NCERT Class 9 Science Anveshan: Chapter 11 — हम बीमार क्यों होते हैं
यह अध्याय 'जनन की निरंतरता' पर केंद्रित है, जो सजीवों की एक महत्वपूर्ण विशेषता है। इसमें बताया गया है कि प्रत्येक जीव का एक निश्चित जीवन काल होता है, जिसमें वह जन्म लेता है, वृद्धि करता है, परिपक्व होता है, जनन करता है और अंततः मृत्यु को प्राप्त होता है। जनन वह प्रक्रिया है जिससे सजीव अपने जैसे नए जीव उत्पन्न करते हैं, जिससे पृथ्वी पर जीवन की निरंतरता बनी रहती है। अध्याय में अलैंगिक जनन पर विस्तार से चर्चा की गई है, जो अधिकांश एककोशिकीय जीवों और कुछ बहुकोशिकीय जीवों में पाया जाता है। पौधों में कायिक प्रवर्धन, जैसे कटिंग, ग्राफ्टिंग और लेयरिंग, का कृषि और बागवानी में महत्व बताया गया है। यह अध्याय छात्रों को सजीवों में जनन की विभिन्न विधियों और उनके महत्व को समझने में मदद करता है, जो CBSE पाठ्यक्रम के लिए महत्वपूर्ण है।
Quick info
| Board | CBSE / NCERT |
|---|---|
| Class | Class 9 |
| Subject | Science |
| Book | Anveshan |
| Chapter | Chapter 11 — हम बीमार क्यों होते हैं |
| Language | Hindi |
| PDF type | NCERT Textbook |
| Session | CBSE 2026 |
| Reading time | 4 minutes |
| Word count | 787 |
Learning outcomes
- सजीवों में जनन के महत्व को समझना।
- अलैंगिक जनन की प्रक्रिया को पहचानना।
- पौधों में कायिक प्रवर्धन की विभिन्न विधियों का वर्णन करना।
- कृषि और बागवानी में कायिक प्रवर्धन के अनुप्रयोगों को समझना।
Vocabulary
| Word | Meaning |
|---|---|
| जनन | वह जैविक प्रक्रिया जिसके द्वारा सजीव अपने जैसे नए जीव उत्पन्न करते हैं। |
| अलैंगिक जनन | जनन की वह विधि जिसमें केवल एक जनक भाग लेता है और संतति आनुवंशिक रूप से जनक के समान होती है। |
| लैंगिक जनन | जनन की वह विधि जिसमें दो जनक भाग लेते हैं और संतति में दोनों जनकों की विशेषताओं का संयोजन होता है। |
| कायिक प्रवर्धन | पौधों के कायिक भागों (जैसे तना, जड़, पत्ती) से नए पौधे उत्पन्न करने की प्रक्रिया। |
| कर्तन | पौधे के तने या जड़ के एक टुकड़े को काटकर नए पौधे उगाने की विधि। |
| कलम बाँधना | एक पौधे की टहनी को दूसरे पौधे के तने से जोड़कर नया पौधा विकसित करने की विधि। |
| परतन | पौधे की शाखा को झुकाकर मिट्टी में दबाकर जड़ें विकसित करने और फिर उसे काटकर नया पौधा उगाने की विधि। |
| ऊतक संवर्धन | प्रयोगशाला में पौधों के ऊतकों या कोशिकाओं से नए पौधे विकसित करने की विधि। |
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Practice questions
- जनन सजीवों के लिए क्यों आवश्यक है? Answer: जनन सजीवों के लिए आवश्यक है ताकि वे अपनी प्रजाति को बनाए रख सकें और पृथ्वी पर जीवन की निरंतरता सुनिश्चित कर सकें।
- अलैंगिक जनन की मुख्य विशेषता क्या है? Answer: अलैंगिक जनन की मुख्य विशेषता यह है कि इसमें केवल एक ही जनक होता है और उत्पन्न संतति आनुवंशिक रूप से जनक के लगभग यथार्थ प्रति होती है।
- पौधों में कायिक प्रवर्धन के कोई दो उदाहरण दीजिए। Answer: पौधों में कायिक प्रवर्धन के दो उदाहरण हैं: आलू और अदरक से नए पौधे अंकुरित होना, तथा ब्रायोफिलम की पत्तियों पर पादपकों का निकलना।
- कृषि में कायिक प्रवर्धन की विधियों का क्या महत्व है? Answer: कृषि में कायिक प्रवर्धन की विधियों का महत्व है क्योंकि इनसे किसान व्यापक स्तर पर वांछित फसलें उगा सकते हैं, जिससे उत्पादन में सुधार होता है।
Frequently asked questions
जनन क्या है?
जनन वह जैविक प्रक्रिया है जिसके द्वारा सजीव अपने जैसे नए जीव उत्पन्न करते हैं, जिससे पृथ्वी पर जीवन की निरंतरता बनी रहती है।
अलैंगिक जनन और लैंगिक जनन में क्या अंतर है?
अलैंगिक जनन में केवल एक जनक होता है और संतति आनुवंशिक रूप से समान होती है, जबकि लैंगिक जनन में दो जनक होते हैं और संतति में दोनों की विशेषताओं का संयोजन होता है।
कायिक प्रवर्धन क्या है?
कायिक प्रवर्धन पौधों के कायिक भागों, जैसे तना, जड़ या पत्ती, से नए पौधे उत्पन्न करने की प्रक्रिया है।
पौधों में जनन के लिए कौन से भाग उपयोग किए जाते हैं?
पौधों में जनन के लिए बीज (लैंगिक जनन) और कायिक भाग जैसे तना, जड़, पत्ती (अलैंगिक जनन/कायिक प्रवर्धन) उपयोग किए जाते हैं।
क्या सभी सजीव जनन करते हैं?
हाँ, जनन सजीवों की एक महत्वपूर्ण विशेषता है और प्रत्येक जीव अपने जीवन काल में जनन करता है।
कर्तन विधि से नए पौधे कैसे उगाए जाते हैं?
कर्तन विधि में पौधे की एक शाखा या तने के टुकड़े को काटकर मिट्टी में लगाया जाता है, जिससे उसमें जड़ें निकल आती हैं और वह एक नए पौधे के रूप में विकसित हो जाता है।
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NCERT Class 9 Science — Anveshan — Chapter 11 — हम बीमार क्यों होते हैं. Verified by NCERT Help Editorial Team. Reviewed on 29 Jul 2026. Last updated 10 Aug 2026.