NCERT Class 6 Hindi Malhar: Chapter 5 — रहीम के दोहे (दोहा)

NCERT CBSE Class 6 Hindi Malhar Chapter 5 Hindi PDF

यह अध्याय रहीम के दोहों का संग्रह प्रस्तुत करता है, जो भक्ति काल के एक प्रसिद्ध कवि थे। दोहे जीवन के विभिन्न पहलुओं पर शिक्षाप्रद बातें सिखाते हैं, जैसे कि बड़ों को देखकर छोटों को अनदेखा न करना, हर वस्तु का अपना महत्व होता है (सुई और तलवार का उदाहरण), प्रेम के धागे को सावधानी से संभालना, पानी का महत्व, विपत्ति में सच्चे मित्र की पहचान, और सोच-समझकर बोलने की आवश्यकता। पाठ में रहीम के जीवन परिचय का भी संक्षिप्त विवरण है, जिसमें उनके जन्म, मृत्यु, रचनाओं की प्रकृति (नीति, भक्ति, प्रेम), और भाषा (अवधी, ब्रजभाषा) का उल्लेख है। यह अध्याय छात्रों को व्यावहारिक ज्ञान और नैतिक मूल्यों को समझने में मदद करता है, जो आज भी प्रासंगिक हैं।

Quick info

BoardCBSE / NCERT
ClassClass 6
SubjectHindi
BookMalhar
ChapterChapter 5 — रहीम के दोहे (दोहा)
LanguageHindi
PDF typeNCERT Textbook
SessionCBSE 2026
Reading time2 minutes
Word count293

Learning outcomes

Vocabulary

WordMeaning
लघुछोटा
डारिछोड़ना, त्यागना
तरुवरपेड़
सरवरतालाब
सुजानबुद्धिमान, सज्जन
छिटकायझटके से, अचानक
गाँठबंधन, गाँठ पड़ना (संबंधों में दरार)
ऊबरैबच पाना, उबरना
मोतीमोती (एक रत्न)
मान्षमनुष्य
चूनआटा
बिदाहकठिनाई, विपत्ति

The complete chapter text is read in the official NCERT PDF viewer below (streamed from ncert.nic.in). This page provides NCERT Help study material — summary, vocabulary, practice questions, and FAQs — not a full reproduction of the textbook.

Read chapter online

This PDF is loaded from the official NCERT website (ncert.nic.in). Use the page buttons below to read — download is disabled on NCERT Help.

Read page by page below. PDF is streamed from the official NCERT website — no download button on this page.

Loading document …
Page of
Loading page …

Practice questions

  1. रहीम के अनुसार, जहाँ सुई काम आती है, वहाँ तलवार क्या नहीं कर सकती? Answer: जहाँ सुई काम आती है, वहाँ तलवार काम नहीं आ सकती।
  2. रहीम ने प्रेम के धागे को कैसे संभालने की सलाह दी है? Answer: रहीम ने प्रेम के धागे को झटके से या अचानक न तोड़ने की सलाह दी है।
  3. किन चीज़ों के बिना सब कुछ सूना है? Answer: रहीम के अनुसार, पानी के बिना सब कुछ सूना है।
  4. सच्चे मित्र की पहचान कब होती है? Answer: सच्चे मित्र की पहचान विपत्ति (कठिनाई) के समय होती है।
  5. दोहे 'रहिमन जिह्वा बावरी...' का मुख्य भाव क्या है? Answer: इस दोहे का मुख्य भाव यह है कि हमें सोच-समझकर बोलना चाहिए।

Frequently asked questions

रहीम कौन थे और वे किस काल के कवि थे?

रहीम भक्तिकाल के एक प्रसिद्ध कवि थे, जिनका जन्म 16वीं शताब्दी में हुआ था।

रहीम ने किस प्रकार की रचनाएँ कीं?

उन्होंने नीति, भक्ति और प्रेम संबंधी रचनाएँ कीं।

रहीम के दोहे (दोहा) आज भी क्यों लोकप्रिय हैं?

रहीम के दोहे (दोहा) आम जन-जीवन के लिए व्यावहारिक ज्ञान और नैतिक शिक्षा देते हैं, इसलिए वे आज भी लोकप्रिय हैं।

दोहे 'जहाँ काम आवे सुई, कहा करे तलवारि' का क्या अर्थ है?

इसका अर्थ है कि हर छोटी-बड़ी चीज़ का अपना महत्व होता है और एक वस्तु का काम दूसरी वस्तु नहीं कर सकती।

रहीम के अनुसार, विपत्ति में क्या होता है?

रहीम के अनुसार, विपत्ति के समय ही सच्चे मित्र की पहचान होती है।

रहीम ने पानी के महत्व के बारे में क्या कहा है?

रहीम ने कहा है कि पानी के बिना सब कुछ सूना है और पानी के चले जाने पर मोती, मनुष्य और चूना (आटा) भी नहीं बच पाते।

Related resources

Important topics

रहीम के दोहे (दोहा) (मुख्य विषय) जीवन के व्यावहारिक मूल्य मित्रता का महत्व विवेकपूर्ण वाणी वस्तुओं का सापेक्षिक महत्व

Topics covered

रहीम का जीवन परिचय नीतिपरक दोहे भक्तिपरक दोहे प्रेम संबंधी दोहे सुई और तलवार का महत्व प्रेम के धागे का महत्व पानी का महत्व सच्चे मित्र की पहचान सोच-समझकर बोलना

NCERT Class 6 Hindi — Malhar — Chapter 5 — रहीम के दोहे (दोहा). Verified by NCERT Help Editorial Team. Reviewed on 29 Jul 2026. Last updated 10 Aug 2026.