NCERT Class 7 Social Science Samaj Ka Aadhyan: Bharat or uske aage Part-I: Chapter 4 — नवारंभ— नगर एवं राज्य

NCERT CBSE Class 7 Social Science Samaj Ka Aadhyan: Bharat or uske aage Part-I Chapter 4 Hindi PDF

This chapter, 'Nvrambh— Nagar Evam Rajya' from NCERT Class 7 Social Science, Samaj Ka Adhyayan: Bharat aur uske aage Part-I, begins by discussing the importance of fortified cities for state defense and the need for a self-sufficient region with resources like agricultural land, mines, forests, and water bodies. It quotes Kautilya's Arthashastra on ideal state characteristics. The chapter then addresses the 'Second Urbanization' in India, contrasting it with the decline of the Indus Valley Civilization. It highlights the loss of urban components like grand buildings, busy markets, specialized crafts, writing systems, sanitation, and governance structures after the Harappan era. The text emphasizes that urban life became nearly extinct by the first millennium BCE, with only remnants possibly existing in North India, setting the stage for the rise of new kingdoms and cities.

Quick info

BoardCBSE / NCERT
ClassClass 7
SubjectSocial Science
BookSamaj Ka Aadhyan: Bharat or uske aage Part-I
ChapterChapter 4 — नवारंभ— नगर एवं राज्य
LanguageHindi
PDF typeNCERT Textbook
SessionCBSE 2026
Reading time2 minutes
Word count364

Learning outcomes

Vocabulary

WordMeaning
दुर््गबंदीFortification
पोषणNourishment
निर््ववाहSustenance
रमणीययPleasant/Beautiful
विद्यमानExisting
सुगमAccessible/Easy
परिपूर््णFull/Complete
विघटनDisintegration/Decline
परित्ययक्तAbandoned
लुप्तप्राययNearly extinct

The complete chapter text is read in the official NCERT PDF viewer below (streamed from ncert.nic.in). This page provides NCERT Help study material — summary, vocabulary, practice questions, and FAQs — not a full reproduction of the textbook.

Read chapter online

This PDF is loaded from the official NCERT website (ncert.nic.in). Use the page buttons below to read — download is disabled on NCERT Help.

Read page by page below. PDF is streamed from the official NCERT website — no download button on this page.

Loading document …
Page of
Loading page …

Practice questions

  1. कौटिल्य के अनुसार राज्य के लिए कौन सी चीजें आवश्यक हैं? Answer: कौटिल्य के अनुसार, राज्य की रक्षा के लिए राजधानी तथा सीमांत नगरों की दुर््गबंदी, जनसामान्य का पोषण करने वाली भूमि, आपदाओं के समय निर््ववाह करने की क्षमता, कृषिययोग्य क्ेत्र, खनिजययुक्त प्रदेश, काष्‍ठवन, गजवन, गोधन संपन्न चारागाह, नदिययाँ, जलाशय, सुगम सड़कें व जलमार््ग, तथा विविध वस््ततुओं से परिपूर््ण उत्पादक अर््थव्यव्थथा आवश्यक हैं।
  2. सिंधु या हड़प्पा सभ्यता को भारत की प्रथम नगरीय सभ्यता क्यों कहा जाता है? Answer: सिंधु या हड़प्पा सभ्यता को भारत की प्रथम नगरीय सभ्यता कहा जाता है क्योंकि इसमें भव्यय निजी एववं सार््वजनिक भववन, भीड़-भाड़ ववाले मार््ग एववं व्ययस्त बाजार, विभिन्न शिल्पकारों के समूह, लेखन-प्रणाली, उन्नत स्‍वच्छता व्यववस््थथा, एक व्यवस््थथित शासन तंत्र जैसी नगरीयय विशेषताएँ विद्यमान थीं।
  3. प्रथम सहस्थाब्दी सा.सं.पू. तक भारत से नगरीयय जीववन लुप्‍तप्रायय क्यों हो गया था? Answer: प्रथम सहस्थाब्दी सा.सं.पू. तक भारत से नगरीयय जीववन लुप्‍तप्रायय हो गया था क्योंकि हड़प्पाकालीन नगरों के समस्त घटक, जैसे भव्यय भववन, बाजार, शिल्पकार समूह, लेखन-प्रणाली, उन्नत स्‍वच्छता व्यववस््थथा और शासन तंत्र, लुप्त हो गए थे।

Frequently asked questions

कौटिल्य के अर्थशास्त्र के अनुसार एक आदर्श राज्य में क्या होना चाहिए?

