कक्षा 11 अर्थशास्त्र NCERT समाधान: भारतीय अर्थव्यवस्था 1950-1990

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यह खंड कक्षा 11 अर्थशास्त्र के छात्रों के लिए "भारतीय अर्थव्यवस्था 1950-1990" अध्याय पर केंद्रित NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। इसमें हरित क्रांति की अवधारणा, बाजार अधिशेष, लघु उद्योगों की परिभाषा, आर्थिक सहायता का अर्थ, HYV बीजों की भूमिका, और भारत में हरित क्रांति की सफलता की फसलों जैसे महत्वपूर्ण विषयों को शामिल किया गया है। समाधान 1951 में कृषि के राष्ट्रीय आय में योगदान, 1956 की औद्योगिक नीति और इसके वर्गीकरण, और योजना आयोग के नीति आयोग में परिवर्तन जैसे ऐतिहासिक आर्थिक पहलुओं पर भी प्रकाश डालते हैं। ये विस्तृत और स्पष्ट उत्तर छात्रों को परीक्षा की तैयारी के लिए एक मजबूत आधार प्रदान करते हैं, जिससे वे इन प्रमुख आर्थिक अवधारणाओं को गहराई से समझ सकें।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 11
SubjectEconomics.
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter2. भारतीय अर्थव्यवस्था 1950 - 1990

Chapter summary

यह अध्याय 1950 से 1990 तक की भारतीय अर्थव्यवस्था की प्रमुख विशेषताओं और विकास पथ का विस्तृत विश्लेषण प्रदान करता है। इसमें हरित क्रांति के प्रभाव, औद्योगिक विकास की नीतियों, लघु उद्योगों के महत्व और आर्थिक सहायता जैसी महत्वपूर्ण अवधारणाओं को शामिल किया गया है। समाधान छात्रों को इन विषयों की गहन समझ विकसित करने और परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रश्नों के उत्तर देने में मदद करते हैं।

Learning outcomes

  • हरित क्रांति के अर्थ और प्रभाव को समझना।
  • बाजार अधिशेष और लघु उद्योगों की परिभाषा को स्पष्ट करना।
  • आर्थिक सहायता और HYV बीजों की भूमिका का विश्लेषण करना।
  • 1950-1990 के दौरान भारतीय अर्थव्यवस्था की प्रमुख नीतियों और योगदानों को पहचानना।
  • योजना आयोग से नीति आयोग में परिवर्तन को समझना।

Topics covered

Paper topics

  • हरित क्रांति
  • कृषि उत्पादन
  • बाजार अधिशेष
  • लघु-स्तरीय उद्योग
  • आर्थिक सहायता
  • HYV बीज
  • भारतीय अर्थव्यवस्था 1950-1990
  • राष्ट्रीय आय में कृषि का योगदान
  • औद्योगिक नीति 1956
  • योजना आयोग
  • नीति आयोग
  • आर्थिक विकास

Important topics

  • हरित क्रांति का अर्थ और प्रभाव
  • 1950-1990 की प्रमुख आर्थिक नीतियां
  • लघु उद्योगों का महत्व
  • आर्थिक सहायता की अवधारणा
  • कृषि का राष्ट्रीय आय में योगदान
  • औद्योगिक नीति 1956 का वर्गीकरण

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Questions and Solutions

प्रश्न 1

हरित क्रांति से क्या तात्पर्य है?
Solution: हरित क्रांति से तात्पर्य 1960 के दशक के मध्य में भारतीय कृषि में उत्पादन के स्तर में आई एक महत्वपूर्ण और तीव्र वृद्धि से है। यह वृद्धि मुख्य रूप से उच्च उपज देने वाली किस्मों (HYV) के बीजों के उपयोग, रासायनिक उर्वरकों, कीटनाशकों और आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने के परिणामस्वरूप हुई थी। इसका मुख्य उद्देश्य खाद्यान्न उत्पादन को बढ़ाना था ताकि देश खाद्य सुरक्षा प्राप्त कर सके।

