कक्षा 11 भूगोल: विश्व की जलवायु एवं जलवायु परिवर्तन NCERT समाधान
यह पृष्ठ कक्षा 11 भूगोल के अध्याय 12, 'विश्व की जलवायु एवं जलवायु परिवर्तन' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रदान करता है। इसमें कोपेन के जलवायु वर्गीकरण की प्रणालियों, विभिन्न जलवायु प्रकारों की विशेषताओं और जलवायु परिवर्तन से संबंधित महत्वपूर्ण अवधारणाओं को शामिल किया गया है। समाधानों में बहुवैकल्पिक प्रश्नों के उत्तर, संक्षिप्त उत्तर वाले प्रश्न और विस्तृत उत्तर वाले प्रश्न शामिल हैं, जो छात्रों को जलवायु विज्ञान की जटिलताओं को समझने में मदद करते हैं। यह सामग्री छात्रों को परीक्षा की तैयारी के लिए एक स्पष्ट और संक्षिप्त मार्गदर्शिका प्रदान करती है, जिससे वे प्रमुख अवधारणाओं को प्रभावी ढंग से याद कर सकें।
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 11 |
| Subject | भूगोल |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | 12. विश्व की जलवायु एवं जलवायु परिवर्तन |
Chapter summary
अध्याय 12 के ये NCERT समाधान विश्व की जलवायु और जलवायु परिवर्तन की प्रमुख अवधारणाओं को स्पष्ट करते हैं। इसमें कोपेन के जलवायु वर्गीकरण की प्रणालियों (जैसे जननिक और आनुभविक) और उनके द्वारा उपयोग किए जाने वाले चरों पर ध्यान केंद्रित किया गया है। समाधान विभिन्न जलवायु प्रकारों (जैसे उष्णकटिबंधीय आर्द्र और शुष्क जलवायु) की तुलना करते हैं और सौर कलंक जैसी घटनाओं के जलवायु पर संभावित प्रभावों की भी चर्चा करते हैं। यह छात्रों को जलवायु के विभिन्न पहलुओं को समझने और उनका विश्लेषण करने में सहायता करता है।
Learning outcomes
- कोपेन के जलवायु वर्गीकरण के आधार को समझना।
- विभिन्न जलवायु प्रकारों (A, B, C, D, E) की विशेषताओं की पहचान करना।
- जननिक और आनुभविक जलवायु वर्गीकरण प्रणालियों के बीच अंतर स्पष्ट करना।
- जलवायु परिवर्तन को प्रभावित करने वाले कारकों का विश्लेषण करना।
- विभिन्न जलवायु दशाओं की तुलना करना और उनमें अंतर करना।
Topics covered
Paper topics
- जलवायु वर्गीकरण
- कोपेन की जलवायु वर्गीकरण पद्धति
- जलवायु चर (तापमान, वर्षा)
- जलवायु प्रकार (A, B, C, D, E)
- उष्णकटिबंधीय आर्द्र जलवायु
- शुष्क जलवायु
- समशीतोष्ण जलवायु
- महाद्वीपीय जलवायु
- ध्रुवीय जलवायु
- जलवायु परिवर्तन
- सौर कलंक और जलवायु
- जननिक बनाम आनुभविक वर्गीकरण
Important topics
- कोपेन की जलवायु वर्गीकरण पद्धति
- विभिन्न जलवायु प्रकारों की विशेषताएँ
- जननिक और आनुभविक वर्गीकरण में अंतर
- जलवायु परिवर्तन के कारक
- उष्णकटिबंधीय आर्द्र और शुष्क जलवायु की तुलना
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Questions and Solutions
बहुवैकल्पिक प्रश्न 1
- (क) सभी महीनों में उच्च वर्षा
- (ख) सबसे ठंडे महीने का औसत मासिक तापमान हिमांक बिंदु से अधिक
- (ग) सभी महीनों का औसत मासिक तापमान 18° सेल्सियस से अधिक
- (घ) सभी महीनों का औसत तापमान 10° सेल्सियस से नीचे।
बहुवैकल्पिक प्रश्न 2
- (क) अनुप्रयुक्त
- (ख) व्यवस्थित
- (ग) जननिक
- (घ) आनुभविक
बहुवैकल्पिक प्रश्न 3
- (क) "Af"
- (ख) "BSh"
- (ग) "Cfb"
- (घ) "Am"
बहुवैकल्पिक प्रश्न 4
- (क) 1990
- (ख) 1998
- (ग) 1885
- (घ) 1950
बहुवैकल्पिक प्रश्न 5
- (क) A - B - C - E
- (ख) A - C - D - E
- (ग) B - C - D - E
- (घ) A - C - D - F
लघु उत्तरीय प्रश्न 1 (i)
लघु उत्तरीय प्रश्न 1 (ii)
लघु उत्तरीय प्रश्न 1 (iii)
लघु उत्तरीय प्रश्न 1 (iv)
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न 1
Common mistakes
- कोपेन के वर्गीकरण में बड़े और छोटे अक्षरों के अर्थ को समझने में भ्रम।
- जननिक और आनुभविक वर्गीकरण प्रणालियों के बीच अंतर को गलत समझना।
- विभिन्न जलवायु प्रकारों की विशेषताओं को याद रखने में कठिनाई।
- सौर कलंक जैसी बाहरी घटनाओं के जलवायु पर प्रभाव को गलत समझना।
Revision tips
- कोपेन के जलवायु वर्गीकरण चार्ट को अच्छी तरह से समझें और याद करें।
- विभिन्न जलवायु प्रकारों (A, B, C, D, E) की मुख्य विशेषताओं की सूची बनाएं।
- जननिक और आनुभविक वर्गीकरण के बीच मुख्य अंतरों को रेखांकित करें।
- जलवायु परिवर्तन से संबंधित प्रश्नों के उत्तर देते समय तार्किक क्रम बनाए रखें।
Practice MCQs
Q1. कोपेन के जलवायु वर्गीकरण में, 'A' प्रकार की जलवायु के लिए कौन सी दशा आवश्यक है?
