NCERT Class 8 Hindi Vasant: Chapter 3 — दीवानों की हस्ती (कविता)

NCERT CBSE Class 8 Hindi Vasant Chapter 3 Hindi PDF

यह कविता, 'दीवानों की हस्ती', भगवतीचरण वर्मा द्वारा रचित है और NCERT की कक्षा 8 हिंदी की पुस्तक 'वसंत भाग 3' का अध्याय 16 है। यह कविता स्वतंत्रता सेनानियों या दीवानों के जीवन के प्रति उनके दृष्टिकोण को दर्शाती है। कवि बताते हैं कि वे दीवाने हैं जिनकी कोई स्थायी हस्ती नहीं होती; वे आज यहाँ हैं तो कल कहीं और चले जाते हैं। वे जहाँ भी जाते हैं, अपने साथ खुशियों का माहौल ले जाते हैं और धूल उड़ाते हुए आगे बढ़ते हैं। उनका आना खुशी लाता है और जाना आँसू बनकर रह जाता है। वे दुनिया से कुछ लेकर नहीं आते, बल्कि अपना प्यार लुटाते हुए जाते हैं। वे जीवन के सुख-दुख को एक समान भाव से पीते हुए आगे बढ़ते हैं। कविता यह भी बताती है कि वे दुनिया को प्यार देकर जाते हैं और अपने हृदय पर असफलता का एक निशान लेकर चलते हैं, लेकिन वे स्वयं को भिखमंगा नहीं मानते। वे स्वयं बंधे थे और स्वयं ही अपने बंधन तोड़कर आगे बढ़ते हैं। यह कविता जीवन के प्रति एक सकारात्मक और स्वच्छंद दृष्टिकोण प्रस्तुत करती है, जो CBSE के छात्रों को स्वतंत्रता और जीवन के प्रति उत्साह की भावना सिखाती है।

Quick info

BoardCBSE / NCERT
ClassClass 8
SubjectHindi
BookVasant
ChapterChapter 3 — दीवानों की हस्ती (कविता)
LanguageHindi
PDF typeNCERT Textbook
SessionCBSE 2026
Reading time1 minute
Word count180

Learning outcomes

Vocabulary

WordMeaning
हस्तीअस्तित्व, हैसियत
उल्लासखुशी, प्रसन्नता
धूल उड़ानाऐश करना, मस्ती करना
भिखमंगागरीब, याचक
स्वच्छंदआज़ाद, बेलगाम
निसानीनिशान, प्रतीक
उरहृदय, दिल
आबादसुखी, समृद्ध
बंधनबंधेज, रोक

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Practice questions

  1. कवि ने अपने आने को 'उल्लास' और जाने को 'आँसू बनकर बह जाना' क्यों कहा है? Answer: कवि का आना लोगों के लिए खुशी का कारण बनता है, इसलिए वह अपने आने को उल्लास कहता है। उसका जाना लोगों को दुखी कर जाता है, जैसे आँसू बह रहे हों, इसलिए वह जाने को आँसू बनकर बह जाना कहता है।
  2. कवि अपने हृदय पर 'असफलता का एक निशान भार' क्यों लेकर जा रहा है? Answer: कवि का मानना है कि वह दुनिया को प्यार लुटाकर जा रहा है, लेकिन शायद वह दुनिया को वह सब कुछ नहीं दे पाया जो देना चाहता था, या वह अपने लक्ष्य को पूरी तरह प्राप्त नहीं कर पाया। यह अधूरी प्राप्ति ही असफलता का निशान है जिसे वह भार की तरह महसूस करता है।
  3. कविता के अनुसार, दीवाने किस भाव से सुख-दुख को पीते चले जाते हैं? Answer: कविता के अनुसार, दीवाने सुख-दुख के घूँटों को एक समान भाव से पीते चले जाते हैं, अर्थात वे जीवन की हर परिस्थिति में एक समान रहते हैं और विचलित नहीं होते।

Frequently asked questions

यह कविता किस पुस्तक के किस अध्याय से ली गई है?

यह कविता NCERT की कक्षा 8 हिंदी की पुस्तक 'वसंत भाग 3' के अध्याय 16 'दीवानों की हस्ती' से ली गई है।

कविता के कवि कौन हैं?

कविता के कवि भगवतीचरण वर्मा हैं।

कविता में 'दीवानों' से क्या तात्पर्य है?

कविता में 'दीवानों' से तात्पर्य उन लोगों से है जो स्वतंत्रता सेनानी थे, जो जीवन के प्रति एक विशेष दृष्टिकोण रखते थे और जो स्वच्छंद जीवन जीते थे।

दीवाने दुनिया से क्या लेकर आते हैं और क्या देकर जाते हैं?

दीवाने दुनिया से कुछ लेकर नहीं आते, बल्कि वे दुनिया को अपना प्यार और स्नेह लुटाकर जाते हैं।

कवि अपने हृदय पर क्या लेकर चलने की बात करता है?

कवि अपने हृदय पर असफलता का एक निशान लेकर चलने की बात करता है।

कविता का मुख्य भाव क्या है?

कविता का मुख्य भाव जीवन के प्रति एक स्वच्छंद, सकारात्मक और उत्साहपूर्ण दृष्टिकोण है, जिसमें सुख-दुख को समान भाव से स्वीकार किया जाता है।

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दीवानों का जीवन दर्शन स्वतंत्रता और स्वच्छंदता जीवन के प्रति दृष्टिकोण सुख-दुख का सामना

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दीवानों का जीवन दर्शन स्वतंत्रता और स्वच्छंदता जीवन के प्रति दृष्टिकोण सुख-दुख का सामना प्यार का वितरण असफलता का बोध

NCERT Class 8 Hindi — Vasant — Chapter 3 — दीवानों की हस्ती (कविता). Verified by NCERT Help Editorial Team. Reviewed on 29 Jul 2026. Last updated 10 Aug 2026.