प्रश्न 2

बाजार आधिक्य का क्या अर्थ है?
Solution: बाजार आधिक्य (Market Surplus) उस स्थिति को दर्शाता है जब किसान अपनी आवश्यकता या स्व-उपभोग से अधिक मात्रा में फसल का उत्पादन करते हैं। उत्पादन का यह अतिरिक्त हिस्सा जिसे किसान बाजार में बेचने के लिए ले जाते हैं, उसे बाजार आधिक्य कहा जाता है। यह कृषि उत्पादन के व्यावसायीकरण का एक महत्वपूर्ण संकेतक है।

प्रश्न 3

लघु-स्तरीय उद्योग का क्या अर्थ है?
Solution: लघु-स्तरीय उद्योग (Small-scale industry) उन औद्योगिक इकाइयों को कहा जाता है जिनमें उत्पादन के लिए संयंत्र और मशीनरी में किया गया निवेश एक निश्चित सीमा तक सीमित होता है। वर्तमान परिभाषा के अनुसार, यह सीमा 5 करोड़ रुपये तक के निवेश वाले उद्योगों को संदर्भित करती है। ये उद्योग रोजगार सृजन और क्षेत्रीय विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

प्रश्न 4

आर्थिक सहायता क्या है?
Solution: आर्थिक सहायता (Subsidy) सरकार द्वारा उत्पादकों या उपभोक्ताओं को प्रदान की जाने वाली वित्तीय सहायता या छूट होती है। इसका उद्देश्य उत्पादकों को उनकी लागत से कम कीमत पर या बाजार मूल्य से कम दर पर अपनी वस्तुएं बेचने में सक्षम बनाना होता है, जिससे उपभोक्ताओं को लाभ पहुँचता है या किसी विशेष वस्तु का उत्पादन प्रोत्साहित होता है।

प्रश्न 5

HYV बीज क्या होते हैं?
Solution: HYV बीजों का अर्थ है 'High Yielding Varieties' बीज, जिन्हें हिंदी में 'उच्च उपज देने वाली किस्में' कहा जाता है। ये बीज विशेष रूप से विकसित किए गए होते हैं ताकि वे सामान्य बीजों की तुलना में समान या कम संसाधनों का उपयोग करके काफी अधिक मात्रा में फसल का उत्पादन कर सकें। इनका प्रयोग हरित क्रांति की सफलता का एक प्रमुख कारण था।

प्रश्न 6

भारत में हरित क्रान्ति का आगमन कब हुआ?
Solution: भारत में हरित क्रांति का आगमन मुख्य रूप से 1960 के दशक में हुआ। इस दशक के मध्य (लगभग 1966-67) से इसके प्रभाव दिखने शुरू हुए और इसने देश के कृषि उत्पादन, विशेषकर गेहूं और चावल की पैदावार में उल्लेखनीय वृद्धि की।

प्रश्न 7

1951 में देश की राष्ट्रीय आय में कृषि का प्रतिशत योगदान कितना था?
Solution: वर्ष 1951 में, जब भारत ने अपनी आर्थिक योजनाएं शुरू कीं, तब देश की राष्ट्रीय आय में कृषि क्षेत्र का योगदान लगभग 52% था। यह आंकड़ा उस समय भारतीय अर्थव्यवस्था में कृषि के अत्यधिक महत्व को दर्शाता है।

प्रश्न 8

भारत में दूसरी औद्योगिक नीति कब घोषित की गई?
Solution: भारत में दूसरी औद्योगिक नीति वर्ष 1956 में घोषित की गई थी। यह नीति विशेष रूप से समाजवादी पैटर्न पर आधारित अर्थव्यवस्था के निर्माण और सार्वजनिक क्षेत्र के विस्तार पर केंद्रित थी।

प्रश्न 9

सन् 1956 की औद्योगिक नीति में उद्योगों को कितनी श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया?
Solution: सन् 1956 की औद्योगिक नीति के तहत, उद्योगों को तीन मुख्य श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया था। इन श्रेणियों का निर्धारण उद्योगों के स्वामित्व और उनके विकास में सरकार की भूमिका के आधार पर किया गया था।