Explanation: कोपेन के वर्गीकरण में 'A' प्रकार की जलवायु, जो उष्णकटिबंधीय आर्द्र जलवायु को दर्शाती है, के लिए सभी महीनों में उच्च वर्षा एक महत्वपूर्ण अर्हक दशा है।
Q2. जलवायु वर्गीकरण की कौन सी प्रणाली जलवायु के निर्माण के कारणों पर जोर देती है?
Explanation: जननिक प्रणाली जलवायु के निर्माण के कारणों या उद्भव पर जोर देती है, जबकि आनुभविक प्रणाली प्रेक्षित आँकड़ों पर आधारित होती है।
Q3. भारतीय प्रायद्वीप के अधिकांश भाग को कोपेन के अनुसार किस जलवायु प्रकार में वर्गीकृत किया जाएगा?
Explanation: भारतीय प्रायद्वीप के अधिकतर भागों में मानसूनी जलवायु पाई जाती है, जिसे कोपेन के वर्गीकरण में 'Am' (उष्णकटिबंधीय मानसून जलवायु) के रूप में वर्गीकृत किया जाता है।
Q4. किस वर्ष को विश्व का सबसे गर्म साल माना गया है?
Explanation: दिए गए विकल्पों में से, 1998 को विश्व का सबसे गर्म साल माना गया है, जो जलवायु परिवर्तन के बढ़ते प्रभावों को दर्शाता है।
Q5. कोपेन के जलवायु वर्गीकरण में, आर्द्र दशाओं को कौन से अक्षर समूह प्रदर्शित करते हैं?
Explanation: कोपेन के वर्गीकरण में, A (उष्णकटिबंधीय), C (समशीतोष्ण), D (महाद्वीपीय), और E (ध्रुवीय) अक्षर समूह आर्द्र जलवायु दशाओं को प्रदर्शित करते हैं, जबकि B शुष्क जलवायु को दर्शाता है।
Frequently asked questions
कक्षा 11 भूगोल के अध्याय 12 में किन मुख्य विषयों को शामिल किया गया है?
अध्याय 12 मुख्य रूप से विश्व की जलवायु और जलवायु परिवर्तन पर केंद्रित है, जिसमें कोपेन के जलवायु वर्गीकरण की प्रणालियों, विभिन्न जलवायु प्रकारों की विशेषताओं और जलवायु परिवर्तन को प्रभावित करने वाले कारकों का विस्तृत अध्ययन शामिल है।
कोपेन की जलवायु वर्गीकरण पद्धति क्या है?
कोपेन की पद्धति जलवायु को वर्गीकृत करने के लिए तापमान और वर्षा जैसे चरों का उपयोग करती है। यह बड़े अक्षरों (A, B, C, D, E) का उपयोग करके मुख्य जलवायु प्रकारों और छोटे अक्षरों का उपयोग करके उपप्रकारों को दर्शाती है।
जननिक और आनुभविक जलवायु वर्गीकरण प्रणालियों में क्या अंतर है?
जननिक प्रणाली जलवायु के निर्माण के कारणों पर ध्यान केंद्रित करती है, जबकि आनुभविक प्रणाली प्रेक्षित आँकड़ों, विशेष रूप से तापमान और वर्षा पर आधारित होती है।
क्या सौर कलंक का जलवायु पर प्रभाव पड़ता है?
कुछ वैज्ञानिकों का मानना है कि सौर कलंकों की संख्या में वृद्धि से मौसम ठंडा और आर्द्र हो सकता है, जबकि उनकी संख्या घटने से उष्ण और शुष्क दशाएँ उत्पन्न हो सकती हैं, हालांकि यह अभी भी शोध का विषय है।
ये NCERT समाधान छात्रों की परीक्षा तैयारी में कैसे मदद करते हैं?
ये समाधान प्रत्येक प्रश्न के विस्तृत और स्पष्ट उत्तर प्रदान करते हैं, जिससे छात्रों को अवधारणाओं को गहराई से समझने और परीक्षा में पूछे जाने वाले विभिन्न प्रकार के प्रश्नों का उत्तर देने के लिए तैयार होने में मदद मिलती है।
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