तक जाता है, उस पदार्थ की अधिकतम प्रतिबल सहन करने की क्षमता को दर्शाता है।
पदार्थ A का प्रतिबल-विकृति वक्र पदार्थ B की तुलना में अधिक ऊँचाई तक जाता है। इसका अर्थ है कि पदार्थ A, पदार्थ B की तुलना में अधिक अधिकतम प्रतिबल सहन कर सकता है।
इसलिए, पदार्थ A अधिक मजबूत है।
उत्तर: (a) पदार्थ A का यंग प्रत्यास्थता गुणांक अधिक है। (b) पदार्थ A अधिक मजबूत है।
Common mistakes
- यंग प्रत्यास्थता गुणांक के सूत्र का गलत अनुप्रयोग।
- प्रतिबल-विकृति वक्र से मानों को सही ढंग से न पढ़ पाना।
- इकाइयों (units) को परिवर्तित करने में त्रुटियाँ।
Revision tips
- यंग प्रत्यास्थता गुणांक, अपरूपण प्रत्यास्थता गुणांक और आयतन प्रत्यास्थता गुणांक के सूत्रों को याद करें।
- प्रतिबल-विकृति वक्र के विभिन्न बिंदुओं (जैसे प्रत्यास्थता सीमा, पराभव बिंदु) को पहचानना सीखें।
- दिए गए पदार्थों के यांत्रिक गुणों की तुलना करने का अभ्यास करें।
Practice MCQs
Q1. यंग प्रत्यास्थता गुणांक की गणना के लिए किस सूत्र का उपयोग किया जाता है?
Explanation: यंग प्रत्यास्थता गुणांक (Y) को प्रतिबल (F/A) और विकृति (Δl/l) के अनुपात के रूप में परिभाषित किया गया है, इसलिए सूत्र Y = (F/A) / (Δl/l) है।
Q2. प्रतिबल-विकृति वक्र की सीधी रेखा की ढाल क्या दर्शाती है?
Explanation: प्रतिबल-विकृति वक्र की सीधी रेखा की ढाल, जो प्रत्यास्थता सीमा के भीतर होती है, पदार्थ के यंग प्रत्यास्थता गुणांक को दर्शाती है।
Q3. किसी पदार्थ की सन्निकट पराभव सामर्थ्य क्या होती है?
Explanation: सन्निकट पराभव सामर्थ्य वह अधिकतम प्रतिबल है जिसे पदार्थ सहन कर सकता है, जिसके बाद वह स्थायी रूप से विकृत हो जाता है या टूट जाता है।
Q4. यदि दो तारों की लंबाई और अनुप्रस्थ काट का क्षेत्रफल भिन्न हो, तो उनकी लंबाइयों में समान वृद्धि के लिए यंग प्रत्यास्थता गुणांकों का अनुपात कैसे ज्ञात किया जाएगा?
Explanation: सूत्र Y = (F*l)/(A*Δl) से, यदि F और Δl समान हैं, तो Y ∝ l/A। इसलिए, Y1/Y2 = (l1/A1) / (l2/A2) = (l1/l2) * (A2/A1)।
Frequently asked questions
कक्षा 11 भौतिकी के अध्याय "ठोसों के यांत्रिक गुण" में मुख्य रूप से किन अवधारणाओं को शामिल किया गया है?
इस अध्याय में मुख्य रूप से प्रत्यास्थता, प्रतिबल, विकृति, यंग प्रत्यास्थता गुणांक, अपरूपण प्रत्यास्थता गुणांक, आयतन प्रत्यास्थता गुणांक, और प्रतिबल-विकृति वक्र जैसी अवधारणाओं को शामिल किया गया है।
यंग प्रत्यास्थता गुणांक की गणना कैसे की जाती है?
यंग प्रत्यास्थता गुणांक (Y) की गणना सूत्र Y = (F/A) / (Δl/l) का उपयोग करके की जाती है, जहाँ F लगाया गया बल है, A अनुप्रस्थ काट का क्षेत्रफल है, Δl लंबाई में परिवर्तन है, और l मूल लंबाई है।
प्रतिबल-विकृति वक्र क्या दर्शाता है?
प्रतिबल-विकृति वक्र किसी पदार्थ पर लगाए गए प्रतिबल और उसके परिणामस्वरूप होने वाली विकृति के बीच संबंध को दर्शाता है। यह पदार्थ के यांत्रिक गुणों जैसे प्रत्यास्थता सीमा, पराभव बिंदु और अंतिम सामर्थ्य के बारे में जानकारी देता है।
इन NCERT समाधानों का उपयोग परीक्षा की तैयारी के लिए कैसे किया जा सकता है?
ये समाधान प्रत्येक प्रश्न के लिए विस्तृत, चरण-दर-चरण स्पष्टीकरण प्रदान करते हैं, जिससे छात्रों को अवधारणाओं को समझने और समस्याओं को हल करने की विधि सीखने में मदद मिलती है। यह परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रश्नों के प्रकारों से परिचित होने का एक प्रभावी तरीका है।
पदार्थों की पराभव सामर्थ्य (Yield Strength) का क्या महत्व है?
पराभव सामर्थ्य वह अधिकतम प्रतिबल है जिसे कोई पदार्थ स्थायी विरूपण (permanent deformation) के बिना सहन कर सकता है। यह इंजीनियरिंग डिजाइन में महत्वपूर्ण है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि संरचनाएं अत्यधिक भार के तहत विकृत न हों।
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