प्रश्न 10

भारत में हरित क्रान्ति किन फसलों में सफल रही?

a) गेहूँ व चावल

b) गेहूँ व आलू

c) चावल व कॉफी

d) चावल व चाय

Solution: सही उत्तर है a) गेहूँ व चावल। भारत में हरित क्रांति मुख्य रूप से गेहूं और चावल की फसलों में अत्यधिक सफल रही। इन फसलों की पैदावार में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई, जिसने देश की खाद्य सुरक्षा को मजबूत किया। आलू, कॉफी और चाय जैसी अन्य फसलों पर इसका प्रभाव तुलनात्मक रूप से कम था।

प्रश्न 11

योजना आयोग का नया नाम क्या है?
Solution: योजना आयोग (Planning Commission) का नाम बदलकर नीति आयोग (NITI Aayog) कर दिया गया है। नीति आयोग की स्थापना 1 जनवरी 2015 को हुई थी और यह भारत सरकार के लिए नीति-निर्माण में एक थिंक-टैंक के रूप में कार्य करता है।

Common mistakes

  • हरित क्रांति के प्रभाव को केवल फसल की पैदावार तक सीमित समझना।
  • लघु उद्योगों के निवेश सीमा को गलत याद रखना।
  • आर्थिक सहायता के उद्देश्य को ठीक से न समझना।
  • औद्योगिक नीतियों के वर्गीकरण को लेकर भ्रमित होना।

Revision tips

  • हरित क्रांति से संबंधित मुख्य फसलों और तकनीकों को सूचीबद्ध करें।
  • 1950-1990 की अवधि की प्रमुख आर्थिक नीतियों और उनके उद्देश्यों को संक्षेप में लिखें।
  • आर्थिक शब्दावली जैसे 'बाजार अधिशेष' और 'आर्थिक सहायता' को उदाहरण सहित समझें।
  • योजना आयोग और नीति आयोग के बीच के परिवर्तन को नोट करें।

Practice MCQs

Q1. हरित क्रांति का मुख्य उद्देश्य क्या था?

Q2. किस वर्ष भारत में दूसरी औद्योगिक नीति घोषित की गई थी?

Q3. लघु-स्तरीय उद्योग में अधिकतम कितना निवेश किया जा सकता है?

Q4. HYV बीजों का क्या अर्थ है?

Q5. 1951 में राष्ट्रीय आय में कृषि का योगदान लगभग कितना था?

Frequently asked questions

यह NCERT समाधान किस कक्षा और विषय के लिए हैं?

यह NCERT समाधान कक्षा 11 अर्थशास्त्र के लिए हैं, जो विशेष रूप से "भारतीय अर्थव्यवस्था 1950-1990" अध्याय पर केंद्रित हैं।

हरित क्रांति से क्या तात्पर्य है?

हरित क्रांति से तात्पर्य 1960 के दशक के मध्य में कृषि उत्पादन में हुई तीव्र वृद्धि से है, जो उच्च उपज वाले बीजों, रासायनिक उर्वरकों और नई तकनीकों के उपयोग के कारण संभव हुई।

लघु-स्तरीय उद्योग की परिभाषा क्या है?

लघु-स्तरीय उद्योग वे उद्योग होते हैं जिनमें अधिकतम 5 करोड़ रुपये तक का निवेश किया गया हो।

आर्थिक सहायता का क्या अर्थ है?

आर्थिक सहायता सरकार द्वारा उत्पादकों को दी जाने वाली वह सहायता है, जिससे वे अपनी वस्तुओं को बाजार मूल्य से कम कीमत पर बेच सकें।

1956 की औद्योगिक नीति में उद्योगों को कितनी श्रेणियों में बांटा गया था?

सन् 1956 की औद्योगिक नीति में उद्योगों को तीन श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया था।

योजना आयोग का नया नाम क्या है?

योजना आयोग का नया नाम नीति आयोग है।

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