NCERT Class 8 Science Vigyan: Chapter 11 — विद्युत धारा के रासायनिक प्रभाव
यह अध्याय, 'विद्युत धारा के रासायनिक प्रभाव', कक्षा 8 विज्ञान (विज्ञान) की पुस्तक का एक महत्वपूर्ण भाग है। यह बताता है कि कुछ द्रव विद्युत के सुचालक या हीन चालक कैसे होते हैं। अध्याय में एक टेस्टर (संपरीक्षित्रा) का उपयोग करके विभिन्न द्रवों, जैसे नींबू का रस और सिरका, की चालकता का परीक्षण करने की विधि समझाई गई है। यह भी बताया गया है कि टेस्टर कैसे काम करता है और यदि बल्ब दीप्त नहीं होता है तो क्या कारण हो सकते हैं। अध्याय विद्युत धारा के ऊष्मीय प्रभाव का भी उल्लेख करता है, जो बताता है कि बल्ब क्यों दीप्त होता है। यह छात्रों को विद्युत के प्रवाह और द्रवों के व्यवहार के बारे में महत्वपूर्ण वैज्ञानिक अवधारणाओं को समझने में मदद करता है, जो CBSE पाठ्यक्रम के लिए आवश्यक है।
Quick info
| Board | CBSE / NCERT |
|---|---|
| Class | Class 8 |
| Subject | Science |
| Book | Vigyan |
| Chapter | Chapter 11 — विद्युत धारा के रासायनिक प्रभाव |
| Language | Hindi |
| PDF type | NCERT Textbook |
| Session | CBSE 2026 |
| Reading time | 6 minutes |
| Word count | 1053 |
Learning outcomes
- द्रवों की विद्युत चालकता को समझना।
- टेस्टर (संपरीक्षित्रा) का उपयोग करके द्रवों की चालकता का परीक्षण करना।
- विद्युत धारा के ऊष्मीय प्रभाव को समझना।
- सुरक्षित विद्युत प्रयोगों के महत्व को जानना।
Vocabulary
| Word | Meaning |
|---|---|
| सुचालक | पदार्थ जो अपने से होकर विद्युत धारा को प्रवाहित होने देते हैं। |
| हीन चालक | पदार्थ जो अपने से होकर विद्युत धारा को आसानी से प्रवाहित नहीं होने देते। |
| संपरीक्षित्रा | एक उपकरण जो यह जाँचने के लिए उपयोग किया जाता है कि कोई पदार्थ विद्युत का चालन करता है या नहीं। |
| विद्युत सेल | विद्युत ऊर्जा का स्रोत। |
| बैटरी | एक या अधिक विद्युत सेलों का संयोजन। |
| परिपथ | विद्युत धारा के प्रवाह का बंद मार्ग। |
| दीप्त | प्रकाशित या चमकता हुआ। |
| ऊष्मीय प्रभाव | जब विद्युत धारा किसी चालक से प्रवाहित होती है तो उत्पन्न ऊष्मा। |
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Practice questions
- गीले हाथों से वैद्युत साधिात्रा को छूना क्यों खतरनाक है? Answer: क्योंकि गीले हाथ विद्युत के सुचालक होते हैं, जिससे विद्युत धारा शरीर से प्रवाहित हो सकती है और खतरा उत्पन्न हो सकता है।
- द्रव विद्युत का चालन करते हैं या नहीं, यह जाँचने के लिए किस उपकरण का उपयोग किया जाता है? Answer: संपरीक्षित्रा (tester) का उपयोग किया जाता है।
- क्या नींबू का रस विद्युत का चालन करता है? Answer: हाँ, नींबू का रस विद्युत का चालन करता है।
- विद्युत धारा के ऊष्मीय प्रभाव का एक उदाहरण दीजिए। Answer: जब विद्युत धारा बल्ब के तंतु से प्रवाहित होती है तो वह गर्म होकर दीप्त हो जाता है।
Frequently asked questions
क्या सभी द्रव विद्युत का चालन करते हैं?
नहीं, कुछ द्रव जैसे आसुत जल विद्युत का चालन नहीं करते, जबकि अम्ल, क्षार और लवणों के जलीय विलयन विद्युत का चालन करते हैं।
संपरीक्षित्रा (tester) कैसे काम करता है?
संपरीक्षित्रा में एक बल्ब होता है जो तब दीप्त होता है जब उसके सिरों के बीच का द्रव विद्युत धारा को प्रवाहित होने देता है, जिससे परिपथ पूरा हो जाता है।
यदि संपरीक्षित्रा का बल्ब दीप्त न हो तो क्या कारण हो सकते हैं?
संभावित कारण हो सकते हैं: ढीले संयोजन, फ्यूज हुआ बल्ब, या डिस्चार्ज सेल। साथ ही, द्रव स्वयं विद्युत का हीन चालक हो सकता है।
प्रयोग करते समय हमें क्या सावधानी बरतनी चाहिए?
हमें केवल विद्युत सेल का उपयोग करना चाहिए, मुख्य तारों (मेन्स) या जनरेटर से विद्युत आपूर्ति नहीं लेनी चाहिए। साथ ही, संपरीक्षित्रा के स्वतंत्र सिरों को अधिक समय तक आपस में नहीं सटाना चाहिए।
विद्युत धारा के रासायनिक प्रभाव से आप क्या समझते हैं?
जब विद्युत धारा कुछ विशिष्ट द्रवों से होकर प्रवाहित होती है, तो वे रासायनिक परिवर्तन से गुजरते हैं। यह विद्युत धारा का रासायनिक प्रभाव कहलाता है।
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NCERT Class 8 Science — Vigyan — Chapter 11 — विद्युत धारा के रासायनिक प्रभाव. Verified by NCERT Help Editorial Team. Reviewed on 29 Jul 2026. Last updated 10 Aug 2026.