NCERT Class 8 Hindi Bharat Ki Khoj: Chapter 3 — सिंधु घाटी सभ्यता
यह अध्याय NCERT कक्षा 8 की हिंदी पुस्तक 'भारत की खोज' के तीसरे पाठ 'सिंधु घाटी सभ्यता' का परिचय देता है। यह सभ्यता भारत के अतीत की सबसे पहली तसवीर प्रस्तुत करती है, जिसके अवशेष मोहनजोदड़ो और हड़प्पा में मिले हैं। इन खुदाइयों ने प्राचीन इतिहास की समझ में क्रांति ला दी है। यह सभ्यता उत्तर भारत में दूर-दूर तक फैली थी और संभवतः गंगा घाटी तक विस्तृत थी। यह एक अत्यंत विकसित सभ्यता थी, जो हजारों वर्षों में विकसित हुई। यह मुख्य रूप से एक धर्मनिरपेक्ष सभ्यता थी, जिसमें धार्मिक तत्व हावी नहीं थे। यह भारत के बाद के सांस्कृतिक युगों की अग्रदूत थी और इसने फारस, मेसोपोटामिया और मिस्र की सभ्यताओं से व्यापारिक संबंध स्थापित किए थे। यह एक नागर सभ्यता थी जिसमें व्यापारियों की भूमिका महत्वपूर्ण थी। यह अध्याय आधुनिक भारत को हजारों साल पुराने उस बीते हुए युग से जोड़ता है जब सिंधु घाटी सभ्यता की शुरुआत हुई थी।
Quick info
| Board | CBSE / NCERT |
|---|---|
| Class | Class 8 |
| Subject | Hindi |
| Book | Bharat Ki Khoj |
| Chapter | Chapter 3 — सिंधु घाटी सभ्यता |
| Language | Hindi |
| PDF type | NCERT Textbook |
| Session | CBSE 2026 |
| Reading time | 3 minutes |
| Word count | 405 |
Learning outcomes
- सिंधु घाटी सभ्यता के प्रमुख स्थलों (मोहनजोदड़ो, हड़प्पा) की पहचान करना।
- सभ्यता के भौगोलिक विस्तार को समझना।
- सभ्यता की विकसित प्रकृति और उसके विकास में लगे समय का अनुमान लगाना।
- सभ्यता की धर्मनिरपेक्ष प्रकृति और उसके सांस्कृतिक महत्व को जानना।
- अन्य प्राचीन सभ्यताओं के साथ इसके व्यापारिक संबंधों को समझना।
Vocabulary
| Word | Meaning |
|---|---|
| अवशेष | बचे हुए अंश या निशान |
| क्रांति | बड़ा परिवर्तन |
| खंडहर | टूटी-फूटी इमारतें |
| उद्घाटित | खोलना या प्रकट करना |
| अग्रदूत | आगे आने वाला या पूर्ववर्ती |
| धर्मनिरपेक्ष | जो धर्म से संबंधित न हो |
| नागर | शहर से संबंधित |
| निरंतरता | लगातार चलने वाली स्थिति |
The complete chapter text is read in the official NCERT PDF viewer below (streamed from ncert.nic.in). This page provides NCERT Help study material — summary, vocabulary, practice questions, and FAQs — not a full reproduction of the textbook.
Read chapter online
This PDF is loaded from the official NCERT website (ncert.nic.in). Use the page buttons below to read — download is disabled on NCERT Help.
Read page by page below. PDF is streamed from the official NCERT website — no download button on this page.
Practice questions
- सिंधु घाटी सभ्यता के अवशेष किन दो प्रमुख स्थानों पर मिले हैं? Answer: मोहनजोदड़ो (सिंध) और हड़प्पा (पश्चिमी पंजाब)।
- सिंधु घाटी सभ्यता का विस्तार किन क्षेत्रों तक माना जाता है? Answer: यह सभ्यता पश्चिम में काठियावाड़ से लेकर पंजाब के अंबाला जिले तक और संभवतः गंगा की घाटी तक फैली थी।
- सिंधु घाटी सभ्यता की प्रकृति कैसी थी? Answer: यह एक अत्यंत विकसित और मुख्य रूप से धर्मनिरपेक्ष सभ्यता थी।
- सिंधु घाटी सभ्यता के व्यापारिक संबंध किन अन्य सभ्यताओं से थे? Answer: फारस, मेसोपोटामिया और मिस्र की सभ्यताओं से।
Frequently asked questions
सिंधु घाटी सभ्यता के अवशेष कहाँ मिले हैं?
सिंधु घाटी सभ्यता के अवशेष मुख्य रूप से सिंध में मोहनजोदड़ो और पश्चिमी पंजाब में हड़प्पा में मिले हैं।
क्या सिंधु घाटी सभ्यता केवल सिंध तक सीमित थी?
नहीं, यह सभ्यता उत्तर भारत में दूर-दूर तक फैली थी, जिसमें काठियावाड़ और पंजाब के अंबाला जिले शामिल थे, और संभवतः यह गंगा की घाटी तक भी विस्तृत थी।
सिंधु घाटी सभ्यता कितनी पुरानी मानी जाती है?
यह एक अत्यंत विकसित सभ्यता थी जिसे उस स्थिति तक पहुँचने में हजारों वर्ष लगे होंगे, और यह आधुनिक भारत को लगभग छह-सात हजार वर्ष पुराने बीते हुए युग से जोड़ती है।
सिंधु घाटी सभ्यता की मुख्य विशेषताएँ क्या थीं?
यह एक अत्यंत विकसित, मुख्य रूप से धर्मनिरपेक्ष नागर सभ्यता थी जिसमें व्यापार का महत्व था और जिसने अन्य प्राचीन सभ्यताओं से संबंध स्थापित किए थे।
क्या सिंधु घाटी सभ्यता में धार्मिक तत्व थे?
हाँ, धार्मिक तत्व मौजूद थे, लेकिन वे सभ्यता पर हावी नहीं थे, जो इसकी धर्मनिरपेक्ष प्रकृति को दर्शाता है।
सिंधु घाटी सभ्यता का महत्व क्या है?
यह भारत के प्राचीन इतिहास की समझ में क्रांति लाने वाली सभ्यता थी और यह भारत के बाद के सांस्कृतिक युगों की अग्रदूत थी।
Related resources
Important topics
Topics covered
NCERT Class 8 Hindi — Bharat Ki Khoj — Chapter 3 — सिंधु घाटी सभ्यता. Verified by NCERT Help Editorial Team. Reviewed on 29 Jul 2026. Last updated 10 Aug 2026.