कौटिल्य के अनुसार, एक आदर्श राज्य में रक्षा के लिए दुर््गबंदी, जनसामान्य का पोषण करने वाली भूमि, आपदाओं से निपटने की क्षमता, कृषिययोग्य भूमि, खनिज, वन, जल स्रोत, सुगम सड़कें व जलमार्ग, और एक उत्पादक अर््थव्यव्थथा होनी चाहिए।

भारत में 'द्वितीयय नगरीकरण' से क्या तात्पर्य है?

भारत में 'द्वितीयय नगरीकरण' से तात्पर्य उस काल से है जब सिंधु या हड़प्पा सभ्यता के विघटन के बाद नगरीय जीवन लगभग समाप्त हो गया था और फिर से नए नगरों और राज्यों का उदय हुआ, जो प्रारंभिक इतिहास में महत्वपूर्ण थे।

हड़प्पा सभ्यता के विघटन के बाद भारत में नगरीय जीवन का क्या हुआ?

हड़प्पा सभ्यता के विघटन के बाद, भारत में नगरीय जीवन लगभग समाप्त हो गया। भव्यय भवन, बाजार, शिल्पकार समूह, लेखन प्रणाली, उन्नत स्वच्छता और शासन तंत्र जैसे नगरीय घटक लुप्त हो गए, और लोग ग्राम्यय जीवन की ओर लौट गए।

प्रथम सहस्थाब्दी सामान्यय संववत पूर््व (सा.सं.पू.) के आरंभिक काल में भारत की स्थिति कैसी थी?

प्रथम सहस्थाब्दी सा.सं.पू. के आरंभिक काल में, भारत की प्रथम नगरीय सभ्यता, सिंधु या हड़प्पा सभ्यता, का विघटन हो चुका था और नगरीय जीवन लुप्‍तप्रायय हो गया था। लोग ग्राम्यय जीवन शैली की ओर लौट गए थे।

चित्र 4.1 में क्या दर्शाया गया है?

चित्र 4.1 में मगध महाजनपद की राजधानी राजगृह (आधुनिक राजगीर, बिहार) में एक प्रमुख संरचना के अवशेष दर्शाए गए हैं।

चित्र 4.2 के अनुसार महाजनपदों के विकास में किस भौगोलिक क्षेत्र का योगदान था?

चित्र 4.2 के अनुसार, गंगा के उपजाऊ मैदानी भाग ने महाजनपदों के फलने-फूलने तथा समृद्ध होने में अहम भूमिका निभाई।

Related resources

Important topics

राज्य की रक्षा और समृद्धि के लिए आवश्यक तत्व सिंधु सभ्यता का पतन और नगरीय जीवन का अभाव द्वितीयय नगरीकरण की पृष्ठभूमि

Topics covered

राज्य की रक्षा के लिए आवश्यक तत्व कौटिल्य का अर्थशास्त्र सिंधु या हड़प्पा सभ्यता का विघटन प्रथम नगरीय सभ्यता द्वितीयय नगरीकरण नगरीयय जीववन का लुप्‍तप्रायय होना प्रथम सहस्थाब्दी सा.सं.पू. का काल

NCERT Class 7 Social Science — Samaj Ka Aadhyan: Bharat or uske aage Part-I — Chapter 4 — नवारंभ— नगर एवं राज्य. Verified by NCERT Help Editorial Team. Reviewed on 29 Jul 2026. Last updated 10 Aug 2026.